राजस्थान बजट 2026-27 बजट में आपको क्या मिला? जानिए आसान भाषा में..

राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार, 11 फरवरी को विधानसभा में लगातार तीसरा पूर्ण बजट पेश किया। करीब 2 घंटे 54 मिनट तक चले अपने विस्तृत बजट भाषण में उन्होंने राज्य के विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस बजट में सरकारी कर्मचारियों, किसानों, महिलाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल व्यवस्था और परिवहन क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है।

rajasthan budget 2026-27

बजट के बारे में:

  • सरकार ने इस बार बजट को केवल आंकड़ों तक सीमित न रखते हुए सामाजिक सुरक्षा, रोजगार अवसर और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया है।
  • इस बार 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ का बजट पेश किया है। पिछली बार बजट का साइज 5 लाख 58 हजार 596 करोड़ था। इस बार बजट का साइज पिछली बार से 52 हजार 360 करोड़ ज्यादा है।

 

राजस्थान बजट 2026-27: मुख्य राजकोषीय आंकड़े

विवरण (Description)

राशि (Amount/Value)

बजट का कुल आकार

(Total Budget Size)

₹6,10,956 करोड़

कुल राजस्व प्राप्तियां

(Total Revenue Receipts)

₹3,25,740.14 करोड़

कुल राजस्व व्यय

(Total Revenue Expenditure)

₹3,50,054.07 करोड़

राजस्व घाटा (Revenue Deficit)

₹24,313.93 करोड़

राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit)

₹79,492.52 करोड़

GSDP का प्रतिशत

(Fiscal Deficit as % of GSDP)

3.69%

राज्य सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) अनुमानित

₹21,52,100 करोड़

  1. कृषि-खाद्य प्रणालियों में रूपान्तरण

कृषि विभाग के लिए ₹4,147.51 करोड़ का प्रावधान जिसमें सम्मिलित है :

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मौसम आधारित फसल बीमा योजना के लिए राज्य निधि से राशि ₹2,298.71 करोड़।
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के लिए ₹252.14 करोड़ (राज्यांश ₹98.65 करोड़ सहित)।
  • राष्ट्रीय कृषि विस्तार एवं तकनीकी मिशन के लिए ₹200.00 करोड़ (राज्यांश ₹79.99 करोड़ सहित)।
  • राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए ₹210.00 करोड़ (राज्यांश ₹84.00 करोड़ सहित)।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए ₹80.06 करोड़ (राज्यांश ₹32.02 करोड़ सहित)।
  • राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के लिए ₹72.23 करोड़ (राज्यांश ₹28.89 करोड़ सहित)।
  • राष्ट्रीय टिकाऊ कृषि मिशन के लिए ₹61.70 करोड़ (राज्यांश ₹24.68 करोड़ सहित)।
  • परम्परागत कृषि विकास योजना के लिए ₹59.59 करोड़ (राज्यांश ₹25.14 करोड़ सहित)।
  • मिशन फॉर आत्म निर्भरता इन पल्सेस के लिए ₹274.19 करोड़ (राज्यांश ₹104.47 करोड़ सहित)।

 

उद्यानिकी विभाग के लिए ₹1,596.71 करोड़ का प्रावधान जिसमें सम्मिलित है :

  • सूक्ष्म सिंचाई योजना के लिए ₹600.00 करोड़ (राज्यांश ₹240.00 करोड़ सहित)।
  • प्रधानमंत्री कुसुम योजना (घटक-ब) के लिए राज्य निधि से ₹400.13 करोड़।
  • सूक्ष्म सिंचाई योजना हेतु राज्य निधि से ₹300.00 करोड़ का अतिरिक्त अनुदान।
  • राष्ट्रीय बागवानी मिशन के लिए ₹149.90 करोड़ (राज्यांश ₹59.96 करोड़ सहित)।

 

पांच कृषि विश्वविद्यालयों के लिए ₹390.08 करोड़ का प्रावधान

कृषि विपणन के लिए ₹750.76 करोड़ का प्रावधान जिसमें सम्मिलित है :

  • राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड की विकास योजनाओं के लिये सहायता राज्य निधि से ₹350.00 करोड़।
  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के लिये ₹45.96 करोड़ (राज्यांश ₹18.38 करोड़ सहित)।

 

पशुपालन विभाग के लिए ₹1,308.62 करोड़ का प्रावधान जिसमें सम्मिलित है :

  • पशु अस्पताल और औषधालयों के लिए राज्य निधि से ₹674.94 करोड़।
  • मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के लिए राज्य निधि से ₹100.00 करोड़।
  • मुख्यमंत्री पशुधन निःशुल्क दवा योजना के लिए राज्य निधि से ₹103.48 करोड़।
  • पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के लिए ₹91.33 करोड़।

 

गोपालन विभाग के लिए ₹2,609.18 करोड़ का प्रावधान जिसमें सम्मिलित है :

  • गौशालाओं के लिए राज्य निधि से ₹1,400.00 करोड़ का अनुदान।
  • मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के लिए राज्य निधि से ₹700.00 करोड़।
  • नंदीशाला योजना के लिए राज्य निधि से ₹27.00 करोड़।

 

सहकारिता विभाग के लिए ₹3,374.50 करोड़ का प्रावधान जिसमें सम्मिलित है :

  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिये राज्य निधि से ₹1,973.83 करोड़।
  • सहकारी समितियों के अच्छे ऋणियों को ब्याज अनुदान के लिए राज्य निधि से ₹700.00 करोड़।
  • सहकारी साख संस्थाओं को ब्याज हेतु अनुदान के लिए राज्य निधि से ₹465.00 करोड़।

 

जलग्रहण विकास एवं मृदा संरक्षण के लिए राज्य निधि से ₹75.74 करोड़ का प्रावधान

 

  • महत्वपूर्ण भौतिक लक्ष्य
  • खाद्यान्न फसलों के अन्तर्गत क्षेत्रफल:25 लाख हैक्टेयर
  • खाद्यान्नों का उत्पादन:15 लाख मै. टन
  • तिलहन अन्तर्गत क्षेत्रफल:02 लाख हैक्टेयर
  • तिलहन का उत्पादन:05 लाख मै. टन
  • गन्ना अन्तर्गत क्षेत्रफल:05 लाख हैक्टेयर
  • गन्ना उत्पादन:05 लाख मै. टन
  • कपास अन्तर्गत क्षेत्रफल:50 लाख हैक्टेयर
  • कपास उत्पादन:73 लाख गांठें
  • कृत्रिम गर्भाधान:66 लाख
  • बंध्याकरण:08 लाख
  • मत्स्य उत्पादन:1,17,000 मैट्रिक टन
  • प्रधानमंत्री कुसुम योजना (घटक-बी) अन्तर्गत50,000 सोलर सिस्टम की स्थापना।
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (सूक्ष्म सिंचाई) के अन्तर्गत3 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल में सूक्ष्म सिंचाई संयत्रों की स्थापना करना।
  • विभिन्न फसलों (बाजरा, मूंग, ज्वार, मक्का, मोठ एवं सरसों) के लिए07 लाख किसानों को मिनी किट का निःशुल्क वितरण।
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत83 लाख किसानों को लाभाविन्त करना।

 

  1. स्वास्थ्य एवं कल्याण

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए ₹12,195.81 करोड़ का प्रावधान, जिसमें सम्मिलित है:

 

  • मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना:राज्य निधि से ₹3,000.00 करोड़।
  • राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना 2021:राज्य निधि से ₹3,817.09 करोड़।
  • मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान योजना:राज्य निधि से ₹1,548.92 करोड़।
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र:राज्य निधि से ₹1,062.00 करोड़।
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र:राज्य निधि से ₹686.16 करोड़।
  • उप स्वास्थ्य केन्द्र:राज्य निधि से ₹271.93 करोड़।
  • नाबार्ड सहायतित स्वास्थ्य केन्द्र भवन निर्माण:राज्य निधि से ₹250.00 करोड़।

 

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (₹4,853.56 करोड़ का प्रावधान):

  • राष्ट्रीय आयुष मिशन:₹3,392.62 करोड़ (राज्यांश ₹1,357.05 करोड़ सहित)।
  • प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन:₹876.20 करोड़ (राज्यांश ₹350.48 करोड़ सहित)।

 

परिवार कल्याण विभाग (₹1,798.08 करोड़ का प्रावधान):

  • ग्रामीण उपकेन्द्र:₹1,046.36 करोड़ (राज्यांश ₹98.41 करोड़ सहित)।
  • मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य टीकाकरण तथा परिवार कल्याण कार्यक्रम:राज्य निधि से ₹335.50 करोड़।
  • जिला परिवार कल्याण ब्यूरो:₹193.17 करोड़ (राज्यांश ₹135.07 करोड़ सहित)।
  • शहरी परिवार कल्याण केन्द्र:₹127.60 करोड़ (राज्यांश ₹83.95 करोड़ सहित)।
  • चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष

 

चिकित्सा शिक्षा विभाग (₹2,995.46 करोड़ का प्रावधान):

  • नवीन चिकित्सा महाविद्यालय:₹1,541.23 करोड़ (राज्यांश ₹740.43 करोड़ सहित)।
  • राजस्थान मेडिकल एज्यूकेशन सोसाइटी (राजमेस):राज्य निधि से ₹1,123.50 करोड़।
  • चिकित्सा महाविद्यालय, जयपुर:₹865.42 करोड़ (राज्यांश ₹842.94 करोड़ सहित)।
  • चिकित्सा महाविद्यालय, जोधपुर:राज्य निधि से ₹461.63 करोड़।
  • चिकित्सा महाविद्यालय, उदयपुर:₹333.69 करोड़ (राज्यांश ₹313.40 करोड़ सहित)।
  • चिकित्सा महाविद्यालय, कोटा:₹341.50 करोड़ (राज्यांश ₹325.34 करोड़ सहित)।
  • चिकित्सा महाविद्यालय, अजमेर:₹345.02 करोड़ (राज्यांश ₹290.44 करोड़ सहित)।
  • चिकित्सा महाविद्यालय, बीकानेर:₹276.97 करोड़ (राज्यांश ₹239.44 करोड़ सहित)।
  • आयुष (आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी):₹787.67 करोड़ (राज्यांश ₹553.67 करोड़ सहित)।
  • राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RUHS), जयपुर:राज्य निधि से ₹10.50 करोड़।

 

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण (₹52.24 करोड़):

  • शुद्ध के लिए युद्ध अभियान:₹33.20 करोड़।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के लिए ₹1,750.24 करोड़ का प्रावधान, जिसमें सम्मिलित है:

  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना:₹586.02 करोड़ (राज्यांश ₹348.12 करोड़ सहित)।
  • रसोई गैस सलेण्डर सब्सिडी योजना:₹900.00 करोड़।
  • राजस्थान कृषक समर्थन योजना:₹245.00 करोड़।

 

महत्वपूर्ण भौतिक लक्ष्य

  • स्वास्थ्य बीमा:मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजनान्तर्गत 37 करोड़ परिवारों को कवरेज।
  • भवन निर्माण:05 जिला चिकित्सालय, 15 उपजिला चिकित्सालय, 03 माँ शिशु चिकित्सालय, 101 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC), 03 शहरी CHC, 19 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC), 38 ट्रोमा केन्द्र, 03 शहरी PHC, 47 उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं 09 सैटेलाईट चिकित्सालय।
  • दवा योजना:मुख्यमंत्री निःशुल्क निरोगी राजस्थान योजना (दवा) अन्तर्गत 20 करोड़ रोगियों को लाभान्वित करना।
  • शिक्षा सीट वृद्धि:राजमेस मेडिकल कॉलेजों में 120 UG सीट्स और 235 PG सीट्स की वृद्धि; RUHS डेंटल कॉलेज में 50 BDS सीट्स की वृद्धि।
  • योग एवं मेले:370 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम और 07 आरोग्य मेलों का आयोजन।
  • खाद्य आपूर्ति लाभ:
  • रसोई गैस सिलेन्डर सब्सिडी योजना:08 करोड़ NFSA परिवार
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना:47 करोड़ व्यक्ति
  •  
  1. शिक्षा एवं ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था

शिक्षा के लिए ₹46,017.40 करोड़ का प्रावधान।

प्रारम्भिक शिक्षा के लिये ₹21,646.29 करोड़ का प्रावधान, जिसमें सम्मिलित है:

  • समग्र शिक्षा अभियान (समसा):₹13,767.54 करोड़ (राज्यांश ₹9,745.11 करोड़ सहित)।
  • प्राथमिक विद्यालयों (पंचायतीराज के माध्यम से):राज्य निधि से ₹5,653.15 करोड़।
  • RTE (निजी विद्यालयों को शुल्क पुनर्भरण):₹1,250.00 करोड़ (राज्यांश ₹919.46 करोड़ सहित)।
  • समग्र शिक्षा – स्टार परियोजना:₹91.61 करोड़ (राज्यांश ₹37.24 करोड़ सहित)।
  • पी.एम. श्री योजना:₹434.67 करोड़ (राज्यांश ₹173.87 करोड़ सहित)।
  • निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण (कक्षा 1 से 8):₹150.00 करोड़ (राज्यांश ₹81.00 करोड़ सहित)।
  • मिड-डे-मील:₹2,091.80 करोड़ (पन्नाधाय बाल गोपाल योजना ₹798.00 करोड़ और पीएम पोषण ₹1,293.80 करोड़)।

 

माध्यमिक शिक्षा के लिये राशि ₹19,473.51 करोड़ का प्रावधान, जिसमें सम्मिलित है:

  • माध्यमिक विद्यालय:राज्य निधि से ₹14,842.79 करोड़।
  • समग्र शिक्षा अभियान (समसा):₹2,821.63 करोड़ (राज्यांश ₹1,588.36 करोड़ सहित)।
  • मॉडल विद्यालयों की स्थापना (खण्ड स्तर पर):राज्य निधि से ₹303.64 करोड़।
  • पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति (SC/ST/OBC):₹161.13 करोड़ (राज्यांश ₹79.57 करोड़ सहित)।
  • ग्रामीण छात्राओं को साईकिल वितरण:राज्य निधि से ₹165.00 करोड़।
  • प्रतिभावान छात्राओं को प्रोत्साहन:राज्य निधि से ₹150.00 करोड़।
  • निःशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण:राज्य निधि से ₹90.00 करोड़।

 

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा

 

महाविद्यालय शिक्षा विभाग के लिए ₹1,712.74 करोड़ का प्रावधान:

  • राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA):₹225.00 करोड़ (राज्यांश ₹90.00 करोड़ सहित)।
  • स्वामी विवेकानन्द स्कॉलरशिप फॉर अकेडमिक एक्सीलेंस:राज्य निधि से ₹200.00 करोड़।
  • महाविद्यालय भवन निर्माण:राज्य निधि से ₹300.50 करोड़।
  • अन्य विभाग:
  • संस्कृत शिक्षा:राज्य निधि से ₹318.86 करोड़ (संस्कृत विद्यालयों के लिए ₹270.15 करोड़ सहित)।
  • तकनीकी शिक्षा विभाग:₹129.29 करोड़ का प्रावधान।
  • महत्वपूर्ण भौतिक लक्ष्य
  • शिक्षा का अधिकार (RTE):90 लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य।
  • पी.एम. पोषण (मिड-डे-मील):71 लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य।
  • बालिका प्रोत्साहन:85 लाख छात्राओं को प्रोत्साहन राशि।
  • स्कूटी वितरण:64,420 छात्राओं को स्कूटी वितरण।
  • छात्रवृत्ति (माध्यमिक शिक्षा):66 लाख SC, 2.50 लाख ST एवं 1.00 लाख OBC विद्यार्थियों को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति।
  • छात्रवृत्ति (प्रारम्भिक शिक्षा):00 लाख SC एवं 0.95 लाख ST विद्यार्थियों को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति।
  • साईकिल वितरण:90 लाख छात्राओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य।
  • मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति:00 लाख विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य।

 

  1. सामाजिक सशक्तिकरण एवं समावेशन
  • समाज कल्याण

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के लिए ₹20,497.03 करोड़ का प्रावधान जिसमें सम्मिलित है:

  • मुख्यमंत्री वृद्धावस्था सम्मान पेंशन योजना:राज्य निधि से ₹10,411.00 करोड़।
  • मुख्यमंत्री विधवा सम्मान पेंशन योजना:राज्य निधि से ₹4,184.00 करोड़।
  • पालनहार योजना:राज्य निधि से ₹1,200.00 करोड़।
  • मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना:राज्य निधि से ₹1,187.00 करोड़।
  • राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP):₹418.90 करोड़ (वृद्धावस्था ₹256.47 करोड़, विधवा ₹153.47 करोड़, निःशक्तजन ₹8.96 करोड़)।
  • देवनारायण योजना:राज्य निधि से ₹442.96 करोड़।
  • लघु एवं सीमान्त वृद्धजन कृषक सम्मान पेंशन योजना:राज्य निधि से ₹390.00 करोड़।
  • उत्तर-मैट्रिक छात्रवृत्ति (SC/ST/OBC):
  • SC: ₹503.00 करोड़ (राज्यांश ₹200.00 करोड़)
  • ST: ₹305.00 करोड़ (राज्यांश ₹76.25 करोड़)
  • OBC: ₹150.00 करोड़ (राज्यांश ₹60.00 करोड़)
  • प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना:₹100.10 करोड़।
  • श्रम, जनजाति एवं महिला विकास
  • श्रम विभाग:₹960.79 करोड़ (भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिक कल्याण मण्डल के लिये ₹900.00 करोड़)।
  • गिग एवं अनऑर्गेनाइज्ड श्रमिक विकास कोष:₹50.00 करोड़।
  • विशेष योग्यजन निदेशालय:₹155.58 करोड़।
  • जनजाति क्षेत्रीय विकास:₹1,255.10 करोड़ (धरती आभा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए ₹80.00 करोड़)।
  • महिला विकास कार्यक्रम:₹1,128.96 करोड़ (कालीबाई भील महिला सम्बल योजना ₹504.25 करोड़, लाडो प्रोत्साहन योजना ₹320.00 करोड़)।
  • बाल विकास सेवाएँ:₹3,767.13 करोड़ (ICDS ₹1,625.25 करोड़, पूरक पोषाहार ₹1,200.00 करोड़, PM मातृ वन्दना ₹321.00 करोड़)।
  • अन्य विकास एवं कल्याण
  • अल्पसंख्यक विकास:₹184.10 करोड़ (मॉडल रेजिडेन्सियल स्कूल, जयपुर ₹62.25 करोड़)।
  • बाल अधिकारिता निदेशालय:₹145.73 करोड़ (समेकित बाल संरक्षण योजना ₹100.00 करोड़)।
  • खेल एवं युवा कल्याण:₹226.30 करोड़ (जिला खेल काम्प्लेक्स के लिए ₹120.00 करोड़)।
  • सैनिक कल्याण:₹25.84 करोड़ का प्रावधान।
  • समाज कल्याण एवं छात्रवृत्ति:
  • मुख्यमंत्री सम्मान पेंशन:00 लाख व्यक्तियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य (60.25 लाख वृद्धजन, 23.52 लाख विधवा, 6.23 लाख विशेष योग्यजन)।
  • कृषक वृद्धावस्था पेंशन:97 लाख व्यक्ति
  • उत्तर-मैट्रिक छात्रवृत्ति:50 लाख विद्यार्थी (2.50 लाख SC, 1.50 लाख ST, 0.50 लाख OBC)।
  • विशेष योग्यजन एवं जनजाति विकास:
  • सहायता:2,000 को प्रोस्थेटिक सहायता, 400 को स्वरोजगार अनुदान, 200 को विवाह सहायता।
  • जनजाति शिक्षा:30,375 विद्यार्थी (छात्रावास), 97,470 (माँ-बाड़ी केन्द्र), 6,220 (आवासीय विद्यालय)।
  • मुफ्त वितरण:30 लाख सहरिया, खैरवा व कथौडी व्यक्तियों कोदाल, तेल एवं देशी घी का मुफ्त वितरण।
  • महिला एवं बाल विकास:
  • पोषाहार:38 लाख बच्चों एवं महिलाओं को पूरक पोषाहार।
  • PM मातृ वन्दना:34 लाख महिलाएँ।
  • नारीशक्ति उद्यम:1,200 महिलाओं को अनुदान युक्त ऋण।
  • शिक्षा सेतु योजना (कालीबाई भील):55,000 ड्रॉप आउट/वंचित बालिकाओं व महिलाओं को शिक्षा से जोड़ना।
  • मुख्यमंत्री अनुप्रति योजना:2,998 अल्पसंख्यक आवेदक।

 

  1. औद्योगिक, खनन एवं आर्थिक वृद्धि
  • पेट्रोलियम एवं उद्योग:
  • पेट्रोलियम निदेशालय:₹2,088.97 करोड़ (HPCL राजस्थान रिफाईनरी लिमिटेड के लिए ₹2,088.68 करोड़ सम्मिलित)।
  • उद्योग विभाग (₹2,423.95 करोड़ का प्रावधान):
  • राजस्थान इन्वेस्टमेंट प्रमोशन स्कीम (RIPS): ₹280.20 करोड़।
  • निवेश प्रोत्साहन योजना 2019: ₹663.00 करोड़ | निवेश प्रोत्साहन योजना 2022: ₹296.43 करोड़।
  • मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना: ₹300.00 करोड़।
  • खान एवं भू-विज्ञान विभाग:₹48.02 करोड़।
  • खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड:₹45.50 करोड़।
  • रोजगार एवं कौशल (₹1,130.92 करोड़ का प्रावधान):
  • मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना:₹825.64 करोड़।
  • राजस्थान कौशल मिशन:₹250.00 करोड़।
  • महत्वपूर्ण भौतिक लक्ष्य:
  • डॉ भीमराव अम्बेडकर राजस्थान दलित आदिवासी उद्यमिता प्रोत्साहन योजना:2,500 व्यक्तियों को लाभ।
  • क्षेत्रीय खनिज सर्वेक्षण (Regional Mineral Survey):1300 वर्ग किमी. क्षेत्र में।
  • युवा संबल योजना:2 लाख स्नातक बेरोजगारों को सहायता।
  • रोजगार मेला:175 सहायता शिविरों का आयोजन।

 

  1. पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास
  • पर्यटन विभाग:₹255.29 करोड़ (पर्यटन सूचना और प्रचार के लिए ₹120.00 करोड़ सम्मिलित)।
  • राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण:₹7.19 करोड़।
  • देवस्थान विभाग (₹160.77 करोड़):वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के लिए ₹150.00 करोड़।

 

  1. आधारभूत अवसंरचना
  • ऊर्जा (Energy)

ऊर्जा क्षेत्र के लिये ₹41,941.50 करोड़ का प्रावधान:

  • विद्युत दरें नहीं बढ़ाने हेतु अनुदान:₹29,432.39 करोड़।
  • विद्युत वितरण निगमों को टेरिफ अनुदान:₹10,789.12 करोड़।
  • इक्विटी अंशदान (विद्युत कम्पनियां):₹497.15 करोड़ (वितरण ₹300Cr, उत्पादन ₹97.15Cr, प्रसारण ₹100Cr)।
  • कृषि उपभोक्ता राहत:₹149.97 करोड़।
  • राजस्व घाटा प्रतिपूर्ति अनुदान:₹708.36 करोड़।
  • सार्वजनिक निर्माण (PWD)
  • विभाग के लिए ₹15,078.05 करोड़ का प्रावधान:
  • ग्रामीण सड़क निर्माण:₹5,000.00 करोड़।
  • राज्य सड़क निधि:₹1,650.00 करोड़।
  • नाबार्ड (RIDF) सड़क कार्य:₹708.00 करोड़।
  • राज्य राजमार्ग (State Highways):₹500.00 करोड़।
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY):₹1,302.00 करोड़ (राज्यांश ₹556.80 करोड़ सहित)।
  • अटल प्रगति पथ:₹400.00 करोड़।
  • सीमा सड़कें (Border Roads):₹621.64 करोड़।
  • परिवहन एवं नागरिक उड्डयन
  • परिवहन विभाग (₹1,319.43 करोड़):
  • मुफ्त/रियायती यात्रा पुनर्भरण: ₹550.00 करोड़।
  • रोडवेज (RSRTC) अनुदान: ₹500.00 करोड़।
  • सड़क सुरक्षा निधि: ₹100.00 करोड़।
  • नागरिक उड्डयन विभाग:₹121.00 करोड़।
  • महत्वपूर्ण भौतिक लक्ष्य (Infrastructure)
  • विद्युत ढांचा:190 सब स्टेशन (33/11 KV), 1,960 किमी लाइन, 49 लाख नये विद्युत कनेक्शन
  • प्रसारण:30 सब स्टेशन (220 KV), 28 सब स्टेशन (132 KV)।
  • सड़कें:1,715 किमी राज्य राजमार्ग/जिला सड़कों का सुदृढ़ीकरण; 9,235 किमी ग्रामीण सड़कों का नवीनीकरण।
  • अटल प्रगति पथ:150 पथों का 200 किमी में निर्माण।
  • PMGSY:2,500 किमी सड़कों का निर्माण कर 1,000 गांवों/बसावटों को जोड़ना।
  • पुल:11 ROB, 05 RUB और 09 उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण।
  • परिवहन लाभ:RSRTC बसों में 00 करोड़ यात्रियों को मुफ्त/रियायती यात्रा का लाभ।
  • ई-व्हीकल:1,59,700 वाहनों को अनुदान।

 

  1. जल सुरक्षा एवं अनुकूलता
  • पेयजल (Drinking Water)

शहरी एवं ग्रामीण जल प्रदाय योजनाओं के लिए ₹9,409.01 करोड़ का प्रावधान जिसमें सम्मिलित है:

  • जल जीवन मिशन (FHTC) रेट्रोफिटिंग:वृहद पेयजल परियोजनाओं में नल कनेक्शन हेतु राज्य निधि से ₹1,654.71 करोड़।
  • शहरी जलपूर्ति योजना पुनर्गठन/विस्तार:राज्य निधि से ₹970.80 करोड़।
  • जल-जीवन मिशन (संवर्द्धन एवं पुनर्गठन):राज्य निधि से ₹572.00 करोड़।
  • अनुसूचित जाति बस्तियां:जल आपूर्ति के लिए राज्य निधि से ₹448.78 करोड़।
  • फ्लोराइड निवारण परियोजना:राजस्थान ग्रामीण जल प्रदाय एवं फ्लोराइड निवारण परियोजना (द्वितीय चरण) के लिए ₹400.00 करोड़।
  • ईसरदा दौसा परियोजना (शहरी):राज्य निधि से ₹156.75 करोड़।
  • मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन (शहरी):राज्य निधि से ₹150.00 करोड़।
  • सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण हेतु ₹7,808.32 करोड़ का प्रावधान जिसमें सम्मिलित है:

  • इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP):बीकानेर के लिये ₹1,251.51 करोड़ एवं जैसलमेर के लिये ₹258.67 करोड़।
  • अपर हाई लेवल कैनाल (माही डेम):₹650.00 करोड़।
  • सौर ऊर्जा आधारित लघु सिंचाई:राज्य निधि से ₹559.62 करोड़।
  • परवन परियोजना:₹544.12 करोड़ (राज्यांश ₹408.09 करोड़ सहित)।
  • नांगलिया पिकअप वेयर:राज्य निधि से ₹510.00 करोड़।
  • वाटर सेक्टर रि-स्ट्रेक्चरिंग (डेजर्ट एरिया):राज्य निधि से ₹250.00 करोड़।
  • जल संग्रहण संरचना:कार्यों के लिये राज्य निधि से ₹327.15 करोड़।
  • सिंचित क्षेत्र विकास (CAD):₹774.14 करोड़ (राज्य निधि से ₹705.16 करोड़ सम्मिलित)।
  • महत्वपूर्ण भौतिक लक्ष्य
  • नल कनेक्शन (FHTC):जल जीवन मिशन एवं अन्य योजनाओं के अन्तर्गत 31 लाख फंक्शनल घरेलू नल कनेक्शन।
  • अतिरिक्त सिंचाई क्षमता सृजन:कुल 74,040.31 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विस्तार, जिसमें:
  • वृहद्ध सिंचाई:46,894 हैक्टेयर।
  • मध्यम सिंचाई:8,979 हैक्टेयर।
  • लघु सिंचाई:18,167.31 हैक्टेयर।
  • पक्के खाले:1,10,696 हैक्टेयर में पक्के खालों का निर्माण कार्य।

 

  1. पर्यावरणीय स्थायित्व एवं जलवायु अनुकूलता
  • वन विभाग (₹1,213.40 करोड़ का प्रावधान):
  • परिभ्रंशित वनों का पुनरारोपण:राज्य निधि से ₹231.35 करोड़।
  • राजस्थान वानिकी एवं जैव-विविधता विकास परियोजना (आरएफबीडीपी):राज्य निधि से ₹241.72 करोड़।
  • जलवायु परिवर्तन एवं रेगिस्तान विस्तार की रोकथाम योजना:राज्य निधि से ₹202.00 करोड़।
  • राजस्थान जलवायु परिवर्तन प्रतिक्रिया एवं पारिस्थितिकी तंत्र सेवा संवर्धन परियोजना:राज्य निधि से ₹160.00 करोड़।
  • आपदा प्रबन्धन एवं सहायता विभाग (₹3,317.00 करोड़ का प्रावधान):
  • राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF):₹1,778.00 करोड़ (राज्यांश ₹444.50 करोड़ सहित)।
  • प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदा राहत निधि:राज्य निधि से ₹1,095.00 करोड़।
  • राज्य आपदा मिटिगेशन निधि (SDMF):₹444.00 करोड़ (राज्यांश ₹111.00 करोड़ सहित)।
  • महत्वपूर्ण भौतिक लक्ष्य:
  • वानिकी पौधारोपण:71,542 हैक्टेयर क्षेत्र में कार्य।
  • फार्म वानिकी:00 लाख पौध वितरण का कार्य

 

  1. ग्रामीण विकास
  • ग्रामीण विकास क्षेत्र हेतु ₹33,418.86 करोड़ का प्रावधान, जिसमें सम्मिलित है:
  • राज्य वित्त आयोग (SFC) अनुदान:पंचायती राज संस्थाओं को ₹7,000.00 करोड़।
  • विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण):₹6,750.00 करोड़।
  • केन्द्रीय वित्त आयोग (CFC) अनुदान:पंचायती राज संस्थाओं को ₹5,585.50 करोड़।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण):₹5,472.00 करोड़ (राज्यांश ₹2,188.80 करोड़ सहित)।
  • विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MLA-LAD):राज्य निधि से ₹1,000.00 करोड़।
  • मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान:राज्य निधि से ₹600.00 करोड़।
  • राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM):₹679.00 करोड़ (राज्यांश ₹271.60 करोड़ सहित)।
  • स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण):₹385.00 करोड़ (राज्यांश ₹154.00 करोड़ सहित)।
  • श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना:₹300.00 करोड़।
  • श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना (ग्रामीण):राज्य निधि से ₹100.00 करोड़।
  • क्षेत्रीय विकास (मगरा एवं मेवात):₹50-50 करोड़ का प्रावधान।
  • महत्वपूर्ण भौतिक लक्ष्य:
  • स्वच्छ भारत मिशन:80,000 व्यक्तिगत शौचालय और 4,000 सामुदायिक स्वच्छता परिसर का निर्माण।
  • वाटरशेड कम्पोनेन्ट:61 लाख हैक्टेयर क्षेत्रफल उपचारित करना (PMKSY 2.0)।
  • श्री अन्नपूर्णा रसोई (ग्रामीण):85 करोड़ थालियां उपलब्ध कराना।
  • PM आवास योजना:3 लाख आवासों का निर्माण।

 

  1. शहरी विकास
  • आवास एवं नगरीय विकास क्षेत्र के लिये ₹20,323.61 करोड़ का प्रावधान, जिसमें सम्मिलित है:
  • चुंगी समाप्ति पुनर्भरण अनुदान:स्थानीय निकायों के लिए राज्य निधि से ₹3,860.12 करोड़।
  • अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन (AMRUT) मिशन-0:₹6,765.66 करोड़ (राज्यांश ₹4,528.11 करोड़ सहित)।
  • राज्य वित्त आयोग (SFC) अनुदान:शहरी निकायों के लिए राज्य निधि से ₹2,286.02 करोड़।
  • केन्द्रीय वित्त आयोग (CFC) अनुदान:शहरी निकायों के लिए ₹1,629.01 करोड़।
  • राजस्थान परिवहन आधारभूत विकास निधि:राज्य निधि से ₹1,414.48 करोड़।
  • स्वच्छ भारत मिशन-0 (शहरी):₹1,289.25 करोड़ (राज्यांश ₹660.58 करोड़ सहित)।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी):₹684.11 करोड़ (राज्यांश ₹273.64 करोड़ सहित)।
  • सड़कों की मरम्मत/पुनरुद्धार:शहरी निकायों में सड़कों के लिए ₹500.00 करोड़।
  • मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना:राज्य निधि से ₹200.00 करोड़।
  • महत्वपूर्ण भौतिक लक्ष्य:
  • श्री अन्नपूर्णा रसोई (शहरी):75 करोड़ थालियां उपलब्ध करवाने का लक्ष्य।
  • रोजगार:मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी (MSRGY) के तहत 36 लाख परिवारों को रोजगार।
  • आवास:प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 50,000 आवासों का निर्माण।
  • स्वच्छता:29,461 व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों का निर्माण।
  • सीवरेज (AMRUT 2.0):3,486.79 किमी सीवर लाइन, 31 नये STP (212.35 MLD) और 27 लाख घरेलू सीवर कनेक्शन

 

  1. प्रभावी प्रशासन एवं सार्वजनिक सेवाएं
  • सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार (₹1,467.79 करोड़):
  • राजनेट (RajNet):राज्य निधि से ₹289.00 करोड़।
  • कमांड एवं कंट्रोल सेंटर:राज्य निधि से ₹150.00 करोड़।
  • राजीव गाँधी फिनटेक डिजीटल इंस्टीट्यूट, जोधपुर:राज्य निधि से ₹101.50 करोड़।
  • अन्य प्रशासनिक विभाग:
  • आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग:₹371.22 करोड़ (पंच गौरव कार्यक्रम हेतु ₹91.18 करोड़ सहित)।
  • विधि विभाग:₹519.94 करोड़ का प्रावधान।
  • पुलिस विभाग:₹556.16 करोड़ का प्रावधान।
  • होम गार्ड्स विभाग:₹139.38 करोड़।
  • सामान्य प्रशासन विभाग:₹328.48 करोड़।

 

  1. वित्तीय प्रबंधन एवं आर्थिक नीति
  • वाणिज्य कर विभाग:₹214.08 करोड़ (राजस्थान विनियोजन संवर्द्धन नीति अनुदान हेतु ₹177.25 करोड़)।
  • कोष एवं लेखा विभाग (Treasury & Accounts):राज्य निधि से ₹138.42 करोड़।
  • राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि (SIPF):₹12.37 करोड़।

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