रूस में क्रिप्टो को लेकर बड़ा बदलाव: आम निवेशकों के लिए रास्ता खोलने की तैयारी

संदर्भ :

रूस डिजिटल मुद्रा (क्रिप्टोकरेंसी) को लेकर अपनी नीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा दिखाई देता है। हाल ही में रूसी संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा की वित्तीय बाजार समिति के अध्यक्ष अनातोली अक्साकोव ने संकेत दिया है कि सरकार एक ऐसा विधेयक लाने की तैयारी में है, जिसके तहत गैर-पेशेवर (नॉन-क्वालिफाइड) निवेशकों को भी सीमित रूप में क्रिप्टो परिसंपत्तियों में निवेश की अनुमति दी जाएगी।


यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक रूस में क्रिप्टो को एक विशेष और सख्त नियामक ढांचे के तहत रखा गया था, जबकि नया प्रस्ताव इसे दैनिक वित्तीय जीवन का हिस्सा बनाने की दिशा में कदम माना जा रहा है।

Major change regarding crypto in Russia

प्रस्तावित विधेयक में क्या है खास :

रूसी सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, यह मसौदा विधेयक पहले ही तैयार कर लिया गया है और वसंतकालीन संसदीय सत्र में इसे पेश किए जाने की संभावना है।
इस विधेयक का सबसे अहम प्रावधान यह है कि क्रिप्टोकरेंसी को विशेष वित्तीय विनियमन से बाहर निकाला जाएगा। इसका अर्थ यह होगा कि क्रिप्टो को एक असाधारण या प्रयोगात्मक साधन नहीं, बल्कि सामान्य वित्तीय उपकरण के रूप में देखा जाएगा।

 

हालाँकि, आम निवेशकों के लिए पूरी छूट नहीं दी जा रही है। जो निवेशक रूस के “योग्य निवेशक” मानकों पर खरे नहीं उतरते, वे अधिकतम 3 लाख रूबल तक ही क्रिप्टो परिसंपत्तियाँ खरीद सकेंगे। इस सीमा का उद्देश्य छोटे निवेशकों को जोखिम से बचाना और वित्तीय प्रणाली में अस्थिरता को रोकना बताया गया है।

 

योग्य और गैर-योग्य निवेशक का अंतर :

रूस में योग्य निवेशक वे माने जाते हैं, जिनके पास पर्याप्त आय, संपत्ति या निवेश अनुभव होता है। ऐसे निवेशकों को उच्च जोखिम वाले वित्तीय साधनों में अधिक स्वतंत्रता मिलती है।

 

नए विधेयक के तहत पेशेवर बाजार प्रतिभागियों पर यह सीमा लागू नहीं होगी। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार क्रिप्टो बाजार को पूरी तरह खोलने के बजाय चरणबद्ध और नियंत्रित विस्तार चाहती है।

 

सीमापार लेन-देन में क्रिप्टो की भूमिका :

इस प्रस्ताव का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि रूस क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग अंतरराष्ट्रीय लेन-देन में बढ़ाना चाहता है।

 

पिछले कुछ वर्षों में रूस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के कारण पारंपरिक बैंकिंग और भुगतान प्रणालियों तक उसकी पहुँच सीमित हुई है। ऐसे में डिजिटल परिसंपत्तियाँ रूस के लिए वैकल्पिक माध्यम बन सकती हैं।

 

अनातोली अक्साकोव के अनुसार, यह कानून विदेशी बाजारों में रूसी टोकन जारी करने और अंतरराष्ट्रीय भुगतान को सरल बनाने में मदद कर सकता है। यह रणनीति रूस को पारंपरिक वित्तीय ढाँचों पर निर्भरता कम करने में सहायक हो सकती है।

 

केंद्रीय बैंक का सतर्क रुख :

हालाँकि रूस का बैंक ऑफ रूस क्रिप्टो को लेकर हमेशा सतर्क रहा है। दिसंबर में केंद्रीय बैंक ने सुझाव दिया था कि गैर-योग्य निवेशकों को क्रिप्टो व्यापार की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन इसके लिए उन्हें जोखिम-जागरूकता परीक्षण पास करना होगा।
साथ ही, गुमनाम और गोपनीयता-केंद्रित क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध बनाए रखने की बात भी कही गई थी।

 

वित्त मंत्रालय और केंद्रीय बैंक मिलकर ऐसा ढांचा तैयार कर रहे हैं, जिसमें आम नागरिकों की भागीदारी तो हो, लेकिन वित्तीय और प्रणालीगत जोखिम सीमित रहें।

 

सोशल फंड और जनता की बढ़ती जिज्ञासा :

क्रिप्टो को लेकर रूस में आम लोगों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ रही है। 2025 में रूस के सामाजिक कोष को लगभग 3.7 करोड़ कॉल प्राप्त हुए, जिनमें बड़ी संख्या में सवाल क्रिप्टो से जुड़े थे।

 

लोग यह जानना चाहते थे कि क्या पेंशन का भुगतान डिजिटल मुद्रा में किया जा सकता है, या क्रिप्टो माइनिंग से होने वाली आय सामाजिक लाभों की गणना में शामिल होगी।

 

सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी सरकारी भुगतान केवल रूबल में ही होंगे और क्रिप्टो से होने वाली आय पर कर नियम लागू होंगे।

 

क्रिप्टो माइनिंग का बढ़ता महत्व :

रूस में क्रिप्टो माइनिंग को अब केवल तकनीकी गतिविधि नहीं, बल्कि आर्थिक और राजनीतिक महत्व का विषय माना जाने लगा है।


वरिष्ठ अधिकारियों का तर्क है कि माइनिंग को एक प्रकार की निर्यात गतिविधि के रूप में देखा जाना चाहिए, क्योंकि इससे विदेशी मुद्रा प्रवाह पर प्रभाव पड़ता है, भले ही कोई भौतिक वस्तु सीमा पार न जाए।

 

यह सोच रूस की उस रणनीति से जुड़ी है, जिसके तहत वह डिजिटल अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत करना चाहता है।

 

शेयर बाजारों की तैयारी :

रूस के प्रमुख शेयर बाजार-मॉस्को एक्सचेंज और सेंट पीटर्सबर्ग एक्सचेंज-ने भी संकेत दिया है कि वे क्रिप्टो ट्रेडिंग शुरू करने के लिए तैयार हैं।


यदि विधायी ढांचा समय पर लागू हो गया, तो 1 जुलाई 2026 तक क्रिप्टो से जुड़ी औपचारिक ट्रेडिंग शुरू हो सकती है।

यह रूस के वित्तीय बाजारों के लिए एक बड़ा बदलाव होगा, क्योंकि इससे डिजिटल परिसंपत्तियाँ मुख्यधारा के निवेश विकल्पों में शामिल हो जाएँगी।

 

संभावित लाभ और चुनौतियाँ :

इस नीति परिवर्तन से रूस को कई संभावित लाभ मिल सकते हैं-जैसे नई निवेश संभावनाएँ, तकनीकी नवाचार और अंतरराष्ट्रीय भुगतान में लचीलापन।
लेकिन इसके साथ-साथ चुनौतियाँ भी हैं। क्रिप्टो बाजार की अस्थिरता, धोखाधड़ी की आशंका और आम निवेशकों के नुकसान का जोखिम सरकार के लिए चिंता का विषय बना रहेगा।

 

इसीलिए लेन-देन की सीमा, कर निगरानी और सख्त नियमों पर जोर दिया जा रहा है।

 

निष्कर्ष :

रूस द्वारा गैर-योग्य निवेशकों के लिए क्रिप्टो बाजार खोलने की तैयारी यह दर्शाती है कि देश अब डिजिटल परिसंपत्तियों को पूरी तरह नकारने के बजाय नियंत्रित तरीके से अपनाने की नीति अपना रहा है।

 

यह कदम न केवल घरेलू वित्तीय व्यवस्था को प्रभावित करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों में भी रूस की भूमिका को नया आयाम दे सकता है। आने वाले वर्षों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह संतुलित दृष्टिकोण जोखिमों को कितनी प्रभावी ढंग से नियंत्रित कर पाता है।

 

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न


रूस में प्रस्तावित क्रिप्टो विधेयक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. गैर-योग्य निवेशकों के लिए क्रिप्टो खरीद की एक सीमा तय की गई है।
  2. प्रस्तावित विधेयक क्रिप्टो को विशेष वित्तीय विनियमन से बाहर करने का प्रयास करता है।
  3. रूस में सरकारी पेंशन का भुगतान क्रिप्टोकरेंसी में करने का निर्णय लिया गया है।

सही कथनों का चयन कीजिए:

(a) केवल 1 और 2

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 1 और 3

(d) 1, 2 और 3

 

मुख्य परीक्षा प्रश्न (सामान्य अध्ययन – III)

रूस द्वारा आम निवेशकों के लिए क्रिप्टोकरेंसी को सीमित रूप से खोलने की पहल डिजिटल अर्थव्यवस्था में एक नया दृष्टिकोण दर्शाती है।
इस संदर्भ में क्रिप्टो को लेकर रूस की रणनीति, संभावित लाभ और उससे जुड़े वित्तीय जोखिमों की चर्चा कीजिए।