महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। राज्य की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को सत्तारूढ़ नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। गुरुवार को मुंबई में हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया। पार्टी के कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने बैठक के बाद इसकी औपचारिक घोषणा की।
सुनेत्रा पवार ने यह जिम्मेदारी ऐसे समय में संभाली है जब पार्टी अपने सबसे बड़े नेता अजित पवार को खो चुकी है। 28 जनवरी को बारामती में एक विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया था। वे उस समय NCP के राष्ट्रीय अध्यक्ष और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री थे। उनके निधन के तीन दिन बाद, 31 जनवरी को सुनेत्रा पवार को राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया गया। इस नई जिम्मेदारी के कारण उन्हें अपनी राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ा।

पार्थ पवार को राज्यसभा भेजने की तैयारी
सुनेत्रा पवार के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट पर अब उनके बड़े बेटे पार्थ पवार को उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा की गई है। पार्थ पहले भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की मावल सीट से NCP उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
चुनाव हारने के बाद वे कुछ समय तक सार्वजनिक रूप से कम नजर आए, हालांकि संगठनात्मक गतिविधियों और युवा कार्यकर्ताओं के साथ जुड़े रहे। हाल ही में पुणे के मुंडवा इलाके में 40 एकड़ सरकारी जमीन की बिक्री से जुड़े विवाद में उनका नाम चर्चा में आया था।
राज्यसभा चुनाव की तैयारी
महाराष्ट्र में 7 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को मतदान होना है। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च है। 6 मार्च को नामों की जांच होगी और 9 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। अप्रैल में राज्य के सात राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें NCP (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार भी शामिल हैं। उन्होंने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि वे फिर से चुनाव लड़ेंगे या नहीं।
सूत्रों के अनुसार भाजपा राज्यसभा चुनाव में चार उम्मीदवार उतार सकती है। ऐसे में यह चुनाव सियासी रूप से अहम माना जा रहा है।
महाराष्ट्र विधानसभा का गणित
महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं। मौजूदा स्थिति में भाजपा के पास 132 विधायक हैं। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के पास 57 सीटें हैं, जबकि अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP के पास 41 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 37 वोटों की जरूरत होती है।
2024 के विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन ने 230 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था। इस गठबंधन में भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और अजित पवार की NCP शामिल है।
2024 के चुनाव में NCP ने 59 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 41 सीटों पर जीत दर्ज की। अजित पवार खुद बारामती सीट से विधायक चुने गए थे। उन्होंने अपने भतीजे युगेंद्र पवार को 1,00,899 वोटों के बड़े अंतर से हराया था।
सरकार में NCP की अहम भूमिका है। अजित पवार समेत पार्टी के 9 मंत्री सरकार में थे, जिनमें 8 कैबिनेट मंत्री और 1 राज्य मंत्री शामिल हैं।
सुनेत्रा पवार का सफर
सुनेत्रा पवार का जन्म 18 अक्टूबर 1963 को हुआ। उनके पिता बाजीराव और भाई पद्मसिंह पाटिल राजनीति से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 1983 में कॉमर्स से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। 1985 में उनकी शादी अजित पवार से हुई। उनके दो बेटे हैं-पार्थ और जय।
राजनीति में आने से पहले वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहीं। उन्होंने ‘एनवायर्नमेंटल फोरम इंडिया’ नाम से एक गैर-सरकारी संगठन की स्थापना की। वे बारामती हाईटेक टेक्सटाइल पार्क की चेयरपर्सन भी रहीं, जहां हजारों महिलाओं को रोजगार मिला। इसके अलावा वे विद्या प्रतिष्ठान की ट्रस्टी और पुणे विश्वविद्यालय की सीनेट की सदस्य भी रह चुकी हैं।
2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बारामती सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले के खिलाफ हार मिली। इसके बाद 18 जून 2024 को वे NCP की ओर से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुनी गईं। अब वे राज्य की उपमुख्यमंत्री और पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष दोनों की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
आगे की राह
सुनेत्रा पवार के सामने अब दोहरी चुनौती है-सरकार में अपनी भूमिका निभाना और पार्टी को मजबूत बनाए रखना। वहीं पार्थ पवार की संभावित राज्यसभा एंट्री से यह भी संकेत मिल रहा है कि पार्टी परिवार के भीतर नेतृत्व को आगे बढ़ा रही है।
महाराष्ट्र की राजनीति पहले से ही कई गुटों और समीकरणों से भरी हुई है। ऐसे में नया नेतृत्व और राज्यसभा चुनाव आने वाले दिनों में कई नए समीकरण बना सकते हैं।

