ISS पर मेडिकल अलर्ट: NASA ने स्पेसवॉक टाला, Crew-11 की वापसी तय समय से एक माह पहले

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने जनवरी 2026 में प्रस्तावित एक स्पेसवॉक को अचानक स्थगित कर दिया है। यह फैसला उस समय लिया गया, जब ISS पर मौजूद चार सदस्यीय Crew-11 मिशन के एक अंतरिक्ष यात्री से जुड़ी गंभीर चिकित्सीय समस्या की जानकारी सामने आई। नासा ने स्पष्ट किया है कि संबंधित अंतरिक्ष यात्री की स्थिति स्थिर है, लेकिन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मिशन से जुड़े कई फैसलों में बदलाव किया गया है।

Medical alert on ISS NASA postpones spacewalk

यह स्पेसवॉक गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे प्रस्तावित था, लेकिन बुधवार दोपहर को मेडिकल चिंता सामने आने के बाद इसे रद्द कर दिया गया।

किस वजह से टाला गया स्पेसवॉक?

नासा के अनुसार, मेडिकल समस्या किसी एक क्रू सदस्य से जुड़ी है। एजेंसी ने स्वास्थ्य गोपनीयता का हवाला देते हुए न तो अंतरिक्ष यात्री का नाम बताया और न ही बीमारी की प्रकृति का खुलासा किया। हालांकि, यह जरूर कहा गया कि स्थिति आपातकालीन नहीं है और संबंधित व्यक्ति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

 

नासा ने स्पेसवॉक से कुछ समय पहले ISS की लाइव स्ट्रीम भी अस्थायी रूप से बंद कर दी थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि एजेंसी हालात को लेकर अत्यधिक सतर्क है।

 

क्या किया जाना था इस स्पेसवॉक में?

इस स्पेसवॉक को नासा के अनुभवी अंतरिक्ष यात्री माइक फिन्के और पहली बार स्पेसवॉक करने जा रहीं ज़ीना कार्डमैन द्वारा अंजाम दिया जाना था। यह लगभग 6.5 घंटे लंबा मिशन होता।

 

मुख्य कार्यों में ISS के 2A पावर चैनल को नए रोल-आउट सोलर एरे (iROSA) लगाने के लिए तैयार करना शामिल था। ये नए सोलर पैनल स्टेशन को अतिरिक्त ऊर्जा प्रदान करेंगे, जो आने वाले वर्षों में इसके संचालन और लगभग पांच साल बाद प्रस्तावित सुरक्षित डी-ऑर्बिट प्रक्रिया के लिए अहम हैं।

 

इसके अलावा, दोनों अंतरिक्ष यात्री Quest एयरलॉक के पास से स्वैब सैंपल इकट्ठा करने वाले थे, ताकि अंतरिक्ष में माइक्रोबियल कंटैमिनेशन के व्यवहार का अध्ययन किया जा सके।

 

यह स्पेसवॉक ज़ीना कार्डमैन के करियर का पहला स्पेसवॉक होता, जबकि माइक फिन्के के लिए यह दसवां बाहरी मिशन होता।

 

जनवरी में तय दो स्पेसवॉक, पहला स्थगित

जनवरी में कुल दो स्पेसवॉक प्रस्तावित थे। दूसरा स्पेसवॉक 15 जनवरी को होना था, जिसमें स्टेशन के कैमरे बदलने, नेविगेशन सहायता उपकरण जोड़ने और फ्लूइड बैकअप सिस्टम को मजबूत करने जैसे कार्य शामिल थे।

 

पहले स्पेसवॉक के टलने से दूसरे मिशन पर भी असर पड़ सकता है। नासा ने कहा है कि वह सभी संभावित विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिसमें क्रू शेड्यूल में बदलाव और मिशन की समयसीमा में संशोधन भी शामिल है।

 

Crew-11 की समय से पहले वापसी का फैसला

स्पेसवॉक रद्द होने के बाद नासा ने एक और बड़ा फैसला लिया। एजेंसी ने घोषणा की कि ISS पर मौजूद चार सदस्यीय Crew-11 मिशन को तय समय से करीब एक महीने पहले पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा।

 

नासा प्रशासक जेरेड आइज़ैकमैन ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह फैसला किसी आपातकालीन निकासी के तहत नहीं लिया गया है, बल्कि एहतियात के तौर पर लिया गया कदम है।

 

उन्होंने कहा, “हम हमेशा अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हैं। यह कोई इमरजेंसी नहीं है, लेकिन हम जोखिम नहीं लेना चाहते।”

 

Crew-11 में कौन-कौन हैं शामिल?

Crew-11 मिशन में कुल चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं:

  • ज़ीना कार्डमैन (NASA)
  • माइक फिन्के (NASA)
  • किमिया युई (जापान की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA)
  • ओलेग प्लातोनोव (रूस)

यह टीम अगस्त 2025 में स्पेसएक्स के Crew Dragon यान के जरिए ISS पहुंची थी और लगभग छह महीने तक अंतरिक्ष में रहने की योजना थी। उनकी वापसी अगले महीने प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे एक माह पहले ही अंजाम दिया जाएगा।

 

ISS पर कौन रहेगा?

Crew-11 की वापसी के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर एक अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और दो रूसी कॉस्मोनॉट्स मौजूद रहेंगे। नासा अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन का संचालन सुरक्षित रूप से जारी रहेगा, हालांकि कुछ प्रयोगों और अनुसंधान गतिविधियों को सीमित करना पड़ सकता है।

 

ISS के इतिहास में पहली बार

यह घटना कई मायनों में ऐतिहासिक है। ISS के वर्ष 2000 से लगातार आबाद रहने के इतिहास में यह पहली बार है, जब किसी मेडिकल कारण से पूरे क्रू को तय समय से पहले वापस लाया जा रहा है।

 

नासा के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेम्स पोल्क ने बताया कि नासा के 65 वर्षों के इतिहास में भी यह पहला मौका है, जब किसी मिशन को मेडिकल वजह से समय से पहले समाप्त किया जा रहा है।

 

अंतरिक्ष में मेडिकल समस्याएं क्यों गंभीर होती हैं?

हालांकि अंतरिक्ष में मेडिकल इमरजेंसी दुर्लभ होती हैं, लेकिन माइक्रोग्रैविटी में मानव शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है। सिर की ओर तरल पदार्थ का ज्यादा प्रवाह, रक्त के थक्के बनने का खतरा और इम्यून सिस्टम में बदलाव जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

 

ISS पर बुनियादी चिकित्सा उपकरण, दवाएं और पृथ्वी से सुरक्षित संचार प्रणाली मौजूद है, जिससे डॉक्टर अंतरिक्ष यात्रियों की स्थिति का आकलन कर सकते हैं और सलाह दे सकते हैं-ठीक वैसे ही जैसे धरती पर वीडियो कंसल्टेशन होता है।

 

अनुसंधान और रखरखाव पर असर

स्पेस साइंटिस्ट डॉ. सिमियन बार्बर के अनुसार, Crew-11 की समय से पहले वापसी से कुछ वैज्ञानिक प्रयोग और रखरखाव कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

 

उनका कहना है कि ISS एक जटिल संरचना है, जिसे संचालित करने के लिए न्यूनतम क्रू स्ट्रेंथ जरूरी होती है। फिलहाल, शेष क्रू को प्रयोगों की बजाय स्टेशन की देखभाल और आवश्यक रखरखाव पर ज्यादा ध्यान देना होगा, जब तक कि अगला पूर्ण दल अगले महीने नहीं पहुंच जाता।

 

निष्कर्ष:

नासा का यह फैसला एक बार फिर साबित करता है कि अंतरिक्ष मिशनों में तकनीक से ज्यादा अहम मानव जीवन है। स्पेसवॉक रद्द करना, Crew-11 की वापसी को पहले तय करना और पारदर्शिता के साथ जानकारी साझा करना-ये सभी कदम नासा की “सेफ्टी फर्स्ट” नीति को दर्शाते हैं।

 

हालांकि इससे कुछ वैज्ञानिक योजनाओं में देरी होगी, लेकिन अंतरिक्ष अन्वेषण में सतर्कता और जिम्मेदारी ही दीर्घकालिक सफलता की कुंजी है। नासा ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले 24–48 घंटों में इस पूरे घटनाक्रम पर और जानकारी साझा की जाएगी।