बड़े प्रोजेक्ट से बाहर हुई दिग्गज डिफेंस कंपनी HAL, शेयर बाजार में भूचाल, टेंशन मे निवेशक

भारत के रक्षा क्षेत्र में एक अहम घटनाक्रम के बाद सरकारी रक्षा कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। बुधवार को शेयर बाजार में HAL का शेयर करीब 8 प्रतिशत टूट गया। इसकी मुख्य वजह यह खबर रही कि भारत के बहुप्रतीक्षित एडवांस्ड मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कार्यक्रम के लिए HAL को शॉर्टलिस्ट नहीं किया गया है।

 

यह फैसला केवल शेयर बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की रक्षा उत्पादन नीति, सार्वजनिक-निजी साझेदारी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हो रहे बदलावों को भी दर्शाता है।

 

AMCA कार्यक्रम क्या है और यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

AMCA भारत का पांचवीं पीढ़ी का स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट प्रोजेक्ट है। इसका उद्देश्य भारतीय वायुसेना को भविष्य की युद्ध आवश्यकताओं के अनुरूप अत्याधुनिक लड़ाकू विमान उपलब्ध कराना है।
यह विमान रडार से बचने की क्षमता, सुपरक्रूज़, अत्याधुनिक एवियोनिक्स और मल्टीरोल ऑपरेशन्स जैसी विशेषताओं से लैस होगा।

 

अब तक HAL को भारत का प्रमुख लड़ाकू विमान निर्माता माना जाता रहा है। तेजस जैसे विमानों के निर्माण में HAL की भूमिका केंद्रीय रही है। ऐसे में AMCA जैसे रणनीतिक प्रोजेक्ट से HAL का बाहर होना ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है।

Defense giant HAL pulled out of a major project

HAL को शॉर्टलिस्ट न किए जाने का कारण

रक्षा मंत्रालय के तहत एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ने AMCA के लिए इंडस्ट्री पार्टनरशिप मॉडल अपनाया है। इसके तहत सार्वजनिक और निजी

दोनों क्षेत्रों को समान अवसर दिए गए। इस मॉडल में चयन के लिए कुछ कठोर शर्तें रखी गईं, जैसे-

  • आठ वर्षों के भीतर डिजाइन, प्रोटोटाइप, परीक्षण और प्रमाणन की क्षमता
  • बड़े पैमाने पर सीरियल मैन्युफैक्चरिंग के लिए आधुनिक उत्पादन सुविधाएं
  • निजी पूंजी और तकनीकी साझेदारी जुटाने की योग्यता

माना जा रहा है कि HAL की पारंपरिक कार्यप्रणाली, समयसीमा को लेकर पिछला रिकॉर्ड और भारी नौकरशाही ढांचा इस प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया में उसके खिलाफ गया।

 

निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका

AMCA के लिए जिन कंपनियों या कंसोर्टियम को मौका मिला है, उनमें टाटा, अडानी, एलएंडटी, भारत फोर्ज जैसी निजी कंपनियां शामिल हैं।
यह बदलाव दर्शाता है कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में केवल सार्वजनिक उपक्रमों पर निर्भर नहीं रहना चाहता। निजी कंपनियों को शामिल कर सरकार-

  • प्रतिस्पर्धा बढ़ाना चाहती है
  • लागत और समय दोनों पर नियंत्रण चाहती है
  • वैश्विक तकनीक और निवेश आकर्षित करना चाहती है

यह नीति रक्षा क्षेत्र में “सरकार से सरकार” मॉडल से आगे बढ़कर “उद्योग-नेतृत्व” मॉडल की ओर इशारा करती है।

HAL के AMCA से बाहर होने का सीधा असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा है। AMCA एक दीर्घकालिक और उच्च मूल्य वाला प्रोजेक्ट है। इससे बाहर होने का मतलब है-

  • भविष्य की स्थिर आय का एक बड़ा अवसर खोना
  • निजी कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा में दबाव बढ़ना
  • रणनीतिक महत्व वाले प्रोजेक्ट्स में एकाधिकार का अंत

हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि HAL अभी भी भारत की सबसे बड़ी रक्षा विनिर्माण कंपनी है और उसके पास हेलिकॉप्टर, इंजन, अपग्रेड और रखरखाव जैसे कई मजबूत सेगमेंट मौजूद हैं।

शेयर बाजार की प्रतिक्रिया और तकनीकी स्थिति

AMCA से जुड़ी खबर के बाद HAL का शेयर एक ही दिन में 8 प्रतिशत गिर गया। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार-

  • शेयर पिछले कुछ हफ्तों से दबाव में है
  • 4,000 रुपये का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है
  • 4,500 रुपये के ऊपर स्थायी ब्रेकआउट के बिना नई तेजी की संभावना कम है

हालांकि, लंबी अवधि में HAL ने पिछले पांच वर्षों में मल्टीबैगर रिटर्न दिया है, जिससे यह स्पष्ट है कि निवेशक इसे अभी पूरी तरह नकार नहीं रहे हैं।

आत्मनिर्भर भारत और रक्षा नीति में बदलाव

HAL को बाहर करने का फैसला यह संकेत देता है कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब अब केवल सरकारी कंपनियों को बढ़ावा देना नहीं है।
नई नीति का फोकस है-

  • घरेलू क्षमता का विस्तार
  • निजी निवेश और नवाचार
  • वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिकाऊ मॉडल

यह दृष्टिकोण लंबे समय में भारत को रक्षा निर्यातक देश बनाने की दिशा में सहायक हो सकता है।

निष्कर्ष:

AMCA कार्यक्रम से HAL का बाहर होना निस्संदेह कंपनी के लिए एक झटका है, लेकिन यह भारत की रक्षा औद्योगिक नीति में एक बड़े संरचनात्मक बदलाव का प्रतीक भी है।

यह कदम दर्शाता है कि सरकार अब दक्षता, समयबद्धता और प्रतिस्पर्धा को प्राथमिकता दे रही है, चाहे वह सार्वजनिक क्षेत्र हो या निजी।
HAL के लिए यह आत्ममंथन और सुधार का अवसर है, जबकि भारत के लिए यह रक्षा क्षेत्र में नए युग की शुरुआत का संकेत हो सकता है।

UPSC प्रीलिम्स प्रश्न

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. AMCA भारत का पांचवीं पीढ़ी का स्वदेशी स्टील्थ फाइटर विमान कार्यक्रम है।
  2. AMCA कार्यक्रम में केवल सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को भाग लेने की अनुमति है।
  3. HAL को AMCA कार्यक्रम के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया गया है।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 1 और 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3

 

UPSC मेंस प्रश्न

“भारत के रक्षा उत्पादन क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी साझेदारी का विस्तार आत्मनिर्भर भारत की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।”


AMCA कार्यक्रम में HAL की भूमिका और निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी के संदर्भ में इस कथन की आलोचनात्मक समीक्षा कीजिए।