AI की एक घोषणा और हिल गया वैश्विक बाजार: एंथ्रोपिक के कदम से 285 अरब डॉलर स्वाहा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीक की दुनिया तक सीमित नहीं रही। जनवरी के अंत में अमेरिकी AI कंपनी एंथ्रोपिक की एक घोषणा ने यह दिखा दिया कि अब एक सॉफ्टवेयर अपडेट भी वैश्विक शेयर बाजारों में उथल-पुथल मचा सकता है। महज़ एक कारोबारी दिन में टेक्नोलॉजी, लीगल टेक, डेटा एनालिटिक्स और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर से जुड़े शेयरों का संयुक्त मूल्य लगभग 285 अरब डॉलर घट गया।

 

इस अचानक आई गिरावट को निवेशक और ब्रोकरेज हाउस अब एक नए नाम से बुला रहे हैं- “SaaSपोकेलिप्स”, यानी सॉफ्टवेयर-एज़-ए-सर्विस कंपनियों के लिए कयामत जैसा दृश्य।

 

एक AI टूल जिसने डर पैदा कर दिया

30 जनवरी को एंथ्रोपिक ने अपने नए एजेंटिक AI सहायक “क्लॉड कोवर्क” और उसके साथ 11 विशेष प्लगइन्स पेश किए। ये प्लगइन्स अलग-अलग पेशेवर जरूरतों के अनुसार बनाए गए हैं और रोजमर्रा के कॉर्पोरेट कामों को स्वचालित करने में सक्षम हैं।

 

हालांकि सभी प्लगइन्स पर ध्यान गया, लेकिन कानूनी कामों के लिए बनाए गए एक प्लगइन ने बाजार में सबसे ज्यादा बेचैनी फैलाई। निवेशकों को आशंका हुई कि यह टूल उन सॉफ्टवेयर कंपनियों के अस्तित्व पर सवाल खड़ा कर सकता है, जिनका पूरा कारोबार लीगल रिसर्च, डॉक्यूमेंट रिव्यू और डेटा सेवाओं पर टिका है।

Anthropic move wipes out $285 billion

क्या है क्लॉड कोवर्क और इसके प्लगइन्स?

क्लॉड कोवर्क को एंथ्रोपिक ने जनवरी की शुरुआत में लॉन्च किया था। यह एक ऐसा AI असिस्टेंट है जिसे खासतौर पर गैर-तकनीकी पेशेवरों के लिए तैयार किया गया है। यदि क्लॉड कोड डेवलपर्स के लिए है, तो कोवर्क वकीलों, मैनेजर्स, कंसल्टेंट्स और ऑपरेशंस टीमों के लिए।

 

यह टूल फाइलें पढ़ सकता है, फोल्डर व्यवस्थित कर सकता है, दस्तावेज़ ड्राफ्ट कर सकता है और उपयोगकर्ता की अनुमति से कई चरणों वाले कार्य खुद पूरा कर सकता है।

 

इसके साथ लॉन्च किए गए 11 प्लगइन्स कंपनियों को यह तय करने की आज़ादी देते हैं कि AI किस तरह काम करेगा-कौन सा डेटा इस्तेमाल होगा, कौन से टूल जुड़े होंगे और कौन सा वर्कफ़्लो अपने-आप चलेगा।

 

लीगल प्लगइन से क्यों घबराया बाजार?

कानूनी प्लगइन अनुबंधों की समीक्षा, NDA की छंटनी, अनुपालन जांच और कानूनी ब्रीफ तैयार करने जैसे काम कर सकता है। एंथ्रोपिक ने साफ शब्दों में कहा कि यह टूल कानूनी सलाह नहीं देता और हर आउटपुट को लाइसेंस प्राप्त वकील की समीक्षा से गुजरना चाहिए।

 

लेकिन निवेशकों को यह आश्वासन नाकाफी लगा। डर यह था कि अगर कंपनियां खुद AI से ये काम करने लगेंगी, तो उन्हें थॉमसन रॉयटर्स, लेक्सिसनेक्सिस या फैक्टसेट जैसी सेवाओं की जरूरत ही क्यों पड़ेगी?

 

API से प्लेटफॉर्म तक: असली चिंता क्या है?

विश्लेषकों के मुताबिक समस्या केवल एक लीगल टूल की नहीं है। असली संकेत यह है कि एंथ्रोपिक अब मॉडल बेचने वाली कंपनी से आगे बढ़कर वर्कफ़्लो की मालिक बनना चाहती है।

 

जब क्लॉड केवल एक API था, तब दूसरी कंपनियां उसके ऊपर अपने उत्पाद बना सकती थीं। लेकिन जैसे ही एंथ्रोपिक खुद तैयार-शुदा वर्टिकल समाधान देने लगती है, वह अपने ही ग्राहकों की प्रतिस्पर्धी बन जाती है।

 

यही बदलाव वॉल स्ट्रीट को सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है।

 

शेयर बाजार में कहां-कहां पड़ा असर?

इस डर का असर तुरंत दिखाई दिया।

  • थॉमसन रॉयटर्स के शेयर एक दिन में 15.83% गिर गए-यह उसका अब तक का सबसे बड़ा एक-दिवसीय नुकसान था
  • लीगलज़ूम करीब 19.7% टूट गया
  • लंदन की डेटा दिग्गज RELX में 14% की गिरावट दर्ज हुई

इसके बाद बिकवाली अन्य सेक्टरों में भी फैल गई। फैक्टसेट, डॉकसाइन, सेल्सफोर्स, एडोबी और सर्विसनाउ जैसे बड़े नाम भी दबाव में आ गए।

 

फाइनेंशियल फर्मों पर भी असर पड़ा। ब्लू आउल कैपिटल के शेयरों में लगभग 13% की गिरावट आई।

 

भारत तक पहुंची लहर

अमेरिकी बाजारों की कमजोरी का असर भारत तक पहुंचा।
नैस्डैक करीब 1.4% गिरा और इसके साथ ही भारतीय IT कंपनियों के ADR भी फिसले।

  • इन्फोसिस ADR में लगभग 5.5% की गिरावट
  • विप्रो के शेयर करीब 5% नीचे आए

यह संकेत था कि निवेशक AI से जुड़ी किसी भी कंपनी को लेकर फिलहाल सतर्क हो गए हैं।

 

“SaaSपोकेलिप्स” शब्द कहां से आया?

ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इस बिकवाली को “SaaSपोकेलिप्स” नाम दिया। उनके अनुसार निवेशक धारणा पूरी तरह पलट गई है।

 

पहले माना जाता था कि AI सॉफ्टवेयर कंपनियों की मदद करेगा। अब डर यह है कि AI खुद उन्हें अप्रासंगिक बना देगा।

 

जेफरीज के इक्विटी ट्रेडिंग डेस्क से जेफ्री फावुज़्ज़ा ने कहा कि बाजार में माहौल “मुझे किसी भी कीमत पर बाहर निकलना है” जैसा था।

 

क्या यह डर वाजिब है?

हर कोई इस घबराहट से सहमत नहीं है।

एनवीडिया के CEO जेंसन हुआंग ने इसे “दुनिया की सबसे अतार्किक प्रतिक्रिया” बताया। उनका कहना है कि AI मौजूदा टूल्स का इस्तेमाल करेगा, उन्हें पूरी तरह खत्म नहीं करेगा।

 

गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने भी कहा कि AI के साथ खुद को ढालने वाली कंपनियों के लिए यह दौर खतरे से ज्यादा अवसर लेकर आएगा।

 

एंथ्रोपिक की तेज रफ्तार वृद्धि

निवेशकों की चिंता की एक बड़ी वजह एंथ्रोपिक की असाधारण गति भी है।

  • क्लॉड कोड कुछ ही महीनों में 1 अरब डॉलर के वार्षिक राजस्व तक पहुंच गया
  • कंपनी कथित तौर पर 350 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर 20 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी में है
  • कोवर्क लॉन्च और प्लगइन रिलीज के बीच सिर्फ तीन हफ्तों का अंतर रहा

जहां पारंपरिक एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर कंपनियां ऐसे अपडेट में महीनों लगाती हैं, वहां एंथ्रोपिक की रफ्तार चौंकाने वाली है।

 

कानूनी AI में बढ़ती प्रतिस्पर्धा

एंथ्रोपिक अकेली नहीं है। हार्वे AI और लेगोरा जैसे स्टार्टअप पहले से इस क्षेत्र में मौजूद हैं। लेकिन फर्क यह है कि एंथ्रोपिक खुद अपने मूल AI मॉडल बनाती है।

 

इसका मतलब यह है कि वह न केवल पारंपरिक लीगल सॉफ्टवेयर कंपनियों, बल्कि उन स्टार्टअप्स को भी चुनौती दे सकती है जो उसी के मॉडल पर निर्भर हैं।

 

नौकरियों पर मंडराता सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने AI और नौकरियों को लेकर बहस को फिर हवा दे दी है।
एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि आने वाले वर्षों में AI से प्रवेश-स्तर की श्वेत-कॉलर नौकरियों पर गहरा असर पड़ सकता है।

 

हालांकि कई उद्योग नेता मानते हैं कि बदलाव जरूर आएगा, लेकिन तस्वीर इतनी भयावह नहीं होगी।

 

आगे का रास्ता क्या?

इस घटनाक्रम ने एक बात साफ कर दी है-अब केवल AI बनाना ही नहीं, बल्कि AI को कहां और कैसे तैनात किया जाता है, यही बाजार को हिला सकता है।

 

एंथ्रोपिक ने कोई क्रांतिकारी नया उत्पाद नहीं दिखाया। उसने सिर्फ यह दिखाया कि उसका AI पहले से क्या करने में सक्षम है। और यही बात निवेशकों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुई।

 

AI युग में सॉफ्टवेयर उद्योग के लिए यह एक चेतावनी भी है और एक अवसर भी-जो समय के साथ कदम मिलाएगा, वही टिक पाएगा।