अडानी समूह ने आंध्र प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश की नई घोषणा के साथ राज्य में विकास की रफ्तार को और तेज करने का संकेत दिया है। कंपनी अगले दस वर्षों में डेटा सेंटर, बंदरगाह, ऊर्जा, सीमेंट और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक लगाने जा रही है। इससे न सिर्फ उद्योग और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है।

करण अडानी ने क्या कहा ?
अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड के प्रबंध निदेशक करण अडानी (गौतम अडानी के पुत्र) ने आंध्र प्रदेश निवेशक सम्मेलन में कहा कि उनका समूह राज्य में अब तक बंदरगाह, लॉजिस्टिक्स, सीमेंट, बुनियादी ढांचा और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में करीब 40,000 करोड़ रुपये का निवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि अगले दस वर्षों में वे बंदरगाह, सीमेंट, डेटा सेंटर और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में 1 लाख करोड़ रुपये और लगाने की योजना बना रहे हैं।
अडानी ने कहा कि जैसे भारत विकसित भारत 2047 की ओर बढ़ रहा है और आंध्र प्रदेश स्वर्ण आंध्र 2047 का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है, वैसे ही उन्हें विश्वास है कि विकसित भारत का रास्ता आंध्र प्रदेश के दिल से होकर गुजरता है।
राज्य के राजनीतिक नेतृत्व की तारीफ:
अडानी ने आंध्र प्रदेश की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की “बिज़नेस करने की गति” सिर्फ़ एक नारा नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए वास्तविक अनुभव है। उन्होंने बताया कि राज्य का नेतृत्व काम को तेजी और सरलता से आगे बढ़ाता है, जिससे उद्योगों को भरोसा मिलता है।
करण अडानी ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की तारीफ करते हुए उन्हें “एक संस्था और आंध्र प्रदेश का असली CEO” कहा। उन्होंने कहा कि नायडू राज्य को तेज़ी और दूरदर्शिता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने मंत्री नारा लोकेश की भी सराहना की, जो आंध्र प्रदेश में मानव संसाधन विकास, IT और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में गति, दक्षता और स्टार्टअप जैसी आधुनिक कार्य संस्कृति को बढ़ावा दे रहे हैं।
राज्य सरकार का लक्ष्य:
शुक्रवार को आयोजित इस शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियो ने भाग लिया, जिसका मुख्य विषय “प्रगतिशील साझेदार: विकसित भारत 2047 के लिए भारत का रोडमैप” है।
राज्य सरकार का लक्ष्य इस मंच के माध्यम से लगभग 10 ट्रिलियन रुपये के निवेश को आकर्षित करना है, जिसमें हरित ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, अंतरिक्ष, रक्षा और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। सम्मेलन में हरित ऊर्जा, सतत नवाचार और यूरोपीय निवेश साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की हुई, ताकि आंध्र प्रदेश को भविष्य की तकनीक, उद्योग और वैश्विक सहयोग का एक प्रमुख केंद्र बनाया जा सके।
गूगल और अडानी विशाखापत्तनम में डेटा सेंटर भी विकसित करेंगे:
गूगल और अडानी समूह ने मिलकर विशाखापत्तनम में एक बड़ा डेटा सेंटर हब बनाने पर सहमति जताई है। यह परियोजना अडानी के 15 अरब डॉलर वाले विज़ाग टेक पार्क विज़न का हिस्सा है। दोनों मिलकर अगले पाँच वर्षों में लगभग 15 अरब डॉलर का निवेश करेंगे, जिसमें गीगावाट स्तर की क्षमता वाला एक विशाल डेटा सेंटर परिसर बनाया जाएगा। यह केंद्र अमेरिका के बाहर गूगल का सबसे बड़ा हरित-संचालित हाइपरस्केल डेटा सेंटर होगा।
करण अदानी ने कहा कि उनकी योजना का मुख्य फोकस विशाखापत्तनम टेक पार्क है, जहाँ वे गूगल के साथ मिलकर दुनिया के सबसे बड़े और उन्नत केंद्रों में से एक का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह परियोजना पूरी तरह टिकाऊ विकास और अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है। अडानी समूह के बढ़ते संचालन ने राज्य में कई प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा किए हैं, और वे आगे भी आंध्र प्रदेश के कौशल, क्षमता और विकास की दिशा के अनुरूप काम करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समूह आंध्र प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य में सबसे बड़े निवेशकों में शामिल रहने के लिए प्रतिबद्ध है।
अदानीकॉनेक्स संभालेगा परियोजना का कार्यभार:
इस परियोजना की जिम्मेदारी अदानीकॉनेक्स संभालेगा, जो अडानी समूह और डेटा सेंटर कंपनी एजकॉनेक्स का संयुक्त उद्यम है। यह पूरा डेटा सेंटर हब समुद्र के अंदर बिछाई जाने वाली सब-सी केबल नेटवर्क से जुड़ा होगा और पूरी तरह नवीकरणीय ऊर्जा से चलेगा। अदानी समूह राज्य में नई बिजली ट्रांसमिशन लाइनें बनाने के साथ-साथ हरित ऊर्जा उत्पादन और ऊर्जा भंडारण प्रणालियाँ भी स्थापित करेगा, ताकि डेटा सेंटर को स्थायी और लगातार बिजली मिलती रहे।
अडानी पावर लिमिटेड असम में भी करेगा निवेश:
अडानी पावर लिमिटेड असम में लगभग 48,000 करोड़ रुपये खर्च करके 3,200 मेगावाट का अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल पावर प्लांट लगाएगी। यह देश का सबसे बड़ा निजी क्षेत्र का पावर प्लांट होगा। इसके साथ ही अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) लगभग 15,000 करोड़ रुपये की लागत से 2,700 मेगावाट के दो पंप्ड स्टोरेज प्लांट (PSP) बनाएगी। AGEL को 500 मेगावाट की ऊर्जा भंडारण क्षमता का आदेश भी मिला है। कुल मिलाकर ये परियोजनाएँ असम में 63,000 करोड़ रुपये का निवेश लाएँगी।
अडानी समूह के बारे में:
अडानी समूह एक बड़ा भारतीय बहुराष्ट्रीय समूह है, जिसका मुख्यालय अहमदाबाद में है। इसकी स्थापना 1988 में गौतम अडानी ने एक छोटी कमोडिटी ट्रेडिंग कंपनी के रूप में की थी। आज यह समूह बंदरगाह और हवाई अड्डा प्रबंधन, बिजली उत्पादन, खनन, गैस, खाद्य तेल, बुनियादी ढाँचा, हथियार, नवीकरणीय ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम करता है। अडानी समूह भारत के सबसे बड़े निजी बंदरगाह और निजी बिजली उत्पादक कंपनियों में से एक बन चुका है। वर्षों में इसने देश और विदेश में कई बंदरगाह, खदानें, सौर परियोजनाएँ, हवाई अड्डे और सीमेंट कंपनियाँ खरीदी हैं।
अडानी समूह पर लगे कई आरोप:
अडानी समूह सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के साथ अपने करीबी संबंधों के लिए जाना जाता है। 2022 तक यह 206 अरब अमेरिकी डॉलर के बाजार मूल्य के साथ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक समूह बन गया था, जिसने टाटा समूह को भी पीछे छोड़ दिया था।
लेकिन जब शॉर्ट-सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडानी समूह पर धोखाधड़ी और शेयर बाजार में हेरफेर के आरोप लगाए, तो समूह के शेयरों में भारी गिरावट आई और इसका मूल्य 104 अरब डॉलर से ज्यादा कम हो गया। बाद में, मई 2024 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सेबी को जांच तेज करने का आदेश देने के बाद अडानी समूह का बाजार मूल्य फिर बढ़ा और 200 अरब डॉलर से ऊपर पहुँच गया।
निष्कर्ष:
अडानी समूह का यह बड़ा निवेश आंध्र प्रदेश की विकास रफ्तार को नई ऊँचाई देगा। डेटा सेंटर, बंदरगाह, ऊर्जा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में होने वाला यह कदम राज्य के उद्योग, रोजगार और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाएगा। कुल मिलाकर, यह निवेश आंध्र प्रदेश को दक्षिण भारत के प्रमुख विकास केंद्र के रूप में आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

