बजट 2026-27: युवाओं, गरीबों और पिछड़ों के लिए विकास का रोडमैप, जानिए किसको क्या मिला?

1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में साल 2026-27 का बजट पेश किया। ये बजट खास इसलिए भी है क्योंकि ये कर्तव्य भवन में तैयार होने वाला पहला बजट है। माघ पूर्णिमा और संत रविदास जी की जयंती के शुभ दिन पेश किए गए इस बजट में सरकार ने तीन बड़े लक्ष्य रखे हैं।

 

वित्त मंत्री ने कहा कि ये बजट युवाओं की ताकत पर बना है और इसमें गरीब, पिछड़े और वंचित लोगों का खास ख्याल रखा गया है। सरकार का मकसद साफ है – देश को विकसित भारत बनाना है और इसके लिए सबको साथ लेकर चलना है।

तीन बड़े काम जो सरकार ने तय किए

 

पहला काम: अर्थव्यवस्था को रफ्तार देना

सरकार चाहती है कि देश की इकॉनमी और तेजी से बढ़े। इसके लिए जरूरी है कि उत्पादन बढ़े, कंपनियां आगे बढ़ें और दुनिया में जो भी उतार-चढ़ाव आए, उसका सामना करने की ताकत हो। दुनियाभर में व्यापार को लेकर जो दिक्कतें आई हैं, उनके बावजूद भारत अपनी मेहनत और नई सोच के दम पर आगे बढ़ेगा।

 

दूसरा काम: लोगों के सपने पूरे करना

लोगों की क्या चाहत है, क्या उम्मीदें हैं – इन्हें पूरा करना और उन्हें काबिल बनाना दूसरा बड़ा लक्ष्य है। इसमें अच्छी पढ़ाई, बेहतर सेहत की सुविधा, हुनर सिखाना और नौकरियां देना शामिल है। युवाओं को मौके मिलें और महिलाएं आर्थिक तौर पर मजबूत बनें – ये सरकार की प्राथमिकता है।

 

तीसरा काम: हर किसी का साथ, हर किसी का विकास

तीसरा काम ये सुनिश्चित करना है कि विकास की बारिश हर घर, हर इलाके और हर समुदाय तक पहुंचे। सुविधाओं तक पहुंच हो, संसाधन मिलें और सबको आगे बढ़ने का मौका मिले। खासकर पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों के विकास पर खास फोकस है।

 

350 से ज्यादा सुधार हुए, काम आसान होगा

प्रधानमंत्री ने पिछले साल 15 अगस्त को जो ऐलान किया था, उसके बाद सरकार ने 350 से ज्यादा सुधार किए हैं। जीएसटी को आसान बनाया गया, लेबर कानूनों में बदलाव किए गए और क्वालिटी से जुड़े नियमों को सरल किया गया।

 

अब कमेटियां बनाई गई हैं जो देखेंगी कि कौन से नियम जरूरी नहीं हैं और उन्हें हटाया जाएगा। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम कर रही हैं ताकि बिजनेस करना और भी आसान हो जाए। इससे निवेश बढ़ेगा और इंडस्ट्री को फायदा होगा।

 

देश में बनेंगी और ज्यादा चीजें, रोजगार बढ़ेगा

 

दवा बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्लान

भारत को दवा बनाने का बड़ा सेंटर बनाने के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये की स्कीम शुरू की है। इसका नाम है बायोफार्मा शक्ति। इससे अगले पांच साल में बायोलॉजिक दवाएं और बायोसिमिलर दवाएं भारत में ही बनेंगी।

 

इस स्कीम के तहत तीन नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (एनआईपीईआर) खुलेंगे और सात मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही 1000 क्लिनिकल ट्रायल सेंटर बनाए जाएंगे जहां दवाओं की टेस्टिंग होगी।

 

सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन को भी मजबूत किया जाएगा। इसमें खास वैज्ञानिक और एक्सपर्ट्स की टीम होगी जो दवाओं को जल्दी अप्रूव कर सकेगी और इंटरनेशनल स्टैंडर्ड भी बनाए रखेगी।

 

कपड़ा इंडस्ट्री के लिए पांच बड़ी योजनाएं

कपड़ा उद्योग में सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार मिलता है। इसे बढ़ावा देने के लिए सरकार ने पांच योजनाएं बनाई हैं:

  • नेशनल फाइबर स्कीम: इसमें रेशम, ऊन, जूट जैसे नेचुरल फाइबर और मानव निर्मित फाइबर बनाने पर फोकस होगा। इससे हम इन चीजों के लिए बाहर के देशों पर निर्भर नहीं रहेंगे।
  • टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एंप्लॉयमेंट स्कीम: पुराने कारखानों को मॉडर्न बनाया जाएगा। नई मशीनें और टेक्नोलॉजी के लिए पैसे दिए जाएंगे। टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन के लिए सेंटर खोले जाएंगे।
  • नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम: बुनकरों और कारीगरों की सीधे मदद होगी। सभी पुरानी स्कीम्स को एक में मिला दिया जाएगा।
  • टेक्स-इको इनिशिएटिव: पर्यावरण के अनुकूल कपड़े बनाए जाएंगे जो दुनिया में कहीं भी बिक सकें।
  • समर्थ 2.0: इंडस्ट्री और कॉलेजों के साथ मिलकर टेक्सटाइल का स्किल ट्रेनिंग सिस्टम अपग्रेड किया जाएगा।

 

छोटे बिजनेस को 10,000 करोड़ रुपये का फंड

छोटे और मझोले उद्योग यानी एमएसएमई देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इन्हें बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई डेवलपमेंट फंड बनाया गया है। इससे छोटे बिजनेस बड़े चैंपियन बन सकेंगे और उन्हें आगे बढ़ने के लिए मदद मिलेगी।

 

सड़क, रेल, बंदरगाह – इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

वित्त मंत्री ने बताया कि सरकारी खर्च काफी बढ़ा है। 2014-15 में जहां सिर्फ 2 लाख करोड़ रुपये खर्च होते थे, वहीं 2025-26 में ये 11.2 लाख करोड़ रुपये हो गए हैं। अब 2026-27 में इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा। ये पैसा सड़कें, रेलवे, पुल, बंदरगाह जैसी चीजों पर खर्च होगा।

 

सात हाई स्पीड रेल बनेंगी

पर्यावरण को नुकसान न हो, इसके लिए सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। ये शहरों को आपस में जोड़ेंगे और लोगों का सफर तेज और आरामदायक होगा:

  • मुंबई से पुणे
  • पुणे से हैदराबाद
  • हैदराबाद से बेंगलुरु
  • हैदराबाद से चेन्नई
  • चेन्नई से बेंगलुरु
  • दिल्ली से वाराणसी
  • वाराणसी से सिलीगुड़ी

 

माल ढुलाई के लिए नया फ्रेट कॉरिडोर

सामान ले जाने के लिए एक नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनेगा। ये पूरब में दानकुनी से लेकर पश्चिम में सूरत तक जाएगा। साथ ही अगले पांच साल में 20 नए वॉटरवेज यानी पानी के रास्ते शुरू किए जाएंगे।

 

इसकी शुरुआत ओड़िशा से होगी जहां नेशनल वॉटरवे-5 बनेगा। ये तालचर और अंगुल जैसे खनिज वाले इलाकों को पारादीप और धामरा बंदरगाहों से जोड़ेगा। इससे सामान ढुलाई सस्ती और आसान होगी। इस काम के लिए ट्रेनिंग सेंटर भी खोले जाएंगे।

 

शहरों को इकोनॉमिक जोन बनाया जाएगा

बड़े शहरों में अर्बन इकोनॉमिक जोन (सीईआर) बनाए जाएंगे। हर सीईआर को 5,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। ये पैसा उन शहरों को मिलेगा जो अच्छे काम करेंगे और सुधार लाएंगे। इससे शहरों की आर्थिक ताकत बढ़ेगी।

 

पढ़ाई, सेहत, खेल – लोगों को बेहतर बनाने पर जोर

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिशों से 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। अब उनके सपने पूरे करने और उन्हें काबिल बनाने की बारी है।

 

मेडिकल टूरिज्म: भारत होगा इलाज का बड़ा सेंटर

दूसरे देशों से लोग भारत आकर इलाज कराएं, इसके लिए एक नई स्कीम बनाई गई है। राज्य सरकारें प्राइवेट कंपनियों के साथ मिलकर पांच रीजनल मेडिकल सेंटर खोल सकती हैं।

 

इन सेंटर में इलाज के साथ-साथ मेडिकल पढ़ाई और रिसर्च की भी सुविधा होगी। यहां आयुर्वेद जैसे पारंपरिक इलाज भी होंगे और मॉडर्न इलाज भी। हेल्थ चेकअप, बाद की देखभाल और रिहैबिलिटेशन – सब कुछ एक ही जगह मिलेगा। इससे डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ के लिए भी नौकरियां बढ़ेंगी।

 

जानवरों के डॉक्टर बढ़ेंगे

पशु चिकित्सकों की संख्या 20,000 तक बढ़ाने के लिए लोन पर सब्सिडी दी जाएगी। इससे प्राइवेट सेक्टर में वेटेनरी कॉलेज, क्लिनिक, अस्पताल, लैब और ब्रीडिंग सेंटर खुलेंगे।

 

एनिमेशन और गेमिंग की पढ़ाई होगी

एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है। माना जा रहा है कि 2030 तक इस फील्ड में 20 लाख लोगों को नौकरी की जरूरत होगी।

 

इसके लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी, मुंबई को मदद दी जाएगी। ये संस्थान 15,000 हाई स्कूल और 500 कॉलेज में एवीजीसी लैब खोलेगा। यहां बच्चे एनिमेशन और गेम बनाना सीख सकेंगे।

 

हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल

साइंस और इंजीनियरिंग की पढ़ाई में लंबे घंटे क्लास और लैब में काम करना होता है। ये लड़कियों के लिए मुश्किल होता है। इस समस्या को हल करने के लिए हर जिले में लड़कियों के लिए एक हॉस्टल बनाया जाएगा।

 

होटल मैनेजमेंट और टूरिज्म गाइड की ट्रेनिंग

नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट को अपग्रेड करके नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनाया जाएगा। ये कॉलेज, इंडस्ट्री और सरकार के बीच कड़ी का काम करेगा।

 

साथ ही 20 टूरिस्ट प्लेस में 10,000 टूर गाइड को ट्रेनिंग दी जाएगी। आईआईएम के साथ मिलकर 12 हफ्ते का एक अच्छा कोर्स बनाया जाएगा। ये कोर्स ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से होगा।

 

खेलो इंडिया मिशन से खेल में क्रांति

खेल में टैलेंट को निखारने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू किया जाएगा। ये अगले दस साल में खेल के क्षेत्र को पूरी तरह बदल देगा। इसमें ये सब शामिल होगा:

  • ट्रेनिंग सेंटर में टैलेंट को तराशना
  • कोच और सपोर्ट स्टाफ को बेहतर बनाना
  • खेल साइंस और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
  • खेल कल्चर बढ़ाने के लिए कंपटीशन और लीग
  • खेल के लिए स्टेडियम और सुविधाएं बनाना

 

किसान, महिलाएं और पूर्वी राज्य – सबका ध्यान

सरकार चाहती है कि किसानों की आमदनी बढ़े, दिव्यांग लोग मजबूत बनें, मानसिक सेहत की देखभाल हो और पूर्वी तथा पूर्वोत्तर राज्यों का विकास हो।

 

भारत-विस्तार: खेती में एआई का इस्तेमाल

भारत-विस्तार नाम का एक एआई टूल बनाया जा रहा है। ये कई भाषाओं में काम करेगा। इससे किसान को पता चलेगा कि कौनसी फसल बोनी चाहिए, बारिश कब होगी, क्या बीमारी आ सकती है। आईसीएआर के सारे डेटा और एआई मिलकर किसान की मदद करेंगे। इससे पैदावार बढ़ेगी और नुकसान कम होगा।

 

शी-मार्ट: महिलाओं की अपनी दुकानें

लखपति दीदी प्रोग्राम काफी सफल रहा है। अब इसे आगे बढ़ाते हुए शी-मार्ट बनाए जाएंगे। ये महिला स्वयं सहायता समूहों की अपनी रिटेल दुकानें होंगी। इसके लिए फाइनेंसिंग की मदद दी जाएगी। इससे महिलाएं आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर बनेंगी।

 

मानसिक सेहत के लिए निमहांस-2

मानसिक सेहत पर सरकार गंभीर है। इसके लिए निमहांस-2 बनाया जाएगा। साथ ही रांची और तेजपुर में नेशनल मेंटल हेल्थ इंस्टीट्यूट को अपग्रेड किया जाएगा। ये टॉप लेवल के रीजनल सेंटर बनेंगे।

 

पूर्वी राज्यों का विकास

दुर्गापुर में एक बड़ा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाया जाएगा जो ईस्ट कोस्ट को कवर करेगा। पांच पूर्वी राज्यों में पांच टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाए जाएंगे। साथ ही 4000 इलेक्ट्रिक बसें भी चलाई जाएंगी।

 

अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बुद्धिस्ट सर्किट बनेगा। मंदिर और मोनेस्ट्री को संभाला जाएगा, तीर्थ यात्रियों के लिए सुविधाएं बनेंगी और सड़कें सुधारी जाएंगी।

 

टैक्स में बदलाव: आम आदमी को राहत

 

नया इनकम टैक्स एक्ट आ रहा है

अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होगा। नियम और फॉर्म आसान किए जा रहे हैं। अब आम आदमी भी बिना सीए की मदद के टैक्स भर सकेगा।

 

इससे टैक्स सिस्टम समझना आसान होगा और लोगों का झंझट कम होगा।

 

विदेश जाने पर कम टैक्स

विदेश घूमने जाने के टूर पैकेज पर अभी 5 फीसदी और 20 फीसदी टीसीएस लगता था। अब इसे घटाकर सिर्फ 2 फीसदी कर दिया गया है।

 

पढ़ाई और इलाज के लिए बाहर पैसे भेजने पर भी टीसीएस 5 फीसदी से घटकर 2 फीसदी हो गया है। इससे विदेश में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स और इलाज कराने वाले लोगों को राहत मिलेगी।

 

जुर्माना कम होगा

टैक्स असेसमेंट और पेनाल्टी को एक ही ऑर्डर में कर दिया जाएगा। पहले से पैसा जमा करने की जरूरत 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दी गई है। और ये सिर्फ मूल रकम पर ही लगेगा।

 

केस कम करने के लिए एक और सुविधा दी गई है। रीअसेसमेंट के बाद भी आप अपनी रिटर्न अपडेट कर सकते हैं। बस उस साल की रेट से 10 फीसदी ज्यादा टैक्स देना होगा।

 

विदेश में प्रॉपर्टी बताने की छूट

स्टूडेंट्स, युवा प्रोफेशनल, टेक्निकल वर्कर और एनआरआई जो बाहर रहते हैं – उनके लिए 6 महीने की विदेशी एसेट डिक्लेरेशन स्कीम आएगी। अगर आपकी प्रॉपर्टी या इनकम एक लिमिट से कम है तो उसे बता सकते हैं।

 

आईटी इंडस्ट्री को फायदा

आईटी सेक्टर देश की ग्रोथ में बहुत बड़ा रोल निभाता है। इसे बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग आईटी सर्विसेज को एक कैटेगरी में रख दिया गया है। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आईटी सर्विसेज, केपीओ और आर एंड डी – सबके लिए 15.5 फीसदी का एक समान सेफ हार्बर मार्जिन होगा।

 

आईटी सर्विसेज के लिए सेफ हार्बर पाने की लिमिट 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये कर दी गई है। ये ऑटोमेटिक अप्रूव हो जाएगा और एक बार लेने के बाद 5 साल तक चलता रहेगा।

 

विदेशी कंपनियों को छूट

जो विदेशी कंपनी भारत के डेटा सेंटर यूज करके दुनियाभर में क्लाउड सर्विस देती है, उसे साल 2047 तक टैक्स छूट मिलेगी। अगर डेटा सेंटर रिलेटेड कंपनी है तो कॉस्ट पर 15 फीसदी का सेफ हार्बर भी मिलेगा।

 

इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने के लिए बॉन्डेड वेयरहाउस में कंपोनेंट रखने पर विदेशी कंपनियों को इनवॉइस वैल्यू के 2 फीसदी प्रॉफिट मार्जिन पर सेफ हार्बर मिलेगा। इससे करीब 0.7 फीसदी टैक्स ही बनेगा जो दूसरे देशों से बहुत कम है।

 

टोल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए जो विदेशी बॉन्डेड एरिया में किसी टोल मैन्युफैक्चरर को कैपिटल गुड्स देता है, उसे 5 साल के लिए इनकम टैक्स से छूट मिलेगी। विदेशी एक्सपर्ट्स को भारत में आने के लिए भी 5 साल तक उनकी ग्लोबल इनकम पर छूट दी जाएगी।

 

कस्टम ड्यूटी में बदलाव: आयात-निर्यात आसान होगा

लोगों की जिंदगी आसान बनाने के लिए पर्सनल यूज के सामान पर टैरिफ रेट 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया गया है। 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी छूट मिलेगी।

 

इलाज में यूज होने वाली दवाओं और स्पेशल मेडिकल फूड के पर्सनल इंपोर्ट पर 7 और रेयर डिजीज को ड्यूटी फ्री लिस्ट में जोड़ा गया है। इससे गंभीर बीमारी वाले मरीजों के परिवार पर खर्च का बोझ कम होगा।

 

कस्टम क्लीयरेंस तेज होगी

सामान की आवाजाही आसान और तेज हो, इसके लिए कस्टम में कम से कम दखलअंदाजी होगी। टियर-2 और टियर-3 ऑथराइज्ड इकोनॉमिक ऑपरेटर्स (एईओ) के लिए ड्यूटी पेमेंट का टाइम 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दिया गया है। मैन्युफैक्चरर-इंपोर्टर को भी यही सुविधा मिलेगी।

 

कस्टम पर बाइंडिंग एडवांस रूलिंग की वैलिडिटी 3 साल से बढ़ाकर 5 साल की गई है। सरकारी एजेंसियों को अपने कार्गो के लिए प्राथमिकता पाने के लिए एईओ सर्टिफिकेशन लेने को कहा जाएगा।

 

कस्टम वेयरहाउस सिस्टम को बदला जा रहा है। अब ये वेयरहाउस ऑपरेटर के हिसाब से चलेगा। सेल्फ डिक्लेरेशन होगी, इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग होगी और रिस्क बेस्ड ऑडिट होगा।

 

सिंगल डिजिटल विंडो से सब एक जगह

अलग-अलग सरकारी एजेंसियों से कार्गो क्लीयरेंस के लिए अप्रूवल लेना पड़ता है। अब इस फाइनेंशियल ईयर के आखिर तक सब कुछ एक सिंगल डिजिटल विंडो पर होगा। जिन चीजों के लिए कोई खास अप्रूवल नहीं चाहिए, उन्हें इंपोर्टर के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के तुरंत बाद क्लीयर कर दिया जाएगा।

 

सभी कस्टम काम के लिए एक ही प्लेटफॉर्म बनाया जा रहा है – कस्टम इंटीग्रेटेड सिस्टम (सीआईएस)। ये 2 साल में शुरू हो जाएगा। सभी बड़े पोर्ट पर नॉन इंट्रूसिव स्कैनिंग और एआई टेक्नोलॉजी से हर कंटेनर को स्कैन किया जाएगा।

 

मछली पकड़ने और निर्यात को बढ़ावा

स्पेशल इकोनॉमिक जोन या बीच समुद्र में भारतीय नाव से पकड़ी गई मछली को ड्यूटी फ्री कर दिया गया है। विदेशी पोर्ट पर इस मछली को उतारना एक्सपोर्ट माना जाएगा।

 

छोटे बिजनेस, कारीगर और स्टार्टअप को सपोर्ट करने के लिए कुरियर एक्सपोर्ट की प्रति शिपमेंट 10 लाख रुपये की लिमिट को पूरी तरह हटा दिया गया है। अब कितने भी वैल्यू का सामान कुरियर से भेज सकते हैं।

 

इंटरनेशनल ट्रैवलर्स को राहत

विदेश से आते वक्त सामान लाने के नियमों में बदलाव किया जा रहा है। नए नियमों में ड्यूटी फ्री अलाउंस बढ़ेगा। ईमानदार टैक्सपेयर जो सारी बकाया चुकाकर केस क्लोज करना चाहते हैं, वो पेनाल्टी की जगह एक्स्ट्रा राशि देकर ये कर सकेंगे।

 

सहकारी समितियों को फायदा

दूध, तेल के बीज, फल या सब्जियां सप्लाई करने वाली प्राइमरी को-ऑपरेटिव सोसाइटी को पहले से टैक्स में छूट मिलती थी। अब इसे जानवरों के चारे और कपास के बीज तक बढ़ा दिया गया है।

 

नई टैक्स सिस्टम में इंटर-को-ऑपरेटिव सोसाइटी डिविडेंड इनकम को मेंबर्स में आगे बांटने की हद तक डिडक्शन मिलेगा। किसी नोटिफाइड नेशनल को-ऑपरेटिव फेडरेशन ने 31 जनवरी 2026 तक कंपनियों में जो निवेश किया है, उससे मिलने वाली डिविडेंड इनकम पर 3 साल के लिए छूट है। लेकिन ये तभी मिलेगी जब डिविडेंड मेंबर सोसाइटी में आगे बांटा जाए।

 

बजट के आंकड़े: कर्ज घटेगा, विकास बढ़ेगा

 

कर्ज का अनुपात कम हो रहा है

कर्ज और जीडीपी का रेशियो 2025-26 के रिवाइज्ड एस्टिमेट में 56.1 फीसदी था। अब 2026-27 के बजट एस्टिमेट में ये 55.6 फीसदी रहने का अनुमान है। कर्ज कम होने से इंटरेस्ट पेमेंट पर खर्च घटेगा और दूसरे जरूरी कामों के लिए पैसा बचेगा।

 

2025-26 के रिवाइज्ड एस्टिमेट में फिस्कल डेफिसिट जीडीपी का 4.4 फीसदी है। 2026-27 के बजट एस्टिमेट में ये 4.3 फीसदी रहेगा। ये दिखाता है कि सरकार खर्च पर कंट्रोल रख रही है।

 

2025-26 के आंकड़े

नॉन-डेट रिसीट्स का रिवाइज्ड एस्टिमेट 34 लाख करोड़ रुपये है। इसमें से सेंटर की नेट टैक्स रिसीट 26.7 लाख करोड़ रुपये है। कुल खर्च का रिवाइज्ड एस्टिमेट 49.6 लाख करोड़ रुपये है। इसमें से कैपिटल एक्सपेंडिचर करीब 11 लाख करोड़ रुपये है।

 

2026-27 के आंकड़े

साल 2026-27 में नॉन-डेट रिसीट्स और टोटल एक्सपेंडिचर का अनुमान क्रमशः 36.5 लाख करोड़ रुपये और 53.5 लाख करोड़ रुपये है। सेंटर की नेट टैक्स रिसीट 28.7 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

 

फिस्कल डेफिसिट के लिए डेटेड सिक्योरिटीज से नेट मार्केट बॉरोइंग 11.7 लाख करोड़ रुपये होगी। बाकी पैसा स्मॉल सेविंग्स और दूसरे सोर्स से आएगा। ग्रॉस मार्केट बॉरोइंग 17.2 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

 

और भी कुछ खास बातें

 

डिफेंस और एविएशन सेक्टर

सिविल और डिफेंस एविएशन में सिविलियन, ट्रेनिंग और दूसरे एयरक्राफ्ट बनाने के लिए जरूरी कंपोनेंट और पार्ट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट मिलेगी। डिफेंस सेक्टर यूनिट जो एयरक्राफ्ट का मेंटेनेंस, रिपेयर या ओवरहॉल करती हैं, उनके लिए इंपोर्ट किए गए रॉ मटेरियल पर भी छूट होगी।

 

स्पेशल इकोनॉमिक जोन को सुविधा

वन-टाइम मेजर के तौर पर एसईजेड में जो एलिजिबल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट हैं, वो रियायती ड्यूटी रेट पर डोमेस्टिक टैरिफ एरिया (डीटीए) में माल बेच सकेंगे।

 

बैटरी और जरूरी मिनरल

बैटरी के लिथियम आयन सेल बनाने में यूज होने वाले कैपिटल गुड्स पर मिलने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी छूट को आगे बढ़ाया जाएगा। क्रिटिकल मिनरल की प्रोसेसिंग के लिए जरूरी कैपिटल गुड्स के इंपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी जाएगी।

 

ये कदम भारत को इलेक्ट्रिक व्हीकल और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगे।

 

फ्यूचर ट्रेडिंग पर टैक्स

फ्यूचर डील पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) को अभी के 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी करने का प्रस्ताव है। इससे फ्यूचर मार्केट में ज्यादा स्पेकुलेशन पर कंट्रोल रहेगा।

 

अब जानिए किसको किया मिला?

 

कृषक

  • ग्रामीण क्षेत्रों में एक जनपद-एक उत्पाद कार्यक्रम को सशक्त बनाया जाएगा। उत्पादन, प्रशिक्षण और बाजार का विस्तार होगा।
  • खादी और हथकरघा के संवर्धन हेतु महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का आरंभ होगा।
  • तटीय इलाकों के कृषकों के लिए नारियल प्रोत्साहन योजना लाई जाएगी।
  • बादाम व अखरोट की उपज बढ़ाने हेतु सहायता प्रदान की जाएगी।
  • नारियल उत्पादक राज्यों में अनुपयोगी वृक्षों के स्थान पर नवीन प्रजाति के पौधे रोपे जाएंगे।
  • 2030 तक काजू व कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड के रूप में स्थापित करने हेतु सहायता।
  • चंदन के वृक्षों व लकड़ी के लिए विशिष्ट कार्यक्रम।
  • रेशम, ऊन व जूट तंतुओं में आत्मनिर्भरता हेतु राष्ट्रीय तंतु योजना प्रारंभ होगी।
  • पारंपरिक समूहों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार कार्यक्रम आएगा।
  • बुनकरों व शिल्पकारों की सहायता हेतु राष्ट्रीय हथकरघा व हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे।
  • कृषकों के लिए एआई साधन – भारत-विस्तार कार्यक्रम का आरंभ होगा। यह कृषकों की उत्पादकता में वृद्धि करेगा।
  • मत्स्य पालन हेतु 500 जलाशयों व अमृत सरोवरों का समेकित विकास किया जाएगा।
  • तटवर्ती क्षेत्रों में मत्स्य पालन मूल्य श्रृंखला को मजबूती दी जाएगी।
  • पशुपालन क्षेत्र के लिए ऋण-आधारित अनुदान कार्यक्रम प्रारंभ होंगे।
  • पशुधन उद्यमों का संवर्धन व आधुनिकीकरण होगा।
  • पशुधन कृषक उत्पादक संगठनों को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

 

व्यवसायी

  • भावी चैंपियन तैयार करने हेतु 10,000 करोड़ रुपये का एमएसएमई विकास कोष बनेगा।
  • देश में विशाल वस्त्र पार्क स्थापित किए जाएंगे।
  • एमएसएमई से सरकारी खरीद में वृद्धि की जाएगी।
  • वस्त्र क्षेत्र हेतु 3 योजनाएं – राष्ट्रीय तंतु योजना, मानव निर्मित तंतु और उन्नत तंतु आएंगी।
  • राष्ट्रीय हथकरघा नीति से शिल्पकारों को प्रोत्साहन व सहायता मिलेगी।
  • निजी विकासकर्ताओं को अवसंरचना जोखिम गारंटी कोष – सरकार आंशिक गारंटी देगी।
  • अचल संपत्ति क्षेत्र में पुनर्चक्रण हेतु योजना।
  • आत्मनिर्भर भारत कोष – सूक्ष्म उद्यमों को सहायता।
  • तरलता समर्थन हेतु लेनदेन निपटान कार्यक्रम, ऋण गारंटी समर्थन तंत्र, जीईएम को व्यापार से जोड़ना, परिसंपत्ति आधारित प्रतिभूति।
  • व्यावसायिक समर्थन – लघु अवधि मॉड्यूलर पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे। टियर-2 व 3 तक प्रशिक्षण मिलेगा।
  • वाराणसी व पटना में आंतरिक जलमार्ग विकसित किए जाएंगे।
  • देश में एम्स स्तर के 5 नवीन आयुर्वेद संस्थान निर्मित होंगे।
  • गुणवत्तायुक्त आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा।
  • आयुर्वेदिक औषधियों की जांच हेतु राष्ट्रीय प्रयोगशाला बनाई जाएगी।
  • जामनगर में डब्ल्यूएचओ की सहायता से परंपरागत चिकित्सा केंद्र खोला जाएगा।
  • शेयर बाजार से संबंधित प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) को 02% से बढ़ाकर 0.05% किया गया।

 

मध्यम वर्ग

  • 2026 के बजट में आयकर स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं।
  • संशोधित रिटर्न दाखिल करने हेतु 3 माह का अतिरिक्त समय दिया।
  • अब 31 दिसंबर के स्थान पर 31 मार्च तक संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
  • मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के निर्णय से प्राप्त ब्याज कर मुक्त होगा।
  • मोबाइल, ईवी स्कूटर, ईवी वाहन और सौर ऊर्जा से संबंधित वस्तुएं सस्ती होंगी।
  • कुरियर से सामान भेजना किफायती होगा।
  • कैंसर की 17 औषधियां सस्ती होंगी, सीमा शुल्क नहीं लगेगा।
  • 7 दुर्लभ रोगों हेतु विदेश से मंगाई जाने वाली औषधियां भी किफायती होंगी।
  • 5 लाख से अधिक जनसंख्या वाले टियर-2 व 3 के नगरों के विकास हेतु 2 लाख करोड़।
  • अमृत योजना में टियर 2 व टियर 3 नगरों में अवसंरचना का विकास त्वरित होगा।
  • विशाल औद्योगिक गलियारे के निकट टाउनशिप विकसित होंगी।
  • बड़े नगरों में उच्च मूल्य के नगरपालिका बॉन्ड को बढ़ावा देने पर बल होगा।
  • लघु-मध्यम कस्बों हेतु 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड वाली अमृत योजना जारी रहेगी।
  • शेयर बाजार से संबंधित प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) को 02% से बढ़ाकर 0.05% किया गया।

 

नौकरीपेशा

  • बजट में आयकर में कोई नवीन छूट नहीं। समस्त स्लैब में कोई परिवर्तन नहीं।
  • नवीन आयकर अधिनियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। सरल प्रपत्र मिलेगा।
  • संशोधित रिटर्न दाखिल करने हेतु 3 माह का अतिरिक्त समय दिया।
  • अब 31 दिसंबर के स्थान पर 31 मार्च तक संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
  • मोबाइल, ईवी स्कूटर, ईवी वाहन और सौर ऊर्जा से संबंधित वस्तुएं सस्ती होंगी।
  • मोटर दुर्घटना दावे की राशि को आयकर से छूट।
  • शिक्षा व उपचार हेतु विदेश धन भेजने पर अब न्यून स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) लगेगा।
  • विदेशी पर्यटन पैकेज पर टीसीएस दर घटाकर 2% की गई है।
  • कर्मचारी भर्ती सेवा पर 1 से 2% कर।
  • अचल संपत्ति विक्रय पर टीडीएस हेतु टैन के स्थान पर पैन आधारित चालान भरना होगा।
  • विदेशों में आय की घोषणा हेतु – एकमुश्त छह माह विदेशी परिसंपत्ति प्रकटीकरण योजना।
  • एनआरआई को विदेश में अर्जित राशि भारत में निवेश पर 5 वर्ष हेतु आयकर में राहत, शर्तों सहित।
  • शेयर बाजार से संबंधित प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) 02% से बढ़ाकर 0.05% किया गया।
  • भारत में पांच वर्ष निवास करने वाले विदेशियों की देश से बाहर की गई आय कर-मुक्त।

 

युवा

  • युवाओं को एआई के क्षेत्र में विशिष्ट प्रोत्साहन दिया जाएगा।
  • एआई साधन – भारत-विस्तार कार्यक्रम का आरंभ होगा।
  • कैरियर मार्ग उपलब्ध कराने हेतु योजना।
  • राष्ट्रीय गंतव्य डिजिटल ज्ञान ग्रिड स्थापित होगी।
  • गेमिंग, कॉमिक जैसे क्षेत्र में 2030 तक 20 लाख विशेषज्ञों की आवश्यकता होगी।
  • एवीजीसी कंटेंट निर्माता प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी। पूर्वी भारत में नवीन राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना होगी।
  • पांच वर्षों में एक लाख विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवा पेशेवर तैयार होंगे।
  • 5 लाख देखभालकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • स्वास्थ्य पेशेवर तैयार करने वाले संस्थानों को उन्नत किया जाएगा।
  • रेडियोलॉजी, एनेस्थीशिया जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
  • 800 जनपदों में बालिकाओं हेतु छात्रावास निर्मित होंगे। प्रत्येक जनपद में एक छात्रावास बनाया जाएगा।
  • 15,000 मध्य विद्यालयों व 500 महाविद्यालयों में एवीजीसी कंटेंट निर्माता प्रयोगशालाएं बनेंगी।
  • 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10 हजार पथप्रदर्शकों के कौशल वर्धन की योजना प्रारंभ होगी।
  • खेलो इंडिया अभियान की स्थापना होगी। नवीन प्रशिक्षण केंद्र निर्मित होंगे।
  • हिमाचल, उत्तराखंड व जम्मू कश्मीर, अराक्कू घाटी में पर्वतीय पगडंडियां बनेंगी।
  • ओडिशा, कर्नाटक, केरल में कछुआ पगडंडियां बनेंगी।

 

कॉर्पोरेट

  • देश का रक्षा बजट 81 लाख करोड़ से बढ़ाकर 7.8 लाख करोड़ रुपए किया गया।
  • 7 उच्च गति रेल गलियारे बनेंगे – मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी, वाराणसी से सिलीगुड़ी।
  • ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु में दुर्लभ-खनिज गलियारे स्थापित किए जाएंगे।
  • 10,000 करोड़ रुपए के निवेश सहित ‘जैव-औषधि शक्ति’ योजना प्रारंभ होगी, तीन नवीन संस्थान खुलेंगे।
  • वैज्ञानिक समीक्षा हेतु 1000 से अधिक नैदानिक स्थल बनाए जाएंगे।
  • अर्धचालक मिशन – उत्पादन व भारतीय आईपी निर्माण, आपूर्ति श्रृंखला बनाने हेतु प्रावधान।
  • चिप विनिर्माण के लिए भारत अपना अर्धचालक मिशन आईएसएम 0 लॉन्च करेगा।
  • मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स पुर्जों हेतु बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपए किया गया।
  • निजी विकासकर्ताओं को अवसंरचना जोखिम गारंटी कोष – सरकार आंशिक गारंटी देगी।
  • माल समर्पित रेल गलियारा – पूर्व में दंकुनी से पश्चिम में सूरत तक – बंदरगाह जोड़ने हेतु भी योजना।
  • विदेशों में आय की घोषणा हेतु – एकमुश्त छह माह विदेशी परिसंपत्ति प्रकटीकरण योजना।
  • ऋणदाताओं को आंशिक ऋण गारंटी हेतु अवसंरचना जोखिम गारंटी कोष बनेगा।
  • भारत में निर्मित डेटा केंद्र उपयोग करने वाली विदेशी क्लाउड कंपनियों को 2047 तक कर में छूट।
  • देशभर में 4000 नवीन ई-बसें संचालित होंगी।
  • देश में जल-विमान बनाने वालों को समर्थन दिया जाएगा।
  • अचल संपत्ति क्षेत्र में पुनर्चक्रण हेतु योजना।

 

महिलाएं

  • लखपति दीदी कार्यक्रम – स्व-सहायता उद्यमियों को नवीन वित्तपोषण के माध्यम से सहायता मिलेगी।
  • ग्रामीण महिला उद्यमों हेतु स्व-सहायता उद्यम अर्थात शी-मार्ट्स का आरंभ होगा।

 

बुजुर्ग

  • 7 गंभीर रोगों की औषधियां किफायती होंगी। मधुमेह, कैंसर की 17 औषधियों के मूल्य घटेंगे।
  • देश में एम्स स्तर के 3 नवीन आयुर्वेद संस्थान निर्मित होंगे।
  • प्रधानमंत्री दिव्यांग केंद्रों को और सशक्त किया जाएगा।
  • दिव्यांग सहारा योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण व समर्थन मिलेगा।
  • मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए निमहांस 0 की स्थापना होगी।
  • पूर्वोत्तर के 5 राज्यों – अरुणाचल, असम, सिक्किम, मिजोरम व त्रिपुरा में नवीन बौद्ध सर्किट बनेंगे।
  • भारतीय योग को विश्वभर में प्रसारित करने हेतु प्रोत्साहन दिया जाएगा, गुणवत्तायुक्त आयुर्वेदिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

 

निष्कर्ष:

बजट 2026-27 एक बैलेंस्ड बजट है जो सबका ध्यान रखता है। चाहे युवा हों, किसान हों, महिलाएं हों, स्टूडेंट्स हों, बिजनेसमैन हों या आम नागरिक – सबके लिए कुछ न कुछ है।

 

350 से ज्यादा सुधारों से बिजनेस करना आसान होगा। दवा, कपड़ा, छोटे बिजनेस जैसे सेक्टर में स्पेशल फोकस से रोजगार बढ़ेगा। हाई स्पीड रेल, फ्रेट कॉरिडोर और वॉटरवेज से कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

 

पढ़ाई, सेहत, खेल और टूरिज्म में किए गए प्रावधान लोगों को बेहतर बनाएंगे। किसानों की आय बढ़ेगी, महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी और मानसिक सेहत का ख्याल रखा जाएगा।

 

टैक्स सिस्टम आसान हुआ है, कस्टम में सुधार हुए हैं और बिजनेस के लिए नई सुविधाएं दी गई हैं। खर्च पर कंट्रोल रखते हुए विकास पर फोकस है।

 

दुनिया में चाहे कुछ भी हो, भारत अपनी मेहनत, युवा ताकत और नए आइडिया से आगे बढ़ेगा। ये बजट न सिर्फ आज की जरूरतों को पूरा करता है बल्कि कल के लिए भी मजबूत नींव रखता है।

 

सबका साथ, सबका विकास के मूल मंत्र के साथ ये बजट हर भारतीय को देश बनाने में भागीदार बनाता है। कर्तव्य भवन से निकला ये बजट विकसित भारत के सपने को पूरा करने का रोडमैप है।