केंद्र सरकार ने संसद में बताया है कि देश की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और असम राइफल्स में बड़ी संख्या में पद अभी भी खाली हैं। राज्यसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित जवाब में बताया कि इन सभी बलों को मिलाकर कुल 93,139 पद खाली पड़े हैं।
यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है जब देश में आंतरिक सुरक्षा, सीमा सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे कामों में इन बलों की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि सरकार का कहना है कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए सभी बल अपनी जिम्मेदारियां पेशेवर तरीके से निभा रहे हैं।
किस बल में कितने पद खाली?
सरकार की ओर से संसद में जो आंकड़े दिए गए हैं, उनके अनुसार अलग-अलग बलों में खाली पदों की संख्या अलग है।
सबसे ज्यादा खाली पद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में हैं। इसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का स्थान है।
खाली पदों का विवरण इस प्रकार है:
- CISF – 28,342 पद
- CRPF – 27,400 पद
- BSF – 14,531 पद
- ITBP – 12,333 पद
- SSB – 6,784 पद
- असम राइफल्स – 3,749 पद
इन सभी को मिलाकर कुल 93,139 पद खाली हैं। सबसे कम रिक्तियां असम राइफल्स में बताई गई हैं।

क्या इससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है?
संसद में यह सवाल भी उठाया गया कि इतने बड़े स्तर पर खाली पद होने से क्या कानून व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और आपदा राहत कार्यों पर असर पड़ सकता है।
इस पर गृह राज्य मंत्री ने कहा कि बल अपने संसाधनों का सही इस्तेमाल कर रहे हैं और सभी जिम्मेदारियां पूरी पेशेवर क्षमता के साथ निभा रहे हैं।
सरकार का कहना है कि भर्ती की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है और खाली पदों को भरने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
भर्ती प्रक्रिया तेज करने के लिए क्या कदम उठाए गए?
सरकार के अनुसार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में भर्ती तेज करने के लिए कई सुधार किए गए हैं।
सबसे महत्वपूर्ण कदम यह है कि कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) पदों के लिए हर साल भर्ती प्रक्रिया कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के माध्यम से कराई जा रही है। इससे चयन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और तेज हुई है।
इसके अलावा कुछ प्रमुख पदों की भर्ती को बेहतर ढंग से समन्वित करने के लिए एक नोडल फोर्स की व्यवस्था की गई है, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करती है।
शारीरिक दक्षता परीक्षण के दौरान रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का उपयोग भी शुरू किया गया है। इससे उम्मीदवारों की पहचान और परीक्षण प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और तेज बनाने में मदद मिलती है।
मेडिकल जांच और चयन प्रक्रिया में भी बदलाव
भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए सरकार ने मेडिकल जांच में लगने वाला समय भी कम किया है।
इसके साथ ही जिन श्रेणियों में उम्मीदवारों की कमी रहती है, वहां कट-ऑफ अंक कम करके अधिक उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में शामिल करने का कदम भी उठाया गया है।
पदोन्नति से जुड़े पदों को जल्दी भरने के लिए विभागीय पदोन्नति समितियों की बैठकें भी नियमित रूप से आयोजित की जा रही हैं।
CAPF में इस्तीफों की संख्या क्यों बढ़ी?
सरकार ने संसद में यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में इस्तीफों की संख्या बढ़ी है।
आंकड़ों के अनुसार:
- 2021 – 1,255 इस्तीफे
- 2022 – 1,183 इस्तीफे
- 2023 – 2,037 इस्तीफे
- 2024 – 2,724 इस्तीफे
- 2025 – 2,333 इस्तीफे
इस तरह 2021 की तुलना में 2025 तक इस्तीफों की संख्या में करीब 86 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
सुसाइड और अन्य मामलों में आई कमी
जहां इस्तीफों की संख्या बढ़ी है, वहीं कुछ अन्य गंभीर मामलों में कमी देखने को मिली है।
सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार आत्महत्या, आपसी हत्या (फ्रैट्रिसाइड) और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है।
उदाहरण के लिए, फ्रैट्रिसाइड यानी आपसी गोलीबारी के मामले 2021 में 11 थे, जो 2025 में घटकर 4 रह गए।
इसी तरह स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामले भी 2021 के 10,828 से घटकर 2025 में 4,291 हो गए।
पुरानी पेंशन योजना पर क्या स्थिति है?
संसद में यह सवाल भी उठाया गया कि क्या CAPF कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दिल्ली हाईकोर्ट ने 2023 में एक फैसले में CAPF को “भारत संघ के सशस्त्र बल” की श्रेणी में माना था।
इस पर गृह राज्य मंत्री ने कहा कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन (sub-judice) है, इसलिए इस पर अंतिम फैसला अदालत के निर्णय के बाद ही लिया जाएगा।
सेवानिवृत्त जवानों के लिए कल्याण बोर्ड
सरकार ने यह भी बताया कि CAPF के सेवानिवृत्त जवानों और उनके परिवारों की मदद के लिए वेलफेयर एंड रिहैबिलिटेशन बोर्ड (WARB) बनाया गया है।
यह बोर्ड रिटायर कर्मियों, शहीद जवानों के परिजनों और दिव्यांग हुए कर्मियों के परिवारों की सहायता करता है।
इसके तहत विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्रीय, राज्य और जिला स्तर के वेलफेयर अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो इन परिवारों की समस्याओं को हल करने और पुनर्वास में मदद करते हैं।
आगे क्या होगी सरकार की रणनीति?
सरकार का कहना है कि CAPF और असम राइफल्स में खाली पदों को भरना एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। भर्ती एजेंसियों के माध्यम से नियमित नियुक्तियां की जा रही हैं और चयन प्रक्रिया को तेज बनाने के लिए नई तकनीक और प्रशासनिक सुधार भी लागू किए गए हैं।

