Indian Seafarers Black Sea को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा (Andrii Sybiha) से बातचीत के दौरान स्पष्ट कहा कि व्यावसायिक जहाजों और भारतीय नाविकों पर हमले बिल्कुल अस्वीकार्य (Absolutely Unacceptable) हैं। पिछले दो सप्ताह में ब्लैक सी और उसके आसपास हुए हमलों में कई भारतीय नाविकों की मौत और घायल होने की घटनाओं के बाद भारत ने उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
Indian Seafarers Black Sea क्या है?
Indian Seafarers Black Sea से जुड़ा मामला रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ब्लैक सी में व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते हमलों से संबंधित है। हाल के दिनों में कई व्यापारी जहाज हमलों की चपेट में आए, जिनमें भारतीय नाविक भी सवार थे। भारत ने इन हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए दोनों पक्षों से नागरिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

जयशंकर ने यूक्रेन से क्या कहा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से फोन पर बातचीत के दौरान साफ कहा कि–
- व्यावसायिक जहाजों पर हमला स्वीकार्य नहीं है।
- भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
- नागरिक जहाजों को युद्ध का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
भारत ने इस मुद्दे को मानवीय और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
Indian Seafarers Black Sea:आखिर क्या हुआ था?
पिछले कुछ दिनों में ब्लैक सी क्षेत्र में कई गंभीर घटनाएं सामने आईं।
M.V. Omorfi पर हमला
- 18 जुलाई 2026 को व्यापारी जहाज M.V. Omorfi पर हमला हुआ।
- इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत की खबर सामने आई।
- घटना के बाद भारत ने यूक्रेन के राजदूत को तलब किया।
M.V. Golden Leo पर हमला
- 19 जुलाई को ओडेसा (Odesa) बंदरगाह के पास M.V. Golden Leo पर हमला हुआ।
- इस हमले में कुल 10 नाविकों की मौत हुई।
- मृतकों में चार भारतीय नागरिक भी शामिल थे।
MV AGN Ragnar पर हमला
- 25 जुलाई को एक अन्य व्यापारी जहाज MV AGN Ragnar भी हमले की चपेट में आया।
- जहाज पर चार भारतीय सवार थे।
- भारतीय दूतावास के अनुसार दो सुरक्षित हैं, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
यूक्रेन ने रूस पर क्या आरोप लगाया?
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा कि–
- रूस ब्लैक सी में नागरिक जहाजों पर हमले कर रहा है।
- इससे समुद्री व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है।
- वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर भी इसका असर पड़ सकता है।
- उन्होंने भारत से शांति प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाने का भी आग्रह किया।
रूस की ओर से इन विशेष आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भारत ने अब तक क्या कदम उठाए हैं?
भारतीय सरकार ने हाल की घटनाओं के बाद कई कूटनीतिक कदम उठाए हैं।
- 22 जुलाई को भारत ने रूसी प्रभारी राजदूत (Charge d’Affaires) को तलब कर चिंता जताई।
- 27 जुलाई को यूक्रेन के राजदूत को भी बुलाकर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
- विदेश मंत्रालय लगातार भारतीय दूतावासों के माध्यम से स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
- प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
ब्लैक सी भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
ब्लैक सी केवल युद्ध का क्षेत्र नहीं, बल्कि वैश्विक समुद्री व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग भी है। इसका महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि–
- भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा Merchant Seafarers उपलब्ध कराने वाला देश है।
- बड़ी संख्या में भारतीय नाविक अंतरराष्ट्रीय व्यापारी जहाजों पर कार्यरत हैं।
- इस क्षेत्र में अस्थिरता का असर वैश्विक सप्लाई चेन और खाद्यान्न व्यापार पर भी पड़ सकता है।
भारत की विदेश नीति क्या संकेत देती है?
भारत लगातार यह संदेश दे रहा है कि–
- नागरिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
- अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन किया जाए।
- युद्ध के बीच भी मानवीय सिद्धांतों का सम्मान किया जाए।
- कूटनीतिक समाधान और शांति प्रयासों को प्राथमिकता दी जाए।
निष्कर्ष
Indian Seafarers Black Sea का मुद्दा केवल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक समुद्री व्यापार, अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर का स्पष्ट संदेश दर्शाता है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। साथ ही भारत दोनों पक्षों से नागरिक जहाजों पर हमले रोकने और समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने की अपेक्षा करता है।
FAQs:
उन्होंने कहा कि व्यावसायिक जहाजों और भारतीय नाविकों पर हमले बिल्कुल अस्वीकार्य हैं और नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ब्लैक सी क्षेत्र में व्यापारी जहाजों पर बढ़ते हमलों के कारण कई जहाज प्रभावित हुए, जिन पर भारतीय नाविक भी सवार थे।
भारत ने नागरिक जहाजों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा ऐसे हमलों को रोकने पर जोर दिया है।
भारत ने रूस और यूक्रेन दोनों के राजनयिक प्रतिनिधियों को तलब कर अपनी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास प्रभावित भारतीयों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
ब्लैक सी वैश्विक समुद्री व्यापार और खाद्यान्न आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। इस क्षेत्र में अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, सप्लाई चेन और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

