PM Family Care Tracker: अब सरकार रखेगी हर परिवार का डिजिटल रिकॉर्ड – क्या है PM Family Care Tracker और कैसे करेगा काम?

PM Family Care Tracker

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के गांधीनगर में PM Family Care Tracker के पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार का कहना है कि यह परियोजना देश में पहली बार ऐसी एकीकृत डिजिटल व्यवस्था तैयार करेगी, जिसके जरिए जन्म से लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने तक प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।

अमित शाह ने कहा कि यदि आजादी के बाद भारत के 100 वर्षों का इतिहास लिखा जाएगा तो उसे दो हिस्सों में बांटा जाएगा – एक 2014 से पहले का भारत और दूसरा 2014 के बाद का भारत। उन्होंने कहा कि 2014 में देश की जनता ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना और उसके बाद देश में विकास की दिशा और गति दोनों बदली हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने केवल योजनाएं बनाने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उनकी नियमित निगरानी की और यह सुनिश्चित किया कि उनका लाभ वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। सुरक्षा, संस्कृति, शिक्षा, अर्थव्यवस्था, आधारभूत ढांचे, आत्मनिर्भर भारत और सामाजिक कल्याण जैसे हर क्षेत्र में दीर्घकालिक नीतियां बनाकर उन्हें जमीन पर लागू किया गया।

PM Family Care Tracker क्या है?

PM Family Care Tracker एक डिजिटल निगरानी प्रणाली (Integrated Monitoring System) है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार का एकीकृत रिकॉर्ड तैयार करना है ताकि सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक समय पर पहुंच सके।

इस परियोजना के तहत जन्म, मृत्यु, स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, पोषण, सरकारी योजनाओं का लाभ और अन्य सामाजिक कल्याण संबंधी जानकारियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चे को जन्म के साथ एक यूनिक पहचान (Unique ID) प्रदान की जाए और उसके बाद उससे जुड़ी सभी सरकारी सेवाओं का रिकॉर्ड उसी आईडी से जुड़ता रहे।

अमित शाह ने कहा कि जन्म और मृत्यु के रिकॉर्ड को इस प्रणाली से जोड़ने के बाद प्रत्येक नागरिक के लिए एक व्यवस्थित डिजिटल प्रोफाइल तैयार होगी, जिससे सरकारी योजनाओं के लाभ वितरण में पारदर्शिता और तेजी आएगी।

कैसे करेगा काम?

गांधीनगर में पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत के दौरान बच्चों को पोलियो की खुराक भी दी गई और पोषण किट वितरित की गई। सरकार का कहना है कि भविष्य में इसी तरह स्वास्थ्य सेवाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों की पूरी जानकारी PM Family Care Tracker में दर्ज होती रहेगी।

इस प्लेटफॉर्म के जरिए सरकार यह पहचान सकेगी कि किस परिवार या व्यक्ति को किस सरकारी योजना की आवश्यकता है और उसे कौन-कौन से लाभ पहले ही मिल चुके हैं। इससे पात्र लाभार्थियों की पहचान करना आसान होगा और योजनाओं के दोहराव या छूट जाने जैसी समस्याएं कम होंगी।

लोगों को क्या फायदा मिलेगा?

सरकार के अनुसार PM Family Care Tracker के माध्यम से अलग-अलग विभागों में बिखरी जानकारी को एक जगह लाया जाएगा। इससे किसी व्यक्ति को हर योजना के लिए बार-बार दस्तावेज जमा नहीं करने पड़ेंगे और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ अधिक तेजी से पहुंचाया जा सकेगा।

यह प्रणाली बच्चों के टीकाकरण, पोषण, मातृ स्वास्थ्य, बुजुर्गों की देखभाल, सरकारी सहायता, स्वास्थ्य योजनाओं और अन्य सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की लगातार निगरानी करने में भी मदद करेगी। सरकार का दावा है कि इससे जरूरतमंद लोगों की पहचान पहले से अधिक सटीक तरीके से हो सकेगी।

 

क्या यह Health Passport जैसा सिस्टम है?

हालांकि सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से “Health Passport” नहीं कहा है, लेकिन इसकी कार्यप्रणाली काफी हद तक डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड सिस्टम जैसी है।

PM Family Care Tracker के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं से जुड़ा रिकॉर्ड एकीकृत रूप से उपलब्ध रहेगा। इससे इलाज, टीकाकरण, पोषण, सरकारी सहायता और अन्य सेवाओं की निगरानी आसान होगी। भविष्य में यह प्रणाली अन्य डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म के साथ भी समन्वय स्थापित कर सकती है।

 

डिजिटल हेल्थ सेक्टर में सरकार का अगला कदम

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई बड़े बदलाव किए हैं। देशभर में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने, गरीब परिवारों को आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने, सस्ती दवाइयों की व्यवस्था मजबूत करने, स्वास्थ्य ढांचे को विकसित करने और आयुष प्रणाली को बढ़ावा देने जैसे कई कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि PM Family Care Tracker इन सभी प्रयासों की निगरानी करने वाला एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाना और आसान होगा।

अमित शाह ने DBT और गरीब कल्याण योजनाओं का भी किया जिक्र

अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया है। उन्होंने कहा कि अब सरकार द्वारा भेजी गई पूरी राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पहुंचती है और Direct Benefit Transfer (DBT) ने भ्रष्टाचार तथा बिचौलियों की भूमिका को काफी हद तक समाप्त किया है।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में करोड़ों गरीब परिवारों को पक्का घर, बिजली, नल से जल, शौचालय, एलपीजी गैस कनेक्शन, प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न, आयुष्मान भारत के तहत पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज तथा लगभग 90 प्रतिशत तक सस्ती दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

अमित शाह ने यह भी कहा कि आजादी के बाद जिन करोड़ों लोगों को लंबे समय तक उनका अधिकार नहीं मिल पाया था, उन्हें मोदी सरकार ने विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनका हक दिलाने का प्रयास किया है।

 

निष्कर्ष

PM Family Care Tracker केवल एक नई डिजिटल परियोजना नहीं बल्कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और नागरिक डेटा को एकीकृत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो भविष्य में इसे देशभर में लागू किया जा सकता है। सरकार का दावा है कि इससे लाभार्थियों की सही पहचान, योजनाओं की बेहतर निगरानी और सरकारी सेवाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित होगी।

FAQs:

M Family Care Tracker सरकार की नई डिजिटल निगरानी प्रणाली है, जिसके जरिए प्रत्येक परिवार और नागरिक का जन्म, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं से जुड़ा रिकॉर्ड एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा।

Health Passport ऐसा डिजिटल सिस्टम होता है जिसमें किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य रिकॉर्ड एक जगह सुरक्षित रहता है। PM Family Care Tracker की कार्यप्रणाली भी काफी हद तक इसी तरह की डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड प्रणाली से मिलती-जुलती है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात के गांधीनगर में PM Family Care Tracker के पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया।

इसका उद्देश्य सभी सरकारी योजनाओं, जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड, स्वास्थ्य सेवाओं और लाभार्थियों की जानकारी को एकीकृत कर जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है।

इससे स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलेगा, पात्र लाभार्थियों की पहचान तेज होगी, बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत कम होगी और विभिन्न विभागों के बीच डेटा का बेहतर समन्वय संभव हो सकेगा।