Nitin Gadkari E20 Fuel: ‘क्या आपकी कार का माइलेज झूठ बोल रहा है?’ गडकरी के एक बयान से क्यों छिड़ गई नई बहस

Nitin Gadkari E20 Fuel

Nitin Gadkari E20 Fuel एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि आम कार मालिक अपनी गाड़ी का वास्तविक माइलेज खुद नहीं माप सकते और सही आंकड़ा केवल कंपनी के अधिकृत डीलर की मशीन से ही पता लगाया जा सकता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देशभर में कई वाहन मालिक E20 Fuel इस्तेमाल करने के बाद माइलेज कम होने की शिकायत कर रहे हैं। वहीं केंद्र सरकार पहले ही स्वीकार कर चुकी है कि कुछ वाहनों में E20 पेट्रोल से 3% से 5% तक Fuel Efficiency कम हो सकती है।

क्या है पूरा मामला?

ABP News को दिए एक इंटरव्यू में एक पत्रकार ने दावा किया कि उनकी 2023 मॉडल कार पहले शहर में करीब 11 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती थी, लेकिन E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद यह घटकर 7 किलोमीटर प्रति लीटर रह गया।जब गडकरी ने पूछा कि यह आंकड़ा कैसे निकाला गया, तो पत्रकार ने बताया कि उन्होंने कार के डैशबोर्ड पर दिख रहे माइलेज के आधार पर यह दावा किया। इस पर नितिन गडकरी ने कहा, “आप और मैं कार का माइलेज नहीं माप सकते। इसका सही परीक्षण केवल कंपनी के अधिकृत डीलर की मशीन से किया जा सकता है।”यहीं से Owner Can’t Check Mileage वाला बयान सोशल मीडिया और ऑटोमोबाइल जगत में चर्चा का विषय बन गया।

Nitin Gadkari E20 Fuel: क्या घर पर माइलेज चेक करना गलत है?

सीधा जवाब: नहीं। घर पर माइलेज का काफी हद तक सही अनुमान लगाया जा सकता है, लेकिन यह लैब-लेवल टेस्ट नहीं होता।आधुनिक कारों में लगे सेंसर और ECU (Engine Control Unit) इंजन में गए ईंधन, तय की गई दूरी और अन्य तकनीकी डेटा के आधार पर माइलेज का अनुमान लगाते हैं। डैशबोर्ड पर दिखने वाला आंकड़ा अनुमान होता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह अक्सर वास्तविक माइलेज के काफी करीब होता है। सबसे भरोसेमंद तरीका Full Tank Method माना जाता है। इसमें:

  • टैंक पूरी तरह भरवाएं।
  • ट्रिप मीटर रीसेट करें।
  • सामान्य तरीके से गाड़ी चलाएं।
  • अगली बार टैंक फुल कराते समय भरे गए ईंधन (लीटर) से तय दूरी को भाग दें।
  • इसे वास्तविक Car Mileage मापने का सबसे व्यावहारिक तरीका माना जाता है।

E20 पेट्रोल से माइलेज पर कितना असर पड़ता है?

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि E20 Petrol India के इस्तेमाल से कुछ वाहनों में 3% से 5% तक माइलेज कम हो सकता है। हालांकि मंत्रालय का कहना है कि माइलेज ही ईंधन की गुणवत्ता का एकमात्र पैमाना नहीं है। सरकार के अनुसार E20 पेट्रोल के प्रमुख फायदे हैं:

  • आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी।
  • एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से किसानों को फायदा मिलेगा।
  • कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
  • स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

यही कारण है कि सरकार Ethanol Blending कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ा रही है

आखिर डीलर की मशीन क्या जांचती है?

कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर में मौजूद डायग्नोस्टिक मशीन केवल माइलेज नहीं बताती। यह जांच करती है कि:

  • Fuel Injector सही काम कर रहे हैं या नहीं।
  • Oxygen Sensor में कोई खराबी तो नहीं।
  • Air Flow Sensor सही डेटा दे रहा है या नहीं।
  • ECU Calibration ठीक है या नहीं।
  • इंजन में कोई तकनीकी समस्या तो नहीं है।

यानी यह मशीन उन कारणों का पता लगाती है जिनसे ईंधन की खपत बढ़ सकती है। हालांकि यह मशीन भी हर सड़क, ट्रैफिक और ड्राइविंग स्थिति में मिलने वाला वास्तविक माइलेज सीधे नहीं मापती।

 

किन कारणों से घट सकता है कार का माइलेज?

Fuel Efficiency India केवल E20 पेट्रोल पर निर्भर नहीं करती।माइलेज कई अन्य कारणों से भी प्रभावित होता है, जैसे:

  • शहर या हाईवे पर ड्राइविंग
  • ट्रैफिक जाम
  • एयर कंडीशनर का लगातार इस्तेमाल
  • टायर का कम प्रेशर
  • तेज एक्सीलरेशन और ब्रेकिंग
  • वाहन में अतिरिक्त वजन
  • इंजन की स्थिति और सर्विसिंग

इसी वजह से एक ही मॉडल की दो कारों का माइलेज अलग-अलग हो सकता है।

 

सरकार E20 ईंधन को क्यों बढ़ावा दे रही है?

भारत सरकार का लक्ष्य पेट्रोल में एथेनॉल की हिस्सेदारी बढ़ाकर देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना है।सरकार का मानना है कि Green Fuel India अभियान के तहत:

  • विदेशी तेल पर निर्भरता कम होगी।
  • प्रदूषण घटेगा।
  • किसानों की आय बढ़ेगी।
  • पर्यावरण को फायदा मिलेगा।

हालांकि Automobile News और वाहन मालिकों के बीच पुराने वाहनों की क्षमता और माइलेज को लेकर बहस अभी भी जारी है।

 

निष्कर्ष

Nitin Gadkari E20 Fuel को लेकर दिया गया बयान एक नई बहस को जन्म दे चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि कार मालिक डैशबोर्ड और फुल टैंक मेथड से वास्तविक माइलेज का अच्छा अनुमान लगा सकते हैं, जबकि अधिकृत डीलर की मशीन इंजन और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की तकनीकी जांच के लिए अधिक उपयोगी होती है। ऐसे में E20 पेट्रोल पर चर्चा आने वाले समय में और तेज हो सकती है, क्योंकि सरकार इसे पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी मानती है, जबकि कई वाहन मालिक माइलेज को लेकर चिंता जता रहे हैं।

FAQs:

उन्होंने कहा कि आम कार मालिक अपनी गाड़ी का सही माइलेज खुद नहीं माप सकते और इसके लिए अधिकृत डीलर की मशीन से जांच करानी चाहिए।

E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है जिसमें 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण होता है।

केंद्र सरकार के अनुसार कुछ वाहनों में E20 पेट्रोल से 3% से 5% तक माइलेज कम हो सकता है।

कच्चे तेल के आयात को कम करने, किसानों की आय बढ़ाने, प्रदूषण घटाने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए।

नहीं। सभी पुराने वाहन E20 के लिए उपयुक्त नहीं हैं। वाहन निर्माता की गाइडलाइन देखना जरूरी है।

इससे कार्बन उत्सर्जन कम हो सकता है, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटती है और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा मिलता है।