UPI पर चार्ज लगेगा या नहीं? Tax Bill पर संसद में बड़ा फैसला, वित्त मंत्री ने साफ किया पूरा मामला

UPI Charges

Rajya Sabha Returns Taxation Bill 2026 के बाद UPI यूजर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आने वाले समय में UPI पेमेंट पर MDR यानी Merchant Discount Rate देना पड़ेगा? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में साफ किया कि मौजूदा संशोधन UPI यूजर्स पर कोई टैक्स या ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लगाता और छोटे व्यापारियों पर MDR लगाने का सरकार का इरादा नहीं है। लोकसभा ने पहले ही Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 को पास कर दिया था। मनी बिल होने के कारण राज्यसभा इसे रोक नहीं सकती थी। चर्चा के बाद राज्यसभा ने अपनी सिफारिशों के साथ बिल लोकसभा को वापस भेज दिया, जिसके बाद लोकसभा ने इसे पारित कर दिया।

UPI पर क्या बदलेगा?

बिल में UPI से जुड़े प्रावधान को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह प्रावधान केवल enabling provision है। यानी इससे अपने आप UPI पेमेंट पर कोई नया टैक्स या चार्ज लागू नहीं होता। सरकार भविष्य में नोटिफिकेशन के जरिए यह तय कर सकती है कि किन इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट माध्यमों को चार्ज से वैधानिक सुरक्षा मिलती रहेगी। हालांकि, वित्त मंत्री के मुताबिक अभी तक कोई MDR फ्रेमवर्क तय नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि आम उपभोक्ता UPI से भुगतान करते समय ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं देंगे।

Image: The Hindu

छोटे दुकानदारों को भी राहत

वित्त मंत्री ने छोटे व्यापारियों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारी UPI के समावेशी विकास का अहम हिस्सा हैं और उन पर MDR लगाने का सरकार का इरादा नहीं है। इसका मतलब है कि फिलहाल छोटे दुकानदारों और ग्राहकों के लिए UPI पेमेंट व्यवस्था में कोई नया चार्ज लागू नहीं किया गया है।

Tax Bill में सिर्फ UPI ही नहीं, ये बड़े बदलाव भी

Taxation and Other Laws Amendment Bill 2026 में UPI के अलावा टैक्स और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं। इनमें भारत में कुछ निर्धारित डेटा सेंटर सेवाओं से जुड़े टैक्स प्रावधान, ग्लोबल डायमंड ट्रेडिंग को बढ़ावा देने के उपाय, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन और पात्र निवेश फंड्स के लिए कुछ शर्तों में राहत शामिल है। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य भारत में निवेश बढ़ाना, मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करना और रोजगार के अवसर पैदा करना है।

 

Data Centre और Diamond Trade पर भी सरकार का फोकस

बिल के जरिए कुछ डेटा सेंटर सेवाओं को टैक्स से जुड़ी राहत देने का प्रस्ताव है। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे भारत में डेटा सेंटर का घरेलू इकोसिस्टम मजबूत होगा। उनके मुताबिक, इन सुधारों से निवेश, संपत्ति, रोजगार और मुनाफे का बड़ा हिस्सा भारतीय कंपनियों के पास रह सकता है। इसके अलावा, रफ डायमंड ट्रेडिंग, बिजनेस ट्रस्ट और सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश से जुड़े कुछ टैक्स प्रावधानों में भी बदलाव किए गए हैं। कुछ विदेशी संस्थागत निवेशकों और Bank for International Settlements से जुड़े आय पर भी टैक्स छूट के प्रावधान शामिल हैं।

 

मनी बिल होने के कारण राज्यसभा की भूमिका क्या रही?

यह बिल Money Bill है, इसलिए राज्यसभा के पास इसे रोकने की शक्ति नहीं है। ऊपरी सदन बिल में सिफारिशें कर सकता है और उसे लोकसभा को वापस भेज सकता है, लेकिन अंतिम फैसला लोकसभा का होता है। यही वजह है कि राज्यसभा से वापस आने के बाद भी बिल का कानून बनने का रास्ता खुला रहा। लोकसभा राज्यसभा की सिफारिशों को स्वीकार या खारिज कर सकती है।

 

निष्कर्ष

Rajya Sabha Returns Taxation Bill 2026 के बाद UPI चार्ज को लेकर बनी आशंकाओं के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फिलहाल स्थिति साफ कर दी है। मौजूदा प्रावधान से UPI यूजर्स पर कोई नया ट्रांजैक्शन चार्ज या टैक्स लागू नहीं हुआ है, जबकि छोटे व्यापारियों पर MDR लगाने का भी सरकार का इरादा नहीं है। साथ ही, बिल में डेटा सेंटर, डायमंड ट्रेडिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और निवेश को बढ़ावा देने वाले कई टैक्स बदलाव शामिल हैं।

 

FAQs

  1. Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 क्या है?
    यह टैक्स और निवेश से जुड़े कई प्रावधानों में बदलाव करने वाला विधेयक है, जिसमें UPI, डेटा सेंटर, डायमंड ट्रेडिंग और निवेश से जुड़े उपाय शामिल हैं।
  2. क्या UPI पर अभी कोई नया चार्ज लगाया गया है?
    नहीं। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा संशोधन UPI यूजर्स पर कोई नया टैक्स या ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लगाता।
  3. क्या छोटे व्यापारियों से MDR लिया जाएगा?
    वित्त मंत्री ने कहा है कि छोटे व्यापारियों पर MDR लगाने का सरकार का इरादा नहीं है।
  4. राज्यसभा ने बिल को वापस क्यों भेजा?
    मनी बिल होने के कारण राज्यसभा इसमें केवल सिफारिशें कर सकती है। चर्चा के बाद बिल सिफारिशों के साथ लोकसभा को वापस भेजा गया।
  5. बिल में UPI के अलावा क्या बदलाव हैं?
    बिल में डेटा सेंटर सेवाओं, ग्लोबल डायमंड ट्रेडिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, निवेश फंड और बिजनेस ट्रस्ट से जुड़े टैक्स प्रावधानों में बदलाव किए गए हैं।