Air India Crash Investigation Delay: AI171 दुर्घटना की अंतिम रिपोर्ट में देरी, एक साल बाद भी कई सवालों के जवाब बाकी

12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के दुर्घटनाग्रस्त होने के एक वर्ष बाद भी इस भयावह हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ सकी है। Air India Crash Investigation Delay अब केवल एक तकनीकी या प्रशासनिक विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह उन 260 परिवारों की पीड़ा और जवाबदेही की मांग से जुड़ा मुद्दा बन चुका है, जो आज भी सच का इंतजार कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मानकों के अनुसार अंतिम रिपोर्ट 12 महीनों के भीतर जारी की जानी चाहिए थी। हालांकि, जांच एजेंसियों द्वारा इंजन और नियंत्रण प्रणालियों की विस्तृत जांच जारी रहने के कारण रिपोर्ट में देरी की संभावना बढ़ गई है। सवाल यह है कि आखिर एक साल बाद भी जांच वहां क्यों अटकी हुई है, जहां से दुर्घटना के असली कारणों का पता चलना चाहिए था?

 

AI171 दुर्घटना: भारत की सबसे बड़ी विमान त्रासदियों में से एक

12 जून 2025 को एयर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित जमीन पर मौजूद लोगों की भी मौत हुई थी। कुल 260 लोगों ने अपनी जान गंवाई, जिससे यह पिछले लगभग तीन दशकों में भारत की सबसे घातक विमान दुर्घटना बन गई।

यह हादसा इसलिए भी वैश्विक चर्चा का विषय बना क्योंकि बोइंग 787 ड्रीमलाइनर कार्यक्रम के इतिहास में यह पहली घातक हुल-लॉस दुर्घटना थी।

 

Air India Crash Investigation Delay: आखिर रिपोर्ट में देरी क्यों हो रही है?

Internet से मिली जानकारी के अनुसार, विमान के General Electric GEnx इंजनों और उनसे जुड़े नियंत्रण तंत्र की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। इंजन कंट्रोल सिस्टम के कई हिस्सों की जांच फ्रांस और अमेरिका में की गई है, जबकि कुछ महत्वपूर्ण घटकों का विश्लेषण अभी भी जारी है।

जांच में भारत के AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) के अलावा अमेरिका का NTSB, बोइंग, GE Aerospace और ब्रिटेन का Air Accidents Investigation Branch भी शामिल हैं।

तकनीकी जटिलताओं का हवाला दिया जा रहा है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि इतनी बड़ी त्रासदी के एक साल बाद भी अंतिम निष्कर्ष तक न पहुंच पाना जांच प्रक्रिया की गति और पारदर्शिता दोनों पर सवाल खड़े करता है। सरकार और जांच एजेंसियां बार-बार जांच जारी है कहकर समय मांग रही हैं, जबकि पीड़ित परिवारों को अब तक स्पष्ट उत्तर नहीं मिले हैं।

सबसे बड़ा सवाल: दोनों इंजन का ईंधन अचानक बंद कैसे हो गया?

जुलाई 2025 में जारी प्रारंभिक रिपोर्ट ने पूरी विमानन दुनिया को चौंका दिया था।

रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दोनों इंजनों के Fuel Control Switches RUN स्थिति से CUTOFF स्थिति में चले गए। इसके परिणामस्वरूप दोनों इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया और विमान ने तत्काल थ्रस्ट खो दिया।

 

What caused the Air India crash?

अब तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का प्रत्यक्ष कारण दोनों इंजनों में ईंधन आपूर्ति रुकना था। हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि Fuel Control Switches CUTOFF स्थिति में कैसे पहुंचे। जांच एजेंसियों ने अभी तक किसी मानवीय गलती, तकनीकी खराबी या अन्य कारण की पुष्टि नहीं की है।

कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर के डेटा में एक पायलट द्वारा दूसरे पायलट से ईंधन बंद करने को लेकर सवाल पूछे जाने का उल्लेख है, जबकि दूसरे पायलट ने ऐसा करने से इनकार किया था। यही वह बिंदु है जहां से दुर्घटना की सबसे महत्वपूर्ण और विवादास्पद पहेली शुरू होती है।

 

जांच पर उठे नए सवाल, विशेषज्ञ के हटने से बढ़ी चिंताएं

जांच प्रक्रिया को लेकर उस समय और प्रश्न उठने लगे जब बोइंग 787 के अनुभवी पायलट आर.एस. संधू के जांच से अलग होने की खबर सामने आई।

रिपोर्टों के अनुसार, संधू को AAIB की फ्लाइट ऑपरेशंस टीम में विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया गया था, लेकिन जनवरी 2026 के बाद उन्होंने बैठकों में हिस्सा लेना बंद कर दिया। बताया गया कि जांच प्रक्रिया को लेकर मतभेद इसकी वजह बने।

हालांकि सरकारी अधिकारियों का कहना है कि बाहरी विशेषज्ञ आवश्यकता अनुसार ही शामिल किए जाते हैं, लेकिन इस घटनाक्रम ने पारदर्शिता को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है। खासकर तब, जब फ्लाइट ऑपरेशंस समूह पायलटों की भूमिका और उड़ान संबंधी निर्णयों की जांच कर रहा था।

 

परिवारों का बढ़ता दबाव और जवाबदेही की मांग

दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार लगातार अंतिम रिपोर्ट जारी करने की मांग कर रहे हैं। कई परिवारों का कहना है कि उन्हें केवल संवेदनाएं नहीं, बल्कि तथ्य और जवाब चाहिए।

दुर्घटना के एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति ने भी सार्वजनिक रूप से जांच एजेंसियों से पूरे सच को सामने लाने की अपील की है।

एक साल बीत जाने के बावजूद जब जांच अधूरी है, तब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या भारत की विमान दुर्घटना जांच प्रणाली को अधिक संसाधनों, अधिक स्वतंत्रता और अधिक पारदर्शिता की आवश्यकता है।

Image Source: firstpost 

 

आगे क्या होगा?

वर्तमान संकेतों के अनुसार AAIB पहले एक अंतरिम अपडेट जारी कर सकता है, जबकि अंतिम रिपोर्ट आने में अभी कई महीने और लग सकते हैं।

अंतिम रिपोर्ट केवल दुर्घटना के संभावित कारणों का खुलासा नहीं करेगी, बल्कि यह भी बताएगी कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से सुरक्षा सुधार आवश्यक हैं।

एयर इंडिया, बोइंग, GE Aerospace, वैश्विक विमानन उद्योग और सबसे बढ़कर पीड़ित परिवार—सभी की नजरें अब इसी रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

 

निष्कर्ष

Air India Crash Investigation Delay अब केवल एक जांच में देरी की कहानी नहीं है, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता और पीड़ित परिवारों के न्याय से जुड़ा मामला बन चुका है। प्रारंभिक रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया था कि दोनों इंजनों को ईंधन मिलना बंद हो गया था, लेकिन यह अब भी रहस्य बना हुआ है कि ऐसा हुआ कैसे। जब तक अंतिम रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक भारत की सबसे चर्चित विमान दुर्घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल अनुत्तरित ही रहेंगे।

 

FAQs

Q1. Why has the Air India crash final report been delayed?

जांच एजेंसियां अभी भी विमान के इंजन और नियंत्रण प्रणालियों का विस्तृत तकनीकी विश्लेषण कर रही हैं। इसी कारण अंतिम रिपोर्ट निर्धारित समय पर जारी नहीं हो सकी।

 

Q2. What part of the engine investigation is incomplete?

GE Aerospace के GEnx इंजन और उससे जुड़े कंट्रोल सिस्टम के कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी परीक्षण और विश्लेषण अभी जारी हैं।

 

Q3. What caused the Air India crash?

प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार दोनों इंजनों में ईंधन आपूर्ति बंद हो गई थी, लेकिन Fuel Control Switches CUTOFF स्थिति में क्यों और कैसे पहुंचे, इसका अंतिम कारण अभी निर्धारित नहीं हुआ है।

 

Q4. Who is conducting the investigation?

जांच का नेतृत्व भारत का AAIB कर रहा है। इसके साथ NTSB (अमेरिका), Boeing, GE Aerospace और UK AAIB भी सहयोग कर रहे हैं।

 

Q5. When is the final crash report expected?

आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। वर्तमान संकेत बताते हैं कि अंतिम रिपोर्ट आने में कुछ और महीने लग सकते हैं।