देश की निजी एयरलाइन अकासा एयर में एक अहम नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। कंपनी के को-फाउंडर और चीफ कमर्शियल ऑफिसर (CCO) प्रवीण अय्यर ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। हालांकि वे तुरंत पद नहीं छोड़ेंगे। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वे 30 अप्रैल 2026 तक अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे, ताकि नई टीम को काम समझाने और सुचारु रूप से बदलाव करने में मदद मिल सके।
उनके स्थान पर आनंद श्रीनिवासन को नया चीफ कमर्शियल ऑफिसर नियुक्त किया गया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब एयरलाइन विस्तार के अगले चरण में प्रवेश कर रही है।
अकासा की शुरुआती टीम का अहम हिस्सा थे प्रवीण
प्रवीण अय्यर अकासा एयर की स्थापना के समय से ही कंपनी के साथ जुड़े रहे हैं। वे कोर टीम के सदस्य थे और एयरलाइन की व्यावसायिक रणनीति तैयार करने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। टिकट बिक्री की योजना, किराया नीति, नए रूट शुरू करने की रणनीति और बाजार में पहचान बनाने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसलों में उनका योगदान रहा।
वे कंपनी की एग्जीक्यूटिव कमेटी के भी सदस्य थे। एविएशन सेक्टर में उन्हें 20 साल से अधिक का अनुभव है। अकासा से पहले वे जेट एयरवेज और कतर एयरवेज जैसी बड़ी एयरलाइनों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं। इस अनुभव का फायदा अकासा एयर को उसके शुरुआती दौर में मिला।
छह महीने में दूसरा बड़ा इस्तीफा
अकासा एयर में पिछले छह महीनों के भीतर यह दूसरा बड़ा बदलाव है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में इंटरनेशनल ऑपरेशंस की हेड और को-फाउंडर नीलू खत्री ने भी कंपनी छोड़ दी थी। लगातार दो वरिष्ठ अधिकारियों के इस्तीफे को इंडस्ट्री में ध्यान से देखा जा रहा है, हालांकि कंपनी ने इसे सामान्य नेतृत्व परिवर्तन बताया है।
आनंद श्रीनिवासन को नई जिम्मेदारी
प्रवीण अय्यर के पद छोड़ने के बाद अब आनंद श्रीनिवासन कमर्शियल टीम की कमान संभालेंगे। आनंद अभी तक कंपनी में चीफ इंफॉर्मेशन ऑफिसर (CIO) के रूप में काम कर रहे थे। वे भी अकासा एयर की शुरुआती टीम का हिस्सा रहे हैं।
कंपनी के सीईओ विनय दुबे ने इस बदलाव पर कहा कि आनंद के पास टेक्नोलॉजी और कमर्शियल समझ का अच्छा मेल है। उनका मानना है कि एयरलाइन अब जिस नए विकास चरण में प्रवेश कर रही है, उसमें यह अनुभव काफी काम आएगा।
आनंद के CCO बनने के बाद कंपनी के आईटी विभाग की जिम्मेदारी अब चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) अंकुर गोयल संभालेंगे। यानी नेतृत्व स्तर पर कुछ और बदलाव भी किए गए हैं, ताकि काम का बंटवारा स्पष्ट रहे।
CEO ने प्रवीण के योगदान को सराहा
अकासा एयर ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि प्रवीण अय्यर ने निजी कारणों से यह फैसला लिया है और वे अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत करना चाहते हैं।
सीईओ विनय दुबे ने कहा कि प्रवीण ने न केवल कंपनी की कमर्शियल दिशा तय की, बल्कि शुरुआत से ही मजबूत नींव रखने में भी बड़ी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि शुरुआती वर्षों में प्रवीण के नेतृत्व और दूरदृष्टि के लिए कंपनी उनकी आभारी है।
वहीं प्रवीण अय्यर ने भी अपने बयान में कहा कि अकासा एयर के साथ उनका सफर संतोषजनक रहा है। उन्होंने कहा कि कम समय में टीम ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके अनुसार, एयरलाइन अब आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है और आनंद जैसे अनुभवी व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपकर उन्हें खुशी हो रही है।
तेजी से बढ़ती एयरलाइन
अकासा एयर ने 7 अगस्त 2022 को अपनी उड़ान सेवाएं शुरू की थीं। इस एयरलाइन में दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला का निवेश था, जिसने शुरुआत से ही इसे चर्चा में ला दिया था।
वर्तमान समय में कंपनी के पास 33 बोइंग 737 मैक्स विमान हैं। एयरलाइन देश के 26 घरेलू शहरों को जोड़ती है। इसके अलावा 6 अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए भी उड़ान सेवाएं उपलब्ध हैं। कम समय में इतने बड़े नेटवर्क का निर्माण करना कंपनी की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
हाल ही में अकासा एयर को इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की सदस्यता भी मिली है। यह सदस्यता किसी भी एयरलाइन के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इससे वैश्विक स्तर पर उसकी पहचान मजबूत होती है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग आसान होता है।
CCO की भूमिका क्यो अहम होती है?
एयरलाइन में चीफ कमर्शियल ऑफिसर की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। यह पद कंपनी की कमाई से सीधे जुड़ा होता है। टिकटों की बिक्री, किराया तय करना, मार्केटिंग की रणनीति बनाना, नए रूट चुनना और रेवेन्यू मैनेजमेंट जैसे फैसले इसी विभाग के अंतर्गत आते हैं।
किस शहर से किस शहर तक उड़ान शुरू करनी है, कितनी सीटें उपलब्ध करानी हैं और किराया कितना रखा जाएगा-इन सबका असर सीधे कंपनी की आय पर पड़ता है। इसलिए CCO का पद किसी भी एयरलाइन के लिए बेहद अहम माना जाता है।
आगे की राह
अकासा एयर अभी विस्तार के दौर में है। घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भी कंपनी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे समय में नेतृत्व में बदलाव को एक नई रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि कंपनी ने इसे सामान्य बदलाव बताया है, लेकिन इंडस्ट्री विशेषज्ञों की नजर इस बात पर रहेगी कि नए CCO के नेतृत्व में अकासा एयर अपनी विकास योजना को किस तरह आगे बढ़ाती है।
कुल मिलाकर, प्रवीण अय्यर का जाना अकासा एयर के लिए एक अहम मोड़ है, लेकिन कंपनी ने साफ किया है कि यह बदलाव योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है, ताकि कामकाज पर कोई असर न पड़े।
