भारतीय क्रिकेट ने एक बार फिर अपनी मजबूत युवा प्रणाली और भविष्य के सितारों की ताकत दुनिया के सामने रख दी है। शुक्रवार रात हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से मात देकर छठी बार खिताब अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत के साथ भारत ने न सिर्फ चार साल बाद यह ट्रॉफी दोबारा हासिल की, बल्कि आईसीसी टूर्नामेंट्स में अपना दबदबा भी कायम रखा।
चार साल बाद ताजपोशी, 2024 की हार का बदला
भारत ने इससे पहले 2022 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था। 2024 के संस्करण में टीम फाइनल तक पहुंची जरूर थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी। इस बार भारतीय टीम ने उस निराशा को पूरी तरह भुलाते हुए फाइनल में दमदार प्रदर्शन किया और इंग्लैंड को कोई मौका नहीं दिया।
इस जीत के साथ भारत ने लगातार चौथा आईसीसी खिताब जीतने का कारनामा भी कर दिखाया। इससे पहले भारतीय टीम विमेंस वनडे वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी और 2024 टी-20 वर्ल्ड कप जीत चुकी थी।
अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत का दबदबा
अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत अब सबसे सफल टीम बन चुकी है। टीम इंडिया ने कुल 6 बार यह खिताब जीता है। ऑस्ट्रेलिया 4 बार चैंपियन बना है, जबकि पाकिस्तान दो बार ट्रॉफी अपने नाम कर चुका है। बांग्लादेश, साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज एक-एक बार विजेता रहे हैं।
फाइनल का रोमांच: वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक तूफान
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। महज 20 रन के स्कोर पर ओपनर आरोन जॉर्ज पवेलियन लौट गए। शुरुआती झटके के बाद मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने।
वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों पर ऐसा हमला बोला कि फाइनल मुकाबला एकतरफा हो गया। उन्होंने महज 80 गेंदों में 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 218.75 रहा। उनकी बल्लेबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 175 में से 150 रन उन्होंने सिर्फ बाउंड्री से बनाए।
वैभव ने अपनी पारी में 15 चौके और 15 छक्के लगाए। कप्तान आयुष म्हात्रे ने उनका बेहतरीन साथ निभाते हुए 53 रन बनाए। दोनों के बीच 90 गेंदों में 142 रन की साझेदारी हुई, जिसने इंग्लैंड की वापसी की सारी उम्मीदें तोड़ दीं।
50 ओवर के खेल में भारत ने 9 विकेट पर 411 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है।
इंग्लैंड की कोशिश, लेकिन लक्ष्य बहुत बड़ा
412 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लिश टीम ने आक्रामक शुरुआत की, लेकिन लगातार विकेट गिरने से वह दबाव में आ गई। कालेब फॉल्कनर ने 67 गेंदों पर 115 रन की शानदार पारी खेली, जबकि ओपनर बेन डॉकिन्स ने 56 गेंदों में 66 रन बनाए।
हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने संयम और अनुशासन बनाए रखा। आरएस अंबरीश ने 3 विकेट चटकाए, जबकि दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान को 2-2 सफलताएं मिलीं। पूरी इंग्लिश टीम 40.2 ओवर में 311 रन पर सिमट गई और भारत ने 100 रन से खिताब जीत लिया।
जीत के नायक: टीम इंडिया के चमकते सितारे
इस टूर्नामेंट में भारत की जीत सिर्फ एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं थी। कई युवा खिलाड़ियों ने अलग-अलग मौकों पर टीम को संभाला।
वैभव सूर्यवंशी: टूर्नामेंट के सबसे बड़े सितारे रहे। उन्होंने 7 मैचों में 74 की औसत से 444 रन बनाए, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल रहे।
आरोन जॉर्ज: सेमीफाइनल में अफगानिस्तान के खिलाफ 115 रन की पारी खेलकर भारत को रिकॉर्ड 311 रन का लक्ष्य हासिल कराया।
आयुष म्हात्रे (कप्तान): सेमीफाइनल और फाइनल दोनों में अर्धशतक लगाए। 7 मैचों में 214 रन के साथ 7 विकेट भी लिए।
हेनिल पटेल: 7 मैचों में 11 विकेट, वह भी सिर्फ 4.44 की शानदार इकोनॉमी से।
आरएस अंबरीश: फाइनल में 3 विकेट और पूरे टूर्नामेंट में 11 विकेट लेकर भारत के टॉप गेंदबाजों में शामिल रहे।
टूर्नामेंट के टॉप परफॉर्मर
इंग्लैंड के बेन मेयर्स टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर रहे। उन्होंने भी 444 रन बनाए। सबसे ज्यादा विकेट इंग्लैंड के ही मैनी लुम्सडेन ने लिए, जिनके नाम 16 विकेट रहे।
वैभव सूर्यवंशी: रिकॉर्ड्स की बरसात
इस फाइनल ने वैभव सूर्यवंशी को इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया।
- भारत U-19 के लिए सबसे ज्यादा रन: 25 मैचों में 1412 रन बनाकर विजय जोल का रिकॉर्ड तोड़ा।
- U-19 वर्ल्ड कप में भारत का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर: 175 रन, जिससे उन्होंने राज बावा (162*) का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा।
- यूथ वनडे में भारत का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर: सिर्फ अंबाती रायडू (177*) उनसे आगे हैं।
- सबसे तेज 150 रन: 71 गेंदों में 150 रन, यूथ वनडे इतिहास का सबसे तेज 150।
- एक पारी में सबसे ज्यादा बाउंड्री रन: 15 चौके और 15 छक्कों से 150 रन, नया विश्व रिकॉर्ड।
- फाइनल में सबसे बड़ी पारी: U-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने।
- किसी भी ICC फाइनल में सबसे ज्यादा रन: अंडर-19 और सीनियर ICC टूर्नामेंट मिलाकर यह सबसे बड़ी फाइनल पारी है।
- एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के: 15 छक्के, माइकल हिल का रिकॉर्ड टूटा।
- टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के: 30 छक्के, एक ही संस्करण में नया रिकॉर्ड।
भारत का सुरक्षित भविष्य
इस अंडर-19 वर्ल्ड कप ने साफ कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य बेहद मजबूत हाथों में है। वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी आने वाले वर्षों में सीनियर टीम के लिए बड़े मैच विनर साबित हो सकते हैं।
हरारे की इस ऐतिहासिक रात ने भारतीय क्रिकेट को एक और सुनहरा अध्याय दिया। छठा अंडर-19 वर्ल्ड कप खिताब सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि भारत की मजबूत क्रिकेट संरचना, प्रतिभा पहचान और निरंतरता का प्रमाण है। यह टीम आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट की नई पहचान गढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार दिख रही है।
