अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की उस मांग को सख्ती से खारिज कर दिया है जिसमें टी-20 विश्व कप 2026 के मैचों को भारत की बजाय श्रीलंका में आयोजित करने की बात कही गई थी। ICC ने स्पष्ट कर दिया है कि टूर्नामेंट के शेड्यूल में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा।
हालांकि, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को भारत में न खेलने की अपनी मांग पर पुनर्विचार के लिए एक दिन का अतिरिक्त समय प्रदान किया गया है। 22 जनवरी को यह निर्णय लिया जाएगा कि बांग्लादेश टूर्नामेंट में भाग लेगा या नहीं।
14 देशों ने किया बांग्लादेश का विरोध
क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को हुई ICC बोर्ड की बैठक में 16 में से 14 सदस्य देशों ने BCB के प्रस्ताव के विरुद्ध मतदान किया। केवल पाकिस्तान ने बांग्लादेश का समर्थन किया। यह ICC के लिए एक असाधारण कदम था जो दर्शाता है कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय एकतरफा मांगों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।
ICC ने अपनी बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि बांग्लादेश टूर्नामेंट खेलने के लिए भारत नहीं आया, तो उसकी जगह दूसरी टीम से भर दी जाएगी। ICC के अधिकांश सदस्यों ने इस निर्णय का समर्थन किया। इसके बाद BCB को सोचने-विचारने के लिए एक दिन का अतिरिक्त समय दिया गया।
सुरक्षा आकलन में नहीं मिला कोई खतरा
ICC ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा मूल्यांकन में सामने आया है कि बांग्लादेश के खिलाड़ियों, मीडियाकर्मियों, अधिकारियों और प्रशंसकों को भारत में किसी प्रकार का खतरा नहीं है। इसलिए स्थल बदलने का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता।
13 जनवरी को ICC के अधिकारियों ने BCB के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस पर बातचीत की थी और उन्हें आश्वस्त किया था कि भारत में कोई विशेष सुरक्षा खतरा नहीं है। 17 जनवरी को ICC के दो अधिकारी बांग्लादेश पहुंचे और दो बैठकें हुईं। पहली बैठक में BCB ने समूह बदलने की मांग की, जिसे दूसरी बैठक में खारिज कर दिया गया।
स्कॉटलैंड ले सकता है बांग्लादेश की जगह
यदि बांग्लादेश भारत में खेलने से इनकार जारी रखता है, तो उसकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया जा सकता है। स्कॉटलैंड की टीम यूरोपीय क्वालिफायर में नीदरलैंड और इटली के बाद तीसरे स्थान पर रही थी। ऐसी स्थिति में उन्हें ग्रुप-C में स्थान मिलेगा और टीम बांग्लादेश के सभी निर्धारित मैच खेलेगी।
22 जनवरी को होगी अहम बैठक
बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने 22 जनवरी को राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की बैठक बुलाई है। यह बैठक ढाका के होटल इंटरकॉन्टिनेंटल में दोपहर 3 बजे होगी। इसमें निर्णय लिया जा सकता है कि 7 फरवरी से शुरू होने वाले ICC टी-20 विश्व कप में बांग्लादेश टीम भारत आएगी या नहीं।
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में सरकार का आधिकारिक रुख खिलाड़ियों को बताया जाएगा और उनकी राय भी ली जाएगी। आसिफ नजरुल खिलाड़ियों को वर्तमान स्थिति और संभावित विकल्पों की संपूर्ण जानकारी देंगे।
बांग्लादेश के मैचों का शेड्यूल
टी-20 विश्व कप 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका में खेला जाना है। टूर्नामेंट में बांग्लादेश को ग्रुप-C में रखा गया है। टीम के तीन समूह मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले जाने हैं, जबकि अंतिम ग्रुप स्टेज मैच मुंबई में होना है।
वर्तमान शेड्यूल के अनुसार, बांग्लादेश को अपने ग्रुप-C में वेस्टइंडीज, इटली और इंग्लैंड के विरुद्ध कोलकाता में तीन मैच खेलने हैं, जबकि अंतिम समूह मुकाबला मुंबई में नेपाल के विरुद्ध निर्धारित है।
कप्तान ने कहा- वर्ल्ड कप अभी दूर
बांग्लादेश के टी-20 कप्तान लिटन दास ने मंगलवार को BPL मैच के बाद कहा, “विश्व कप अभी बहुत दूर है। हमें अभी नहीं पता कि हम विश्व कप में जाएंगे भी या नहीं। मेरी तरह संपूर्ण बांग्लादेश अभी असमंजस में है।”
यह बयान दर्शाता है कि खिलाड़ी भी इस स्थिति से परेशान हैं और स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
ग्रुप बदलने की मांग भी खारिज
17 जनवरी की बैठक में BCB ने ग्रुप बदलने की मांग भी रखी थी। बोर्ड का तर्क था कि उसे ग्रुप-C की जगह ग्रुप-B में शामिल किया जाए। बोर्ड का कहना था कि ऐसा होने पर बांग्लादेश को अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में खेलने होंगे, जिससे यात्रा और सुरक्षा से संबंधित कठिनाइयां कम होंगी।
वर्तमान शेड्यूल के अनुसार आयरलैंड को अपने ग्रुप-B मुकाबले श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और ओमान के विरुद्ध कोलंबो में खेलने हैं, जबकि उनका अंतिम मैच कैंडी में जिम्बाब्वे से होगा। हालांकि, ICC ने इस मांग को भी खारिज कर दिया।
सरकार बोली- ICC का दबाव स्वीकार नहीं करेंगे
दूसरी ओर, बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने कहा कि यदि ICC भारतीय बोर्ड के दबाव में झुकता है और हम पर अनुचित शर्तें थोपने का प्रयास करता है, तो हम ऐसी शर्तें स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने भारत में न खेलने की बात दोहराई है।
विवाद की जड़: मुस्तफिजुर का IPL से बाहर होना
यह संपूर्ण विवाद तब शुरू हुआ जब बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं के बाद BCCI के कहने पर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को IPL 2026 से बाहर कर दिया।
16 दिसंबर को IPL मिनी ऑक्शन में KKR ने मुस्तफिजुर को 9.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसके बाद बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के कारण भारत में मुस्तफिजुर का विरोध होने लगा। अब तक वहां 7 हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है।
बाद में BCCI ने मुस्तफिजुर को IPL खेलने की अनुमति नहीं दी और 3 जनवरी को KKR ने उन्हें टीम से बाहर कर दिया। इससे नाराज BCB ने अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग करना शुरू कर दिया।
बांग्लादेश ने लगाई IPL प्रसारण पर रोक
इस घटनाक्रम से बौखलाई बांग्लादेश सरकार ने अपने देश में IPL मैचों के प्रसारण पर रोक लगा दी। इसके बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देकर 7 फरवरी से होने वाले टी-20 विश्व कप में स्थल बदलने की मांग भी की।
अब तक का पूरा घटनाक्रम
3 जनवरी: BCCI ने KKR को मुस्तफिजुर रहमान को IPL से निकालने का आदेश दिया
4 जनवरी: BCB ने ICC से टी-20 विश्व कप के अपने मैच भारत से बदलने की अपील की
6 जनवरी: खबर आई कि ICC ने BCB की मैच स्थल बदलने की मांग खारिज कर दी
7 जनवरी: BCB ने इसका खंडन किया और कहा कि ICC से बातचीत जारी है
8 जनवरी: BCB ने ICC को दोबारा पत्र लिखकर स्थल बदलने की मांग की
13 जनवरी: ICC ने BCB अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस पर कहा कि भारत में कोई खतरा नहीं है
17 जनवरी: ICC के 2 अधिकारी ढाका पहुंचे। पहली बैठक में BCB ने समूह बदलने की मांग की। दूसरी बैठक में मांग खारिज, ICC ने 21 जनवरी तक खेलने या न खेलने का निर्णय लेने को कहा
21 जनवरी: ICC बोर्ड की बैठक में 14 देशों ने बांग्लादेश के प्रस्ताव को खारिज किया
22 जनवरी: बांग्लादेश सरकार की टीम के साथ बैठक निर्धारित
क्या होगा आगे?
अब सभी की नजरें 22 जनवरी की बैठक पर टिकी हैं। यदि बांग्लादेश भारत आने से इनकार करता है, तो यह क्रिकेट इतिहास में एक असाधारण घटना होगी जहां कोई टीम राजनीतिक कारणों से विश्व कप से बाहर हो जाएगी।
हालांकि, यदि बांग्लादेश समझदारी दिखाता है और ICC के निर्णय को स्वीकार करता है, तो विवाद सुलझ सकता है और खिलाड़ी अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
