प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजराइल दौरा कई मायनों में खास रहा। यह दौरा सिर्फ औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें इतिहास को श्रद्धांजलि, भविष्य की साझेदारी की रूपरेखा और नए व्यापारिक अवसरों की नींव भी शामिल रही। अपने दौरे के आखिरी दिन पीएम मोदी ने ऐसे कदम उठाए, जो दोनों देशों के रिश्तों को लंबे समय तक दिशा दे सकते हैं।
‘याद वाशेम’ में श्रद्धांजलि
दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले यरूशलम स्थित होलोकॉस्ट स्मारक ‘याद वाशेम’ पहुंचे। यहां उन्होंने नाजी शासन के दौरान मारे गए लगभग 60 लाख यहूदियों को श्रद्धांजलि दी। द्वितीय विश्व युद्ध के समय जर्मनी के तानाशाह एडॉल्फ हिटलर के शासन में यह भयावह नरसंहार हुआ था, जिसे होलोकॉस्ट के नाम से जाना जाता है।
‘याद वाशेम’ का निर्माण इजराइल की संसद नेसेट के 1953 के फैसले के बाद किया गया था। यहां होलोकॉस्ट संग्रहालय, हॉल ऑफ नेम्स, बच्चों का स्मारक और ‘राइटियस अमंग द नेशंस’ गार्डन जैसी जगहें हैं। 2005 में यहां आधुनिक संग्रहालय खोला गया, ताकि आने वाली पीढ़ियां इतिहास की इस त्रासदी को समझ सकें। पीएम मोदी का यहां जाना इस बात का संकेत था कि भारत मानवता के खिलाफ किसी भी अपराध को याद रखता है और पीड़ितों के प्रति सम्मान रखता है।
राष्ट्रपति हर्जोग से मुलाकात
इसके बाद प्रधानमंत्री ने इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात की। राष्ट्रपति ने भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि पूरी दुनिया भारत की प्रगति पर ध्यान दे रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया। राष्ट्रपति भवन परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत ओक का पौधा भी लगाया गया, जो पर्यावरण और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बना।
नेतन्याहू के साथ वार्ता और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस
प्रधानमंत्री मोदी और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। इसके बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान कई अहम घोषणाएं की गईं।
सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि इजराइल में अब भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI शुरू किया जाएगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और इजराइल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को जल्द अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी।

नेसेट में ऐतिहासिक संबोधन
दौरे के दौरान पीएम मोदी ने इजराइल की संसद नेसेट को भी संबोधित किया। उन्हें संसद का सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ दिया गया। वे यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। अपने संबोधन में उन्होंने इस सम्मान को 140 करोड़ भारतीयों और भारत-इजराइल दोस्ती को समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते भरोसे, लोकतंत्र और साझा मूल्यों पर आधारित हैं। अब इन रिश्तों को ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फॉर पीस, इनोवेशन एंड प्रॉस्पेरिटी’ के स्तर तक ले जाने का फैसला हुआ है।
पीएम मोदी के भाषण की प्रमुख बातें
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सात अहम बिंदुओं पर जोर दिया-
- गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार – उन्होंने इजराइली जनता और प्रधानमंत्री नेतन्याहू का धन्यवाद किया।
- रिश्तों को नई ऊंचाई – दोनों देश अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दे रहे हैं।
- व्यापार और टेक्नोलॉजी सहयोग – FTA को आगे बढ़ाने, AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी और जरूरी खनिजों में साथ काम करने पर सहमति।
- रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र – रक्षा उत्पादन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, सिविल न्यूक्लियर और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा।
- कृषि क्षेत्र में नई पहल – भारत में इजराइल की मदद से बने ‘सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस’ की संख्या 100 तक बढ़ाने और ‘विलेज ऑफ एक्सीलेंस’ शुरू करने की योजना।
- युवाओं और रिसर्च सहयोग – इंडिया-इजराइल अकादमिक फोरम बनाने पर सहमति।
- वैश्विक मुद्दों पर एक राय – IMEC कॉरिडोर और I2U2 जैसे मंचों पर मिलकर काम करने और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख।
FTA वार्ता का पहला दौर पूरा
भारत और इजराइल के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत का पहला दौर 23 से 26 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में हुआ। नवंबर 2025 में दोनों देशों ने टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर हस्ताक्षर किए थे, जिससे यह तय हुआ कि किन विषयों पर चर्चा होगी।
वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 3.62 अरब डॉलर यानी करीब 31 हजार करोड़ रुपए रहा। भारत ने 18,618 करोड़ रुपए का निर्यात किया, जबकि इजराइल से 13,659 करोड़ रुपए का आयात हुआ।
भारत से इजराइल को मोती और कीमती पत्थर, ऑटोमोटिव डीजल, रसायन, मशीनरी, प्लास्टिक, कपड़ा और कृषि उत्पाद जाते हैं। वहीं इजराइल से रासायनिक उत्पाद, उर्वरक, मशीनरी, पेट्रोलियम तेल और रक्षा से जुड़ा सामान आता है।
FTA से छोटे और मध्यम उद्योगों को स्थिरता और नए बाजार मिलने की उम्मीद है। बातचीत में गुड्स और सर्विसेज, रूल्स ऑफ ओरिजिन, स्वास्थ्य और पौधों से जुड़े नियम, कस्टम प्रक्रिया, व्यापार में तकनीकी बाधाएं और बौद्धिक संपदा अधिकार जैसे मुद्दे शामिल हैं।
16 समझौते और MOU पर हस्ताक्षर
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच लगभग 16 समझौते और MOU साइन हुए। इनमें विज्ञान, तकनीक, नवाचार, साइबर सुरक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, रक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। यह कदम रिश्तों को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
‘फौदा’ की टीम से मुलाकात
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने लोकप्रिय इजराइली वेब सीरीज ‘फौदा’ के कलाकारों से भी मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए हल्के अंदाज में लिखा कि इस मुलाकात के लिए सिर्फ एक सेल्फी की जरूरत पड़ी, किसी अंडरकवर मिशन की नहीं।
इस सीरीज के अभिनेता और निर्देशक लियोर राज पहले भारत आ चुके हैं। ‘फौदा’ 2015 में इजराइल में शुरू हुई थी और बाद में नेटफ्लिक्स पर आने के बाद दुनिया भर में लोकप्रिय हो गई। भारत में भी इस शो को काफी पसंद किया गया।
इजराइली नेताओं की प्रतिक्रिया
इजराइल की मंत्री गिला गमलीएल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का दौरा दोनों देशों के लिए उत्साहजनक है। उन्होंने बताया कि कई मंत्री भारत के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे और FTA की शुरुआत आज से हो रही है। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच दोस्ती गहरी है और भविष्य में और ज्यादा सहयोग देखने को मिलेगा।
आगे का रास्ता
इस दौरे ने साफ कर दिया कि भारत और इजराइल अपने संबंधों को सिर्फ रक्षा या कृषि तक सीमित नहीं रखना चाहते। अब फोकस टेक्नोलॉजी, डिजिटल भुगतान, स्टार्टअप, शिक्षा और वैश्विक परियोजनाओं पर भी है।
भारत के लिए पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता अहम है, जबकि इजराइल भारत को एक मजबूत और भरोसेमंद साझेदार मानता है।

