G20 विवाद: ट्रम्प ने कहा-अगले साल के G20 शिखर सम्मेलन से दक्षिण अफ्रीका को बाहर किया जाएगा; रामाफोसा ने कड़ी आपत्ति जताई

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अगले वर्ष अमेरिका में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में दक्षिण अफ़्रीका को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। यह सम्मेलन मियामी स्थित ट्रम्प के अपने नेशनल डोरल गोल्फ रिसोर्ट में होने वाला है। यह बयान इस साल जोहान्सबर्ग में हुए G20 शिखर सम्मेलन के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है।

g20 controversy

जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन का अमेरिकी बहिष्कार

ट्रम्प प्रशासन ने इस महीने हुए G20 शिखर सम्मेलन का बहिष्कार किया।
इसका कारण ट्रम्प द्वारा दक्षिण अफ्रीका में “श्वेत नागरिकों की हत्या” के बारे में किए गए विवादित और आधारहीन आरोप बताए जा रहे हैं।
अमेरिका ही एकमात्र सदस्य था जिसने अपने शीर्ष नेतृत्व को शिखर सम्मेलन में नहीं भेजा।

 

इसके बावजूद शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं ने दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के नेतृत्व में महत्वपूर्ण घोषणाओं पर सहमति जताई-
विशेषकर अफ्रीका और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के हितों, कर्ज, जलवायु परिवर्तन और महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े मुद्दों पर।

 

G20 क्या है?

G20 दुनिया की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जो वैश्विक आर्थिक स्थिरता, विकास, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक मुद्दों पर सहयोग के लिए बनाया गया है।

 

G20 की स्थापना

·       स्थापना वर्ष: 1999

·       उद्देश्य: 1990 के दशक के एशियाई आर्थिक संकट के बाद विश्व अर्थव्यवस्था पर चर्चा और स्थिरता बढ़ाना।

 

G20 के सदस्य देश (20 Members)

 

19 देश + यूरोपीय संघ (EU)

1.   अर्जेंटीना

2.   ऑस्ट्रेलिया

3.   ब्राज़ील

4.   कनाडा

5.   चीन

6.   फ्रांस

7.   जर्मनी

8.   भारत

9.   इंडोनेशिया

10.                     इटली

11.                     जापान

12.                     मैक्सिको

13.                     रूस

14.                     सऊदी अरब

15.                     दक्षिण अफ्रीका

16.                     दक्षिण कोरिया

17.                     तुर्किये

18.                     यूनाइटेड किंगडम

19.                     संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)

20.                     यूरोपीय संघ (EU)

 

G20 का महत्व

·       ये देश वैश्विक GDP का ~85%,

·       विश्व व्यापार का 75%,

·       दुनिया की 60% से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

इसलिए G20 के फैसले का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा प्रभाव होता है।

 

G20 कैसे काम करता है?

G20 किसी स्थायी कार्यालय (Headquarters) वाला संगठन नहीं है।
यह:

·       हर साल एक देश अध्यक्षता (Presidency) संभालता है।

·       उसी देश में वार्षिक शिखर सम्मेलन (Leaders’ Summit) होता है।

प्रत्येक अध्यक्ष देश अपनी वार्षिक थीम, एजेंडा और प्राथमिकताएं तय करता है।

 

हैंडओवर विवाद से ट्रम्प नाराज़

दक्षिण अफ्रीका ने शिखर सम्मेलन के अंत में एक जूनियर अमेरिकी अधिकारी को G20 प्रेसीडेंसी का औपचारिक हस्तांतरण करने से इनकार किया, जिससे ट्रम्प और अधिक नाराज़ हो गए।

ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रुथ सोशल” पर लिखा कि-
दक्षिण अफ्रीका “श्वेत लोगों की हत्या कर रहा है” (एक बार फिर झूठे आरोप) और
हैंडओवर विवाद के कारण 2026 के G20 के लिए उसे आमंत्रण नहीं दिया जाएगा

 

उन्होंने कहा: “दक्षिण अफ्रीका ने G20 प्रेसीडेंसी अमेरिका के वरिष्ठ प्रतिनिधि को नहीं सौंपी। इसलिए मेरी निर्देश पर दक्षिण अफ्रीका को अगले साल मियामी में होने वाली 2026 G20 बैठक के लिए आमंत्रण नहीं मिलेगा… हम तुरंत उस देश को सभी भुगतान और सब्सिडी रोक रहे हैं।”

 

इस घोषणा के बाद ट्रम्प पर यह आरोप भी लग रहे हैं कि वे राष्ट्रपति पद का उपयोग अपने निजी व्यापारिक लाभ के लिए कर रहे हैं, क्योंकि शिखर सम्मेलन उनके निजी रिसोर्ट में रखा गया है।

 

रामाफोसा का पलटवार: “अमेरिका को कोई अधिकार नहीं”

दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने ट्रम्प के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि-

  • अमेरिका को किसी भी सदस्य देश को G20 से बाहर करने का अधिकार नहीं है,
  • ट्रम्प “गलत सूचनाओं के आधार पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दंडात्मक कदम उठा रहे हैं”,
  • दक्षिण अफ्रीका सार्वभौम और लोकतांत्रिक देश है और वह G20 में समान दर्जे के सदस्य के रूप में भाग लेता रहेगा।

 

रामाफोसा ने यह भी स्पष्ट किया कि- G20 प्रेसीडेंसी के दस्तावेज सही तरीके से अमेरिकी दूतावास के अधिकारी को दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रालय में सौंप दिए गए थे।

 

उन्होंने यह भी कहा कि- अमेरिकी कंपनियां और नागरिक समाज संगठन G20 की अन्य गतिविधियों, जैसे B20, में बड़ी संख्या में शामिल हुए थे।

 

G20 के अस्तित्व पर खतरा?

दक्षिण अफ्रीका के सार्वजनिक कूटनीति प्रमुख क्लेसन मोन्येला ने X (ट्विटर) पर लिखा: “दक्षिण अफ्रीका G20 का संस्थापक सदस्य है। G20 कोई ‘निमंत्रण आधारित’ सभा नहीं है। अगर ट्रम्प की धमकियों को मान लिया गया, तो G20 टूट जाएगा।”

 

उन्होंने याद दिलाया कि दक्षिण अफ्रीका इस समय G20 ट्रोइका का हिस्सा है- यानी पिछले, वर्तमान और अगले अध्यक्ष देशों का समूह।

 

G20 शिखर सम्मेलन 2025 के प्रमुख बिंदु (Key Highlights)

 

  1. G20 जोहांसबर्ग लीडर्स’ डिक्लेरेशन
  • सदस्य देशों ने 122-पैराग्राफ वाले घोषणा-पत्र पर सहमति बनाई।
  • इसमें जलवायु कार्रवाई, बहुपक्षीय सुधार और समान वैश्विक शासन पर ज़ोर दिया गया।
  1. उबुन्टू की भावना और बहुपक्षवाद
  • घोषणा में अफ्रीकी दर्शन Ubuntu पर जोर- “मैं हूं क्योंकि हम हैं”, यानी साझा जिम्मेदारी और परस्पर जुड़ाव।
  • देशों ने संघर्षों, असमानता और मानवीय संकट से निपटने के लिए मजबूत वैश्विक सहयोग की अपील की।
  1. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सुधार
  • घोषणा में UNSC को आधुनिक वैश्विक वास्तविकताओं के अनुसार बदलने की मांग।
  • अफ्रीका, एशिया-प्रशांत, लैटिन अमेरिका जैसी कम-प्रतिनिधित्व वाली क्षेत्रों को अधिक सीटें देने की जरूरत पर जोर।
  1. आतंकवाद की निंदा: सभी प्रकार के आतंकवाद की स्पष्ट और कड़ी निंदा, जो भारत की पुरानी और दृढ़ स्थिति को दर्शाती है।
  2. जलवायु कार्रवाई-बड़ी प्रतिबद्धताएँ
  • जलवायु वित्त को “बिलियंस से ट्रिलियंस” स्तर तक बढ़ाने पर सहमति।
  • पेरिस समझौते के तहत न्यायपूर्ण एवं समान ऊर्जा संक्रमण को तेज करने का निर्णय।
  1. महिलाओं का सशक्तिकरण: महिलाओं की भागीदारी में मौजूद बाधाएँ हटाने, निर्णय लेने में समान भूमिका सुनिश्चित करने और महिलाओं को शांति की महत्वपूर्ण निर्माणकर्ता के रूप में मान्यता देने पर जोर।
  2. ऋण संकट और वैश्विक वित्तीय सुधार
  • Cost of Capital Commission का शुभारंभ – वैश्विक क्रेडिट रेटिंग सिस्टम में सुधार और अफ्रीका पर लगने वाले “अनुचित जोखिम प्रीमियम” को कम करने के लिए।
  • अफ्रीका का कुल कर्ज 8 ट्रिलियन USD पहुँच चुका है।
    कई देश कर्ज ब्याज पर सार्वजनिक सेवाओं से अधिक खर्च कर रहे हैं।
  1. मिशन 300: विश्व बैंक और अफ्रीकी विकास बैंक की साझेदारी से 2030 तक सब-सहारा अफ्रीका में 30 करोड़ लोगों को बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य।
  2. क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क
  • सतत और सुरक्षित खनिज आपूर्ति शृंखला पर जोर।
  • विकासशील देशों में खनिज खोज और स्थानीय प्रॉसेसिंग में निवेश का स्वागत।
  1. युवा और लैंगिक लक्ष्य
  • Nelson Mandela Bay Target: 2030 तक युवा NEET दर (जो न पढ़ रहे, न काम कर रहे, न प्रशिक्षण ले रहे) को 5% कम करना
  • 2030 तक 25% लैंगिक समानता (Gender Parity) हासिल करने का लक्ष्य।
  1. G20 Troika
  • वर्तमान ट्रोइका: ब्राज़ील (पूर्व अध्यक्ष), दक्षिण अफ्रीका (वर्तमान), अमेरिका (अगला अध्यक्ष)

 

Ubuntu क्या है? (Spirit of Ubuntu)

 

Ubuntu का अर्थ

  • अफ्रीकी दर्शन- “I am because you are” / “मैं हूं क्योंकि आप हैं” यह साझा मानवता, करुणा, सहयोग और समुदाय के कल्याण के बिना व्यक्तिगत प्रगति असंभव होने का संदेश देता है।

 

नेल्सन मंडेला और Ubuntu

  • मंडेला ने अपार्थाइड के बाद बदला लेने के बजाय माफी, मेल-मिलाप और एकता को चुना-यही Ubuntu की भावना है।

 

Ubuntu की वैश्विक प्रासंगिकता

  1. सतत विकास: पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा पर जोर।
  2. समान विकास: तकनीक, कौशल और अवसरों तक सभी देशों की समान पहुंच।
  3. वैश्विक सुरक्षा: आतंकवाद, ड्रग-तस्करी जैसे ट्रांसनेशनल खतरों से सामूहिक लड़ाई।
  4. सांस्कृतिक ज्ञान का संरक्षण: परंपरागत ज्ञान, स्थानीय संस्कृति और विरासत की रक्षा।

 

निष्कर्ष:

डोनाल्ड ट्रम्प के बयान ने अमेरिका–दक्षिण अफ्रीका संबंधों में नई तनातनी पैदा कर दी है। हालाँकि ट्रम्प ने G20 से दक्षिण अफ्रीका को बाहर करने की धमकी दी है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय नियम स्पष्ट हैं G20 किसी एक देश की संपत्ति नहीं है, और कोई भी सदस्य अकेले किसी अन्य सदस्य को बाहर नहीं कर सकता।

 

दक्षिण अफ्रीका ने भी यह साफ कर दिया है कि वह G20 का स्थायी और समान अधिकार वाला सदस्य है और किसी भी “राजनीतिक दबाव” के आगे नहीं झुकेगा।

यह विवाद बताता है कि आने वाले समय में वैश्विक मंचों पर अमेरिका की घरेलू राजनीति और व्यक्तिगत नेतृत्व शैली का असर और बढ़ सकता है और इससे बहुपक्षीय मंचों की स्थिरता पर गंभीर प्रश्न उठ सकते हैं।