260 कंपनियों के साथ भारत आ रहे ब्राजील के राष्ट्रपति, क्या लूला का भारत दौरा BRICS और व्यापार को देगा नई रफ्तार?

ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inácio Lula da Silva आज भारत के राजकीय दौरे पर पहुंच रहे हैं। वे 18 से 22 फरवरी तक भारत में रहेंगे। यह यात्रा प्रधानमंत्री Narendra Modi के निमंत्रण पर हो रही है और इसे दोनों देशों के रिश्तों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

 

इस दौरे की खास बात यह है कि राष्ट्रपति लूला अपने साथ करीब 260 कंपनियों के मालिकों और बड़े अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल ला रहे हैं। उनके साथ लगभग 14 मंत्री भी भारत आ रहे हैं। इससे साफ है कि इस यात्रा का मुख्य फोकस व्यापार, निवेश और नई साझेदारी को आगे बढ़ाना है।

 

AI समिट में भागीदारी से क्या संदेश?

भारत पहुंचने के बाद राष्ट्रपति लूला 19 और 20 फरवरी को नई दिल्ली में होने वाले दूसरे AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे। रवाना होने से पहले उन्होंने कहा कि वे भारत के साथ नई तकनीक और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग के मौके तलाशेंगे।

 

भारत इस समय जिम्मेदार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की बात कर रहा है। ब्राजील भी ग्लोबल साउथ के देशों के साथ तकनीकी सहयोग बढ़ाना चाहता है। ऐसे में AI समिट दोनों देशों के लिए साझा मंच बन सकता है।

 

15 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंचा व्यापार

राष्ट्रपति लूला ने बताया कि 2025 में भारत और ब्राजील के बीच व्यापार 15 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा रहा है। अगर भारतीय मुद्रा में देखें तो कुल व्यापार लगभग ₹1.37 लाख करोड़ के आसपास है।

 

भारत से ब्राजील को करीब ₹75 हजार करोड़ का निर्यात होता है। इनमें डीजल, कीटनाशक, कृषि दवाइयां, केमिकल, इंजीनियरिंग का सामान, धागा और कच्चा एलुमिनियम शामिल हैं।

 

वहीं ब्राजील से भारत करीब ₹62 हजार करोड़ का आयात करता है। इसमें कच्चा तेल, सोयाबीन तेल, सोना, कच्ची चीनी, कपास, लकड़ी से जुड़े उत्पाद, कुछ खास केमिकल और लौह अयस्क शामिल हैं।

 

ब्राजील लैटिन अमेरिका क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। ऊर्जा और कृषि उत्पादों के कारण यह व्यापार लगातार बढ़ रहा है।

Brazilian President Lula visit to India

पीएम मोदी के साथ अहम बैठक

21 फरवरी को राष्ट्रपति लूला और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। इस दौरान दोनों देश अपने रिश्तों की समीक्षा करेंगे और आगे की दिशा तय करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी उनके सम्मान में लंच का आयोजन भी करेंगे।

 

बातचीत के मुख्य मुद्दों में व्यापार और निवेश, रक्षा सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य और दवाइयां, महत्वपूर्ण खनिज और रेयर अर्थ मिनरल्स, विज्ञान और तकनीक, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष और लोगों के बीच संपर्क शामिल होंगे।

 

दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। इनमें संयुक्त राष्ट्र सुधार, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करना जैसे विषय शामिल हैं।

 

राष्ट्रपति और अन्य नेताओं से मुलाकात

भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu राष्ट्रपति लूला से मुलाकात करेंगी और उनके सम्मान में राजकीय भोज देंगी। उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan और विदेश मंत्री S. Jaishankar भी उनसे मिलेंगे।

 

लूला का छठा भारत दौरा

यह राष्ट्रपति लूला का छठा भारत दौरा है। वे 2004 में पहली बार गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आए थे। सितंबर 2023 में वे जी20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत आए थे।

 

प्रधानमंत्री मोदी जुलाई 2025 में ब्राजील की राजधानी Brasília के राजकीय दौरे पर गए थे। यह 57 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली राजकीय यात्रा थी। नवंबर 2025 में दोनों नेता जोहान्सबर्ग में जी20 बैठक के दौरान भी मिले थे।

 

2006 से रणनीतिक साझेदारी

भारत और ब्राजील ने 2006 में अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। पिछले दो दशकों में सहयोग का दायरा व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, कृषि, अंतरिक्ष और बहुपक्षीय मंचों तक फैल चुका है।

 

दोनों देश BRICS, G20, United Nations और वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन जैसे मंचों पर साथ मिलकर काम करते हैं।

 

BRICS के विस्तार के बीच अहम दौरा

हाल के वर्षों में BRICS का विस्तार हुआ है। अब सवाल है कि इतने बड़े समूह को प्रभावी कैसे बनाया जाए। भारत और ब्राजील दोनों ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और वैश्विक संस्थाओं में विकासशील देशों की भागीदारी बढ़ाने की मांग करते रहे हैं।

 

दोनों देश यह भी चाहते हैं कि BRICS सिर्फ एक चर्चा मंच न रहे, बल्कि ठोस फैसले लेने वाला समूह बने। विस्तार से ताकत बढ़ी है, लेकिन फैसले लेने में सहमति बनाना मुश्किल भी हो सकता है। ऐसे में भारत और ब्राजील संतुलित और व्यावहारिक रास्ते पर जोर दे सकते हैं।

 

रक्षा और अंतरिक्ष सहयोग

रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच 2003 में समझौता हुआ था, जिसे 2006 में मंजूरी मिली। जुलाई 2025 में संयुक्त रक्षा समिति की बैठक ब्राजील में हुई। दोनों देशों के सैन्य अधिकारी एक-दूसरे के यहां प्रशिक्षण और आदान-प्रदान के लिए जाते हैं।

 

अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी सहयोग जारी है। भारत ने 2021 में ब्राजील का Amazonia-1 उपग्रह लॉन्च किया था।

 

ऊर्जा और बायोफ्यूल

तेल और गैस क्षेत्र में ब्राजील, अमेरिका महाद्वीप में भारत का बड़ा निवेश केंद्र है। बायोफ्यूल के क्षेत्र में भी दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। ब्राजील ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस का सह-संस्थापक सदस्य है।

 

नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा परिवर्तन भी बातचीत के अहम विषय होंगे।

 

कृषि और पशुपालन

कृषि, फूड प्रोसेसिंग और पशुपालन दोनों देशों के बीच सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। भारत की गिर और कांकरेज नस्ल की गायें पहले ब्राजील भेजी गई थीं, जिन्हें वहां की जरूरत के अनुसार विकसित किया गया।

 

स्वास्थ्य, डिजिटल और शिक्षा सहयोग

2020 में दोनों देशों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में समझौता किया। ब्राजील की स्वास्थ्य नीति में आयुर्वेद और योग को वैकल्पिक इलाज के रूप में जगह मिली है।

 

2025 में डिजिटल तकनीक पर भी समझौता हुआ, जिसके तहत दोनों देश बड़े स्तर पर लागू डिजिटल सिस्टम साझा करेंगे।

 

तकनीकी सहयोग और छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के तहत कई ब्राजीली छात्र और अधिकारी भारत आकर प्रशिक्षण ले चुके हैं।

 

संस्कृति से भी जुड़ाव

ब्राजील में भारतीय संस्कृति, योग और शास्त्रीय नृत्य लोकप्रिय हो रहे हैं। 2011 में São Paulo में भारत का पहला सांस्कृतिक केंद्र खोला गया था।

 

Mahatma Gandhi की प्रतिमाएं Rio de Janeiro, साओ पाउलो और ब्रासीलिया में लगी हैं। 2025 में ब्राजील के आचार्य जोनस मासेट्टी को भारत सरकार ने पद्म श्री से सम्मानित किया।

 

ब्राजील में करीब 4,000 भारतीय रहते हैं, जिनमें ज्यादातर साओ पाउलो और रियो डी जेनेरियो में बसे हैं।

 

दौरे का मतलब क्या?

राष्ट्रपति लूला की यह यात्रा सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं है। 260 कंपनियों के प्रतिनिधियों और मंत्रियों की मौजूदगी दिखाती है कि दोनों देश आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई देना चाहते हैं।

 

अगर व्यापार, डिजिटल तकनीक, ऊर्जा और BRICS जैसे मंचों पर सहयोग मजबूत होता है, तो यह दौरा दोनों देशों के लिए लंबे समय तक असर छोड़ सकता है।

 

अब सबकी नजर इस बात पर है कि इस राजकीय दौरे के अंत में कौन से ठोस फैसले सामने आते हैं और क्या भारत-ब्राजील साझेदारी सच में नए दौर में प्रवेश करती है।