नितिन नबीन बनें बीजेपी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष, कैसे बने पार्टी के सबसे युवा प्रमुख, जानिए नितिन नबीन की ताजपोशी के सियासी मायने क्या हैं?

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन अब पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में सोमवार को चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। 45 वर्ष की आयु में नबीन पार्टी के इतिहास में सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बन जाएंगे। उनसे पहले अमित शाह 49 वर्ष की आयु में पार्टी अध्यक्ष चुने गए थे।

 

इससे पूर्व, नितिन नबीन ने दिल्ली में वाल्मीकि मंदिर, गुरुद्वारा बंगला साहिब और झंडेवालान मंदिर के दर्शन किए।

 

नामांकन प्रक्रिया में समर्थन

नामांकन प्रक्रिया के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, नितिन गडकरी के साथ-साथ सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने नितिन के समर्थन में अपने नामांकन पत्र जमा किए।

 

BJP ने 16 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनावों के लिए अधिसूचना जारी की थी। नितिन को 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

Nitin Nabin becomes 12th National President of BJP

नितिन नबीन का परिचय

  • आयु: 45 वर्ष
  • मूल निवास: पटना, बिहार
  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: BJP नेता नवीन किशोर सिन्हा के पुत्र, कायस्थ समुदाय से संबंध
  • राजनीतिक करियर की शुरुआत: 2006 में राजनीतिक करियर शुरू किया, बैंकीपुर सीट से 5 बार विधायक बने
  • पूर्व जिम्मेदारियां:
  • भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय महासचिव
  • बिहार सरकार में शहरी विकास और आवास मंत्री
  • लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री
  • वर्तमान में बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री
  • छत्तीसगढ़ BJP के प्रभारी
  • कई पूर्वोत्तर राज्यों में पार्टी प्रभारी और पर्यवेक्षक के रूप में कार्य

 

BJP अध्यक्ष की शक्तियां और कार्यप्रणाली

 

प्रमुख जिम्मेदारियां:

  • चुनावी रणनीतियों, गठबंधनों और अभियानों को अंतिम रूप देना
  • केंद्र और राज्यों में पार्टी संगठन और सरकार के बीच समन्वय बनाए रखना
  • महासचिव, सचिव, प्रवक्ता और राज्य अध्यक्षों की नियुक्ति पर अंतिम निर्णय
  • नए राजनीतिक सहयोगियों को जोड़ने और पार्टी का विस्तार करने की योजना
  • राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी नीति तैयार करना
  • जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना
  • महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी का रुख तय करना और सरकार को सुझाव देना
  • संसद और सार्वजनिक मंचों पर विपक्षी दलों के सवालों का जवाब देना
  • RSS और अन्य हिंदुत्व संगठनों के साथ पार्टी का संतुलन बनाए रखना

 

अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया

भाजपा के संविधान और नियम की धारा-19 में अध्यक्ष के चुनाव के प्रावधान निर्धारित हैं:

  • चुनाव पार्टी की कार्यकारिणी द्वारा बनाए गए नियमों के तहत होता है
  • राष्ट्रीय और प्रदेश परिषदों के सदस्यों का इलेक्टोरल कॉलेज बनता है
  • यही इलेक्टोरल कॉलेज राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करता है

 

पात्रता मानदंड:

  • कम से कम 15 वर्षों तक पार्टी का प्राथमिक सदस्य होना आवश्यक
  • इलेक्टोरल कॉलेज के कम से कम 20 सदस्य प्रस्तावक होने चाहिए

 

चुनाव प्रक्रिया:

  • नामांकन फॉर्म भरना
  • नामांकन के बाद मतदान
  • दिल्ली में मतपेटी की गिनती

 

BJP के संविधान के अनुसार, कोई पात्र सदस्य 3-3 वर्ष के लगातार 2 कार्यकाल यानी कुल 6 वर्ष तक अध्यक्ष रह सकता है।

 

आगामी 11 महत्वपूर्ण चुनाव

12वें BJP अध्यक्ष के कार्यकाल में 11 अहम चुनाव होंगे:

 

2026 में:

  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव
  • तमिलनाडु विधानसभा चुनाव
  • केरल विधानसभा चुनाव
  • असम विधानसभा चुनाव
  • उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव
  • उत्तराखंड विधानसभा चुनाव
  • पंजाब विधानसभा चुनाव
  • गोवा विधानसभा चुनाव
  • मणिपुर विधानसभा चुनाव

 

2027 में:

  • राष्ट्रपति चुनाव
  • उपराष्ट्रपति चुनाव

नबीन की नियुक्ति के पीछे रणनीति

  1. विश्वसनीय और आज्ञाकारी नेता: नितिन नबीन पार्टी निर्देशों का बिना किसी विरोध के पालन करने वाले नेता हैं। राजनीतिक विश्लेषक प्रियदर्शी रंजन के अनुसार, वे महत्वाकांक्षी नहीं हैं और शीर्ष नेतृत्व के लिए चुनौती नहीं बन सकते।
  2. सुलभ और मिलनसार: 5 बार के विधायक और 3 बार के मंत्री होने के बावजूद नबीन बेहद सुलभ नेता हैं। कार्यकर्ताओं के लिए उनका दरवाजा 24 घंटे खुला रहता है। उनका पूरा परिवार RSS का करीबी रहा है।
  3. OBC-फॉरवर्ड संतुलन: BJP ने पार्टी और सत्ता में OBC-फॉरवर्ड संयोजन को दोहराया है। जेपी नड्डा ब्राह्मण समाज से आते हैं, जबकि नबीन कायस्थ समुदाय से हैं। प्रधानमंत्री मोदी OBC समाज से आते हैं, इसलिए पार्टी की कमान फॉरवर्ड समुदाय को दी गई है।
  4. पूर्वी और पूर्वोत्तर रणनीति: नबीन बिहार के पहले नेता हैं जिन्हें BJP ने इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी है। पार्टी का फोकस बंगाल और पूर्वोत्तर को मजबूत करने पर है। बिहार, झारखंड, बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर में BJP अपने दम पर मजबूत होना चाहती है।
  5. छत्तीसगढ़ में सफलता: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले नबीन को राज्य का प्रभारी बनाया गया था। कांग्रेस के गढ़ में सरकार बनाने में उनकी अहम भूमिका थी। उन्होंने बूथ स्तर पर मजबूत कार्यकर्ता नेटवर्क बनाया और मोहल्ला बैठकों, छोटे कार्यक्रमों और व्यक्तिगत संपर्क के जरिए पार्टी की छवि मजबूत की।

 

निष्कर्ष:

45 वर्षीय नितिन नबीन की नियुक्ति BJP की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। युवा, ऊर्जावान और संगठनात्मक क्षमता वाले नबीन से पार्टी को पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में मजबूती की उम्मीद है। आगामी विधानसभा चुनावों में उनकी भूमिका निर्णायक होगी।

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