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म्यूचुअल फंड का AUM इस साल 21% बढ़ा, पैसिव फंड्स में सबसे ज्यादा तेजी

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए ये साल 2025 बहुत अच्छा रहा है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के डेटा के मुताबिक, 2025 में  म्यूचुअल फंड का कुल एसेट्स (AUM) 21% बढ़ गया है। 28 नवंबर 2025 तक यह 80.55 लाख करोड़

म्यूचुअल फंड का AUM इस साल 21% बढ़ा, पैसिव फंड्स में सबसे ज्यादा तेजी

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए ये साल 2025 बहुत अच्छा रहा है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के डेटा के मुताबिक, 2025 में  म्यूचुअल फंड का कुल एसेट्स (AUM) 21% बढ़ गया है। 28 नवंबर 2025 तक यह 80.55 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो 31 दिसंबर 2024 में 66.66 लाख करोड़ रुपये था।

 

ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड में पांच तरह की कैटेगरी होती हैं। इनमें से पैसिव फंड्स (ETF और इंडेक्स फंड) में सबसे ज्यादा ग्रोथ देखी गई है।

Mutual fund AUM grew 21% this year

पैसिव फंड्स में धमाकेदार ग्रोथ

पैसिव फंड्स का AUM दिसंबर 2024 के 11.11 लाख करोड़ रुपये से 27% बढ़कर नवंबर 2025 में 14.07 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें सबसे बड़ा सरप्राइज गोल्ड ETF का रहा।

 

गोल्ड ETF में तो कमाल ही हो गया - 148% की छलांग! दिसंबर 2024 में सिर्फ 44,595 करोड़ रुपये था, जो नवंबर 2025 में 1.10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। विदेशी निवेश वाले FoFs में 35% और बाकी ETF में 22% की बढ़ोतरी हुई।

 

हाइब्रिड फंड्स की परफॉर्मेंस

हाइब्रिड फंड्स भी अच्छे रहे। इनका AUM 24% बढ़कर 10.87 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पहले 8.76 लाख करोड़ रुपये था।

हाइब्रिड फंड्स में चार तरह की कैटेगरी होती हैं:

  • मल्टी-एसेट फंड्स: सबसे ज्यादा 52% की तेजी - 03 लाख करोड़ से 1.57 लाख करोड़ रुपये
  • आर्बिट्रेज फंड्स: 40% की बढ़ोतरी
  • इक्विटी सेविंग्स फंड्स: 21% बढ़े
  • कंजर्वेटिव हाइब्रिड फंड्स: सबसे कम यानी 5% बढ़े

 

डेट फंड्स में भी अच्छी बढ़त

डेट फंड्स का AUM 23% बढ़कर 19.35 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पहले 15.67 लाख करोड़ रुपये था। इसमें 16 अलग-अलग कैटेगरी हैं। ज्यादातर कैटेगरी में बढ़ोतरी हुई, लेकिन तीन में थोड़ी गिरावट भी आई।

 

सबसे ज्यादा बढ़े:

  • मनी मार्केट फंड्स: 55% बढ़े - 57 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचे
  • लो ड्यूरेशन फंड्स: 37% की तेजी
  • अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन फंड्स: 36% बढ़े
  • शॉर्ट ड्यूरेशन और कॉरपोरेट बॉन्ड फंड्स: दोनों में 25-25% की ग्रोथ

 

जो स्थिर या घटे:

  • फ्लोटर फंड्स: लगभग एक जैसे रहे - 51,333 करोड़ रुपये
  • लॉन्ग ड्यूरेशन और गिल्ट फंड्स: दोनों में 7-7% की गिरावट
  • क्रेडिट रिस्क फंड्स: 3% घटे

 

इक्विटी फंड्स की हालत

इक्विटी फंड्स में 17% की बढ़ोतरी हुई। दिसंबर 2024 के 30.57 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर नवंबर 2025 में 35.65 लाख करोड़ रुपये हो गया।

 

इक्विटी में 11 तरह की कैटेगरी हैं:

  • फ्लेक्सीकैप फंड्स: सबसे आगे - 24% बढ़े, 5.45 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचे
  • मल्टीकैप फंड्स: 23% की तेजी
  • लार्जकैप-मिडकैप फंड्स: 22% बढ़े
  • फोकस्ड फंड्स: 19% की ग्रोथ
  • मिडकैप फंड्स: 16% ऊपर गए
  • स्मॉलकैप फंड्स: 12% बढ़े
  • ELSS: सिर्फ 6% बढ़े
  • डिविडेंड यील्ड फंड्स: सबसे कम यानी 5% की वृद्धि

 

बच्चों और रिटायरमेंट के फंड्स

सॉल्यूशन ओरिएंटेड फंड्स यानी किसी खास मकसद के लिए बनाए गए फंड्स में 11% की बढ़ोतरी हुई। ये दिसंबर 2024 के 52,856 करोड़ रुपये से बढ़कर नवंबर 2025 में 58,510 करोड़ रुपये हो गए।

इसमें दो तरह के फंड्स होते हैं:

  • चिल्ड्रन फंड्स (बच्चों के लिए): 13% बढ़े - 22,728 करोड़ से 25,675 करोड़ रुपये
  • रिटायरमेंट फंड्स (रिटायरमेंट के लिए): 9% की बढ़त - 30,128 करोड़ से 32,835 करोड़ रुपये

 

निष्कर्ष:

कुल मिलाकर म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए ये साल बेहद शानदार रहा। सभी तरह के फंड्स में अच्छी ग्रोथ देखी गई। पैसिव फंड्स, खासकर गोल्ड ETF में तो जबरदस्त तेजी आई। इससे पता चलता है कि लोग अब सोने में भी म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश करना पसंद कर रहे हैं।

 

हाइब्रिड और डेट फंड्स में भी मजबूत परफॉर्मेंस दिखी। इक्विटी फंड्स में स्थिर वृद्धि बताती है कि निवेशकों का शेयर बाजार में भरोसा बना हुआ है।

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