रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को पुष्टि की कि देश की प्रथम बुलेट ट्रेन परियोजना 15 अगस्त 2027 को परिचालन के लिए तैयार हो जाएगी। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर यह सेवा क्रमिक चरणों में शुरू की जाएगी।
चरणबद्ध संचालन की योजना
रेल मंत्री ने बताया कि सर्वप्रथम सूरत से बिलीमोरा के बीच खंड खोला जाएगा। इसके उपरांत वापी से सूरत तक का हिस्सा प्रारंभ होगा। तत्पश्चात वापी से अहमदाबाद के बीच संचालन शुरू किया जाएगा। फिर ठाणे से अहमदाबाद तक की सेवा मिलेगी और अंततः संपूर्ण मुंबई-अहमदाबाद मार्ग पर बुलेट ट्रेन दौड़ेगी।
परियोजना का विवरण
यह 508 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल मार्ग अहमदाबाद के साबरमती और मुंबई के मध्य निर्माणाधीन है। इस कॉरिडोर पर ट्रेनें 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। पूर्ण रूप से तैयार होने के बाद, बुलेट ट्रेन संपूर्ण दूरी मात्र 2 घंटे 17 मिनट में पूरी करेगी।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला 2017 में रखी गई थी और मूल रूप से दिसंबर 2023 तक इसे पूर्ण करने का लक्ष्य था। किंतु भूमि अधिग्रहण और विभिन्न चुनौतियों के कारण समयसीमा में विस्तार करना पड़ा।
उद्घाटन यात्रा का विस्तार
वैष्णव जी ने उद्घाटन यात्रा के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि अगस्त 2027 में बुलेट ट्रेन अपनी प्रथम यात्रा में सूरत और वापी के बीच 100 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। प्रारंभ में यह उद्घाटन यात्रा सूरत-बिलीमोरा के मध्य केवल 50 किलोमीटर के खंड पर समान समयसीमा के साथ नियोजित थी।
यात्रा समय में बड़ी बचत
रेल मंत्री ने यात्रा समय के फायदे को भी रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब पूरा कॉरिडोर कार्यशील हो जाएगा, तब बुलेट ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच की दूरी केवल 1 घंटे 58 मिनट में तय करेगी यदि वह चार स्टेशनों पर रुकती है। वहीं यदि यह सभी 12 स्टेशनों पर ठहराव करती है, तो संपूर्ण यात्रा 2 घंटे 17 मिनट में पूरी होगी।
प्रधानमंत्री का निरीक्षण
नवंबर माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का दौरा किया और मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा की। इंजीनियरों और कर्मचारियों के साथ बातचीत के दौरान, उन्होंने समय-सीमा, गति लक्ष्य और निर्माण उपलब्धियों पर जानकारी मांगी। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, टीम ने आश्वासन दिया कि परियोजना सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि यदि इस परियोजना के अनुभवों को दस्तावेजित किया जाए और “ब्लू बुक” की तरह संकलित किया जाए, तो भारत बुलेट ट्रेन परियोजनाओं के बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने बार-बार प्रयोग से बचने के महत्व पर जोर दिया।
यह परियोजना भारत के रेल परिवहन क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगी और यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगी।
