अमेरिका में हुए हालिया गोलीबारी की घटना के बाद सुरक्षा और आव्रजन नीतियों को लेकर माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। इसी पृष्ठभूमि में ट्रंप प्रशासन ने “चिंताजनक” माने जाने वाले 19 देशों के नागरिकों को जारी सभी ग्रीन कार्डों की कड़ी और व्यापक समीक्षा का आदेश दिया है। यह कदम साफ तौर पर दर्शाता है कि सरकार सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए प्रवासियों के प्रवेश नियमों को और कड़ा करने की तैयारी में है।
बुधवार के हमले के बाद लिया गया यह फैसला:
यह निर्णय उस चौंकाने वाली घटना के बाद लिया गया है, जिसमें बुधवार को वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के दो जवान, पहला 20 वर्षीय स्पेशलिस्ट सारा बेकस्ट्रॉम और दूसरा 24 वर्षीय स्टाफ सार्जेंट एंड्रयू वोल्फ गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों सैनिक राजधानी में ट्रंप के अपराध-विरोधी अभियान के तहत तैनात थे, जिसमें लगभग 2,200 गार्ड सैनिकों को संघीय नियंत्रण में भेजा गया था।
वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर पैट्रिक मॉरिसी ने पहले घोषणा की थी कि दोनों सैनिकों की मौत हो गई है, लेकिन बाद में उन्होंने बयान में बदलाव करते हुए कहा कि उनके कार्यालय को “विरोधाभासी जानकारी” मिली थी।
अफ़ग़ान नागरिक रहमानुल्लाह लकनवाल पाया गया संदिग्ध:
अधिकारियों ने हमले के संदिग्ध की पहचान 29 वर्षीय अफ़ग़ान नागरिक रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में की है। अभियोजकों के अनुसार, उसने देश के अलग-अलग हिस्सों से गाड़ी चलाकर आते हुए .357 स्मिथ एंड वेसन रिवॉल्वर से घात लगाकर हमला किया। गार्ड सैनिकों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, उसे काबू में किया और पुलिस के हवाले कर दिया। उसकी चोटें गंभीर नहीं हैं। फिलहाल जाँचकर्ता उसके इस हमले के पीछे की वजह या मकसद का पता नहीं लगा पाए हैं।
ऑपरेशन अलाइज़ वेलकम के तहत अमेरिका पहुँचा लकनवाल:
लकनवाल 2021 में ऑपरेशन अलाइज़ वेलकम (Operation Allies Welcome) कार्यक्रम के जरिए अमेरिका आए थे। यह कार्यक्रम अफ़ग़ानिस्तान से अफरा-तफरी वाली वापसी के बाद बाइडेन सरकार ने शुरू किया था। उन्होंने बाइडेन प्रशासन के दौरान शरण के लिए आवेदन किया था, लेकिन #AfghanEvac के मुताबिक उनके मामले को मंज़ूरी ट्रंप प्रशासन के दौरान मिल गई। फिलहाल लकनवाल पर हथियारबंद होकर जान से मारने की नीयत से हमला करने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
चिंताजनक देशों से आए लोगों के ग्रीन कार्ड की अब पूरी जांच:
अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) के निदेशक जोसेफ बी. एडलो ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रपति के आदेश पर अब “चिंताजनक” माने जाने वाले देशों से आने वाले हर विदेशी नागरिक के ग्रीन कार्ड की कड़ी और पूरी तरह से दोबारा जांच की जाएगी।
USCIS ने अपने बयान में आरोप लगाया कि पिछले चार सालों में बाइडेन प्रशासन ने कई ज़रूरी सुरक्षा और स्क्रीनिंग मानकों को कमजोर कर दिया और अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा से अधिक “उच्च जोखिम वाले देशों के विदेशियों” को जल्दी बसाने पर ध्यान दिया। अब पिछले चार साल में अमेरिका आए करीब 233,000 शरणार्थियों की समीक्षा की जायेगी।
19 “चिंताजनक” माने जाने वाले देश कौन-से हैं?
आव्रजन अधिकारियों ने जिन 19 देशों को विशेष निगरानी सूची में रखा है, वे हैं: अफ़ग़ानिस्तान, बर्मा, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, यमन, बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेज़ुएला।
भारत पर इसका प्रभाव कितना पड़ेगा ?
हालाँकि ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में “विदेशियों” की ग्रीन कार्ड की पूरी समीक्षा का आदेश दिया है, लेकिन मौजूदा भारतीय ग्रीन कार्ड धारकों पर इसका कोई असर नहीं होगा। नई नीति 27 नवंबर 2025 के बाद लंबित या नए आवेदन पर लागू होगी। ट्रंप ने कहा कि अब अफगानिस्तान और अन्य देशों से आने वाले सभी विदेशियों की दोबारा जांच की जाएगी और जो देश या अमेरिका के लिए लाभकारी नहीं हैं, उनके खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अमेरिकी नागरिकता पाने के लिए ग्रीन कार्ड आवश्यक:
अमेरिकी नागरिक बनने के लिए सबसे पहले ग्रीन कार्ड चाहिए। ग्रीन कार्ड मिलने के बाद कम से कम 5 साल तक वैध रूप से अमेरिका में रहना ज़रूरी है (अमेरिकी नागरिक से विवाहित होने पर 3 साल), जिसके बाद कोई भी व्यक्ति अमेरिकी नागरिकता प्राप्त कर सकता है। इस प्रक्रिया में आवेदन करना, दस्तावेज़ जमा करना, बायोमेट्रिक्स अपॉइंटमेंट में उपस्थित होना, और एक साक्षात्कार और नागरिकता परीक्षा उत्तीर्ण करना शामिल है।
आइए जानते है, ग्रीन कार्ड क्या होता है?
ग्रीन कार्ड अमेरिका में रहने वाले वैध स्थायी निवासियों को दिया जाने वाला पहचान पत्र है। इसे “ग्रीन कार्ड” इसलिए कहा जाता है क्योंकि 1946 से 1964 तक इसका रंग हरा हुआ करता था। बाद में इसका रंग कई बार बदला गया जैसे नीला, गुलाबी और पीला भी रहा, लेकिन नाम वही बना रहा। ग्रीन कार्ड हर 10 साल में नवीनीकृत करना होता है।
ग्रीन कार्ड से जुड़ी कुछ मुख्य बातें:
- ग्रीन कार्ड रखने का महत्व: ग्रीन कार्ड रखने वाला व्यक्ति अमेरिका में कानूनी रूप से रह सकता है, काम कर सकता है और कई सुविधाओं का लाभ ले सकता है। 18 वर्ष से अधिक आयु के स्थायी निवासी के लिए कार्ड रखना ज़रूरी है। यदि उनके पास कार्ड नहीं है, तो उन्हें 30 दिन तक की जेल हो सकती है।
- कौन जारी करता है?: इसे अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवाएँ (USCIS) जारी करती हैं। कुछ मामलों में इमिग्रेशन जज या इमिग्रेशन अपील बोर्ड (BIA) भी स्थायी निवास की अनुमति दे सकते हैं।
ग्रीन कार्ड के लिए पात्रता:
- परिवार आधारित ग्रीन कार्ड: अमेरिकी नागरिकों के करीबी रिश्तेदार जैसे; पति/पत्नी, 21 साल से कम उम्र के अविवाहित बच्चे, और 21 साल से बड़े अमेरिकी नागरिकों के माता-पिता। जबकि अन्य रिश्तेदारो में अविवाहित/विवाहित बेटे-बेटियां, स्थायी निवासियों के पति/पत्नी और बच्चे, तथा वयस्क नागरिकों के भाई-बहन।
- रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड: असाधारण प्रतिभा वाले लोग, प्रोफेसर, शोधकर्ता, बहुराष्ट्रीय मैनेजर, उच्च डिग्री वाले पेशेवर, कुशल श्रमिक और अमेरिका में निवेश कर रोजगार बनाने वाले लोग।
- शरणार्थी या आश्रय प्राप्त व्यक्ति: शरण या शरणार्थी का दर्जा मिलने के एक साल बाद आवेदन कर सकते हैं।
- विविधता लॉटरी (DV प्रोग्राम): कम आव्रजन वाले देशों के लोगों को हर साल 50,000 वीज़ा यादृच्छिक रूप से दिए जाते हैं।
- विशेष आप्रवासी: जैसे धार्मिक कार्यकर्ता, अमेरिकी विदेश सेवा के कर्मचारी, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सेवानिवृत्त कर्मचारी, या अमेरिकी अदालतों के संरक्षण में रहने वाले नाबालिग।
- दुर्व्यवहार, अपराध या मानव तस्करी के पीड़ित: VAWA मामले, U वीज़ा (अपराध पीड़ित), T वीज़ा (मानव तस्करी पीड़ित)।
- दीर्घकालिक निवासी: जो लोग 1 जनवरी 1972 से पहले से लगातार अमेरिका में रह रहे हैं। वो ग्रीन कार्ड के लिए पात्र है।
ग्रीन कार्ड स्वीकृति दर बहुत कम:
हाल के वर्षों में ग्रीन कार्ड की स्वीकृति दर रिकॉर्ड स्तर तक गिर गई है। 1996 में जहाँ लगभग 1 करोड़ आवेदन लंबित थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर करीब 3.5 करोड़ हो गई है। इसी बीच स्वीकृति दर भी गिर गई—1996 में जहाँ 7.6% आवेदनों को मंज़ूरी मिलती थी, अब यह घटकर 4% से भी कम रह गई है।
CATO संस्थान की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024 में ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले सिर्फ 3% लोगों को ही अमेरिका में स्थायी निवास मिला, जबकि 97% आवेदकों को मंज़ूरी नहीं मिली। वर्तमान में अमेरिका में 1.4 करोड़ से अधिक लोग ग्रीन कार्ड धारक हैं.
उच्च कौशल वाले पेशेवरों के लिए H-1B वीज़ा:
H-1B एक अस्थायी अमेरिकी वीज़ा है, जिसके तहत कंपनियाँ विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, गणित और IT जैसी विशेषज्ञ नौकरियों के लिए विदेशी पेशेवरों को काम पर रख सकती हैं। यह वीज़ा तब दिया जाता है जब किसी पद के लिए योग्य अमेरिकी कर्मचारी नहीं मिलते। एच-1बी वीज़ा अधिकतम 6 साल तक मिलता है। इसके बाद व्यक्ति को या तो 12 महीने के लिए अमेरिका छोड़ना होगा और फिर दोबारा आवेदन करना होगा, या ग्रीन कार्ड प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
आपको बता दे की 2015 से हर साल स्वीकृत एच-1बी याचिकाओं में से 70% से ज़्यादा भारतीयों के होते हैं। जबकि चीन दूसरे स्थान पर है, जिसकी हिस्सेदारी 12–13% रहती है।
अमेरिकी नागरिकता के अधिकार और लाभ:
अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने पर व्यक्ति को स्थायी निवास के सभी लाभ मिलते हैं और निर्वासन का खतरा नहीं रहता (सिवाय धोखाधड़ी के)। नागरिक पासपोर्ट के जरिए असीमित विदेश यात्रा और 180 से अधिक देशों में वीज़ा-मुक्त यात्रा कर सकते हैं। उन्हें चुनाव में मतदान, संघीय रोजगार और सरकारी लाभ प्राप्त करने का अधिकार मिलता है। अमेरिकी नागरिकता मिलने पर विवाहित जोड़े अचल संपत्ति पर कर-मुक्त लेन-देन भी कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
हालिया घटना और उसके बाद उठाए गए कदम यह स्पष्ट करते हैं कि अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। ट्रंप प्रशासन का यह निर्णय न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है, बल्कि यह आव्रजन नीतियों में सख्ती और प्रवासियों के प्रवेश पर कड़ा नियंत्रण लगाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण संकेत है।
