PhonePe को SEBI से मिली IPO की मंजूरी, ₹12,000 करोड़ जुटाने की योजना, कितना बड़ा है PhonePe का कारोबार?

देश की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe को शेयर बाजार में उतरने की मंजूरी मिल गई है। शेयर बाजार के नियामक सेबी ने 20 जनवरी को कंपनी के IPO (शेयर बाजार में लिस्टिंग) को हरी झंडी दे दी है।


कितना बड़ा होगा यह IPO?
PhonePe अपने IPO से करीब ₹12,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। कंपनी की कुल कीमत लगभग ₹1.33 लाख करोड़ (15 बिलियन डॉलर) आंकी गई है। यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस के जरिए होगा। इसका मतलब यह है कि कंपनी नए शेयर नहीं बनाएगी, बल्कि जो लोग पहले से कंपनी में निवेश कर चुके हैं, वे अपने कुछ शेयर बेचेंगे।


PhonePe का यह IPO साल 2021 में आए पेटीएम (₹18,000 करोड़) के बाद डिजिटल पेमेंट सेक्टर का दूसरा सबसे बड़ा IPO होगा।

कौन बेचेगा अपनी हिस्सेदारी?

इस IPO में तीन बड़े निवेशक – वॉलमार्ट, टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट अपनी मिलाकर करीब 10% हिस्सेदारी बेचेंगे। फिलहाल वॉलमार्ट के पास PhonePe में 73% से ज्यादा हिस्सेदारी है।

 

इस बड़े IPO के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटी बैंक, मॉर्गन स्टेनली और जेपी मॉर्गन जैसे बड़े बैंकों को सलाहकार बनाया गया है।

 

यूपीआई में नंबर 1 है PhonePe

PhonePe की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यूपीआई पेमेंट में इसका जबरदस्त दबदबा है। देश में होने वाले कुल यूपीआई पेमेंट में PhonePe की 45% हिस्सेदारी है। दूसरे नंबर पर गूगल पे है जिसकी 35% हिस्सेदारी है।

 

देश में होने वाले 85% से ज्यादा डिजिटल पेमेंट यूपीआई के जरिए होते हैं। इसलिए यूपीआई में PhonePe की मजबूत पकड़ इसके IPO को और भी खास बनाती है।

 

कितना बड़ा है PhonePe का कारोबार?

PhonePe हर महीने करीब 1000 करोड़ यानी 10 अरब ट्रांजैक्शन करता है। इन सभी ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू हर महीने ₹12 लाख करोड़ से भी ज्यादा होती है। कंपनी के पास अभी 53 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं।

 

सिर्फ पेमेंट ही नहीं, और भी काम करती है कंपनी

PhonePe सिर्फ पेमेंट का ही काम नहीं करती। कंपनी के पास शेयर बाजार की ट्रेडिंग के लिए ऐप (share.market), लोन देने का प्लेटफॉर्म और बीमा पॉलिसी बेचने का काम भी है। लेकिन इन सबके बावजूद, पेमेंट ही कंपनी की सबसे बड़ी कमाई का जरिया है। कुल कमाई में पेमेंट की हिस्सेदारी 90% से ज्यादा है।

 

IPO की तैयारी कैसे हुई?

16 अप्रैल को PhonePe ने खुद को प्राइवेट कंपनी से पब्लिक कंपनी में बदल लिया था। यह शेयर बाजार में लिस्टिंग के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। कंपनी ने फरवरी में ही IPO की योजना बनानी शुरू कर दी थी।

 

इससे पहले दिसंबर 2022 में PhonePe ने अपना हेड ऑफिस सिंगापुर से भारत शिफ्ट किया था। साथ ही कंपनी ने अपने दूसरे कारोबार (जो पेमेंट नहीं हैं) को अलग-अलग कंपनियों में बांट दिया था।

 

पहले आए IPO का क्या हाल रहा?

 

पेटीएम: साल 2021 में पेटीएम ₹18,000 करोड़ का IPO लेकर आया था और उस समय कंपनी की वैल्यू 20 बिलियन डॉलर थी। लेकिन लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत काफी गिर गई। अभी पेटीएम की वैल्यू सिर्फ 9.5 बिलियन डॉलर रह गई है।

 

ग्रो: पिछले साल ग्रो 7.5 बिलियन डॉलर की वैल्यू के साथ लिस्ट हुआ था और अभी इसकी वैल्यू बढ़कर 10.5 बिलियन डॉलर हो गई है।

 

पीबी फिनटेक: बीमा की मार्केटप्लेस पीबी फिनटेक का IPO बहुत सफल रहा। कंपनी 6 बिलियन डॉलर पर लिस्ट हुई थी और अभी इसकी वैल्यू 9 बिलियन डॉलर है।

 

स्विगी: नवंबर 2024 में स्विगी ने ₹11,300 करोड़ जुटाए थे।

 

पाइन लैब्स: 11 नवंबर को पाइन लैब्स का ₹3,900 करोड़ का IPO बंद हुआ, जो अपने ऑफर साइज से 2.5 गुना ज्यादा सब्सक्राइब हुआ।

 

क्यों खास है यह IPO?

PhonePe का IPO भारत के फिनटेक सेक्टर के लिए बहुत बड़ा मौका है। यह दिखाएगा कि डिजिटल पेमेंट की दुनिया में कितनी तेजी से ग्रोथ हो रही है। निवेशकों के लिए यह मौका है कि वे देश की सबसे बड़ी पेमेंट कंपनी में हिस्सेदार बन सकें।

 

PhonePe आने वाले कुछ दिनों में अपने अपडेटेड पेपर फाइल करेगी और फिर जल्द ही शेयर बाजार में लिस्ट हो जाएगी।