घरेलू रसोई गैस की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद LPG Price Hike को लेकर सरकार ने बड़ा खुलासा किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई लागत 1,600 रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं को कम कीमत पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके कारण सरकार और तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) को प्रति सिलेंडर करीब 700 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में तेज उछाल और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते Domestic LPG Price पर दबाव बढ़ा है। इसी वजह से रविवार से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की वृद्धि की गई है।
सरकार ने LPG Price Hike पर क्या कहा?
सरकार के मुताबिक, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की वास्तविक लागत और उपभोक्ताओं से वसूली जाने वाली कीमत के बीच बड़ा अंतर है। वर्तमान में दिल्ली में उपभोक्ताओं को 14.2 किलोग्राम का घरेलू गैस सिलेंडर 942 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि इसकी सप्लाई लागत 1,600 रुपये से अधिक है।
इस अंतर को अंडर-रिकवरी कहा जाता है, जिसका भार सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां वहन करती हैं। मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कुल अंडर-रिकवरी 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष 41,338 करोड़ रुपये थी।
LPG Cylinder Price बढ़ने की सबसे बड़ी वजह क्या है?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी के प्रमुख बेंचमार्क सऊदी अरामको कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi CP) में भारी बढ़ोतरी हुई है। फरवरी 2026 में प्रोपेन और ब्यूटेन के 50:50 मिश्रण की कीमत 542.50 डॉलर प्रति टन थी, जो अप्रैल में बढ़कर 775 डॉलर प्रति टन और जून में 790 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई।
होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक बाधाओं और पश्चिम एशिया संकट के कारण एलपीजी सप्लाई पर दबाव बढ़ा। इसके परिणामस्वरूप प्रोपेन की कीमत में 39 प्रतिशत और ब्यूटेन की कीमत में 52 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यही कारण है कि Cooking Gas Price Hike का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।

LPG Subsidy India: उज्ज्वला लाभार्थियों को क्या फायदा मिल रहा है?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को अब भी सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। योजना के तहत पात्र परिवारों को साल में पहले चार रिफिल पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
इस तरह उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सिलेंडर की प्रभावी कीमत लगभग 642 रुपये रह जाती है। सरकार के अनुसार यह अंतरराष्ट्रीय कीमतों की तुलना में करीब 60 प्रतिशत कम है।
वर्तमान में देश में 10.58 करोड़ से अधिक उज्ज्वला कनेक्शन सक्रिय हैं, जिन्हें इस योजना का लाभ मिल रहा है।
LPG Companies Loss और Oil Marketing Companies पर कितना बोझ?
सरकार के अनुसार, घरेलू एलपीजी की बिक्री पर लगातार बढ़ रही अंडर-रिकवरी के कारण LPG Companies Loss का स्तर काफी बढ़ गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम इस अंतर का बड़ा हिस्सा वहन कर रही हैं।
स्थिति को देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट ने तेल कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए यह कदम आवश्यक है।
भारत में LPG Cylinder Rate Today अन्य देशों की तुलना में कितना सस्ता?
सरकार का दावा है कि Household Gas Cylinder Price भारत में दुनिया के कई देशों की तुलना में काफी कम है।
कुछ देशों में घरेलू गैस सिलेंडर की अनुमानित कीमतें इस प्रकार हैं:
- भारत – 942 रुपये
- पाकिस्तान – 1,046 रुपये
- नेपाल – 1,207 रुपये
- बांग्लादेश – 1,225 रुपये
- श्रीलंका – 1,241 रुपये
- अमेरिका – 1,755 रुपये
- ऑस्ट्रेलिया – 1,765 रुपये
- कनाडा – 2,411 रुपये
इन आंकड़ों के आधार पर सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत कम कीमत पर एलपीजी उपलब्ध कराई जा रही है।

सप्लाई बनाए रखने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए?
पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत ने एलपीजी सप्लाई को बाधित नहीं होने दिया। मंत्रालय के अनुसार, घरेलू एलपीजी उत्पादन को 60 प्रतिशत से अधिक बढ़ाकर 52 TMT तक पहुंचाया गया है।
इसके अलावा अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे नए देशों से भी एलपीजी आयात बढ़ाया गया है। सरकार ने सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर की कमर्शियल उपयोग में होने वाली चोरी रोकने के लिए OTP आधारित डिलीवरी सत्यापन और अन्य निगरानी उपायों को भी मजबूत किया है।
निष्कर्ष
हालिया LPG Price Hike का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की बढ़ती कीमतें और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव हैं। सरकार का कहना है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की वास्तविक लागत 1,600 रुपये से अधिक होने के बावजूद उपभोक्ताओं को कम कीमत पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है। इसी वजह से तेल विपणन कंपनियों को प्रति सिलेंडर करीब 700 रुपये का नुकसान हो रहा है। आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और सरकार की LPG Pricing Policy घरेलू गैस कीमतों की दिशा तय करेगी।
FAQs
Q1. LPG कंपनियों को प्रति सिलेंडर 700 रुपये का नुकसान क्यों हो रहा है?
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई लागत 1,600 रुपये से अधिक है, जबकि उपभोक्ताओं से लगभग 942 रुपये वसूले जा रहे हैं। लागत और बिक्री मूल्य के अंतर को अंडर-रिकवरी कहा जाता है।
Q2. What did the government say about the LPG price hike?
सरकार ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी कीमतों में भारी वृद्धि के कारण घरेलू सिलेंडर की लागत बढ़ी है, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कीमतें पूरी तरह नहीं बढ़ाई गई हैं।
Q3. क्या घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी मिलेगी?
हाँ। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को पहले चार रिफिल पर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलती है।
Q4. How are LPG cylinder prices decided in India?
एलपीजी कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय एलपीजी दरों, आयात लागत, परिवहन खर्च और सरकारी नीतियों के आधार पर तय की जाती हैं।
Q5. Will LPG prices increase further in 2026?
भविष्य की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, कच्चे तेल की स्थिति, पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम और सरकारी निर्णयों पर निर्भर करेंगी। फिलहाल सरकार ने इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
