जब इंसान पृथ्वी से बाहर कदम रखता है और चांद की ओर बढ़ता है, तो उसके सामने सिर्फ तकनीकी चुनौतियां ही नहीं होतीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतें भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसी ही एक जरूरी जरूरत है – खाना। इस समय NASA के ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार चार अंतरिक्ष यात्री चांद की ओर जा रहे हैं, और उनके मिशन जितना ऐतिहासिक है, उतना ही दिलचस्प है उनका खाने का इंतजाम।
आज का स्पेस फूड पहले जैसा बिल्कुल नहीं रहा। कभी जहां ट्यूब में भरा बेसिक खाना और सूखे पैकेट ही विकल्प थे, वहीं अब अंतरिक्ष यात्रियों के लिए स्वाद, पोषण और सुविधा – तीनों का ध्यान रखा जाता है। खासकर Artemis II मिशन के लिए तैयार किया गया मेन्यू अब तक के सबसे सोच-समझकर बनाए गए मेन्यू में गिना जा रहा है।
अंतरिक्ष में खाना क्यों होता है अलग?
अंतरिक्ष में खाना बनाना या स्टोर करना पृथ्वी जितना आसान नहीं होता। वहां न तो फ्रिज होता है और न ही सामान्य किचन। इसलिए जो भी खाना ले जाया जाता है, वह “शेल्फ-स्टेबल” होता है – यानी बिना खराब हुए कई दिनों तक सुरक्षित रह सके।
खाने को इस तरह तैयार किया जाता है कि वह लंबे समय तक टिक सके। इसके लिए कई तरीके अपनाए जाते हैं:
- कुछ खाने को सुखाकर (फ्रीज-ड्राइड) बनाया जाता है
- कुछ को गर्म करके बैक्टीरिया खत्म किए जाते हैं (थर्मोस्टेबल)
- कुछ खाने को हल्की रेडिएशन से सुरक्षित किया जाता है
इसका फायदा यह होता है कि खाना खराब नहीं होता और अंतरिक्ष यात्री बिना किसी चिंता के उसे खा सकते हैं।

अंतरिक्ष में खाना कैसे तैयार होता है?
ओरियन स्पेसक्राफ्ट में एक खास पानी देने वाला सिस्टम होता है, जिससे सूखे खाने में पानी मिलाकर उसे फिर से खाने लायक बनाया जाता है। इसे “रीहाइड्रेशन” कहा जाता है।
इसके अलावा, एक छोटा सा फूड वार्मर भी होता है, जिससे खाना गर्म किया जा सकता है। हालांकि यह किसी माइक्रोवेव जैसा नहीं होता, लेकिन इतना जरूर है कि अंतरिक्ष यात्री गर्म खाना खा सकें।
क्या खाते हैं अंतरिक्ष यात्री?
अब सबसे दिलचस्प सवाल – आखिर अंतरिक्ष यात्री खाते क्या हैं?
Orion spacecraft में सवार अंतरिक्ष यात्रियों के लिए कई तरह के खाने के विकल्प मौजूद हैं। इनमें शामिल हैं:
- मैंगो सलाद
- बारबेक्यू बीफ
- मसालेदार बीन्स
- मैकरोनी और चीज
- वेजिटेबल क्विच
- ब्रेकफास्ट सॉसेज
- बादाम और काजू
- ब्रोकली डिश
इसके अलावा खाने के साथ कई तरह के सॉस और स्प्रेड भी दिए जाते हैं, जैसे:
- शहद
- जैम
- पीनट बटर
- मस्टर्ड
- मेपल सिरप

खास बात यह है कि मिशन के दौरान 10 दिनों में कुल 43 कप कॉफी भी रखी गई है, ताकि अंतरिक्ष यात्री एक्टिव और सतर्क रह सकें।
टॉर्टिला क्यों है सबसे जरूरी?
आपको जानकर हैरानी होगी कि अंतरिक्ष में ब्रेड या बिस्किट खाना खतरनाक हो सकता है। वजह है – उनके छोटे-छोटे टुकड़े (crumbs)।
माइक्रोग्रैविटी यानी लगभग बिना गुरुत्वाकर्षण वाले माहौल में ये टुकड़े हवा में तैरने लगते हैं और मशीनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए अंतरिक्ष यात्री ब्रेड की जगह टॉर्टिला या फ्लैटब्रेड खाते हैं, जो टूटते नहीं हैं।
अंतरिक्ष में खाने का समय कैसे तय होता है?
अंतरिक्ष में खाने का कोई मनमाना समय नहीं होता। सब कुछ पहले से तय होता है।
हर दिन:
- नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का खाना तय समय पर होता है
- हर अंतरिक्ष यात्री को रोज दो तरह के पेय दिए जाते हैं
खाना इस तरह पैक किया जाता है कि 2–3 दिन का स्टॉक एक साथ रहे, जिससे वे अपनी पसंद से चुन सकें।
लॉन्च और वापसी के समय क्या होता है?
जब स्पेसक्राफ्ट लॉन्च होता है या वापस पृथ्वी की ओर आता है, तब पानी का सिस्टम काम नहीं करता। ऐसे समय सिर्फ वही खाना खाया जा सकता है जो बिना किसी तैयारी के सीधे खाया जा सके।
इसलिए मिशन की योजना बनाते समय इन खास स्थितियों का भी ध्यान रखा जाता है।
क्या अंतरिक्ष यात्री खुद चुनते हैं अपना खाना?
जी हां, मिशन से पहले सभी अंतरिक्ष यात्रियों को अलग-अलग तरह के खाने चखाए जाते हैं। वे हर खाने को रेट करते हैं और अपनी पसंद बताते हैं।
इसके बाद उनकी पसंद, पोषण की जरूरत और स्पेसक्राफ्ट की सीमाओं (जैसे वजन और जगह) को ध्यान में रखते हुए फाइनल मेन्यू तैयार किया जाता है।
ISS और इस मिशन में क्या अंतर है?
International Space Station पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को समय-समय पर नया सामान मिल जाता है। लेकिन चांद की इस यात्रा में ऐसा नहीं है।
Artemis II मिशन के दौरान जो खाना शुरुआत में साथ ले जाया गया है, वही पूरे 10 दिन तक इस्तेमाल करना होगा। बीच में कोई नई सप्लाई नहीं मिलेगी।
अंतरिक्ष में खाने का बदलता रूप
स्पेस फूड का सफर काफी लंबा रहा है। पहले जहां स्वाद और विविधता की कमी थी, अब अंतरिक्ष यात्री लगभग “घर जैसा” खाना खा सकते हैं।
आज का स्पेस फूड:
- ज्यादा पौष्टिक है
- ज्यादा स्वादिष्ट है
- और ज्यादा विकल्प देता है
यह बदलाव सिर्फ सुविधा के लिए नहीं, बल्कि अंतरिक्ष यात्रियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है।
निष्कर्ष:
चांद की यात्रा जितनी रोमांचक है, उतनी ही जटिल भी। हर छोटी चीज – चाहे वह खाना हो या पानी – बहुत सोच-समझकर तय की जाती है। आज के समय में अंतरिक्ष यात्रियों को सिर्फ जीवित रखने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर महसूस कराने के लिए भी खाना तैयार किया जाता है।

