Japan Indian Restaurants Crisis: जापान सरकार के नए वीजा नियमों ने वहां चल रहे हजारों भारतीय रेस्टोरेंट्स के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। नए नियमों के कारण नेपाली प्रवासियों द्वारा संचालित करीब 5,000 भारतीय रेस्टोरेंट्स के बंद होने का खतरा पैदा हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला छोटे विदेशी कारोबारियों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
जापान ने क्यों सख्त किए वीजा नियम?
जापान प्रशासन ने ‘बिजनेस मैनेजमेंट’ वीजा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। सरकार को आशंका है कि कुछ विदेशी निवेशक, खासकर चीनी कारोबारी, फर्जी कंपनियां बनाकर इस वीजा का दुरुपयोग कर रहे हैं।
इसी को रोकने के लिए सरकार ने न्यूनतम निवेश की शर्त को 50 लाख येन (करीब 29.82 लाख रुपये) से बढ़ाकर सीधे 3 करोड़ येन (करीब 1.78 करोड़ रुपये) कर दिया है। इसके अलावा हर रेस्टोरेंट में कम से कम एक पूर्णकालिक जापानी नागरिक या स्थायी निवासी को नौकरी पर रखना भी अनिवार्य कर दिया गया है।
इन बदलावों के बाद नए आवेदनों में 96% तक की गिरावट दर्ज की गई है।
5000 भारतीय रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर क्यों हैं?
जापान में मौजूद अधिकांश भारतीय रेस्टोरेंट्स छोटे निवेशकों द्वारा संचालित हैं। इनमें से बड़ी संख्या नेपाली प्रवासियों के स्वामित्व में है। नए नियमों के तहत करोड़ों रुपये की पूंजी जुटाना और स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती करना छोटे कारोबारियों के लिए बेहद मुश्किल साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जापान की 9% से भी कम स्थानीय कंपनियों के पास 3 करोड़ येन की पूंजी है। ऐसे में छोटे विदेशी रेस्टोरेंट मालिकों के लिए यह शर्त पूरी करना लगभग असंभव है।
यही वजह है कि 5000 Indian Restaurants On The Verge Of Closure की स्थिति पैदा हो गई है।

रेस्टोरेंट मालिकों की बढ़ी चिंता
रेस्टोरेंट मालिक अंजू खत्री का कहना है कि जब बड़ी जापानी कंपनियों को ही कर्मचारी नहीं मिल रहे हैं, तो छोटे विदेशी व्यवसायों के लिए स्थानीय स्टाफ ढूंढना और भी कठिन होगा।
पूर्वी टोक्यो में स्थित ‘हिमालयन कारवां’ जैसे कई रेस्टोरेंट वर्षों से स्थानीय लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। इनके मालिकों का कहना है कि नए नियम लागू होने के बाद उनके लिए कारोबार जारी रखना मुश्किल हो सकता है।
यह स्थिति केवल भारतीय रेस्टोरेंट्स तक सीमित नहीं है। थाई, वियतनामी और अन्य एशियाई भोजन परोसने वाले छोटे रेस्टोरेंट्स भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।
जापान में भारतीय रेस्टोरेंट्स की इतनी बड़ी मौजूदगी क्यों है?
दिलचस्प बात यह है कि जापान में भारतीय मूल के केवल लगभग 59 हजार लोग रहते हैं, लेकिन वहां करीब 5,000 भारतीय रेस्टोरेंट संचालित हैं।
यह संख्या कई बड़े अंतरराष्ट्रीय फास्ट-फूड ब्रांड्स के आउटलेट्स से भी अधिक बताई जाती है। इनमें से अधिकांश रेस्टोरेंट्स नेपाली प्रवासियों द्वारा संचालित किए जाते हैं, जिनकी जापान में आबादी लगभग 3 लाख के आसपास है।
कम कीमत और स्वादिष्ट भोजन के कारण ये रेस्टोरेंट स्थानीय कर्मचारियों, छात्रों और बुजुर्गों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
जापान की अर्थव्यवस्था और स्थानीय लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
यदि बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य विदेशी रेस्टोरेंट्स बंद होते हैं, तो इसका असर केवल कारोबारियों पर ही नहीं पड़ेगा।
- स्थानीय लोगों के लिए सस्ते भोजन के विकल्प कम हो जाएंगे।
- विदेशी खानपान की विविधता प्रभावित होगी।
- छोटे व्यवसायों में रोजगार के अवसर घट सकते हैं।
- जापान के बहुसांस्कृतिक खाद्य बाजार को नुकसान पहुंच सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला विदेशी उद्यमियों को जापान में निवेश करने से भी हतोत्साहित कर सकता है।
Indian Restaurants Closure Crisis: आगे क्या होगा?
जापान सरकार ने मौजूदा कारोबारियों को नए नियमों का पालन करने के लिए तीन साल का समय दिया है। इस दौरान रेस्टोरेंट मालिकों को अतिरिक्त पूंजी जुटानी होगी और स्थानीय कर्मचारियों की नियुक्ति करनी होगी।
हालांकि छोटे व्यवसाय संचालकों का कहना है कि इतनी बड़ी वित्तीय और प्रशासनिक शर्तों को पूरा करना उनके लिए बेहद कठिन होगा। यही कारण है कि Indian Restaurants Closure Crisis को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।
FAQ
Why are 5,000 Indian restaurants on the verge of closure?
जापान सरकार ने बिजनेस मैनेजमेंट वीजा के नियम सख्त कर दिए हैं। पूंजी की न्यूनतम सीमा बढ़ाने और स्थानीय कर्मचारी रखना अनिवार्य करने से हजारों छोटे रेस्टोरेंट्स पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है।
5000 भारतीय रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर क्यों हैं?
नए नियमों के तहत 3 करोड़ येन की पूंजी और एक जापानी कर्मचारी नियुक्त करना जरूरी कर दिया गया है, जिसे छोटे कारोबारी पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
What challenges are Indian restaurant owners facing?
रेस्टोरेंट मालिकों को अतिरिक्त निवेश जुटाने, स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती करने और नए वीजा नियमों का पालन करने जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
भारत में रेस्टोरेंट कारोबार संकट की वजह क्या है?
यह खबर भारत की नहीं बल्कि जापान में संचालित भारतीय रेस्टोरेंट्स से जुड़ी है। वहां के नए वीजा नियम संकट की मुख्य वजह हैं।
How are rising costs affecting restaurants in India?
बढ़ती लागत, महंगा किराया, ईंधन और कर्मचारियों का खर्च रेस्टोरेंट कारोबार पर दबाव बढ़ाते हैं, हालांकि मौजूदा खबर जापान में भारतीय रेस्टोरेंट्स से संबंधित है।
किन शहरों में सबसे ज्यादा रेस्टोरेंट बंद होने का खतरा है?
टोक्यो और अन्य बड़े शहर, जहां बड़ी संख्या में नेपाली स्वामित्व वाले भारतीय रेस्टोरेंट्स संचालित हैं, सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
News Source – Dainik bhaskar

