केंद्र सरकार ने Lokhande Prashant Sitaram को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का नया चेयरमैन नियुक्त किया है। यह फैसला CBSE में हाल ही में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद लिया गया है। इससे पहले बोर्ड के अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला किया गया था। शिक्षा क्षेत्र में इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि CBSE देश के करोड़ों छात्रों और हजारों स्कूलों से जुड़ा हुआ है।
CBSE में बड़ा प्रशासनिक बदलाव
केंद्र सरकार ने हाल ही में CBSE के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव करते हुए राहुल सिंह को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, बोर्ड के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से Lokhande Prashant Sitaram को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर कई सवाल उठे थे। इसी मामले की जांच के लिए केंद्र सरकार ने एक सदस्यीय जांच समिति का भी गठन किया है।
Lokhande Prashant Sitaram कौन हैं?
Lokhande Prashant Sitaram वर्ष 2001 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। वह AGMUT कैडर से संबंधित हैं और लंबे समय से विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य कर चुके हैं।
सीबीएसई के अध्यक्ष बनने से पहले वह गृह मंत्रालय के गृह विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में कार्यरत थे। उनके प्रशासनिक अनुभव और नीति निर्माण में योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है।
मार्च 2026 में उन्हें गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर इन-सीटू प्रमोशन भी दिया गया था। अब उन्हें CBSE Chairman के रूप में नियुक्त किया गया है।

CBSE में नेतृत्व परिवर्तन की वजह क्या है?
हाल के महीनों में CBSE की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली यानी ऑन-स्क्रीन मार्किंग को लेकर विवाद सामने आए थे। आरोप लगाए गए थे कि सेवा खरीद प्रक्रिया और मूल्यांकन प्रणाली में कुछ अनियमितताएं हुई हैं।
इसी पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार ने बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों का तबादला किया और जांच प्रक्रिया शुरू की। विशेषज्ञों का मानना है कि नया नेतृत्व बोर्ड की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में काम कर सकता है।
New CBSE Chairman से क्या उम्मीदें हैं?
देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्ड का नेतृत्व संभालने वाले New CBSE Chairman के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। इनमें परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाना, डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रियाओं को मजबूत करना, नई शिक्षा नीति के लक्ष्यों को लागू करना और छात्रों के हितों को प्राथमिकता देना शामिल है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि Prashant Sitaram Lokhande का प्रशासनिक अनुभव CBSE की शासन व्यवस्था (CBSE Governance) को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।

शिक्षा क्षेत्र पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
CBSE देशभर के 30 हजार से अधिक स्कूलों और लाखों शिक्षकों के साथ करोड़ों छात्रों को प्रभावित करता है। ऐसे में बोर्ड के अध्यक्ष पद पर हुआ यह बदलाव School Education Reforms, Education Policy और भविष्य की शैक्षणिक योजनाओं पर असर डाल सकता है।
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नया नेतृत्व परीक्षा सुधार, मूल्यांकन प्रणाली और शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल बदलावों को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।
निष्कर्ष
केंद्र सरकार द्वारा Lokhande Prashant Sitaram को CBSE का नया चेयरमैन नियुक्त करना शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है। उनके व्यापक प्रशासनिक अनुभव और केंद्र सरकार के भरोसे के साथ यह उम्मीद की जा रही है कि वे CBSE की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा छात्र-केंद्रित बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
FAQs-
Q1. Who is Lokhande Prashant Sitaram?
Lokhande Prashant Sitaram 2001 बैच के IAS अधिकारी हैं, जो AGMUT कैडर से संबंधित हैं। उन्हें केंद्र सरकार ने CBSE का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।
Q2. New CBSE Chairman कौन बने हैं?
केंद्र सरकार ने Lokhande Prashant Sitaram को नया CBSE Chairman नियुक्त किया है।
Q3. राहुल सिंह को किस पद पर नियुक्त किया गया है?
राहुल सिंह को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Q4. CBSE में नेतृत्व परिवर्तन क्यों किया गया?
ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली और उससे जुड़ी खरीद प्रक्रिया को लेकर उठे विवादों के बीच प्रशासनिक फेरबदल किया गया है।
Q5. Lokhande Prashant Sitaram की नई जिम्मेदारी क्या है?
उन्हें केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है और वह बोर्ड के प्रशासनिक एवं नीतिगत कार्यों का नेतृत्व करेंगे।

