UAE राष्ट्रपति के लिए प्रोटोकॉल तोड़कर खुद एयरपोर्ट पहुंचे PM मोदी, क्या है इसके मायने? इस यात्रा ने क्यों खींचा दुनिया का ध्यान?

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार को भारत की संक्षिप्त दो घंटे की यात्रा पर पहुंचे। उनका विमान शाम करीब साढ़े चार बजे दिल्ली के पालम हवाई अड्डे पर उतरा। प्रोटोकॉल तोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने पहुंचे।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं व्यक्तिगत रूप से अपने भाई का स्वागत करने हवाई अड्डे पर आया।” यह स्वागत दोनों देशों के बीच गहरे मैत्रीपूर्ण संबंधों को दर्शाता है।

 

ऐतिहासिक समझौते

दोनों नेताओं ने व्यापार और रक्षा सहित नौ प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि यात्रा छोटी थी लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण। दोनों नेताओं की उपस्थिति में कई दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी हुआ।

 

विदेश सचिव ने कहा कि यात्रा का महत्व UAE राष्ट्रपति के साथ आए प्रतिनिधिमंडल से आंका जा सकता है, जिसमें अबू धाबी और दुबई के शाही परिवारों के सदस्य तथा कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी शामिल थे।

PM Modi Breaking protocol for the UAE President

नौ प्रमुख समझौतों का विवरण

  1. व्यापार लक्ष्य: 2032 तक भारत-UAE द्विपक्षीय व्यापार को 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया।
  2. परमाणु ऊर्जा सहयोग: नाभिकीय ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी, जिसमें बड़े और छोटे दोनों प्रकार के परमाणु रिएक्टरों का निर्माण शामिल है।
  3. AI और सुपर कंप्यूटिंग: कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सुपर कंप्यूटर प्रौद्योगिकी पर संयुक्त रूप से कार्य करने का समझौता।
  4. डेटा केंद्र विस्तार: UAE भारत में डेटा सेंटर बढ़ाने के लिए निवेश करेगा। डेटा एंबेसी स्थापित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
  5. रक्षा सहयोग: रक्षा क्षेत्र में संयुक्त कार्य के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
  6. अंतरिक्ष क्षेत्र में साझेदारी: रॉकेट प्रक्षेपण परिसर, उपग्रह निर्माण और संयुक्त अंतरिक्ष मिशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग।
  7. धोलेरा विकास: गुजरात के धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र के विकास में UAE सहायता प्रदान करेगा।
  8. LNG आपूर्ति: UAE भारत को प्रतिवर्ष 5 लाख मीट्रिक टन द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की आपूर्ति करेगा।
  9. खाद्य व कृषि व्यापार: खाद्य और कृषि उत्पादों के व्यापार को सुगम बनाने के लिए समझौता।

 

पारंपरिक भेंट

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार संध्या अपने लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर राष्ट्रपति शेख जायद और उनके परिवार का स्वागत किया। उन्होंने उन्हें गुजरात से लाया गया शाही शैली का नक्काशीदार लकड़ी का झूला और तेलंगाना में निर्मित चांदी के बक्से में रखा कश्मीरी पश्मीना शॉल भेंट किया।

 

पश्मीना शॉल महीन ऊन से हाथ से बुना जाता है और हल्का, कोमल और गर्म होने के लिए प्रसिद्ध है। यह उपहार भारत की समृद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प विरासत को उजागर करता है।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति की माता शेखा फातिमा बिंत मुबारक अल केतबी को भी एक पश्मीना शॉल के साथ कश्मीर घाटी का केसर उपहार में दिया, जो अपने गहरे लाल रंग और तीव्र सुगंध के लिए विश्वविख्यात है।

 

ऊर्जा साझेदारी

विदेश मंत्रालय (MEA) ने यात्रा के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि भारत और UAE ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक और मजबूत साझेदारी साझा करते हैं। स्थानीय मुद्रा निपटान प्रणाली और द्विपक्षीय निवेश संधि जैसी पहलों ने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत किया है।

 

खाड़ी देशों में सबसे बड़ा निर्यातक

भारत और UAE ने 1972 में राजनयिक संबंध स्थापित किए। दोनों देश संयुक्त राष्ट्र, BRICS, I2U2 और UFI जैसे बहुपक्षीय मंचों पर भी निकटता से सहयोग करते हैं।

 

खाड़ी देशों में, UAE भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य है। यह समग्र रूप से भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार भी है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।

 

व्यापार संतुलन:

  • भारत का आयात: लगभग 4 लाख करोड़ रुपये
  • भारत का निर्यात: लगभग 2 लाख करोड़ रुपये
  • व्यापार घाटा: UAE के साथ भारत का व्यापार घाटा है

 

वित्तीय वर्ष 2022-23 में, भारत ने UAE से 4 लाख करोड़ रुपये मूल्य के सामान का आयात किया। भारत ने वाणिज्य को बढ़ावा देने के लिए UAE के साथ एक व्यापार समझौते पर भी हस्ताक्षर किए हैं।

 

भारत के प्रमुख निर्यात उत्पाद

भारत UAE को निम्नलिखित मुख्य उत्पादों का निर्यात करता है:

  • पेट्रोलियम उत्पाद
  • धातु, पत्थर, रत्न और आभूषण
  • खनिज
  • खाद्य पदार्थ जैसे अनाज, चीनी, फल और सब्जियां
  • चाय, मांस और समुद्री भोजन
  • वस्त्र
  • इंजीनियरिंग मशीनरी उत्पाद
  • रसायन

 

खाड़ी देशों में भारत का निर्यात

 

शीर्ष पांच गंतव्य:

  1. UAE: 2.24 लाख करोड़ रुपये
  2. सऊदी अरब: 48 हजार करोड़ रुपये
  3. ओमान: 17 हजार करोड़ रुपये
  4. इराक: 14 हजार करोड़ रुपये
  5. कुवैत: 10 हजार करोड़ रुपये

ये आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि खाड़ी क्षेत्र में UAE भारत का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार है।

 

रणनीतिक महत्व

यह संक्षिप्त लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण यात्रा दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में सहायक होगा।

 

2032 तक 200 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य की प्राप्ति दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। परमाणु ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में साझेदारी भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देगी।

 

UAE के साथ यह मजबूत साझेदारी भारत की “पूर्व की ओर देखो” नीति और पश्चिम एशिया में बढ़ते प्रभाव को भी प्रदर्शित करती है।

 

संयुक्त अरब अमीरात: भौगोलिक परिचय

संयुक्त अरब अमीरात मध्य पूर्व का एक महत्वपूर्ण देश है जो अरब प्रायद्वीप के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित है। इसकी सीमाएं दक्षिण और पश्चिम में सऊदी अरब तथा पूर्व में ओमान से लगती हैं। देश की समुद्री सीमा पूर्व में ओमान की खाड़ी और उत्तर में फारस की खाड़ी से मिलती है। अबू धाबी इसकी राजधानी है। भू-भाग की दृष्टि से UAE में विविध पर्यावरण देखने को मिलता है – चट्टानी रेगिस्तान, तटीय मैदान, आर्द्रभूमि और जलविहीन पर्वत। देश का सबसे ऊंचा बिंदु जबल बिल ‘अयस पर्वत है जो 1,905 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। कर्क रेखा UAE से होकर गुजरती है, विशेषकर अबू धाबी अमीरात से।

UAE की जलवायु विविधतापूर्ण है – तटीय क्षेत्रों में गर्म और आर्द्र जबकि आंतरिक भागों में अत्यधिक गर्म लेकिन शुष्क वातावरण पाया जाता है। देश के प्रमुख बंदरगाहों में पोर्ट राशिद और पोर्ट जेबेल अली शामिल हैं जो अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के प्रमुख केंद्र हैं। प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से UAE अत्यंत समृद्ध है, जिसमें मुख्य रूप से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार मौजूद हैं। ये संसाधन देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और UAE को विश्व के सबसे धनी देशों में से एक बनाते हैं।

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