महाराष्ट्र की राजनीति में नया अध्याय: महाराष्ट्र को मिलेगी पहली महिला डिप्टी CM, आज शपथ लेंगी सुनेत्रा पवार

महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा जाने वाला है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार शनिवार शाम को राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी। शनिवार प्रातः सुनेत्रा विधायक दल की बैठक के लिए मुंबई पहुंच गई हैं और वर्तमान में अजित के सरकारी निवास देवगिरी में अपने पुत्र पार्थ के साथ हैं।

 

विधायक दल की बैठक और शपथग्रहण की तैयारी

शनिवार दोपहर दो बजे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक दल और विधान परिषद के सदस्यों की बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में सुनेत्रा पवार को विधायक दल की नेता चुना जाएगा। इसके उपरांत उन्हें उपमुख्यमंत्री पद के लिए नामित किया जाएगा। शाम पांच बजे उनका शपथग्रहण समारोह होगा।

 

62 वर्षीय सुनेत्रा पवार वर्तमान में महाराष्ट्र विधानसभा के किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं। वे राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यरत हैं। 28 जनवरी को बारामती में विमान दुर्घटना में अजित पवार के निधन के बाद उपमुख्यमंत्री का पद रिक्त हो गया था। अजित के पास वित्त, आबकारी और खेल विभाग के अतिरिक्त उपमुख्यमंत्री का महत्वपूर्ण पद था।

Maharashtra first woman Deputy CM Sunetra Pawar

सुनेत्रा पवार: राजनीतिक यात्रा और जीवन परिचय

18 अक्टूबर 1963 को जन्मी सुनेत्रा पवार का राजनीतिक परिवार से गहरा नाता रहा है। उनके पिता बाजीराव और भाई पद्मसिंह पाटिल दोनों राजनीति से जुड़े रहे हैं। 1983 में उन्होंने वाणिज्य में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और 1985 में अजित पवार से विवाह किया। उनके दो पुत्र हैं – पार्थ और जय।

 

राजनीति में प्रवेश से पूर्व सुनेत्रा ने सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने एनवायर्नमेंटल फोरम इंडिया नामक गैर-सरकारी संगठन की स्थापना की। हजारों महिलाओं को रोजगार प्रदान करने वाले बारामती हाईटेक टैक्सटाइल पार्क की अध्यक्षा के रूप में उन्होंने कार्य किया। इसके अलावा, वे विद्या प्रतिष्ठान की ट्रस्टी और पुणे विश्वविद्यालय की सीनेट सदस्य भी रहीं।

 

2024 के लोकसभा चुनाव तक सुनेत्रा ने राजनीति में निम्न प्रोफाइल बनाए रखा था। उस वर्ष उन्होंने बारामती निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन शरद पवार की पुत्री और उनकी ननद सुप्रिया सुले से पराजित हो गईं। इसके पश्चात 18 जून 2024 को वे निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुईं।

 

संवैधानिक प्रक्रिया: राज्यसभा से इस्तीफा अनिवार्य

उपमुख्यमंत्री बनने से पूर्व सुनेत्रा को राज्यसभा सांसद पद से त्यागपत्र देना अनिवार्य होगा। यह त्यागपत्र राज्यसभा के सभापति (उपराष्ट्रपति) को सौंपा जाएगा। सभापति द्वारा त्यागपत्र स्वीकृत करने के उपरांत ही वे उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकेंगी।

 

संविधान के अनुच्छेद 190(1) के अनुसार, कोई भी व्यक्ति एक साथ केंद्रीय संसद (राज्यसभा) और राज्य सरकार में मंत्री नहीं रह सकता। इसलिए यह त्यागपत्र आवश्यक है। त्यागपत्र स्वीकृति के पश्चात महाराष्ट्र के राज्यपाल उन्हें मंत्री और उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाएंगे।

 

संविधान के प्रावधानों के अनुसार, मंत्री बनने के छह महीने के भीतर उन्हें विधानसभा चुनाव जीतना होगा अथवा विधान परिषद (MLC) की सदस्य बनना होगा। यदि छह महीने की अवधि में वे विधायक या MLC नहीं बन पातीं, तो उनका उपमुख्यमंत्री और मंत्री पद स्वतः समाप्त हो जाएगा।

 

शरद पवार का बयान: विलय अजित की इच्छा

अजित के निधन के पश्चात शरद पवार ने प्रथम बार सुनेत्रा के शपथग्रहण और NCP के दोनों गुटों के विलय पर वक्तव्य दिया है। शनिवार को एक प्रेस वार्ता में शरद ने कहा, “उपमुख्यमंत्री पद के लिए सुनेत्रा पवार के नाम की मुझे कोई सूचना नहीं है। उनकी पार्टी ने निर्णय लिया होगा। मैंने आज समाचार पत्र में पढ़ा। प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे कुछ नाम हैं जिन्होंने कुछ फैसले लेने की पहल की है।”

 

शरद पवार ने यह दावा भी किया कि दोनों गुटों को एकजुट करना उनके दिवंगत भतीजे अजित पवार की इच्छा थी और वे इसके विषय में आशावादी थे। शरद ने कहा, “अब हमें लगता है कि उनकी इच्छा पूर्ण होनी चाहिए। अजित पवार, शशिकांत शिंदे और जयंत पाटिल ने दोनों गुटों के विलय के संबंध में वार्ता प्रारंभ की थी। विलय की तिथि भी निर्धारित हो गई थी – यह 12 फरवरी को तय था। दुर्भाग्यवश, अजित उससे पूर्व हमें छोड़कर चले गए।”

 

शुक्रवार का बैठकों का सिलसिला

शुक्रवार को दिन भर राजनीतिक गतिविधियां चलती रहीं। सुबह 11 बजे NCP के नेता प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और सुनील तटकरे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलने उनके आवास वर्षा बंगले पहुंचे। आधे घंटे तक चली इस बैठक में उपमुख्यमंत्री पद और विभागों की मांग पर चर्चा हुई।

 

शाम छह बजे सुनेत्रा पवार ने अजित पवार के चुनावी रणनीतिकार नरेश अरोड़ा को राजनीतिक परामर्श के लिए बारामती बुलाया। नरेश की संस्था ‘डिजाइनबॉक्स’ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के लिए कार्य करती है।

रात आठ बजे जब नरेश अरोड़ा मुंबई के लिए प्रस्थान कर रहे थे, तब समाचार आया कि सुनेत्रा उपमुख्यमंत्री बनने के लिए सहमत हो गई हैं। हालांकि राज्य में बजट को ध्यान में रखते हुए उन्हें फिलहाल वित्त विभाग नहीं दिया जाएगा।

 

रात साढ़े आठ बजे मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “जो भी निर्णय लेना है, NCP लेगी। चाहे पवार परिवार हो या पार्टी, हम उनके साथ दृढ़ता से खड़े हैं। NCP नेताओं ने मुझसे इस संबंध में दो बार वार्ता की है।”

 

2024 विधानसभा चुनाव: NCP का प्रदर्शन

नवंबर 2024 के विधानसभा चुनावों में महायुति गठबंधन ने 288 में से 230 सीटें जीतकर शानदार बहुमत हासिल किया था। इस गठबंधन में भाजपा को 132, शिवसेना को 57 और NCP (अजित गुट) को 41 सीटें प्राप्त हुई थीं।

 

NCP ने कुल 59 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 41 पर विजय प्राप्त की। अजित पवार स्वयं बारामती सीट से निर्वाचित हुए और उन्होंने अपने भतीजे युगेंद्र पवार को 100,899 मतों के विशाल अंतर से पराजित किया था।

 

सरकार में NCP के अजित पवार सहित 9 मंत्री थे, जिनमें 8 कैबिनेट मंत्री और 1 राज्य मंत्री शामिल हैं। विपक्षी महाविकास अघाड़ी में शामिल NCP (शरद पवार गुट) को केवल 10 सीटें प्राप्त हुईं।

 

वित्त विभाग: फडणवीस के पास रहने की संभावना

अजित के निधन के पश्चात लगभग यह निश्चित है कि महाराष्ट्र का वित्त विभाग फिलहाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास रहेगा और मार्च में मुख्यमंत्री ही राज्य का बजट प्रस्तुत करेंगे।

 

जब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे, तब उपमुख्यमंत्री के रूप में देवेंद्र फडणवीस के पास गृह और वित्त दोनों महत्वपूर्ण विभाग थे। फडणवीस ने 9 मार्च 2023 को महाराष्ट्र राज्य का बजट भी प्रस्तुत किया था।

 

जुलाई 2023 में जब अजित पवार महायुति सरकार में सम्मिलित हुए, तब वित्त मंत्रालय फडणवीस ने अजित पवार को सौंप दिया था। वे 23 फरवरी को राज्य का बजट प्रस्तुत करने वाले थे। फडणवीस के प्रथम कार्यकाल (2014-2019) में वित्त मंत्रालय सुधीर मुनगंटीवार के पास था। वर्तमान में सुधीर मुनगंटीवार केवल विधायक हैं लेकिन फडणवीस सरकार का हिस्सा नहीं हैं।

 

अजित पवार का राजनीतिक सफर

अजित पवार 16 वर्षों में छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे। उनका प्रथम कार्यकाल 11 नवंबर 2010 से 25 सितंबर 2012 तक रहा। द्वितीय कार्यकाल 7 दिसंबर 2012 से 28 सितंबर 2014, तृतीय कार्यकाल केवल तीन दिन का था – 23 नवंबर 2019 से 26 नवंबर 2019 तक।

 

चतुर्थ कार्यकाल 30 दिसंबर 2019 से 29 जून 2022, पांचवां 2 जुलाई 2023 से 5 दिसंबर 2024 और छठा तथा अंतिम कार्यकाल 5 दिसंबर 2024 से 28 जनवरी 2026 तक रहा।

 

NCP का विभाजन और वर्तमान स्थिति

शरद पवार ने 1999 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की स्थापना की थी। जुलाई 2023 में अजित पवार एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में सम्मिलित हो गए और उन्हें उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया। इसके परिणामस्वरूप NCP दो धड़ों में विभाजित हो गई।

 

पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावे को लेकर दोनों गुटों के बीच कड़ा संघर्ष हुआ। अजित पवार के गुट को मूल NCP नाम और एनालॉग अलार्म घड़ी का चुनाव चिह्न प्राप्त हुआ। वर्तमान में NCP महायुति सरकार का हिस्सा है, जबकि NCP (SP) विपक्षी महा विकास अघाड़ी में शामिल है।

 

सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री बनना न केवल महाराष्ट्र बल्कि भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा। यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।