2 लाख गिरी चांदी: क्या अब और सस्ती होने वाली है? आख़िर क्या कहा एक्सपर्ट्स ने

वर्ष 2026 की शुरुआत से ही चांदी ने अपने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और पहली बार इतिहास में 4 लाख रुपये प्रति किलो को भी पार कर गई। परंतु अभी के समय चांदी करीब 2 लाख रुपये प्रति किलो के हिसाब से सस्ती हो गई है। आखिर इतनी बड़ी गिरावट आने के बाद बाजार के एक्सपर्ट्स इस पर अपनी प्रतिक्रिया और अनुमान देते नजर आ रहे हैं। आइए विस्तार से समझने का प्रयास करते हैं।

 

क्या मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है

ब्रोकरेज फर्म वेंचुरा के कमोडिटी एक्सपर्ट और प्रमुख, जो अपनी एक्सपर्टीज से बाजार में जाने जाते हैं, एन. एस. रामास्वामी जी के अनुसार यह पैटर्न कोई नया नहीं है। उनका अनुमान है कि आने वाले समय में फिर तेजी देखने को मिलने वाली है। अभी के समय चीन में नव वर्ष का माहौल चल रहा है, इसी बीच बाजार उतार-चढ़ाव का सामना करता रहता है। बाजार में लिक्विडिटी बढ़ जाती है, जिस वजह से आप यहां उतार-चढ़ाव देख सकते हैं, क्योंकि फिजिकल सिल्वर की मांग भी बढ़ती हुई दिखाई दे सकती है। हालांकि अनुमान है कि फरवरी के अंतिम पड़ाव और मार्च की शुरुआत में यह तेजी वापस आ सकती है।

 

इसके अलावा बाजार की एक और शोधकर्ता रेनिशा चेनानी हैं। उनका इसको लेकर कहना है कि चांदी 70 से 90 डॉलर के बीच घूमती हुई दिखाई दे सकती है और वह यहां पर बिकवाली की रणनीति बनाने की बात ट्रेडर्स को सुझाव के रूप में देती नजर आ रही हैं।

 

इसके अलावा देखा जा सकता है कि बाजार में काफी एक्सपर्ट्स इस बात को लेकर भी परेशान हैं कि अमेरिकी ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। आने वाले भविष्य को लेकर सभी काफी असमंजस में नजर आ रहे हैं। अमेरिका-ईरान का तनाव भी इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है, जिसके कारण कुछ एक्सपर्ट्स जून 2026 में दरों में कटौती की संभावना भी जता रहे हैं।

 

2 लाख रुपये गिरी चांदी

MCX, जिसे हम मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के नाम से जानते हैं, उस पर अभी के समय चांदी करीब 2,36,602 रुपये पर ट्रेड कर रही है, जबकि यह अपना ऑल-टाइम हाई जनवरी महीने में 29 जनवरी को 4,20,000 रुपये प्रति किलो का भाव टच कर चुकी है।

 

उस कीमत से करीब 46 प्रतिशत सस्ती नजर आ रही है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार गिरावट के बाद भी लॉन्ग टर्म में चांदी की मजबूती बनी हुई दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि जिस प्रकार सप्लाई में कमी देखने को मिल रही है और लगातार डिमांड बढ़ती जा रही है, जहां सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में भी चांदी की मांग दिन-प्रतिदिन मजबूती से बढ़ रही है, उसके कारण आने वाले समय में कीमतों में लंबी अवधि के लिए तेजी की उम्मीद की जा रही है।

 

क्या असर होगा जियोपॉलिटिक्स का चांदी पर

जिस प्रकार ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु बातचीत को लेकर हाल ही में सहमति बनती दिख रही है, परंतु इसके साथ ही ईरान के विदेश मंत्री द्वारा दिया गया बयान भी काफी चर्चित है। उनका कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि कोई समझौता तुरंत होने वाला है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी यूक्रेन पर समझौते के लिए अपना हर संभव प्रयास करते दिख रहे हैं। अमेरिका इस शांति वार्ता के पक्ष में रूस और यूक्रेन के बीच मध्यस्थता करने का हर संभव प्रयास कर रहा है।

 

इन्हीं बातों को समझते हुए मार्केट एनालिस्ट मैट सिम्पसन का कहना है कि आने वाले समय में सोने में तेजी सीमित होती दिखाई दे सकती है। हालांकि जब गिरावट होगी, वहां एक अच्छी बाइंग देखने को मिल सकती है। उनके अनुसार आने वाले समय में सोना करीब 4,700 डॉलर से 5,100 डॉलर तक अपना दायरा बना सकता है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह न माना जाए।