रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की 48वीं वार्षिक आम बैठक में भाग लिया और इस दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने Jio के IPO, नई परियोजनाओं और कंपनी की भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने कंपनी के भविष्य की योजनाओं, नवाचार और व्यापार रणनीतियों पर प्रकाश डाला और भारतीय एवं वैश्विक बाजारों में रिलायंस की भूमिका पर भी विचार साझा किए।
रिलायंस की 48वीं AGM में की बड़ी घोषणाएं:
- रिलायंस जियो का IPO: मुकेश अंबानी ने बताया किरिलायंस जियो का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO)साल 2026 की पहली छमाही में लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जियो की लिस्टिंग के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी की जा रही हैं और यह कदम नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद ही होगा। अंबानी ने भरोसा जताया कि जियो अपने ग्लोबल समकक्षों की तरह ही शेयरधारकों के लिए असीम मूल्य (value) पैदा करने की क्षमता रखता है। जियो के कुल ग्राहक अब 500 मिलियन (50 करोड़) से अधिक हो गए हैं।
- नई पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी – रिलायंस इंटेलिजेंस: रिलायंस इंडस्ट्रीज केबोर्ड ऑफ डायरेक्टर्सने AI से जुड़ी नई पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी बनाने को मंजूरी दी है। इसकी शुरुआत 1 करोड़ रुपये की पेड-अप कैपिटल से होगी और यह कंपनी AI पहल, निवेश, अधिग्रहण और प्रमोशन पर केंद्रित रहेगी।
- रिलायंस-गूगल साझेदारी: मुकेश अंबानी ने Google के साथनई साझेदारीकी घोषणा की। इसके तहत भारत में Gemini AI, जामनगर क्लाउड रीजन, AI स्मार्टफोन और XR डिवाइस लॉन्च किए जाएंगे।
- मेटा के साथ ज्वाइंट वेंचर: रिलायंस नेमेटा (Meta)के साथ भारत में AI-सॉल्यूशंस के लिए ज्वाइंट वेंचर बनाने का ऐलान किया। शुरुआती निवेश 855 करोड़ रुपये (100 मिलियन डॉलर) का होगा, जिसमें रिलायंस की हिस्सेदारी 70% और मेटा की 30% होगी।
- जियोPC और जियोफ्रेम्स: आकाश अंबानी नेAI रेडी JioPC और JioFramesलाने की घोषणा की। JioPC एक रिवोल्यूशनरी प्रोडक्ट है जो टीवी और अन्य स्क्रीन के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा।
- न्यू एनर्जी बिजनेस को O2C बिजनेस से आगे बढ़ाने का लक्ष्य: मुकेश अंबानी ने कहा कि कंपनी कान्यू और क्लीन एनर्जी बिजनेसआने वाले वर्षों में पारंपरिक O2C (Oil-to-Chemicals) बिजनेस को पीछे छोड़ सकता है। अगले 5-7 सालों में यह कारोबार O2C जितना बड़ा या उससे भी बड़ा हो सकता है।
- 2028 तक EBITDA दोगुना करने का लक्ष्य: अंबानी ने भरोसा दिलाया कि रिलायंस2028 तक अपने EBITDA को दोगुना से अधिककर देगा। कंपनी का मौजूदा EBITDA 1.25 लाख करोड़ रुपये है और इसे “गोल्डन डिकेड” के अंत तक दोगुना या उससे ऊपर ले जाने का लक्ष्य है।
- रिलायंस रिटेल ने खोले 2,500 से अधिक स्टोर: ईशा अंबानी ने बताया कि इस साल2,659 नए स्टोरखोले गए हैं, जिससे कुल स्टोर संख्या 19,340 हो गई है। ये स्टोर 7,000 से अधिक शहरों में 77 मिलियन स्क्वायर फीट में फैले हैं। स्टोर्स से रेवेन्यू में लगभग 70% योगदान आता है।
- रिलायंस रिटेल का 20% से अधिक रेवेन्यू ग्रोथ लक्ष्य: रिटेल की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने बताया कि अगले तीन सालों में20% से अधिक CAGR रेवेन्यू ग्रोथहासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी ने ग्लोबल स्तर पर तेजी से बढ़ने वाली रिटेलर बनने का दावा किया।
- 2035 तक नेट कार्बन जीरो बनने का वादा: मुकेश अंबानी ने AGM में कंपनी का2035 तक नेट कार्बन जीरोबनने का लक्ष्य दोहराया। इसे स्ट्रैटेजिक ट्रांसफॉर्मेशन का हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम रिलायंस को एनर्जी मार्केट में अन्य कंपनियों से आगे ले जाएगा।
- रिलायंस रिटेल का विस्तार: कंपनी अगले तीन वर्षों में20% से अधिक CAGRकी विकास दर हासिल करने का लक्ष्य रख रही है। देशभर में 7,000 शहरों में फैले 19,340 स्टोरों के साथ अपनी उपस्थिति और मजबूत करेगी।

मुकेश अंबानी के AGM संबोधन की अन्य बड़ी बातें:
- मुकेश अंबानी ने AGM में कहा किAI हमारी पीढ़ी की कामधेनु गाय है और रिलायंस इंडस्ट्रीज इसे अपने ऊर्जा, रिटेल, टेलीकॉम और मनोरंजन बिजनेस में शामिल कर रही है।
- उन्होंने यह भी बताया कि भारत अपनीGDP को हर साल 10% की रफ्तार से बढ़ा सकता है, जिससे अगले दो दशकों में प्रति व्यक्ति आय 4-5 गुना तक बढ़ सकती है।
- वित्त वर्ष 2025 (FY25) में रिलायंस इंडस्ट्रीज का कुलरेवेन्यू 71 लाख करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 81,309 करोड़ रुपए दर्ज किया गया।
- इसके साथ ही कंपनी नेसरकारी खजाने में 10 लाख करोड़ रुपए का योगदान दिया।
- वर्तमान में रिलायंस में8 लाख कर्मचारी हैं, जिन्हें आने वाले वर्षों में बढ़ाकर 10 लाख से अधिक किया जाएगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के बारे में:
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (Reliance Industries Limited) एक प्रमुख भारतीय संयुक्त नियंत्रक कंपनी है, जिसका मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र में स्थित है।
- यह कंपनी भारत में ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल, कपड़ा, प्राकृतिक संसाधन, खुदरा और दूरसंचार के क्षेत्रों में कारोबार करती है।
- रिलायंस भारत की सबसे अधिक लाभदायक कंपनियों में से एक है।
- बाजार पूंजीकरण के आधार पर यह भारत की सबसे बड़ी सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी है।
- राजस्व के मामले में भी यह भारत की सबसे बड़ी कंपनी मानी जाती है।