WPL मेगा ऑक्शन 2026: दीप्ति शर्मा बनीं सबसे महंगी खिलाड़ी, 40.80 करोड़ खर्च

नई दिल्ली के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में संपन्न हुए विमेंस प्रीमियर लीग के पहले मेगा ऑक्शन में भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने इतिहास रच दिया। यूपी वॉरियर्स ने उन्हें 3.20 करोड़ रुपए में खरीदकर इस नीलामी की सबसे महंगी खिलाड़ी बना दिया। विश्व कप विजेता भारतीय टीम की प्रमुख स्पिनर दीप्ति की बेस प्राइस मात्र 50 लाख रुपए थी, लेकिन उन पर फ्रेंचाइजियों की जोरदार बोलीबाजी हुई।

 

पांचों फ्रेंचाइजियों ने इस ऐतिहासिक नीलामी में कुल 40.80 करोड़ रुपए खर्च किए और 67 खिलाड़ियों को अपनी टीमों में शामिल किया। इनमें 44 भारतीय और 23 विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। ऑक्शन के लिए कुल 276 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया गया था, लेकिन ऑक्शन पूल में 128 खिलाड़ियों के नाम लाए गए।

WPL Mega Auction 2026

शीर्ष खरीदारी और करोड़पति खिलाड़ी

इस मेगा ऑक्शन में कुल 11 खिलाड़ियों पर एक करोड़ रुपए से अधिक की बोली लगी। दीप्ति शर्मा के बाद न्यूजीलैंड की स्टार ऑलराउंडर अमेलिया केर दूसरी सबसे महंगी खिलाड़ी रहीं, जिन्हें मुंबई इंडियंस ने 3 करोड़ रुपए में खरीदा। न्यूजीलैंड की ही कप्तान सोफी डिवाइन को गुजरात जाएंट्स ने 2 करोड़ रुपए में अपनी टीम में शामिल किया।

ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज मेग लेनिंग, जिन्होंने पिछले सीजन में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी की थी, इस बार यूपी वॉरियर्स का हिस्सा बनीं। यूपी ने उन्हें 1.90 करोड़ रुपए में खरीदा। लेनिंग WPL के पहले सीजन की टॉप स्कोरर भी रही थीं।

 

दिल्ली कैपिटल्स ने वेस्टइंडीज की शिनेल हेनरी और भारत की ऑफ स्पिनर श्री चरणी को 1.30-1.30 करोड़ रुपए में अपनी टीम में शामिल किया। साउथ अफ्रीका की विस्फोटक बल्लेबाज लौरा वोल्वार्ट को भी दिल्ली ने 1.10 करोड़ रुपए में खरीदा। वोल्वार्ट ने हाल ही में संपन्न विमेंस वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में शतक जड़े थे।

यूपी वॉरियर्स की आक्रामक खरीदारी

यूपी वॉरियर्स इस ऑक्शन में सबसे आक्रामक टीम रही। उन्होंने दीप्ति शर्मा, मेग लेनिंग, ऑस्ट्रेलियाई ओपनर फीबी लिचफील्ड (1.20 करोड़), भारतीय ऑलराउंडर आशा सोभना (1.10 करोड़) और अनुभवी तेज गेंदबाज शिखा पांडे (2.40 करोड़) जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया।

 

यूपी ने इंग्लिश ऑलराउंडर सोफी एकलस्टन को भी 85 लाख रुपए में खरीदा, जो पिछले सीजन में भी उनके लिए खेल चुकी हैं। टीम ने वेस्टइंडीज की विस्फोटक बल्लेबाज डिएंड्रा डॉटिन को भी 80 लाख रुपए में अपने साथ जोड़ा।

 

भारतीय बनाम विदेशी खिलाड़ियों पर खर्च

मेगा ऑक्शन में खर्च की गई कुल 40.80 करोड़ रुपए की राशि में से 21.65 करोड़ रुपए (53%) भारतीय खिलाड़ियों पर खर्च किए गए। विदेशी खिलाड़ियों को खरीदने के लिए पांचों फ्रेंचाइजियों ने 19.15 करोड़ रुपए (46%) खर्च किए। मात्र 30 लाख रुपए टीमों के पर्स में बचे रहे, जिनमें से गुजरात और यूपी के पास 15-15 लाख रुपए का पर्स बचा हुआ है।

 

मुंबई और गुजरात की रणनीति

मुंबई इंडियंस ने अमेलिया केर के अलावा भारतीय तेज गेंदबाज शबनम इस्माइल (60 लाख), ऑलराउंडर सजना सजीवन (75 लाख) और ऑस्ट्रेलिया की निकोला कैरी (30 लाख) को अपनी टीम में शामिल किया। मुंबई ने कुल में संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए अनुभव और युवा प्रतिभा का मिश्रण तैयार किया।

 

गुजरात जाएंट्स ने सोफी डिवाइन के साथ-साथ भारतीय तेज गेंदबाज रेणुका सिंह (60 लाख), इंग्लैंड की जॉर्जिया वेयरहम (1 करोड़), भारती फूलमाली (70 लाख) और ऑस्ट्रेलिया की किम गार्थ (50 लाख) को अपने साथ जोड़ा। गुजरात ने अपनी पूर्व खिलाड़ी काश्वी गौतम को RTM कार्ड का इस्तेमाल करके 65 लाख रुपए में वापस अपनी टीम में रखा।

 

बेंगलुरु और दिल्ली की टीम में नए चेहरे

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने इंग्लैंड की तेज गेंदबाज लॉरेन बेल (90 लाख), भारत की ऑलराउंडर पूजा वस्त्रकार (85 लाख), लेग स्पिनर राधा यादव (80 लाख) और ऑस्ट्रेलिया की ग्रेस हैरिस (75 लाख) को अपनी टीम में शामिल किया। बेंगलुरु ने प्रेमा रावत को भी RTM कार्ड से अपनी टीम में बरकरार रखा।

 

दिल्ली कैपिटल्स ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए शिनेल हेनरी और लौरा वोल्वार्ट जैसी विस्फोटक बल्लेबाजों को खरीदा। टीम के सह-मालिक पार्थ जिंदल ने कहा, “पिछले सीजन हमें लगा था कि हमारे निचले क्रम में थोड़ी ताकत कम थी। लेकिन इस साल मुझे लगता है कि यह कमी पूरी होगी।”

 

RTM कार्ड का रणनीतिक उपयोग

इस ऑक्शन में टीमों ने राइट टू मैच (RTM) कार्ड का भी प्रभावी उपयोग किया। यूपी वॉरियर्स ने दीप्ति शर्मा और क्रांति गौड़ को RTM कार्ड के जरिए अपनी टीम में रखा। दिल्ली ने पहले दीप्ति पर 50 लाख रुपए की बोली लगाई थी, लेकिन यूपी ने RTM कार्ड का उपयोग किया। फिर दिल्ली ने कीमत बढ़ाकर 3.20 करोड़ रुपए कर दी, जिसे यूपी ने मैच कर लिया।

 

गुजरात ने काश्वी गौतम को RTM से बरकरार रखा, जबकि बेंगलुरु ने प्रेमा रावत को अपनी टीम में बनाए रखने के लिए RTM का उपयोग किया।

 

बड़े नाम अनसोल्ड रहे

हैरानी की बात यह रही कि ऑस्ट्रेलियाई कप्तान और विश्व की शीर्ष विकेटकीपर-बल्लेबाज एलिसा हीली इस ऑक्शन में अनसोल्ड रहीं। हीली ने WPL के 17 मैचों में 428 रन बनाए हैं और पिछले सीजन में यूपी वॉरियर्स की कप्तानी भी की थी। उनकी बेस प्राइस 50 लाख रुपए थी, लेकिन किसी भी फ्रेंचाइजी ने उन पर बोली नहीं लगाई।

 

ऑस्ट्रेलिया की विस्फोटक बल्लेबाज ग्रेस हैरिस भी शुरुआती दौर में अनसोल्ड रहीं, हालांकि बाद में एक्सीलेटर राउंड में बेंगलुरु ने उन्हें 75 लाख रुपए में खरीद लिया। भारत की विस्फोटक बल्लेबाज एस मेघना भी अनसोल्ड रहीं।

 

एक्सीलेटर राउंड में भी जोरदार बोलीबाजी

मुख्य ऑक्शन के बाद एक्सीलेटर राउंड में भी खिलाड़ियों पर अच्छी बोलीबाजी देखी गई। इस दौर में टीमों ने अपनी बची हुई जगहों को भरने के लिए युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण चुना। दिल्ली ने विकेटकीपर तान्या भाटिया को अपनी टीम में शामिल किया, जबकि गुजरात ने इंग्लैंड की डैनी व्याट हॉज (50 लाख) और राजेश्वरी गायकवाड (40 लाख) को खरीदा।

 

भारतीय विश्व कप विजेताओं का दबदबा

भारत की हाल ही में विश्व कप जीतने के बाद यह पहला बड़ा ऑक्शन था और इसका प्रभाव स्पष्ट दिखाई दिया। विश्व कप विजेता टीम की सदस्य रेणुका सिंह, दीप्ति शर्मा, श्री चरणी और अन्य खिलाड़ियों पर जोरदार बोलीबाजी हुई। रिटेंशन में भी हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, ऋचा घोष, जेमिमा रोड्रिग्ज और शेफाली वर्मा जैसे विश्व कप विजेताओं को टीमों ने अपने पास रखा था।

 

रिटेंशन की स्थिति

मेगा ऑक्शन से पहले पांचों फ्रेंचाइजियों ने कुल 17 खिलाड़ियों को रिटेन किया था। मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स ने 5-5 खिलाड़ियों को रखा, जबकि बेंगलुरु ने 4, गुजरात ने 2 और यूपी ने केवल 1 खिलाड़ी को रिटेन किया। स्मृति मंधाना WPL इतिहास की सबसे महंगी खिलाड़ी बनी हुई हैं, जिन्हें 2023 के ऑक्शन में बेंगलुरु ने 3.40 करोड़ रुपए में खरीदा था।

 

टीमों के पास बची राशि

रिटेंशन के बाद यूपी वॉरियर्स के पास सबसे अधिक 14.50 करोड़ रुपए का पर्स था, जबकि गुजरात जाएंट्स के पास 9 करोड़ रुपए थे। मुंबई इंडियंस, दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का पर्स 6.50 करोड़ रुपए से कम था। यूपी ने अपने बड़े पर्स का पूरा फायदा उठाते हुए सबसे आक्रामक खरीदारी की।

 

आगे की राह

WPL 2025 का यह मेगा ऑक्शन महिला क्रिकेट के बढ़ते महत्व और लोकप्रियता को दर्शाता है। भारतीय खिलाड़ियों पर बड़ी बोलियां यह संकेत देती हैं कि घरेलू प्रतिभाओं को उचित मान्यता मिल रही है। विदेशी सितारों की मौजूदगी टूर्नामेंट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाती है।

 

सभी पांच टीमें अब अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ आगामी सीजन की तैयारी में जुट जाएंगी। यूपी वॉरियर्स की मजबूत टीम, मुंबई और दिल्ली का संतुलित दल, और गुजरात तथा बेंगलुरु की अनुभवी टीमें अगले सीजन में जोरदार मुकाबले का संकेत देती हैं। महिला क्रिकेट के प्रशंसक अब रोमांचक मुकाबलों का इंतजार कर रहे हैं।