महाराष्ट्र की Ladki Bahin Row इन दिनों राज्य की राजनीति का सबसे चर्चित मुद्दा बन गई है। Maharashtra Ladki Bahin Scheme के तहत कथित तौर पर Rs 14000 Crore अपात्र लाभार्थियों (Ineligible Beneficiaries) को दिए जाने के आरोपों के बाद Shiv Sena UBT सांसद Sanjay Raut ने Sanjay Raut Legal Action की चेतावनी दी है। इस विवाद ने Maharashtra Politics में नई बहस छेड़ दी है और Maharashtra Government की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Why is Ladki Bahin Row trending?
Ladki Bahin Row इसलिए चर्चा में है क्योंकि रिपोर्टों के अनुसार Maharashtra Ladki Bahin Scheme के तहत सत्यापन से पहले कथित रूप से लाखों Ineligible Beneficiaries को करीब Rs 14000 Crore का भुगतान किया गया। इस पर Sanjay Raut ने सरकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि सत्यापन के बाद अपात्र लाभार्थियों को योजना से हटा दिया गया है।

Ladki Bahin Row में क्या है पूरा मामला?
रिपोर्टों के अनुसार, e-KYC और सत्यापन प्रक्रिया के बाद 92 लाख से अधिक Scheme Beneficiaries को Ladki Bahin Yojana से हटाया गया। दावा किया गया कि इन लाभार्थियों को पहले ही लगभग Rs 14000 Crore की सहायता राशि मिल चुकी थी।
Sanjay Raut on Ladki Bahin Yojana ने आरोप लगाया कि–
- करीब एक करोड़ लाभार्थी पात्रता मानकों पर खरे नहीं उतरते थे।
- लगभग 29,000 पुरुषों ने भी योजना का लाभ लिया।
- हजारों सरकारी कर्मचारियों को भी योजना का पैसा मिला।
- सरकार ने चुनाव से पहले सत्यापन किए बिना भुगतान जारी रखा।
इन आरोपों के बाद Ladki Bahin Scheme Controversy ने राजनीतिक रूप ले लिया है
Sanjay Raut threatens legal action: क्या बोले शिवसेना (UBT) सांसद?
Sanjay Raut ने कहा कि वह Maharashtra Government को कानूनी नोटिस भेजेंगे और आवश्यकता पड़ने पर हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
उन्होंने मांग की कि–
- तत्कालीन Eknath Shinde सरकार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
- भुगतान को मंजूरी देने वाले अधिकारियों और मंत्रियों की जवाबदेही तय हो।
- सरकारी धन की वसूली की जाए।
- जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों की संपत्तियां भी जब्त की जाएं।
राउत ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव से पहले Mahayuti Government ने इस योजना का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया।
Rs 14000 crore paid to ineligible beneficiaries: विवाद क्यों बढ़ा?
Rs 14000 crore paid to ineligible beneficiaries का दावा सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि यदि लाभार्थी अपात्र थे तो उन्हें योजना का पैसा कैसे मिला?
विपक्ष का आरोप है कि–
- e-KYC और सत्यापन समय पर नहीं किया गया।
- चुनाव खत्म होने के बाद जांच शुरू की गई।
- इससे Welfare Scheme Fraud की आशंका पैदा हुई।
हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी न्यायालय द्वारा पुष्टि नहीं की गई है।
महाराष्ट्र सरकार ने क्या कहा?
Maharashtra Government ने इन आरोपों को लेकर कहा है कि सत्यापन अभियान के दौरान अपात्र लाभार्थियों की पहचान की गई और उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया।
सरकार के अनुसार–
- पुरुष लाभार्थियों और सरकारी कर्मचारियों से राशि की वसूली की जाएगी।
- अन्य महिलाओं से, जिनका भुगतान सत्यापन के बाद रोका गया, राशि वापस नहीं ली जाएगी।
सरकार का कहना है कि Women Welfare Scheme का उद्देश्य केवल पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है।
क्या Devendra Fadnavis, Eknath Shinde और Ajit Pawar सरकार पर बढ़ेगा दबाव?
इस Political News India ने Devendra Fadnavis, Eknath Shinde और Ajit Pawar के नेतृत्व वाली Mahayuti Government पर विपक्ष का दबाव बढ़ा दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि–
- विपक्ष इस मुद्दे को बड़े राजनीतिक अभियान में बदल सकता है।
- यदि मामला अदालत पहुंचता है तो योजना की प्रक्रिया की न्यायिक जांच की मांग भी उठ सकती है।
- इससे भविष्य की सरकारी योजनाओं में सत्यापन और पारदर्शिता को लेकर नए नियम बन सकते हैं।
निष्कर्ष
Ladki Bahin Row ने महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। Rs 14000 Crore के कथित भुगतान, Ineligible Beneficiaries, और Ladki Bahin Yojana scam allegations को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। वहीं Maharashtra Government का कहना है कि सत्यापन के बाद आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि Sanjay Raut Legal Action आगे किस दिशा में बढ़ता है और क्या इस मामले में कोई न्यायिक या प्रशासनिक कार्रवाई होती है।
FAQs:
Ladki Bahin Row महाराष्ट्र की Ladki Bahin Yojana से जुड़ा विवाद है, जिसमें कथित तौर पर अपात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलने का आरोप लगाया गया है।
Sanjay Raut का आरोप है कि Rs 14000 Crore की राशि अपात्र लाभार्थियों को दी गई। इसी आधार पर उन्होंने कानूनी नोटिस और हाईकोर्ट जाने की बात कही है।
रिपोर्टों के अनुसार, सत्यापन से पहले लाखों Ineligible Beneficiaries को योजना का लाभ मिला, जिससे लगभग ₹14,000 करोड़ के भुगतान का विवाद सामने आया।
e-KYC और सत्यापन प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में लाभार्थियों को Maharashtra Ladki Bahin Scheme से हटाया गया, जिसके बाद यह विवाद सामने आया।
Maharashtra Government का कहना है कि सत्यापन के बाद अपात्र लाभार्थियों की पहचान की गई है। सरकार के अनुसार, केवल पुरुष लाभार्थियों और सरकारी कर्मचारियों जैसी श्रेणियों से राशि की वसूली की जाएगी, जबकि अन्य महिलाओं से राशि वापस नहीं ली जाएगी।

