संदर्भ :
भारत के लग्ज़री ऑटोमोबाइल बाजार के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। Mercedes-Benz India ने घोषणा की है कि वह अपनी अल्ट्रा-लग्ज़री एसयूवी मेबैक GLS का निर्माण अब भारत में ही करेगी। यह उत्पादन महाराष्ट्र के पुणे स्थित संयंत्र में किया जाएगा। इस फैसले के साथ भारत, अमेरिका के बाद पहला ऐसा देश बन गया है जहाँ मेबैक GLS का स्थानीय स्तर पर निर्माण होगा।
अब तक यह मॉडल 2021 से भारत में पूरी तरह आयातित इकाई के रूप में बेचा जा रहा था। इस घोषणा के साथ ही कंपनी ने मेबैक GLS का एक नया “सेलिब्रेशन एडिशन” भी लॉन्च किया है।
पूरी तरह आयात से स्थानीय निर्माण तक का सफर :
मेबैक GLS अब तक भारत में बेहद सीमित और विशिष्ट ग्राहकों के लिए एक आयातित अल्ट्रा-लग्ज़री वाहन के रूप में उपलब्ध थी। आयात शुल्क और अन्य लागतों के कारण इसकी कीमत काफी अधिक थी।
स्थानीय निर्माण शुरू होने के बाद, इस वाहन की शुरुआती कीमत घटकर लगभग 2.75 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) हो गई है। पहले इसकी कीमत करीब 3.15 करोड़ रुपये के आसपास थी। यानी ग्राहकों को लगभग 40 लाख रुपये तक की सीधी राहत मिलेगी।
हालाँकि, विशेष रूप से पेश किए गए सेलिब्रेशन एडिशन की कीमत 4.10 करोड़ रुपये रखी गई है, जो सीमित संख्या में उपलब्ध होगा और इसमें विशेष डिजाइन व फीचर्स दिए गए हैं।
भारत क्यों बना मर्सिडीज-मेबैक के लिए इतना अहम?
कंपनी के अनुसार, भारत अब पहली बार दुनिया के शीर्ष पाँच Mercedes-Maybach बाजारों में शामिल हो गया है। यह इस बात का संकेत है कि भारत में अल्ट्रा-लग्ज़री वाहनों की मांग अब केवल सीमित वर्ग तक नहीं रह गई है, बल्कि लगातार बढ़ रही है।
स्थानीय निर्माण से कंपनी को कई लाभ होंगे-
- वाहनों की डिलीवरी का समय कम होगा
- ग्राहकों के लिए उपलब्धता और पहुँच बेहतर होगी
- लागत घटने से बाजार का दायरा और बढ़ेगा
यह फैसला दर्शाता है कि भारत अब केवल उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक लग्ज़री ऑटोमोबाइल रणनीति का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।
2025 में मर्सिडीज-बेंज इंडिया का प्रदर्शन :
Mercedes-Benz India ने बताया कि उसने वर्ष 2025 में कुल 19,007 वाहन बेचे, जो कंपनी के लिए राजस्व के लिहाज से अब तक का सबसे सफल वर्ष रहा।
हालाँकि, यह आंकड़ा 2024 के 19,565 वाहनों की तुलना में लगभग 3 प्रतिशत कम है, लेकिन इसके बावजूद कंपनी की आय में वृद्धि हुई।
इसका मुख्य कारण यह रहा कि कंपनी की बिक्री का बड़ा हिस्सा अब उच्च कीमत वाले लग्ज़री और अल्ट्रा-लग्ज़री मॉडलों से आ रहा है।
लग्ज़री और परफॉर्मेंस सेगमेंट की बढ़त :
S-Class, Mercedes-Maybach और AMG जैसे मॉडलों को शामिल करने वाला टॉप-एंड लग्ज़री सेगमेंट वर्ष 2025 में 11 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज करने में सफल रहा।
यह सेगमेंट कंपनी की कुल बिक्री का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा बन गया है।
वहीं, AMG परफॉर्मेंस लाइन-अप ने 34 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की। AMG G63, AMG CLE53 और AMG GLC43 जैसे मॉडलों की लोकप्रियता ने इस ग्रोथ को गति दी।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती भूमिका :
Mercedes-Benz India ने इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में भी मजबूत पकड़ बनाई है।
2025 में कंपनी की बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों (BEV) की बिक्री में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई और ये कुल हाई-एंड बिक्री का 20 प्रतिशत बन गए।
कंपनी ने बताया कि बेचे गए इलेक्ट्रिक वाहनों में से 70 प्रतिशत ऐसे थे, जिनकी कीमत 1.25 करोड़ से 3.10 करोड़ रुपये के बीच थी।
इस श्रेणी में EQS SUV भारत में सबसे अधिक बिकने वाला लग्ज़री इलेक्ट्रिक वाहन बनकर उभरा।
2026 की रणनीति: नए उत्पाद और नेटवर्क विस्तार :
आगे की योजना के तहत Mercedes-Benz India वर्ष 2026 में 12 नए उत्पाद भारत में पेश करेगी। इनमें नई पीढ़ी की CLA इलेक्ट्रिक कार भी शामिल होगी, जो कंपनी के नए MB.OS ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आएगी।
इसके अलावा, कंपनी अपने रिटेल नेटवर्क को भी विस्तार देगी-
- तीन नए बाजारों में 15 नए डीलरशिप स्थान
- 15 मौजूदा शोरूम और सेवा केंद्रों का उन्नयन
कंपनी के फ्रेंचाइज़ी पार्टनर इस विस्तार के लिए 450 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेंगे।
पुणे संयंत्र की भूमिका :
पुणे में स्थित Mercedes-Benz का संयंत्र पहले से ही भारत में कंपनी के कई प्रीमियम मॉडलों का निर्माण करता रहा है।
अब मेबैक GLS के स्थानीय निर्माण से यह संयंत्र न केवल तकनीकी रूप से और मजबूत होगा, बल्कि भारत की मेक-इन-इंडिया क्षमता को भी वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगा।
भारतीय ऑटो उद्योग पर व्यापक प्रभाव :
मेबैक GLS का भारत में निर्माण केवल एक कार लॉन्च नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि भारत अब अल्ट्रा-लग्ज़री मैन्युफैक्चरिंग के लिए भी भरोसेमंद केंद्र बनता जा रहा है।
इससे न केवल प्रत्यक्ष रोजगार बढ़ेगा, बल्कि ऑटो कंपोनेंट, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।
निष्कर्ष :
Mercedes-Maybach GLS का भारत में स्थानीय निर्माण शुरू होना भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है।
यह कदम दर्शाता है कि भारत अब केवल लग्ज़री कारों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उनके निर्माण और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।
कम कीमत, बेहतर उपलब्धता और भविष्य में नए उत्पादों की योजना के साथ, Mercedes-Benz India आने वाले वर्षों में भारतीय लग्ज़री वाहन बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न
Mercedes-Maybach GLS के भारत में स्थानीय निर्माण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारत अमेरिका के बाद पहला देश है जहाँ Mercedes-Maybach GLS का निर्माण होगा।
- स्थानीय निर्माण के कारण इस वाहन की शुरुआती कीमत में उल्लेखनीय कमी आई है।
- Mercedes-Benz India का टॉप-एंड लग्ज़री सेगमेंट 2025 में घटा है।
सही कथनों का चयन कीजिए:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
मुख्य परीक्षा प्रश्न (सामान्य अध्ययन – III)
Mercedes-Maybach GLS का भारत में स्थानीय निर्माण ‘मेक-इन-इंडिया’ और भारतीय लग्ज़री ऑटोमोबाइल बाजार के विकास को दर्शाता है।
इस संदर्भ में भारत में प्रीमियम और अल्ट्रा-लग्ज़री वाहनों के निर्माण से जुड़े आर्थिक और औद्योगिक प्रभावों की चर्चा कीजिए।
