पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इजराइल और ईरान के बीच टकराव के बाद हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस बीच भारत सरकार ने भी स्थिति पर करीबी नजर रखते हुए कई अहम कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहरीन के किंग और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से फोन पर बात कर वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर चर्चा की। सरकार का फोकस साफ है-विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा किसी भी हाल में सुनिश्चित की जाए।
प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात के बाद भी साफ कहा कि पश्चिम एशिया की स्थिति चिंताजनक है और भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी संबंधित देशों के साथ मिलकर काम करेगा। भारत ने तनाव कम करने, शांति बहाल करने और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है।
भारतीय समुदाय की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता
ईरान में करीब 10 हजार भारतीय नागरिक रहते हैं। वहीं, इजराइल में 40 हजार से ज्यादा भारतीय काम करते हैं या पढ़ाई कर रहे हैं। इसके अलावा खाड़ी और पश्चिम एशिया के देशों में लगभग 90 लाख भारतीय बसे हुए हैं। ऐसे में क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर भारतीयों पर पड़ सकता है।
स्थिति को देखते हुए भारत ने बहरीन में वीजा और पासपोर्ट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। वहीं, अबू धाबी स्थित BAPS हिंदू मंदिर को 9 मार्च तक आगंतुकों के लिए बंद कर दिया गया है। भारतीय दूतावासों ने कुवैत, ओमान, लेबनान और ऑस्ट्रिया सहित कई देशों में एडवाइजरी जारी कर भारतीयों से सतर्क रहने को कहा है।
कुवैत में भारतीय राजदूत परमिता त्रिपाठी ने वहां के प्रमुख भारतीय समुदाय नेताओं और संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठक कर हालात की जानकारी दी और सुरक्षा उपायों पर चर्चा की।

सुरक्षा समिति की अहम बैठक
1 मार्च की रात करीब 9.30 बजे प्रधानमंत्री आवास पर कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक हुई। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस अनिल चौहान और वित्त मंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में 28 फरवरी को ईरान पर हुए हवाई हमलों और उसके बाद की स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी गई।
समिति ने क्षेत्र में बढ़ते हमलों और कई खाड़ी देशों में हुए घटनाक्रमों पर चिंता जताई। साथ ही वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा, यात्रियों को हो रही दिक्कतों और परीक्षा देने वाले छात्रों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। CCS ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि प्रभावित भारतीयों की हर संभव मदद की जाए।
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी फोन पर बात की। उन्होंने यूएई पर हुए हमलों की निंदा की और इस मुश्किल समय में समर्थन जताया। साथ ही इजराइल के घटनाक्रमों पर चिंता व्यक्त करते हुए नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और जल्द से जल्द संघर्ष खत्म करने की जरूरत दोहराई।
ओमान की खाड़ी में हमला, भारतीय नाविक की मौत
तनाव के बीच ओमान की खाड़ी में सोमवार को एक तेल टैंकर पर बम से लैस ड्रोन बोट से हमला हुआ। इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। इस घटना ने हालात की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।
पाकिस्तान और PoK में उग्र प्रदर्शन
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में भी विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और वहां की संसद के कई सदस्यों ने खामेनेई को श्रद्धांजलि दी है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में प्रदर्शन हिंसक हो गए। गिलगित-बाल्टिस्तान में प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में आग लगा दी। स्कर्दू में एसपी ऑफिस और कई सरकारी इमारतों को जला दिया गया। सुरक्षाबलों की फायरिंग में 7 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई और 12 से ज्यादा लोग घायल हुए।
कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर भी विरोध हुआ। घुसपैठ की कोशिश के दौरान दूतावास के अंदर से फायरिंग की गई। अब तक 23 लोगों की मौत और 10 से ज्यादा घायल होने की खबर है।
जम्मू-कश्मीर में भी प्रदर्शन
भारत के जम्मू-कश्मीर में भी खामेनेई की मौत के विरोध में लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन हुए। श्रीनगर के बेमिना इलाके में सुरक्षाबलों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। शोपियां, बारामूला और बांदीपोरा में बाजार बंद रहे।
दिल्ली में भी विरोध सभाओं के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खासकर दूतावासों और शिया आबादी वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
उड़ानों पर बड़ा असर
पश्चिम एशिया में संघर्ष का असर भारत की हवाई सेवाओं पर भी दिख रहा है। बीते दो दिनों में 760 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गई हैं। सोमवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 87 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द रहीं। इनमें 37 डिपार्चर और 50 अराइवल उड़ानें शामिल थीं।
दिल्ली, मुंबई, कोच्चि, बेंगलुरु, चेन्नई, जयपुर और अहमदाबाद जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर हजारों यात्री फंसे हुए हैं। एयरस्पेस बंद होने और बढ़ते तनाव के कारण लगातार तीसरे दिन उड़ानों पर असर पड़ा है। दिल्ली एयरपोर्ट का संचालन करने वाली DIAL ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे फ्लाइट स्टेटस पहले से जांच लें और एयरलाइन से संपर्क में रहें।
भारत का रुख: शांति और संवाद
भारत ने लगातार यह संदेश दिया है कि मौजूदा हालात में हिंसा का रास्ता किसी के लिए फायदेमंद नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और दुश्मनी को जल्द खत्म करना जरूरी है। भारत ने बातचीत और कूटनीति के रास्ते से समाधान निकालने पर जोर दिया है।
सुरक्षा समिति की बैठक में भी यह बात दोहराई गई कि जल्द से जल्द संघर्षविराम हो और क्षेत्र में स्थिरता लौटे। साथ ही यह भी माना गया कि हालात का असर सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव व्यापार, तेल आपूर्ति और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
आगे क्या?
पश्चिम एशिया में स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। एयरस्पेस लगभग बंद है, कई देशों में सुरक्षा बढ़ाई गई है और प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे। ऐसे समय में भारत सरकार का फोकस साफ है-अपने नागरिकों की सुरक्षा, जरूरी सेवाओं की व्यवस्था और कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय संवाद।

