17 जनवरी को भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का होगा उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जनवरी, 2026 को भारत की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। यह आधिकारिक समारोह पश्चिम बंगाल के मालदा शहर में आयोजित किया जाएगा। यह स्लीपर ट्रेन सप्ताह में छह दिन हावड़ा (कोलकाता) और कामाख्या (गुवाहाटी) के बीच चलेगी।

India first Vande Bharat sleeper train

आइए जानते हैं वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के बारे में 

  • वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेलवे की नई पीढ़ी की सेमी-हाई-स्पीड रात्रिकालीन ट्रेन है, जिसे लंबी दूरी की रातभर की यात्रा को तेज, आरामदायक और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। 
  • यह ट्रेन मूल वंदे भारत एक्सप्रेस श्रृंखला का विस्तारित संस्करण है, लेकिन इसमें बैठने की जगह के बजाय स्लीपर बर्थ प्रदान किए गए हैं। इसमें आधुनिक यात्री सुविधाएँ, उन्नत सुरक्षा मानक और बेहतर यात्रा अनुभव को प्राथमिकता दी गई है।
  • इस स्लीपर ट्रेन का निर्माण पूरी तरह मेक इन इंडिया पहल के अंतर्गत किया गया है। ट्रेन के कोच निर्माण में Bharat Earth Movers Limited (BEML) प्रमुख भूमिका निभा रहा है, जबकि डिजाइन और तकनीकी इंजीनियरिंग समाधान इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई द्वारा प्रदान किए गए हैं। 
  • इस ट्रेन का पहला प्रोटोटाइप दिसंबर 2024 में ICF द्वारा तैयार किया गया था, जिसके बाद रिसर्च डिज़ाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) ने कई चरणों में गति और सुरक्षा परीक्षण किए। ट्रेन ने 30 दिसंबर 2025 को कोटा–नागदा खंड पर Commissioner of Railway Safety (CRS) की निगरानी में उच्च गति परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। 
  • अब जल्द ही पहली वंदे भारत स्लीपर सेवा गुवाहाटी–कोलकाता मार्ग पर 17 जनवरी 2026 को शुरू की जाएगी। उद्घाटन के अगले दिन, यानी 18 जनवरी 2026 से नियमित यात्री सेवा प्रारंभ होने की संभावना है। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन दोनों दिशाओं में चलेगी, जिससे पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के बीच तेज संपर्क स्थापित होगा।
  • कुल लगभग 966 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए यह ट्रेन कामाख्या (गुवाहाटी) से हावड़ा (कोलकाता) के बीच चलेगी। यात्रा के दौरान यह ट्रेन बांदेल, कटवा, न्यू फरक्का, मालदा टाउन, न्यू जलपाईगुड़ी, न्यू कूचबिहार और न्यू बोंगाईगाँव जैसे महत्वपूर्ण जंक्शनों से होकर गुजरेगी। 
  • इस प्रीमियम सेवा के लिए किराया गुवाहाटी से कोलकाता की पूरी यात्रा के लिए AC 3-टियर का किराया ₹2,300, AC 2-टियर का किराया ₹3,000 और AC फर्स्ट क्लास का किराया ₹3,600 निर्धारित किया गया है। इन सभी किरायों में भोजन की लागत भी शामिल है।

 

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की तकनीकी व परिचालन विशेषताएँ

  • गति क्षमता: वंदे भारत स्लीपर का डिज़ाइन 180 किमी प्रतिघंटा की अधिकतम गति के लिए तैयार किया गया है, जबकि सामान्य परिचालन में यह 160 किमी प्रतिघंटा की गति पर स्थिर सेवा देता है। यह ट्रेनसेट स्व-चालित EMU तकनीक पर आधारित है, जिससे इसमें पारंपरिक इंजन-खिंची ट्रेनों की तुलना में कहीं अधिक तेज़ त्वरक क्षमता मिलती है। 
  • यात्री क्षमता: इसका मानक रेक 16 वातानुकूलित कोचों से बनाया गया है। इनमें एक AC फर्स्ट क्लास, चार AC टू-टियर और ग्यारह AC थ्री-टियर कोच शामिल होते हैं। पूरी ट्रेन में कुल 823 बर्थ उपलब्ध रहते हैं, जिनमें से कुछ बर्थ को ऑनबोर्ड स्टाफ के लिए सुरक्षित रखा जाता है। 
  • उन्नत सुरक्षा प्रणाली: ट्रेन को स्वदेशी कवच 4.0 स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली से लैस किया गया है। यह तकनीक सिग्नल पास करने की स्थिति में स्वतः ब्रेक लगाकर टक्कर की संभावना को समाप्त कर देती है। इसके अलावा, प्रत्येक कोच में क्रैश-योग्य बफ़र्स और एंटी-क्लाइंबर तकनीक को शामिल किया गया है, जिससे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों को अधिकतम सुरक्षा मिल सके।
  • ब्रेकिंग और ऊर्जा दक्षता: वंदे भारत स्लीपर में रेजरनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम लगाया गया है, जो ट्रेन की गति धीमी होने पर ऊर्जा को पुनः उत्पन्न कर ओवरहेड विद्युत लाइनों में भेज देता है। यह तकनीक ऊर्जा की कुल खपत को काफी कम करती है। आपात परिस्थितियों के लिए मानक एयर ब्रेकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है, जो तेज़ और विश्वसनीय रुकावट प्रदान करती है।
  • राइड क्वालिटी और सस्पेंशन: ट्रेन में उन्नत सस्पेंशन सिस्टम लगाए गए हैं जो कंपन को कम करते हैं और उच्च गति पर भी कोच को स्थिर रखते हैं। हाल में किया गया वॉटर-ग्लास परीक्षण इस स्थिरता को प्रमाणित करता है, जिसमें 180 किमी प्रतिघंटा की गति पर भी ग्लास में रखा पानी स्थिर रहा। इसमें लगे विशेष सेमी-पर्मनेंट कप्लर स्टार्ट और स्टॉप के दौरान झटकों को लगभग समाप्त कर देते हैं।
  • अग्नि सुरक्षा मानक: ट्रेन के सभी आंतरिक घटक EN 45545 HL3 अंतरराष्ट्रीय अग्नि सुरक्षा मानक के अनुरूप बनाए गए हैं। कोचों में एयरोसोल-आधारित फायर डिटेक्शन और सप्रेशन सिस्टम लगे हैं, जो विद्युत कैबिनेट और टॉयलेट दोनों में सक्रिय रहते हैं। इसके अलावा, रिमोट से संचालित फायर बैरियर डोर धुएँ को कोचों के बीच फैलने से रोकते हैं।
  • सुविधाएँ और एर्गोनॉमिक डिज़ाइन: हर बर्थ पर मेमोरी फोम गद्दे लगाए गए हैं, जो लंबी यात्रा में अतिरिक्त आराम प्रदान करते हैं। ऊपरी बर्थ तक पहुँचने के लिए एर्गोनॉमिक सीढ़ियाँ बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से सुविधाजनक हैं। प्रत्येक बर्थ के साथ रीडिंग लाइट, USB पोर्ट और मोबाइल होल्डर जैसी व्यक्तिगत सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
  • स्वच्छता प्रबंधन: ट्रेन में एयरक्राफ्ट-स्टाइल बायो-वैक्यूम टॉयलेट लगे हैं, जो स्वच्छता को उच्च स्तर पर बनाए रखते हैं। AC फर्स्ट क्लास में यात्रियों के लिए हॉट वॉटर शॉवर की अलग सुविधा भी दी गई है। ओडर कंट्रोल सिस्टम और गहरे एंटी-स्पिल वॉशबेसिन टॉयलेट की स्वच्छता को और बेहतर बनाते हैं।
  • पर्यावरणीय सुरक्षा नियंत्रण: एयर-कंडीशनिंग सिस्टम में UV-C लैंप यूनिट स्थापित हैं, जो हवा में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस को निष्क्रिय कर स्वच्छ वातावरण बनाए रखते हैं। पूरी ट्रेन में ऑटोमैटिक प्लग डोर और सील्ड गैंगवे धूल रहित और ऊर्जा-कुशल माहौल बनाए रखने में मदद करते हैं। कॉमन क्षेत्रों में सेंसर-आधारित लाइटिंग ऊर्जा खपत को नियंत्रित करती है।
  • संचार और निगरानी प्रणाली: ट्रेन में सेंट्रलाइज्ड कोच मॉनिटरिंग सिस्टम (CCMS) लगाया गया है, जो एयर कंडीशनिंग, लाइटिंग और सुरक्षा मापदंडों की रियल-टाइम निगरानी करता है। यात्री आपात स्थिति में टॉक-बैक यूनिट के माध्यम से सीधे लोको पायलट या ट्रेन मैनेजर से संपर्क कर सकते हैं। प्रत्येक कोच में लगे CCTV कैमरे यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बनाते हैं।

 

निष्कर्ष:

वंदे भारत स्लीपर भारतीय रेल के आधुनिककरण का मजबूत उदाहरण है, जिसमें गति, सुरक्षा, ऊर्जा दक्षता और यात्री-सुविधाएँ एक साथ समाहित हैं। स्वदेशी तकनीक, उन्नत सुरक्षा प्रणालियाँ और आरामदायक डिज़ाइन इसे लंबी दूरी की रात्री-यात्राओं के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाते हैं। इसके अत्याधुनिक इंटरियर्स, स्वच्छता मानक और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम भविष्य की प्रीमियम रेल सेवाओं का स्वरूप निर्धारित करते हैं और भारत के तेज़ परिवहन नेटवर्क को नई दिशा देते हैं।