बुधवार की सुबह महाराष्ट्र की राजनीति को एक बड़ा झटका लगा जब राज्य के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार का निजी विमान बारामती हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। सुबह करीब 8:45 बजे हुई इस दुर्घटना में 66 वर्षीय अजित पवार सहित पांच लोगों की मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब वे पंचायत चुनाव की जनसभा को संबोधित करने के लिए मुंबई से बारामती की यात्रा कर रहे थे।
हादसे का घटनाक्रम
सूत्रों के अनुसार, अजित पवार का चार्टर्ड विमान सुबह 8:10 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। मुंबई से बारामती की दूरी लगभग 250 किलोमीटर है और सामान्यतः इस यात्रा में एक घंटे का समय लगता है। विमान करीब 8:45 बजे रडार से गायब हो गया, ठीक उसी समय जब वह लैंडिंग की प्रक्रिया में था।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने प्रारंभिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि विमान चालक ने दो बार उतरने का प्रयास किया था। पहली कोशिश के दौरान खराब दृश्यता के कारण रनवे स्पष्ट नजर नहीं आया, जिसके बाद पायलट ने विमान को पुनः ऊंचाई पर ले जाया। दूसरे प्रयास में रनवे-11 पर उतरते समय विमान नियंत्रण से बाहर हो गया और रनवे तक पहुंचने से पहले ही जमीन पर गिर गया।
दुर्घटना के तुरंत बाद विमान में भीषण आग लग गई। चश्मदीदों के अनुसार, विमान के जमीन से टकराते ही जोरदार विस्फोट हुआ, जिसके बाद 3-4 और धमाके हुए। आग इतनी तेजी से फैली कि राहत कार्य में लगे लोग शवों को निकालने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दुर्घटना में मारे गए लोग
इस दुखद घटना में पांच लोगों की जान गई, जिनमें शामिल हैं:
- महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार
- हेड कांस्टेबल विदिप जाधव (निजी सुरक्षा अधिकारी)
- कैप्टन सुमित कपूर (पायलट)
- कैप्टन शांभवी पाठक (सह-पायलट)
- पिंकी माली (फ्लाइट अटेंडेंट, जौनपुर की निवासी)
विमान और तकनीकी विवरण
दुर्घटनाग्रस्त विमान लियरजेट 45 मॉडल का था, जिसे VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नामक दिल्ली स्थित कंपनी संचालित करती थी। यह 16 वर्ष पुराना विमान था जो कनाडा की कंपनी Bombardier Aerospace द्वारा निर्मित किया गया था। कंपनी ने दावा किया कि विमान में कोई तकनीकी खामी नहीं थी और पायलट के पास 16,000 घंटे तथा सह-पायलट के पास 1,500 घंटे का उड़ान अनुभव था।
विशेष बात यह है कि 2023 में भी इसी कंपनी का एक लियरजेट 45 विमान मुंबई हवाई अड्डे पर क्रैश हो गया था, जब वह विशाखापत्तनम से आ रहा था। उस घटना में भी खराब मौसम और कम दृश्यता को कारण बताया गया था।
संभावित कारण और जांच
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, दुर्घटना का मुख्य कारण खराब मौसम और कम दृश्यता हो सकता है। उस समय बारामती हवाई अड्डे पर घना कोहरा था और दृश्यता मात्र 2,000 मीटर थी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और पायलट के बीच हुई बातचीत से पता चलता है कि पहली बार पूछे जाने पर पायलट ने रनवे न दिखने की बात कही थी। दूसरी बार जब ATC ने पूछा तो पायलट ने सकारात्मक जवाब दिया, लेकिन कुछ ही क्षणों बाद क्रैश की आवाज सुनाई दी।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। एक टीम दिल्ली में VSR वेंचर्स के कार्यालय पहुंची, जबकि दूसरी टीम बारामती के लिए रवाना हो गई। DGCA के अधिकारियों ने बताया कि विमान के मलबे के फैलाव, दिशा, गति और टकराव के प्रभाव का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें जनता का नेता बताया। उन्होंने लिखा, “अजित पवार जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव रखने वाले मेहनती नेता थे। महाराष्ट्र की सेवा करने में वे हमेशा सबसे आगे रहे।”
राष्ट्रपति ने भी अजित पवार के निधन को अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि उन्हें महाराष्ट्र के विकास, विशेषकर सहकारी क्षेत्र में उनके योगदान के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना दिल्ली दौरा रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटना एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता के साथ हो सकती है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है।
राजकीय सम्मान और अंतिम संस्कार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। बुधवार को सभी स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहे। सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा।
रिपोर्टों के अनुसार, अजित पवार का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे बारामती में किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बारामती पहुंचेंगे। पवार परिवार के सभी सदस्य, जिनमें उनके चाचा शरद पवार, पत्नी सुनेत्रा, दोनों बेटे और बहन सुप्रिया सुले शामिल हैं, बारामती पहुंच गए हैं।
अजित पवार का राजनीतिक सफर
22 जुलाई 1959 को जन्मे अजित पवार ने 1982 में एक सहकारी चीनी कारखाने के बोर्ड में चुने जाने के बाद अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। उन्होंने अपने चाचा शरद पवार के मार्गदर्शन में राजनीति में प्रवेश किया। 1991 में वे पहली बार बारामती विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए और उसके बाद लगातार सात बार जीत हासिल की।
अजित पवार रिकॉर्ड छह बार महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री रहे, लेकिन कभी मुख्यमंत्री नहीं बन पाए। वर्तमान सरकार में वे वित्त और योजना मंत्री थे और 23 फरवरी को राज्य विधानमंडल के बजट सत्र में 2026-27 का बजट पेश करने वाले थे।
यह दुर्घटना न केवल महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि विमान सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। जांच की रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तव में यह दुर्घटना कैसे हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है।
भारत में विमान हादसों में जान गंवाने वाले प्रमुख नेता और हस्तियां
भारतीय राजनीति के इतिहास में कई बड़े नेता और प्रमुख हस्तियां विमान दुर्घटनाओं का शिकार हुई हैं। ये घटनाएं न केवल देश की राजनीति के लिए बड़ा झटका रहीं, बल्कि इन्होंने विमान सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। आइए जानते हैं उन प्रमुख नेताओं के बारे में जिन्होंने हवाई हादसों में अपनी जान गंवाई।
बलवंतराय मेहता (1965)
गुजरात के मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता की मृत्यु 1965 में एक दुखद घटना में हुई। भारत-पाकिस्तान युद्ध शुरू होने से ठीक पहले भुज सीमा क्षेत्र के निकट उनके विमान को पाकिस्तानी सेना ने मार गिराया था। इस हादसे में मुख्यमंत्री सहित सात व्यक्तियों की मौत हो गई थी। यह घटना उस दौर की संवेदनशील सीमावर्ती स्थिति को दर्शाती है।
संजय गांधी (1980)
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के छोटे पुत्र संजय गांधी एक युवा राजनेता और प्रशिक्षित पायलट थे। 23 जून 1980 को दिल्ली के सफदरजंग हवाई अड्डे के आसपास एक छोटा विमान उड़ाते समय दुर्घटना हो गई। विमान नियंत्रण खो बैठा और क्रैश हो गया, जिसमें मात्र 33 वर्ष की आयु में संजय गांधी की जान चली गई। यह घटना भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ा आघात था।
माधवराव सिंधिया (2001)
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता माधवराव सिंधिया का 30 सितंबर 2001 को निजी विमान दुर्घटना में निधन हो गया। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में उनका विमान क्रैश हो गया था। इस दुर्घटना में सिंधिया के साथ चार पत्रकार भी मारे गए थे। भारतीय राजनीति में उनकी अचानक मृत्यु से एक बड़ा शून्य पैदा हो गया था।
जी.एम.सी. बालयोगी (2002)
तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष जी.एम.सी. बालयोगी की मृत्यु 3 मार्च 2002 को आंध्र प्रदेश में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हो गई थी। यह घटना भारतीय संसदीय इतिहास में एक दुखद अध्याय के रूप में दर्ज है। लोकसभा अध्यक्ष जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति की इस तरह मृत्यु ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था।
वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (2009)
आंध्र प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी (वाई.एस.आर. रेड्डी) का 2 सितंबर 2009 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में निधन हो गया। खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। करीब 27 घंटे की खोज के बाद उनका पार्थिव शरीर बरामद किया जा सका। यह घटना आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा परिवर्तन लेकर आई।
दोरजी खांडू (2011)
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री दोरजी खांडू 30 अप्रैल 2011 को अपने हेलीकॉप्टर से राजधानी ईटानगर जा रहे थे। लगभग 13,000 फीट की ऊंचाई पर उनके विमान से संपर्क टूट गया। पांच दिनों तक चली खोज के बाद उनका शव और हेलीकॉप्टर के अवशेष मिले। पहाड़ी इलाके में हुई इस दुर्घटना ने पूर्वोत्तर राज्यों की हवाई यात्रा की सुरक्षा पर सवाल उठाए।
बिपिन रावत (2021)
भारत के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत की 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलीकॉप्टर क्रैश में मृत्यु हो गई। वे अपनी पत्नी मधुलिका रावत के साथ वायुसेना के हेलीकॉप्टर से यात्रा कर रहे थे। भारतीय वायुसेना की जांच में इस हादसे की मुख्य वजह पायलट एरर (चालक की गलती) बताई गई थी। इस दुर्घटना में कुल 13 लोगों की जान गई थी।
विजय रूपाणी (2025)
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मृत्यु 12 जून 2025 को अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान दुर्घटना में हो गई। यह एक बड़ी हवाई आपदा थी जिसमें 260 लोगों की जान चली गई। इस भयानक हादसे में रूपाणी भी शामिल थे। यह घटना हालिया समय की सबसे बड़ी विमान दुर्घटनाओं में से एक मानी जाती है।
