AI कंपनी एंथ्रोपिक का वैल्यूएशन 77 भारतीय IT फर्मों के संयुक्त मूल्यांकन से भी अधिक, बाजार में मचा हड़कंप, क्या खतरे में है IT सेक्टर?

भारत का सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। उन्नत जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने भारतीय IT कंपनियों के पारंपरिक बिजनेस मॉडल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर अमेरिका की AI कंपनी Anthropic द्वारा पेश किए गए नए टूल्स के बाद निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है। अपनी पहली आय के तीन साल बाद एंथ्रोपिक का 380 बिलियन डॉलर का मूल्यांकन 77 भारतीय आईटी फर्मों के संयुक्त मूल्यांकन से भी अधिक है।

 

AI टूल्स की एंट्री से बाजार में गिरावट

हाल ही में Anthropic ने अपना नया AI टूल ‘Claude for Cowork’ लॉन्च किया। यह टूल दफ्तर में काम करने वाले सहायक की तरह फाइलें व्यवस्थित करने, कानूनी दस्तावेज पढ़ने और अन्य ऑफिस कार्यों में मदद करता है। इसके लॉन्च के बाद भारतीय IT कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई।

 

पिछले एक सप्ताह में Tata Consultancy Services (TCS), Infosys, Wipro और HCL Technologies जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर 9 से 11 प्रतिशत तक टूट गए। इससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

 

वैल्यूएशन में Anthropic आगे

Anthropic की बाजार वैल्यूएशन (कंपनी का कुल बाजार मूल्य) 380 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा भारत के Nifty IT इंडेक्स की कुल मार्केट कैप 296.4 अरब डॉलर से काफी ज्यादा है। इस तुलना ने निवेशकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या AI कंपनियां भविष्य में पारंपरिक IT सेवाओं को पीछे छोड़ देंगी।

 

Anthropic ने हाल ही में Series G फंडिंग राउंड में 30 अरब डॉलर जुटाए, जिसकी अगुवाई GIC और Coatue ने की। इससे पहले कंपनी 20 अरब डॉलर जुटा चुकी थी और उसकी वैल्यूएशन 350 अरब डॉलर आंकी गई थी। पिछले साल सितंबर में कंपनी की अनुमानित वैल्यू 183 अरब डॉलर थी, जबकि मार्च 2025 में यह 61.5 अरब डॉलर थी। यानी तीन साल से भी कम समय में कंपनी ने जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है।

Anthropic valuation

IT कंपनियों की बाजार पूंजी में बड़ी गिरावट

इस सप्ताह आई गिरावट से देश की पांच बड़ी IT कंपनियों की संयुक्त बाजार पूंजी में लगभग 3,11,873 करोड़ रुपये की कमी आई है।

  • TCS को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। इसका बाजार मूल्य 1,28,800 करोड़ रुपये घटकर 9,35,253 करोड़ रुपये रह गया। इससे कंपनी चौथे स्थान से फिसलकर पांचवें स्थान पर आ गई।
  • Infosys की मार्केट कैप 91,431 करोड़ रुपये कम हुई।
  • HCL Technologies को 53,647 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
  • Wipro की मार्केट कैप 22,762 करोड़ रुपये घटी।
  • Tech Mahindra को 15,233 करोड़ रुपये का झटका लगा।

 

डॉलर में देखें तो कंपनियों का मार्केट कैप इस प्रकार है:

कंपनी का नाम

मार्केट कैप (अरब डॉलर)

Tata Consultancy Services

107.4

Infosys

61.2

HCL Technologies

43.6

Wipro

24.8

Tech Mahindra

16.6

LTIMindtree

16.7

Persistent Systems

9.5

Oracle Financial Services Software

6.4

Coforge

5

Mphasis

5.2

कुल

296.4

 

कम समय में बड़ी कमाई

Anthropic ने बताया कि कंपनी को अपनी पहली कमाई किए अभी तीन साल भी पूरे नहीं हुए हैं। इसके बावजूद उसकी वार्षिक रन-रेट रेवेन्यू (अनुमानित सालाना आय) 14 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। पिछले तीन वर्षों में कंपनी की आय हर साल दस गुना से अधिक बढ़ी है।

 

इसके मुकाबले, भारत की 77 BSE IT कंपनियों ने वित्त वर्ष 2025 में करीब 100 अरब डॉलर की आय दर्ज की और लगभग 15 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया। उदाहरण के तौर पर, TCS ने FY25 में 2,55,324 करोड़ रुपये का राजस्व कमाया, जो मौजूदा विनिमय दर पर लगभग 28.17 अरब डॉलर बनता है। वहीं Infosys की FY25 बिक्री 1,62,990 करोड़ रुपये रही, जो करीब 17.98 अरब डॉलर के बराबर है।

 

Claude Code की तेज रफ्तार

Anthropic का एक और प्रमुख उत्पाद ‘Claude Code’ है, जिसे मई में सार्वजनिक रूप से लॉन्च किया गया था। नवंबर तक इसने 1 अरब डॉलर की वार्षिक आय का आंकड़ा छू लिया। अब इसकी रन-रेट रेवेन्यू 2.5 अरब डॉलर से अधिक हो गई है, जो 2026 की शुरुआत से दोगुनी हो चुकी है।

 

कंपनी का दावा है कि दुनिया भर में GitHub पर किए गए 4 प्रतिशत सार्वजनिक कोड कमिट Claude Code के जरिए किए गए हैं। यह हिस्सा एक महीने पहले की तुलना में दोगुना है। Claude Code के बिजनेस सब्सक्रिप्शन 2026 की शुरुआत से चार गुना बढ़ गए हैं और एंटरप्राइज ग्राहक अब इसकी कुल आय का आधे से ज्यादा हिस्सा दे रहे हैं।

 

कंपनी का कहना है कि कोडिंग के अलावा यह टूल वित्तीय विश्लेषण, डेटा विश्लेषण, बिक्री, साइबर सुरक्षा और वैज्ञानिक शोध जैसे क्षेत्रों में भी काम आ रहा है।

 

क्या सच में खतरे में है IT सेक्टर?

हालांकि बाजार में घबराहट दिखी है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अभी निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। Geojit Investments के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, इस समय IT शेयरों में घबराकर बिक्री करना सही नहीं होगा। उनका कहना है कि निवेशकों को इंतजार करना चाहिए और स्थिति साफ होने देना चाहिए।

 

इस बीच, Infosys के शेयर 1,298 रुपये पर खुले और 7.61 प्रतिशत गिरकर 1,387.20 रुपये तक पहुंचे। TCS 6.28 प्रतिशत गिरकर 2,579 रुपये तक आया। Wipro 4.45 प्रतिशत गिरकर 209.15 रुपये पर पहुंचा। HCL Technologies 4.32 प्रतिशत गिरकर 1,412.40 रुपये पर आ गया। Tech Mahindra भी 2.41 प्रतिशत गिरकर 1,499.35 रुपये पर बंद हुआ।

 

मांग में सुस्ती भी एक कारण

Nirmal Bang Institutional Equities की एक रिपोर्ट के अनुसार, IT कंपनियों के प्रबंधन ने AI आधारित सौदों की बात जरूर की है, लेकिन कुल आंकड़े अभी सीमित वृद्धि दिखाते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी कंपनियां अभी भी खर्च को लेकर सावधान हैं। आर्थिक अनिश्चितता, राजनीतिक माहौल और ब्याज दरों को लेकर स्पष्टता न होने से फैसले लेने में समय लग रहा है।

 

ग्राहक बड़ी परियोजनाओं की जगह छोटे और सीमित दायरे वाले काम चुन रहे हैं। यानी AI की चर्चा भले तेज हो, लेकिन इससे अभी तुरंत बड़े बदलाव नहीं दिख रहे हैं।

 

आगे का रास्ता

विशेषज्ञ मानते हैं कि AI एक बड़ा बदलाव जरूर लाएगा, लेकिन यह भारतीय IT कंपनियों के लिए पूरी तरह खतरा भी नहीं है। कई भारतीय कंपनियां भी AI समाधान विकसित कर रही हैं और अपने ग्राहकों को नई तकनीक अपनाने में मदद दे रही हैं।

 

फिलहाल बाजार में अस्थिरता है और निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि AI का असर आने वाले महीनों में किस तरह सामने आता है। साफ है कि टेक्नोलॉजी की दुनिया तेजी से बदल रही है और इस बदलाव के साथ कदम मिलाना ही कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।