BGP Hijacking शब्द इन दिनों सुर्खियों में है। इसकी वजह है Telegram के CEO पावेल ड्यूरोव, जिन्होंने दावा किया कि भारत में कुछ नेटवर्क रूट्स के साथ छेड़छाड़ की गई, जिससे Telegram की सेवाएं प्रभावित हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें रिलायंस और WhatsApp की भूमिका हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित कंपनियों ने सार्वजनिक रूप से इन्हें स्वीकार नहीं किया है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि BGP Hijacking आखिर होती क्या है? क्या इससे इंटरनेट बंद हो सकता है? क्या यह साइबर हमला होता है? आइए आसान भाषा में पूरी तकनीक समझते हैं।
BGP Hijacking क्या है?
BGP Hijacking ऐसी स्थिति है, जब इंटरनेट पर डेटा को सही रास्ते की बजाय गलत नेटवर्क की ओर भेज दिया जाता है। यह गलती तकनीकी त्रुटि से भी हो सकती है और जानबूझकर किए गए Routing Attack का हिस्सा भी हो सकती है। इसके कारण वेबसाइट या ऐप की सेवाएं बाधित हो सकती हैं और इंटरनेट ट्रैफिक गलत दिशा में चला जाता है।
Border Gateway Protocol (BGP) क्या होता है?
Border Gateway Protocol (BGP) इंटरनेट का ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम है।
अगर इंटरनेट को दुनिया भर की सड़कों का जाल मानें, तो BGP वह ट्रैफिक कंट्रोलर है जो तय करता है कि आपका डेटा किस रास्ते से अपनी मंजिल तक पहुंचेगा।
जब आप YouTube खोलते हैं,WhatsApp पर मैसेज भेजते हैं,Telegram इस्तेमाल करते हैं,या कोई वेबसाइट एक्सेस करते हैं, तो BGP तय करता है कि डेटा सबसे सही नेटवर्क के जरिए अपनी मंजिल तक पहुंचे।
इसी वजह से इसे इंटरनेट की पोस्टल सर्विस भी कहा जाता है।
BGP Hijacking कैसे होती है?
कल्पना कीजिए कि दिल्ली जाने वाले हाईवे पर किसी ने गलत दिशा का बोर्ड लगा दिया।
अब हजारों वाहन गलत रास्ते पर चले जाएंगे।
इंटरनेट में भी कुछ ऐसा ही होता है।
जब कोई नेटवर्क गलती से या जानबूझकर यह घोषणा कर देता है कि कोई इंटरनेट रूट उसी के पास है, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं होता, तब दुनिया के दूसरे नेटवर्क उसी गलत जानकारी पर भरोसा कर लेते हैं।
नतीजा –
- डेटा गलत रास्ते पर पहुंच जाता है।
- वेबसाइट खुलना बंद हो सकती है।
- ऐप्स काम करना बंद कर सकते हैं।
- इंटरनेट स्लो हो सकता है।
इसी प्रक्रिया को BGP Hijacking कहा जाता है।
क्या हर BGP Hijacking साइबर हमला होती है?
नहीं। यही सबसे बड़ी गलतफहमी है।कई बार नेटवर्क कॉन्फिगरेशन की गलती, गलत रूट अपडेट, तकनीकी मिसकन्फिगरेशन की वजह से भी BGP Hijacking जैसी घटनाएं हो जाती हैं। लेकिन अगर कोई जानबूझकर इंटरनेट ट्रैफिक को गलत दिशा में भेजे, तब इसे BGP Attack या Internet Traffic Hijacking माना जा सकता है।
BGP Hijacking से क्या नुकसान हो सकता है?
अगर गंभीर स्तर पर BGP Hijacking हो जाए तो इसके कई प्रभाव हो सकते हैं–
- वेबसाइट और ऐप्स बंद हो सकते हैं।
- इंटरनेट कनेक्शन बाधित हो सकता है।
- कुछ क्षेत्रों में सेवाएं पूरी तरह ठप पड़ सकती हैं।
- डेटा गलत नेटवर्क तक पहुंच सकता है।
- गंभीर मामलों में ट्रैफिक की निगरानी या उसे बीच में रोकने (Man-in-the-Middle) का जोखिम बढ़ सकता है।
इसी वजह से इसे Cyber Security और Network Security का बड़ा मुद्दा माना जाता है।

Telegram CEO ने BGP Hijacking का जिक्र क्यों किया?
Telegram के CEO पावेल ड्यूरोव ने दावा किया कि कुछ नेटवर्क रूट्स को जानबूझकर गलत तरीके से घोषित किया गया, जिससे Telegram की सेवाएं प्रभावित हुईं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे प्रतिस्पर्धात्मक हित हो सकते हैं और रिलायंस व WhatsApp का नाम लिया।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से इन दावों को स्वीकार करने वाला कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
BGP Hijacking से कैसे बचा जाता है?
इंटरनेट सेवा प्रदाता और बड़े नेटवर्क ऑपरेटर कई सुरक्षा उपाय अपनाते हैं –
- Route Filtering
- RPKI (Resource Public Key Infrastructure)
- Route Validation
- Real-time Monitoring
- Prefix Filtering
इन तकनीकों से गलत रूट घोषणाओं की पहचान कर उन्हें रोका जा सकता है।
क्या BGP Hijacking के मामले पहले भी हुए हैं?
दुनिया में कई बार BGP Hijacking की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुछ मामलों में यह केवल तकनीकी गलती निकली, जबकि कुछ मामलों में इसे साइबर हमले के रूप में जांचा गया। इसी कारण इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा में BGP को सबसे संवेदनशील प्रोटोकॉल में गिना जाता है।
निष्कर्ष
BGP Hijacking केवल एक तकनीकी शब्द नहीं बल्कि इंटरनेट की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर विषय है। Telegram CEO के हालिया आरोपों ने इसे फिर चर्चा में ला दिया है, लेकिन किसी भी आरोप पर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच और प्रमाणों के आधार पर ही निकाला जा सकता है। इतना जरूर है कि Border Gateway Protocol इंटरनेट की रीढ़ है और यदि इसमें गड़बड़ी होती है तो उसका असर करोड़ों इंटरनेट यूजर्स तक पहुंच सकता है।
FAQs
Q1. BGP Hijacking क्या है?
BGP Hijacking वह स्थिति है जिसमें इंटरनेट ट्रैफिक को सही नेटवर्क की बजाय गलत नेटवर्क की ओर भेज दिया जाता है।
Q2. BGP Attack कैसे होता है?
जब कोई नेटवर्क गलत रूट की घोषणा करता है ,चाहे गलती से या जानबूझकर तो डेटा गलत रास्ते पर जाने लगता है। इसे BGP Attack कहा जाता है।
Q3. इससे इंटरनेट पर क्या असर पड़ता है?
वेबसाइट और ऐप्स बंद हो सकते हैं, इंटरनेट धीमा पड़ सकता है और कुछ मामलों में डेटा गलत नेटवर्क तक पहुंच सकता है।
Q4. Telegram CEO ने BGP Hijacking का जिक्र क्यों किया?
उन्होंने आरोप लगाया कि गलत नेटवर्क रूट घोषणाओं के कारण Telegram की सेवाएं प्रभावित हुईं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Q5. BGP Hijacking से कैसे बचा जा सकता है?
RPKI, Route Validation, Route Filtering और लगातार नेटवर्क मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों के जरिए ऐसे हमलों का जोखिम कम किया जा सकता है।

