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भारत-EU व्यापार समझौता: यूरोपीय कारों पर टैरिफ 110% से घटकर 10% हुआ,  भारतीय ऑटो सेक्टर पर क्या होगा प्रभाव?

भारत और यूरोपीय संघ ने 18 वर्षों की लंबी वार्ता के बाद एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर मुहर लगा दी है। इस समझौते के तहत यूरोप से आयातित कारों पर टैरिफ 110% से घटाकर 10% कर दिया गया है। यह कदम भारतीय ऑटोमोबाइल ब

भारत-EU व्यापार समझौता: यूरोपीय कारों पर टैरिफ 110% से घटकर 10% हुआ,  भारतीय ऑटो सेक्टर पर क्या होगा प्रभाव?

भारत और यूरोपीय संघ ने 18 वर्षों की लंबी वार्ता के बाद एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर मुहर लगा दी है। इस समझौते के तहत यूरोप से आयातित कारों पर टैरिफ 110% से घटाकर 10% कर दिया गया है। यह कदम भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एक बड़ा बदलाव लाने वाला है, खासकर लग्जरी और स्पोर्ट्स कार सेगमेंट में।

 

27 जनवरी को भारत-EU शिखर सम्मेलन में इस समझौते की घोषणा की गई। इसे 2027 तक पूरी तरह लागू किए जाने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' करार दिया है।

 

सालाना 2.5 लाख गाड़ियों की सीमा

सरकार ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "कारों पर टैरिफ धीरे-धीरे 110% से घटकर 10% हो जाएगा, जिसमें सालाना 2,50,000 वाहनों का कोटा होगा।"

 

हालांकि, सरकार ने इसके लिए 2.5 लाख गाड़ियों की वार्षिक सीमा निर्धारित की है। इसका अर्थ है कि वर्ष भर में यूरोप से आयातित अधिकतम 2.5 लाख गाड़ियों पर ही कम टैरिफ लागू होगा। यह टैरिफ रेट कोटा (TRQ) प्रणाली है, जिसे विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) और सीमा शुल्क विभाग मॉनिटर करेंगे।

India-EU trade deal

इलेक्ट्रिक वाहनों को राहत नहीं

महत्वपूर्ण बात यह है कि FTA समझौते के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को कोई राहत नहीं दी गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों को लगभग 5 वर्षों तक टैरिफ कटौती से बाहर रखा जाएगा, ताकि टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे घरेलू खिलाड़ियों को सुरक्षा मिल सके। उसके बाद उन पर भी कटौती लागू हो सकती है।

 

कौन सी कारें होंगी सस्ती?

इस समझौते का लाभ केवल उन्हीं वाहनों को मिलेगा जो पूरी तरह से यूरोप में निर्मित होकर भारत आते हैं। इनमें अधिकांश मर्सिडीज, ऑडी, फेरारी और BMW कंपनी की स्पोर्ट्स और लग्जरी कारें शामिल हैं।

 

भारत में मर्सिडीज बेंज और BMW की अधिकांश लोकप्रिय कारें पहले से ही स्थानीय असेंबली के माध्यम से बनती हैं। यानी पार्ट्स आयात करके यहां जोड़कर बनाई जाती हैं। इन पर आयात शुल्क केवल 15-16.5% तक लगता है, इसलिए EU के साथ FTA होने से इनकी कीमत में कोई बड़ा परिवर्तन नहीं आएगा।

 

कीमतों में कितनी आएगी कमी?

आइए एक उदाहरण से समझते हैं। वर्तमान में भारत में मर्सिडीज बेंज G-वैगन की अनुमानित कीमत 4 करोड़ रुपए है। इस पर सरकार 110% आयात शुल्क यानी लगभग 2.1 करोड़ रुपए वसूलती है। नई 10% आयात शुल्क दर लागू होने के बाद इसकी कीमत लगभग 1.99 करोड़ रुपए रहने की संभावना है।

 

यह लगभग 2 करोड़ रुपए की बचत है, जो इन लग्जरी वाहनों को मध्यम-उच्च वर्ग के अधिक खरीदारों की पहुंच में ला सकती है।

 

वर्तमान टैक्स व्यवस्था

अभी भारत में आयातित कारों पर टैक्स इस प्रकार लगता है:

  • यदि कार की कीमत 36 लाख रुपए (40,000 डॉलर) से कम है, तो उस पर 70% मूल सीमा शुल्क लगता है
  • यदि कार की कीमत 36 लाख रुपए से अधिक है, तो सीमा शुल्क 110% तक पहुंच जाता है

नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह दर धीरे-धीरे घटकर 10% तक आ जाएगी।

 

कब से लागू होगी नई व्यवस्था?

सरकार ने अभी इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। लेकिन शुल्क रातोंरात 110% से 10% नहीं होगा। पहले इसका आधिकारिक अधिसूचना जारी किया जाएगा। इसे अगले कुछ वर्षों में धीरे-धीरे घटाया जाएगा। इसके 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत में लागू होने की संभावना है।

 

यूरोपीय कार निर्माताओं के लिए बड़ा अवसर

कम आयात कर Volkswagen, Renault और Stellantis जैसे यूरोपीय वाहन निर्माताओं के साथ-साथ लग्जरी खिलाड़ी Mercedes-Benz और BMW के लिए एक बड़ा बढ़ावा होगा, जो भारत में स्थानीय रूप से कारें बनाते हैं लेकिन आंशिक रूप से उच्च टैरिफ के कारण एक बिंदु से आगे बढ़ने में संघर्ष कर रहे हैं।

 

कम कर वाहन निर्माताओं को आयातित वाहनों को सस्ती कीमत पर बेचने और स्थानीय रूप से अधिक कारों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध होने से पहले एक व्यापक पोर्टफोलियो के साथ बाजार का परीक्षण करने की अनुमति देंगे।

 

भारतीय बाजार का विशाल आकार

बिक्री के मामले में भारत वर्तमान में अमेरिका और चीन के बाद विश्व का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है। हालांकि EU निर्माताओं का भारत के 44 लाख यूनिट वार्षिक कार बिक्री वाले बाजार में हिस्सा 4% से भी कम है।

 

भारत का कार बाजार जापान की Suzuki Motor के साथ-साथ घरेलू ब्रांड महिंद्रा और टाटा द्वारा प्रभुत्व में है, जो मिलकर दो-तिहाई बाजार हिस्सेदारी रखते हैं।

 

इसके बावजूद, भारत ने अपने ऑटो सेक्टर को काफी संरक्षित रखा हुआ था। उच्च टैक्स के कारण विदेशी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में अपनी महंगी कारें बेचना कठिन था। अब इस समझौते के बाद Mercedes, BMW, Audi और Volkswagen जैसी कंपनियों के लिए भारत में अपना दायरा बढ़ाना आसान हो जाएगा।

 

भारतीय ऑटो सेक्टर पर प्रभाव

 

यह डील भारतीय ऑटो इंडस्ट्री के लिए चुनौती और अवसर दोनों लाएगी:

  1. लक्जरी और प्रीमियम सेगमेंट में बढ़ी प्रतिस्पर्धा:
    • Mercedes-Benz, BMW, Volkswagen, Audi, Renault जैसी यूरोपीय कंपनियों की कारें सस्ती हो जाएंगी (खासकर CBU इंपोर्टेड मॉडल्स)।
    • भारत में इनकी मार्केट शेयर बढ़ सकती है (वर्तमान में ये सिर्फ 4% के आसपास हैं)।
    • प्रीमियम SUV और लग्जरी कारों की कीमतें 20-30% तक कम हो सकती हैं, जिससे मांग बढ़ेगी।
  2. घरेलू कंपनियों पर दबाव:
    • Maruti Suzuki, Tata Motors, Mahindra, Hyundai जैसी कंपनियां प्रभावित हो सकती हैं, खासकर प्रीमियम सेगमेंट में।
    • ऑटो स्टॉक्स में शुरुआती गिरावट देखी गई, क्योंकि निवेशक बढ़ती प्रतिस्पर्धा से चिंतित हैं।
    • लेकिन मास-मार्केट (सस्ती कारें) पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि EU की फोकस प्रीमियम कारों पर है।
  3. पॉजिटिव पक्ष:
    • कार पार्ट्स सस्ते होने से भारतीय मैन्युफैक्चरर्स की लागत कम हो सकती है।
    • बेहतर टेक्नोलॉजी और क्वालिटी वाली कारें उपलब्ध होंगी, जो कंज्यूमर्स के लिए फायदेमंद।
    • कुल मिलाकर इंडस्ट्री में इनोवेशन बढ़ेगा और भारत की ऑटो मार्केट (दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी) और तेजी से बढ़ेगी।

 

2030 तक 60 लाख यूनिट का बाजार

भारतीय बाजार के 2030 तक 60 लाख यूनिट प्रति वर्ष तक बढ़ने की उम्मीद के साथ, कुछ कंपनियां पहले से ही नए निवेश की योजना बना रही हैं।

Renault यूरोप के बाहर विकास की तलाश में एक नई रणनीति के साथ भारत में वापसी कर रही है, जहां चीनी वाहन निर्माता मजबूत प्रवेश कर रहे हैं। Volkswagen Group अपनी Skoda ब्रांड के माध्यम से भारत में अपने निवेश के अगले चरण को अंतिम रूप दे रहा है।

 

समझौते का इतिहास

EU और भारत ने पहली बार 2007 में मुक्त व्यापार समझौते के लिए वार्ता शुरू की थी, लेकिन महत्वाकांक्षा में अंतर के कारण 2013 में वार्ता निलंबित कर दी गई थी। जून 2022 में वार्ता फिर से शुरू की गई।

https://youtu.be/KzXnXhekOz4?si=_BvgHBEHhJbSmUo6
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