SCO Islamabad Summit: क्या भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा सुरक्षा पर बढ़ी नई समझ? इस्लामाबाद में क्या हुआ?

SCO Islamabad Summit

SCO Islamabad Summit में भारत और पाकिस्तान समेत शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation) के सदस्य देशों ने सीमा सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा की। इस्लामाबाद में आयोजित इस बैठक में सदस्य देशों ने अपनी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा स्थिति, उभरते खतरों और भविष्य की रणनीतियों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। यह बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

SCO Islamabad Summit में क्या हुआ?

पाकिस्तान की अध्यक्षता में आयोजित SCO की 12वीं बैठक में भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस समेत कई सदस्य देशों के सीमा सुरक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लिया।बैठक का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सीमा सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों और संभावित खतरों पर साझा समझ विकसित करना था। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा की गई।

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SCO Islamabad Summit में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

बैठक के दौरान सदस्य देशों ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की:

  • अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर मौजूदा सुरक्षा स्थिति।
  • सीमा पार से आने वाले उभरते सुरक्षा खतरों का आकलन।
  • Counter Terrorism और Regional Security से जुड़े मुद्दे।
  • Joint Border Operation “Solidarity-2025” के परिणामों की समीक्षा।
  • Joint Border Operation “Solidarity-2026” की तैयारी और योजना को मंजूरी।
  • वर्ष 2027 के लिए सीमा सुरक्षा विशेषज्ञ समूह की कार्य योजना को मंजूरी।
  • ताजिकिस्तान द्वारा Joint Border Operation “Solidarity-2027” की मेजबानी के प्रस्ताव का समर्थन।

Shanghai Cooperation Organisation क्या है?

Shanghai Cooperation Organisation (SCO) एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसकी स्थापना सदस्य देशों के बीच सुरक्षा, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। इसका प्रमुख उद्देश्य आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसे खतरों से मिलकर मुकाबला करना और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करना है।SCO के सदस्य देश नियमित रूप से सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर बैठकें आयोजित करते हैं।

India Pakistan और Border Security पर क्या रहा फोकस?

इस बैठक में भारत और पाकिस्तान दोनों ने सीमा सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण आकलन साझा किए। हालांकि किसी द्विपक्षीय मुद्दे पर अलग से चर्चा की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन दोनों देशों ने अन्य सदस्य देशों के साथ सीमा सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग पर अपने विचार साझा किए।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी बहुपक्षीय बैठकों से सदस्य देशों के बीच संवाद बनाए रखने और साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में मदद मिलती है।

 

Regional Security और Counter Terrorism के लिए क्यों अहम है यह बैठक?

SCO सदस्य देशों की सीमाएं कई संवेदनशील क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में आतंकवाद, अवैध तस्करी और सीमा पार अपराध जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति की आवश्यकता होती है।बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि सदस्य देशों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान और साझा सुरक्षा दृष्टिकोण क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करेगा। इससे आपसी विश्वास बढ़ाने और सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

 

निष्कर्ष

SCO Islamabad Summit ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता केवल किसी एक देश की जिम्मेदारी नहीं है। भारत, पाकिस्तान और अन्य सदस्य देशों द्वारा साझा सुरक्षा चुनौतियों पर मिलकर चर्चा करना भविष्य में बेहतर सुरक्षा सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह बैठक Regional Security, Border Security और Counter Terrorism के क्षेत्र में SCO की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाती है।

FAQs:

इस बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सीमा सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जानकारी साझा करना और संयुक्त रणनीति तैयार करना था।

भारत और पाकिस्तान ने अन्य सदस्य देशों के साथ सीमा सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की स्थिति और उभरते सुरक्षा खतरों पर अपने आकलन साझा किए।

SCO का पूरा नाम Shanghai Cooperation Organisation है।

भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस सहित कई सदस्य देशों ने बैठक में भाग लिया।

सदस्य देशों ने सीमा सुरक्षा सहयोग बढ़ाने, संयुक्त अभियानों को आगे बढ़ाने और उभरते खतरों से मिलकर निपटने पर सहमति व्यक्त की।