हरियाणा के बेटे ने रचा इतिहास: यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर बिना ऑक्सीजन 24 घंटे बिताए

हरियाणा के हिसार जिले के मलापुर गांव निवासी रोहताश खिलेरी ने विश्व पर्वतारोहण के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा है। उन्होंने यूरोप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रुस (18,510 फीट) पर ऑक्सीजन सिलेंडर के बिना लगातार 24 घंटे गुजारने का अभूतपूर्व कारनामा किया है। 20 जनवरी को यह उपलब्धि हासिल करने वाले रोहताश ने दावा किया है कि वे ऐसा करने वाले विश्व के पहले व्यक्ति हैं।

 

भयंकर ठंड और तूफान के बीच अकेले डटे रहे रोहताश

जब रोहताश माउंट एल्ब्रुस की चोटी पर थे, उस समय वहां का तापमान माइनस 40 से माइनस 50 डिग्री सेल्सियस तक था। इतनी भीषण ठंड के साथ-साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बर्फीली हवाएं चल रही थीं। ऐसी जानलेवा परिस्थितियों में कोई भी साथी पर्वतारोही उनके साथ रुकने को तैयार नहीं हुआ, लेकिन रोहताश ने अकेले ही इस चुनौती को स्वीकार किया।

 

शिखर पर 24 घंटे पूरे करने के बाद रोहताश ने स्वयं वीडियो शूट किया और अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने चोटी पर भारतीय तिरंगा फहराया और इस सफलता को देशवासियों को समर्पित किया।

Haryana son creates history

8 साल के संघर्ष की कहानी

यह कामयाबी रोहताश के लिए रातोंरात नहीं आई। उनका यह सफर 2018 में शुरू हुआ था। पिछले 8 वर्षों से पर्वतारोहण कर रहे रोहताश को इस लक्ष्य तक पहुंचने में कई बाधाओं का सामना करना पड़ा।

 

2020 में जब वे पहली बार इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए गए थे, तो उन्हें अपने गाइड की जान बचाने के लिए मिशन बीच में ही छोड़ना पड़ा। 2023 में जब उन्होंने दूसरी कोशिश की, तो खराब मौसम ने उनका रास्ता रोक दिया और वे केवल 4 घंटे ही शिखर पर रुक पाए।

 

दो उंगलियों की कुर्बानी, लेकिन हौसला नहीं हारे

इस मिशन के दौरान रोहताश को फ्रॉस्टबाइट (शीतदंश) का शिकार होना पड़ा। इस गंभीर स्थिति में अत्यधिक ठंड के कारण त्वचा और उसके नीचे के ऊतक जम जाते हैं। इस कारण रोहताश को अपनी दो उंगलियां गंवानी पड़ीं, लेकिन उनके इरादे और हौसले नहीं डिगे।

रोहताश ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए बताया कि एवरेस्ट की कठोर ट्रेनिंग ने उन्हें इस जानलेवा ठंड में जीवित रहने और इतिहास रचने की शक्ति प्रदान की।

 

क्यों खास है यह उपलब्धि?

रोहताश के अनुसार, रूस और यूरोप के अनेक अनुभवी पर्वतारोहियों ने एल्ब्रुस पर ‘विंटर समिट’ (सर्दियों में चढ़ाई) और ‘फास्टेस्ट एसेंट’ (सबसे तेज चढ़ाई) के रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। हालांकि, शिखर पर ऑक्सीजन के बिना पूर्ण एक दिन और रात यानी 24 घंटे गुजारना शारीरिक रूप से लगभग असंभव माना जाता रहा है।

 

इससे पहले नेपाल के बाबू चिरी शेर्पा ने 1999 में माउंट एवरेस्ट के शिखर पर बिना ऑक्सीजन के 21 घंटे बिताए थे, जो विश्व रिकॉर्ड बना था। रोहताश ने यह उपलब्धि 24 घंटे तक बढ़ाकर नया मानक स्थापित किया है।

 

पहले भी इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है नाम

रोहताश खिलेरी का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में पहले से दर्ज है। 21 मार्च 2021 को उन्होंने अफ्रीका महाद्वीप की सर्वोच्च चोटी माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) पर 24 घंटे रुककर तिरंगा लहराया था। इस उपलब्धि के आधार पर उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ था। रोहताश को डाक के माध्यम से प्रमाणपत्र प्राप्त हुए हैं।

 

किसान परिवार से आते हैं रोहताश

रोहताश के पिता सुभाष चंद्र किसान हैं और माता बंसी देवी गृहिणी हैं। एक साधारण किसान परिवार से आने वाले रोहताश ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

 

हरियाणा के अन्य पर्वतारोही भी बना चुके हैं रिकॉर्ड

 

रेवाड़ी के नरेंद्र यादव का कीर्तिमान

15 अगस्त 2025 को रेवाड़ी के नेहरूगढ़ गांव के रहने वाले नरेंद्र यादव ने एल्ब्रुस की चोटी पर तिरंगा फहराया था। चोटी पर पहुंचते ही उन्होंने जय श्रीराम और भारत माता का जयघोष किया। यह इस चोटी पर उनकी तीसरी चढ़ाई थी और वे सबसे अधिक बार यह चोटी फतेह करने वाले प्रथम भारतीय बने। यह उनके नाम 24वां विश्व रिकॉर्ड रहा।

 

30 वर्षीय नरेंद्र ने 6 अगस्त को भारत से रूस के लिए प्रस्थान किया था। उन्हें 7 देशों के पर्वतारोही दल का नेतृत्व करना था। इससे पूर्व नरेंद्र ने 2017 और 2023 में भी इस चोटी को फतह किया था। उन्हें भी माइनस 30 डिग्री सेल्सियस तापमान और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही बर्फीली हवा का सामना करना पड़ा था।

 

नरेंद्र यादव के पैर भी फ्रॉस्टबाइट के शिकार हो चुके हैं। 2 साल तक उनका इलाज चला। अब उनके दोनों पैरों की सभी उंगलियां मुड़ती नहीं हैं, केवल सीधी ही रहती हैं। डॉक्टर ने उंगलियां काटने तक की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

 

संतोष यादव का गौरवशाली इतिहास

हरियाणा की संतोष यादव ने दो बार माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई की है। उन्होंने 1992 में पहली बार और 1993 में दूसरी बार एवरेस्ट को फतह किया।

 

संतोष यादव ने दुनिया की प्रथम महिला होने का रिकॉर्ड स्थापित किया, जिन्होंने 8,848 मीटर ऊंचे शिखर माउंट एवरेस्ट को दो बार फतह किया हो। संतोष कांगशंग की ओर से माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ने वाली विश्व की प्रथम महिला भी हैं।