Thane के KDMC Shastrinagar Hospital में Shiv Sena Corporator पर महिला डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ से मारपीट का आरोप लगा है। CCTV वीडियो वायरल होने के बाद FIR दर्ज हुई और डॉक्टरों में भारी नाराज़गी है। जानिए पूरा मामला।
अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। Shiv Sena Corporator पर महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली स्थित KDMC के शास्त्रीनगर अस्पताल में महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ कथित मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना का CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल के भीतर हंगामा और मेडिकल स्टाफ के साथ कथित हिंसा दिखाई दे रही है। इस घटना के बाद आरोपी पार्षद के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और डॉक्टरों ने कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली स्थित KDMC के शास्त्रीनगर अस्पताल की बताई जा रही है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक गर्भवती महिला के परिवार को डॉक्टरों ने पहले ही बता दिया था कि डिलीवरी के बाद नवजात शिशु को NICU (Neonatal Intensive Care Unit) की जरूरत पड़ सकती है।लेकिन अस्पताल में सभी NICU बेड पहले से भरे हुए थे। ऐसे में डॉक्टरों ने परिवार को सलाह दी कि जरूरत पड़ने पर मरीज को किसी दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ सकता है।इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया।

Shiv Sena Corporator पर महिला डॉक्टर से मारपीट का आरोप
आरोप है कि Shiv Sena Corporator रमेश म्हात्रे अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और वहां मौजूद डॉक्टरों, महिला डॉक्टर, स्त्री रोग विशेषज्ञ और नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट की।वायरल CCTV फुटेज में कुछ लोग अस्पताल के कमरे में घुसते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो में कथित तौर पर डॉक्टरों और कर्मचारियों को थप्पड़ और मुक्के मारते हुए देखा जा सकता है।यह पूरी घटना लगभग तीन मिनट तक चलती रही।
CCTV वीडियो में क्या दिखाई दिया?
वायरल CCTV फुटेज के अनुसार-
- महिला डॉक्टर मोबाइल फोन से मदद मांगने की कोशिश करती दिखाई देती हैं।
- कुछ लोग उनका फोन छीनने की कोशिश करते हैं।
- डॉक्टर खुद को बचाने के लिए टेबल के पीछे चली जाती हैं।
- इसी दौरान पीछे से कथित तौर पर पार्षद उन्हें धक्का और थप्पड़ मारते दिखाई देते हैं।
- इसके बाद अन्य डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ भी कथित मारपीट जारी रहती है।
हालांकि वीडियो की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और सभी आरोप कानूनी प्रक्रिया के अधीन हैं।
अस्पताल में हिंसा पर बढ़ा गुस्सा
घटना के बाद डॉक्टरों और मेडिकल कर्मचारियों में भारी नाराज़गी देखने को मिली। डॉक्टरों का कहना है कि अगर अस्पताल जैसी जगह पर भी मेडिकल स्टाफ सुरक्षित नहीं रहेगा तो मरीजों का इलाज करना मुश्किल हो जाएगा।मेडिकल संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, अस्पतालों में सुरक्षा बढ़ाने और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून लागू करने की मांग की है।

FIR दर्ज, पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी Shiv Sena Corporator और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।पुलिस CCTV फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा क्यों बड़ा मुद्दा बनती जा रही है?
देशभर में पिछले कुछ वर्षों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि-
- अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए।
- मेडिकल स्टाफ पर हमला गैर-जमानती अपराध बनाया जाए।
- अस्पतालों में प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए।
- स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई हो।
निष्कर्ष
Shiv Sena Corporator पर लगे महिला डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ से मारपीट के आरोप ने एक बार फिर अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा को राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बना दिया है। वायरल CCTV वीडियो ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई पर टिकी है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो यह मामला स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों और अस्पताल सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करेगा।
FAQs:
आरोप है कि डोंबिवली के KDMC शास्त्रीनगर अस्पताल में NICU बेड को लेकर हुए विवाद के बाद पार्षद और उनके समर्थकों ने डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट की।
यह घटना महाराष्ट्र के डोंबिवली स्थित KDMC शास्त्रीनगर अस्पताल में हुई।
विवाद तब शुरू हुआ जब डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल में NICU बेड उपलब्ध नहीं हैं और जरूरत पड़ने पर मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ सकता है।
हाँ। पुलिस ने आरोपी पार्षद और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डॉक्टरों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, अस्पतालों में बेहतर सुरक्षा और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सख्त सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की है।

