Israel Iran Assassination Plot एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है। अमेरिकी अखबार The New York Times की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिका को आशंका थी कि इजरायल, ईरान के दो वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या की कोशिश कर सकता है। हालांकि, इजरायल ने इस दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे “हकीकत की मनगढ़ंत कहानी” बताया है।यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है और पूरे पश्चिम एशिया में तनाव अब भी बना हुआ है।
आखिर क्या था पूरा मामला?
The New York Times ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि अमेरिका ने मध्य-पूर्व के कुछ देशों के जरिए ईरान तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की थी। इस संदेश का उद्देश्य कथित तौर पर ईरान को यह चेतावनी देना था कि उसके विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ इजरायल के संभावित निशाने पर हो सकते हैं।रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों को डर था कि अगर ऐसा हुआ तो अमेरिका-ईरान के बीच चल रही बातचीत पूरी तरह पटरी से उतर सकती है और क्षेत्र में दोबारा युद्ध भड़क सकता है।
Israel Iran Assassination Plot पर इजरायल का जवाब
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया।सरकारी बयान में कहा गया कि यह रिपोर्ट “हकीकत की पूरी तरह मनगढ़ंत कहानी” है। साथ ही आरोप लगाया गया कि The New York Times लगातार इजरायल को लेकर गलत और भ्रामक खबरें प्रकाशित कर रहा है।इजरायल ने रिपोर्ट में किए गए सभी दावों को आधारहीन बताया।

अमेरिका को क्यों थी चिंता?
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों को आशंका थी कि यदि ईरान के वरिष्ठ नेताओं पर हमला हुआ तो दोनों देशों के बीच चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता तुरंत समाप्त हो जाएगी। अमेरिका का मानना था कि इससे:
- युद्धविराम खत्म हो सकता था।
- पश्चिम एशिया में फिर से सैन्य संघर्ष शुरू हो सकता था।
- कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह विफल हो सकते थे।
- क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता था।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिका ने भी सार्वजनिक रूप से इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं की है।
दोहा में क्या हुई अमेरिका-ईरान बातचीत?
हाल ही में कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत हुई। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों ने मुख्य रूप से इन मुद्दों पर चर्चा की:
- होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात
- ईरान की जमी हुई विदेशी संपत्तियों को खोलने का मुद्दा
- जून में हुए युद्धविराम समझौते को आगे बढ़ाना
- भविष्य की कूटनीतिक प्रक्रिया
हालांकि, किसी बड़े और स्थायी समझौते की घोषणा नहीं हुई।
क्या इससे बढ़ सकता है Middle East Conflict?
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया पहले से ही बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। ऐसी रिपोर्टें:
- दोनों देशों के बीच अविश्वास बढ़ा सकती हैं।
- Israel Iran Tensions को और गहरा कर सकती हैं।
- कूटनीतिक वार्ता को प्रभावित कर सकती हैं।
- क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर डाल सकती हैं।
- हालांकि, जब तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं होती, इन्हें अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।
निष्कर्ष
Israel Iran Assassination Plot को लेकर सामने आई रिपोर्ट ने एक बार फिर पश्चिम एशिया की जटिल राजनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। जहां The New York Times ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से संभावित हत्या की आशंका जताई, वहीं इजरायल ने इन सभी दावों को पूरी तरह फर्जी बताया है। फिलहाल अमेरिका-ईरान वार्ता जारी है और आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि कूटनीति आगे बढ़ती है या क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ता है।
FAQs:
इजरायल ने The New York Times की उस रिपोर्ट को खारिज किया है जिसमें दावा किया गया था कि ईरान के दो वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या की आशंका को लेकर अमेरिका चिंतित था।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका को आशंका थी कि इजरायल ईरान के विदेश मंत्री और संसद अध्यक्ष को निशाना बना सकता है। इजरायल ने इस दावे से इनकार किया है।
यह विवाद अमेरिका-ईरान के बीच चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत के दौरान प्रकाशित रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें संभावित हमले की आशंका जताई गई थी।
दोनों देशों के बीच लंबे समय से सुरक्षा, परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव और सैन्य गतिविधियों को लेकर तनाव बना हुआ है।
इजरायल ने रिपोर्ट को फर्जी बताया है। ईरान की ओर से इस विशेष रिपोर्ट पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जबकि अमेरिका ने भी सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है।

