भारतीय पासपोर्ट की ताकत बढ़ी, वैश्विक रैंकिंग में 75वां स्थान; 56 देशों में आसान यात्रा की सुविधा, जानिए क्या है Henley Passport Index?

भारतीय पासपोर्ट को लेकर एक सकारात्मक खबर सामने आई है। फरवरी 2026 में जारी ताजा Henley & Partners की रिपोर्ट के अनुसार भारत अब दुनिया के सबसे प्रभावशाली पासपोर्ट की सूची में 75वें स्थान पर पहुंच गया है। साल की शुरुआत में भारत 80वें नंबर पर था। यानी कुछ ही महीनों में पांच पायदान का सुधार हुआ है। अगर पिछले साल से तुलना करें तो 2025 में भारत 85वें स्थान पर था। इस तरह एक साल में कुल 10 स्थान की बढ़त दर्ज की गई है।


यह रैंकिंग Henley Passport Index के आधार पर तैयार की जाती है। इस इंडेक्स में दुनिया के करीब 200 देशों के पासपोर्ट को उनकी यात्रा सुविधा के आधार पर क्रम दिया जाता है। यह देखा जाता है कि किसी देश का पासपोर्ट रखने वाला व्यक्ति कितने देशों में बिना पहले से वीजा लिए या वीजा ऑन अराइवल की सुविधा के साथ जा सकता है। इसके लिए International Air Transport Association (IATA) के ट्रैवल डेटा का इस्तेमाल किया जाता है।


भारतीयों के लिए 56 देशों में आसान प्रवेश
नई रैंकिंग के अनुसार भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब 56 देशों में वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल या ई-वीजा की सुविधा मिलती है। इसका मतलब है कि इन देशों में जाने से पहले लंबी वीजा प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता या फिर वहां पहुंचकर वीजा मिल जाता है।


वीजा-फ्री देशों में भूटान, नेपाल, मॉरीशस, मालदीव, सेनेगल, हैती, डोमिनिका, ग्रेनेडा, सेंट किट्स एंड नेविस, सेंट विंसेंट एंड द ग्रेनेडाइंस, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, जमैका, बारबाडोस, माइक्रोनेशिया, वानुअतु और फिजी जैसे देश शामिल हैं।


वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा थाईलैंड, इंडोनेशिया, श्रीलंका, कंबोडिया, लाओस, मलेशिया, जॉर्डन, कतर, ईरान, मोजाम्बिक, जाम्बिया, तंजानिया, मेडागास्कर, बोलीविया, मकाओ (SAR), सेशेल्स, तिमोर-लेस्ते और तुवालु जैसे देशों में मिलती है।


ई-वीजा की सुविधा सिंगापुर, म्यांमार, वियतनाम, मंगोलिया, रूस, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान, आर्मेनिया, अजरबैजान, ओमान, केन्या, इथियोपिया, जिबूती, ताजिकिस्तान, साओ टोमे एंड प्रिंसिपे, मलावी, गैबॉन, इक्वाडोर, कोलंबिया, रवांडा और जिम्बाब्वे में उपलब्ध है।

75th place of Indian passport in the global ranking

पड़ोसी देशों से तुलना

दक्षिण एशिया में भारत की स्थिति कई देशों से बेहतर है। नई सूची में भूटान 83वें, म्यांमार 88वें, श्रीलंका 91वें, बांग्लादेश 93वें और नेपाल 95वें स्थान पर हैं। पाकिस्तान 97वें स्थान पर है, जबकि अफगानिस्तान 100वें स्थान पर है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की स्थिति फिलिस्तीन (91), नॉर्थ कोरिया (94) और सोमालिया (96) से भी नीचे है।

 

पहले की स्थिति और बदलाव

भारत की रैंकिंग पिछले कई सालों में ऊपर-नीचे होती रही है। साल 2006 में भारत 71वें स्थान पर था, जो अब तक की सबसे बेहतर स्थिति मानी जाती है। इसके बाद रैंकिंग में गिरावट आई और 2025 में यह 85वें स्थान तक पहुंच गई। 2026 की शुरुआत में भारत 80वें स्थान पर आया और अब 75वें नंबर पर है। इससे संकेत मिलता है कि हाल के महीनों में यात्रा संबंधी समझौतों और कूटनीतिक प्रयासों का असर दिखा है।

हालांकि, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रैंकिंग में सुधार के बावजूद वीजा-फ्री देशों की संख्या में कुछ कमी आई है। इसका कारण कई देशों की वीजा नीति में बदलाव या सख्ती हो सकता है।

 

दुनिया में किसका पासपोर्ट सबसे मजबूत

2026 की सूची में सिंगापुर पहले स्थान पर है। सिंगापुर के नागरिक 192 देशों में बिना पहले से वीजा लिए यात्रा कर सकते हैं। दूसरे स्थान पर जापान और साउथ कोरिया हैं, जहां से 187 देशों में वीजा-फ्री प्रवेश संभव है। तीसरे स्थान पर स्वीडन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) हैं, जिनके पासपोर्ट से 186 देशों में यात्रा की जा सकती है।

 

चौथे स्थान पर बेल्जियम, डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, लक्जमबर्ग, स्पेन, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड्स और नॉर्वे जैसे देश हैं। पांचवें स्थान पर ऑस्ट्रिया, ग्रीस, माल्टा और पुर्तगाल हैं। छठे से दसवें स्थान के बीच न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मलेशिया और अमेरिका शामिल हैं। अमेरिका के पासपोर्ट से 179 देशों में बिना पहले से वीजा लिए यात्रा की जा सकती है।

 

मजबूत पासपोर्ट का मतलब क्या

किसी देश का पासपोर्ट मजबूत होने का अर्थ है कि उसके नागरिकों को अधिक देशों में यात्रा के लिए कम औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं। वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल और ई-वीजा जैसी सुविधाएं यात्रा को आसान बनाती हैं। इससे पर्यटन, व्यापार, पढ़ाई और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है। यह भी माना जाता है कि मजबूत पासपोर्ट उस देश की वैश्विक छवि और भरोसे को दर्शाता है।

 

पासपोर्ट क्या होता है

पासपोर्ट सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक दस्तावेज है। यह अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान व्यक्ति की पहचान और राष्ट्रीयता की पुष्टि करता है। किसी भी देश में प्रवेश के लिए पासपोर्ट जरूरी होता है। यह पहचान पत्र के रूप में भी मान्य होता है और विदेश यात्रा के लिए अनिवार्य दस्तावेज माना जाता है।

 

भारत के लिए क्या संकेत

भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में सुधार यह दिखाता है कि भारत की वैश्विक साख मजबूत हो रही है। कई देशों के साथ बेहतर संबंध और यात्रा समझौते इसका कारण हो सकते हैं। हालांकि, अभी भी सिंगापुर, जापान और यूरोपीय देशों जैसे शीर्ष देशों की तुलना में भारत को लंबा रास्ता तय करना है।

 

फिर भी 75वें स्थान तक पहुंचना एक सकारात्मक संकेत है। इससे भारतीय नागरिकों के लिए विदेश यात्रा पहले की तुलना में आसान होगी। आने वाले समय में यदि और देशों के साथ वीजा संबंधी समझौते होते हैं, तो भारत की रैंकिंग और बेहतर हो सकती है।