Misir Besra Arrest: 40 साल तक सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने वाला ₹1 करोड़ का खूंखार माओवादी आखिर कैसे पकड़ा गया?

Misir Besra Arrest

Misir Besra Arrest भारत के नक्सल विरोधी अभियान की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है। झारखंड पुलिस और CoBRA (Commando Battalion for Resolute Action) की संयुक्त कार्रवाई में 1 करोड़ के इनामी और CPI (Maoist) के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा को गिरफ्तार कर लिया गया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से झारखंड और आसपास के राज्यों में माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लग सकता है।

Misir Besra Arrest क्या है?

Misir Besra Arrest झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता है। 1 करोड़ के इनामी और CPI (Maoist) के वरिष्ठ नेता मिसिर बेसरा को CoBRA और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया। उनके साथ दो अन्य माओवादी समेत कुल पांच लोगों को भी पकड़ा गया है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ से माओवादी नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

मिसिर बेसरा कौन हैं और उन पर ₹1 करोड़ का इनाम क्यों था?

मिसिर बेसरा झारखंड के गिरिडीह जिले के मदनाडीह गांव के रहने वाले हैं। वह CPI (Maoist) के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। उन्हें कई नामों से जाना जाता था, जिनमें

  • सुनीर्मल
  • भास्कर
  • सागर
  • प्रधान

शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह

  • CPI (Maoist) की Politburo के सदस्य थे।
  • Central Committee का हिस्सा थे।
  • Central Military Commission में शामिल थे।
  • Eastern Regional Bureau में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।

उन पर विभिन्न राज्यों की ओर से कुल ₹1 करोड़ का इनाम घोषित था

Misir Besra Arrest कैसे हुआ?

मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी झारखंड पुलिस और CoBRA की संयुक्त कार्रवाई में हुई।

इस अभियान में

  • CoBRA कमांडो ने जंगल युद्ध (Jungle Warfare) और गुरिल्ला ऑपरेशन की अपनी विशेष ट्रेनिंग का इस्तेमाल किया।
  • बेसरा के साथ टुंबा मांझी और बिरेन हांसदा सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।
  • पुलिस ने फिलहाल पूछताछ का स्थान सार्वजनिक नहीं किया है।

अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के बाद माओवादी संगठन के नेटवर्क और गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

 

गिरफ्तारी से पहले 16 माओवादियों ने किया था आत्मसमर्पण

मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी से ठीक एक दिन पहले 16 माओवादियों ने झारखंड सरकार की समर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण किया था। पुलिस के अनुसार

  • ये माओवादी कोल्हान, सारंडा और लातेहार क्षेत्र में सक्रिय थे।
  • इनमें एक क्षेत्रीय कमांडर भी शामिल था।
  • ये सभी कथित रूप से मिसिर बेसरा और केंद्रीय समिति के सदस्य असीम मंडल के नेटवर्क से जुड़े हुए थे।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आत्मसमर्पण और गिरफ्तारी एक बड़े नक्सल विरोधी अभियान का हिस्सा हैं।

 

नक्सल आंदोलन में मिसिर बेसरा की भूमिका कितनी बड़ी थी?

मिसिर बेसरा ने 1980 के दशक के मध्य में माओवादी आंदोलन से जुड़कर लगभग चार दशक तक संगठन में काम किया। उन्होंने

  • झारखंड में संगठन का विस्तार किया।
  • माओवादी सशस्त्र ढांचे को मजबूत किया।
  • लंबे समय तक कोल्हान, सारंडा और हाल के महीनों में पारसनाथ पहाड़ी क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाई।

उन्हें झारखंड में सक्रिय सबसे प्रभावशाली माओवादी नेताओं में से एक माना जाता था।

 

इस गिरफ्तारी का नक्सल विरोधी अभियान पर क्या असर पड़ेगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि

  • झारखंड में माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा।
  • संगठन की कमांड और समन्वय क्षमता प्रभावित हो सकती है।
  • सुरक्षा एजेंसियों को पूछताछ से नए इनपुट मिल सकते हैं।
  • भविष्य में और गिरफ्तारियां तथा ऑपरेशन तेज हो सकते हैं।

हालांकि सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नक्सल विरोधी अभियान अभी जारी रहेगा और नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई की जाएगी।

 

निष्कर्ष

Misir Besra Arrest झारखंड और देश के नक्सल विरोधी अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। 1 करोड़ के इनामी और CPI (Maoist) के शीर्ष नेता की गिरफ्तारी से सुरक्षा एजेंसियों को संगठन की गतिविधियों, नेटवर्क और रणनीति से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। वहीं, हाल ही में 16 माओवादियों के आत्मसमर्पण के साथ यह कार्रवाई झारखंड में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ चल रहे अभियान को नई मजबूती देती दिखाई देती है।

 

FAQs

  1. मिसिर बेसरा कौन हैं?

मिसिर बेसरा CPI (Maoist) के वरिष्ठ नेता और संगठन की Politburo, Central Committee तथा Central Military Commission के सदस्य बताए जाते हैं।

 

  1. मिसिर बेसरा पर 1 करोड़ से अधिक का इनाम क्यों घोषित था?

वह लंबे समय से माओवादी गतिविधियों में कथित रूप से शामिल थे और कई राज्यों में वांछित थे। इसी कारण उन पर कुल 1 करोड़ का इनाम घोषित किया गया था।

 

  1. झारखंड पुलिस ने उन्हें कैसे गिरफ्तार किया?

झारखंड पुलिस और CRPF की विशेष इकाई CoBRA ने संयुक्त अभियान चलाकर मिसिर बेसरा और उनके साथियों को गिरफ्तार किया।

 

  1. गिरफ्तारी कहाँ और कब हुई?

झारखंड पुलिस ने मंगलवार को उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की। हालांकि सुरक्षा कारणों से ऑपरेशन का सटीक स्थान और पूछताछ का स्थान सार्वजनिक नहीं किया गया है।

 

  1. क्या इस अभियान में अन्य माओवादी भी पकड़े गए?

हाँ। मिसिर बेसरा के साथ दो अन्य माओवादीटुंबा मांझी और बिरेन हांसदासहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।

 

  1. इस गिरफ्तारी का नक्सल विरोधी अभियान पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

विशेषज्ञों के अनुसार इससे झारखंड में माओवादी नेटवर्क कमजोर पड़ सकता है और पूछताछ से संगठन की गतिविधियों व नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।