अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को चौंकाने वाला दावा किया है कि अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया है तथा उन्हें देश से बाहर भेज दिया गया है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस सहित चार प्रमुख शहरों पर शनिवार रात को सात हवाई हमले किए।
हमलों का विवरण और समय
स्थानीय समय के अनुसार रात लगभग 2 बजे प्रथम हमला किया गया। अमेरिकी मीडिया CBS न्यूज के अनुसार, ट्रम्प ने वेनेजुएला के भीतर सैन्य प्रतिष्ठानों और कई रणनीतिक स्थानों पर हमलों की अनुमति प्रदान की थी।
हमले के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में शहर के ऊपर निम्न ऊंचाई से उड़ते लगभग दस हेलिकॉप्टर दिखाई दिए। रॉयटर्स के अनुसार, शहर के अनेक क्षेत्रों में तीव्र विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। बाद में कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।
निशाना बनाए गए स्थान
अमेरिकी हमलों ने निम्नलिखित चार महत्वपूर्ण लक्ष्यों को निशाना बनाया:
फुएर्ते टियुना: राजधानी काराकस का मुख्य सैन्य अड्डा और देश का सबसे विशाल सैन्य प्रतिष्ठान
ला कार्लोटा: काराकस का प्रमुख वायु सैन्य अड्डा, जो सैन्य और नागरिक दोनों प्रकार की उड़ानों के लिए उपयोग होता है
एल वोलकान: काराकस की पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित संचार केंद्र
ला ग्वाइरा बंदरगाह: काराकस के समीप कैरिबियन तट पर स्थित देश का सर्वाधिक महत्वपूर्ण बंदरगाह
ट्रम्प का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में दावा किया कि व्यापक सैन्य अभियान के पश्चात मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है और देश से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
मादुरो की प्रतिक्रिया
हमलों के तुरंत बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने बयान जारी कर कहा कि वह इस सैन्य कार्रवाई के लिए अमेरिकी सरकार की कठोर निंदा करते हैं। मादुरो ने घोषणा की कि हमलों का दृढ़ता से प्रत्युत्तर दिया जाएगा।
राष्ट्रपति ने संपूर्ण देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है और सभी रक्षा योजनाओं को सक्रिय करने का आदेश दिया है। इसका तात्पर्य है कि राष्ट्रपति कुछ अवधि के लिए नागरिक अधिकारों को सीमित कर सकते हैं और सेना की भूमिका विस्तारित कर सकते हैं।
मादुरो ने आरोप लगाया कि अमेरिका तख्तापलट करना चाहता है ताकि वेनेजुएला के तेल और खनिज संसाधनों पर अधिकार कर सके। वेनेजुएला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तत्काल बैठक आयोजित करने की मांग की है।
वेनेजुएला : संक्षिप्त परिचय
वेनेजुएला दक्षिण अमेरिका के उत्तरी तट पर स्थित एक देश है। इसके पूर्व में गुयाना, दक्षिण में ब्राज़ील तथा पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में कोलंबिया स्थित हैं। इसकी उत्तर दिशा में कैरेबियन सागर और अटलांटिक महासागर से समुद्री सीमा लगती है। वेनेजुएला की राजधानी काराकास है।
भौगोलिक दृष्टि से देश का उत्तर-पश्चिमी भाग एंडीज पर्वतमाला और माराकाइबो निम्न मैदान से बना है, मध्य भाग में लानोस (घास के विस्तृत मैदान) पाए जाते हैं, जबकि दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में गुयाना उच्चभूमि स्थित है। यहाँ की प्रमुख नदियों में ओरिनोको नदी (कोलंबिया के साथ साझा) तथा रियो नीग्रो (कोलंबिया और ब्राज़ील के साथ साझा, अमेज़न तंत्र का भाग) शामिल हैं। प्रमुख झीलों में माराकाइबो झील, जो दक्षिण अमेरिका की सबसे बड़ी झील है, तथा गुरी झील प्रमुख हैं। वेनेजुएला का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर पिको बोलिवर है।
यहीं पर विश्व का सबसे ऊँचा जलप्रपात – एंजेल फॉल्स (लगभग 979 मीटर) स्थित है, जो गुयाना उच्चभूमि में पाया जाता है (एंडीज में नहीं)। प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से वेनेजुएला अत्यंत समृद्ध है—यह विश्व के सबसे बड़े सिद्ध पेट्रोलियम भंडार वाला देश है तथा यहाँ कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट और सोना भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
अमेरिकी सांसदों की आलोचना
वेनेजुएला पर हमलों के पश्चात अमेरिका के डेमोक्रेटिक सांसदों ने इसकी तीव्र निंदा की है। एरिजोना से अमेरिकी सीनेटर रुबेन गाल्गो, जो यू.एस. मरीन कोर के पूर्व सैनिक हैं और इराक में तैनात रह चुके हैं, ने X पर लिखा कि यह युद्ध गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि यह इराक के पश्चात दूसरा अनावश्यक संघर्ष है।
यूटा से रिपब्लिकन सीनेटर माइक ली ने भी अमेरिकी हमले की आलोचना की। उन्होंने X पर लिखा, “मैं यह जानने के लिए प्रतीक्षा कर रहा हूं कि युद्ध की घोषणा अथवा सैन्य बल के उपयोग की अनुमति के बिना, इसे संविधान के अंतर्गत कैसे न्यायोचित ठहराया जा सकता है।”
पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस के डेमोक्रेट और कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने अनेक प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे जो अमेरिका को संसद की स्वीकृति के बिना वेनेजुएला पर हमला करने से रोकते थे। हालांकि, इन प्रस्तावों को प्रत्येक बार अस्वीकार कर दिया गया था।
विमानन पर प्रतिबंध
वेनेजुएला पर हमलों के पश्चात अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने अमेरिकी वाणिज्यिक उड़ानों को वेनेजुएला के हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने से रोकने का आदेश जारी किया है। FAA ने यह प्रतिबंध सुरक्षा जोखिमों का हवाला देते हुए लगाया है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
क्यूबा का रुख: क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनल बर्मुडेज ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके विश्वभर के राष्ट्रों से तत्काल इन हमलों की निंदा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह हमला वेनेजुएला की जनता और संपूर्ण लैटिन अमेरिका के विरुद्ध धमकी और भय फैलाने जैसा है।
कोलंबिया की चिंता: वेनेजुएला के पड़ोसी राष्ट्र कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “इस समय काराकस पर बमबारी हो रही है। संपूर्ण विश्व को सतर्क किया जाता है।” उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से मामले की जांच करने और तत्काल बैठक बुलाने की मांग की। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि हमले किसने संचालित किए।
ड्रग तस्करी का आरोप
अमेरिका ने वेनेजुएला को ड्रग तस्करी के मुद्दे पर घेर रखा है। बीते चार महीनों में अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की 35 नौकाओं पर हमले किए हैं, जिसमें 100 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है। अमेरिका का दावा है कि वे ड्रग तस्करी में संलिप्त थीं।
अमेरिका दीर्घकाल से मादुरो पर आरोप लगाता रहा है कि वह ड्रग तस्करी में संलिप्त हैं, हालांकि मादुरो इन आरोपों को झूठा बताते हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि अमेरिका बिना साक्ष्य के लोगों को मार रहा है और यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
सैन्य तैनाती
अमेरिका ने वेनेजुएला के निकट समुद्र में सैनिक, विमान और युद्धपोत तैनात कर रखे हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, USS ग्रेवली, USS जेसन डनहम और USS सैम्पसन नामक तीन एजिस गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर युद्धपोत वेनेजुएला के तट पर तैनात हैं।
तीनों युद्धपोत वायु, समुद्र और पनडुब्बी हमलों से रक्षा करने में निपुण हैं। इनके साथ 4,000 सैनिक, P-8A पोसाइडन विमान और एक आक्रमक पनडुब्बी भी सम्मिलित है।
USS ग्रेवली: हवा, समुद्र, पनडुब्बी हमलों से रक्षा और खुफिया सूचना एकत्रित करने में माहिर। टॉमहॉक क्रूज मिसाइल और एंटी-सबमरीन मिसाइल प्रक्षेपित करने में सक्षम।
USS जेसन डनहम: अत्यंत तीव्र, अनेक मिशन को एक साथ संपन्न करने में निपुण। लॉकहीड मार्टिन का एजिस सिस्टम सुसज्जित है, जो खतरों को तत्काल पहचानकर प्रत्युत्तर देता है।
USS सैम्पसन: अमेरिका के सर्वाधिक क्रू सदस्य वाले जहाजों में से एक, दीर्घकालिक मिशनों के लिए उपयुक्त। मल्टी-फंक्शन रडार जो वायु, समुद्री और पनडुब्बी खतरों को एक साथ ट्रैक कर सकता है।
अमेरिकी नागरिकों की गिरफ्तारी
ट्रम्प प्रशासन के सैन्य अभियान के प्रत्युत्तर में वेनेजुएला भी बड़े पैमाने पर अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में ले रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक पांच अमेरिकी मूल के नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि सभी मामलों में परिस्थितियां भिन्न हैं और अमेरिका इस पर कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है।
तेल कंपनियों का विवाद
ट्रम्प का दावा है कि वेनेजुएला ने अमेरिकी कंपनियों के तेल अधिकार अवैध रूप से छीन लिए थे। वास्तव में, 1976 में वेनेजुएला की सरकार ने (राष्ट्रपति कार्लोस आंद्रेस पेरेज के कार्यकाल में) संपूर्ण तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण कर दिया था।
इसका अर्थ था कि विदेशी तेल कंपनियां (अधिकांशतः अमेरिकी, जैसे एक्सॉन, गल्फ ऑयल, मोबिल इत्यादि) जो दशकों से वहां तेल निष्कर्षण कर रही थीं, उनके समस्त संचालन और संपत्तियां वेनेजुएला की नवीन सरकारी कंपनी पेट्रोलियोस डे वेनेजुएला (PDVSA) के अधिकार में चली गईं।
यह राष्ट्रीयकरण कानूनी प्रक्रिया से संपन्न हुआ था और कंपनियों को मुआवजा भी प्रदान किया गया था, यद्यपि कुछ कंपनियां इससे असंतुष्ट थीं।
ट्रम्प की पूर्व चेतावनी
ट्रम्प ने दिसंबर में वेनेजुएला पर दबाव बढ़ाते हुए प्रतिबंधित तेल टैंकरों के वेनेजुएला आने-जाने पर संपूर्ण नाकाबंदी का आदेश दिया था। ट्रम्प ने कहा था कि वेनेजुएला दक्षिण अमेरिका के इतिहास में अब तक के सबसे विशाल नौसैनिक बेड़े से पूर्णतः घिरा हुआ है।
उन्होंने 22 दिसंबर को पत्रकारों से कहा था कि मादुरो के लिए सत्ता त्यागना विवेकपूर्ण होगा, परंतु वह जो करना चाहते हैं, वह पूर्णतः उन पर निर्भर है।
यह स्थिति लैटिन अमेरिका में एक नया संकट उत्पन्न कर सकती है और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में गंभीर तनाव ला सकती है।
