मिडिल ईस्ट में जारी सशस्त्र टकराव का असर अब हवाई सेवाओं पर साफ दिखाई दे रहा है। इजराइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र के कई बड़े एयरपोर्ट पर उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। हालांकि अब कुछ हवाई अड्डों ने सीमित रूप से संचालन फिर से शुरू किया है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।

दुबई एयरपोर्ट पर आंशिक बहाली
2 मार्च की देर शाम से दुबई के दोनों प्रमुख हवाई अड्डों – Dubai International Airport और Al Maktoum International Airport – पर सीमित उड़ानें शुरू कर दी गईं। एयरपोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, Emirates और flydubai ने चेन्नई, मॉस्को, नई दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, शर्म अल शेख, वारसॉ और बेलग्रेड के लिए उड़ानें संचालित कीं।
एयरपोर्ट प्रशासन ने एयरलाइंस से 3, 4 और 5 मार्च के लिए संशोधित समय-सारणी जमा करने को कहा है। यह चरणबद्ध तरीके से सेवाएं बहाल करने की योजना का हिस्सा है। जानकारों का कहना है कि शुरुआती उड़ानों का मकसद कई दिनों से फंसे यात्रियों को निकालना था।
अबू धाबी और सऊदी में भी सीमित संचालन
Zayed International Airport ने भी नियंत्रित ढंग से सेवाएं दोबारा शुरू कीं। यहां पहली लैंडिंग Emirates की दम्माम से आने वाली उड़ान की हुई।
सऊदी अरब में King Abdulaziz International Airport पर भी सीमित उड़ानों की अनुमति दी गई है। हालांकि क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध बने हुए हैं, फिर भी आवश्यक यातायात को नियंत्रित तरीके से जारी रखा गया है।
भारतीय एयरलाइंस की अलग रणनीति
भारतीय यात्रियों की बड़ी संख्या खाड़ी देशों में काम करती है, इसलिए भारत से इन देशों के लिए उड़ानों पर खास असर पड़ा है।
Emirates ने मुंबई, दिल्ली और चेन्नई से दुबई के लिए बुकिंग फिर से शुरू कर दी है। दूसरी ओर Air India ने 3 मार्च 2026 की रात 11:59 बजे (भारतीय समय) तक मध्य पूर्व के प्रभावित हवाई अड्डों के लिए अपनी सभी उड़ानें निलंबित कर दी हैं। एयरलाइन का कहना है कि कई हवाई क्षेत्र अभी भी बंद हैं।

उसकी सहयोगी कम लागत वाली कंपनी Air India Express ने 4 मार्च से दुबई के लिए बुकिंग शुरू की है। साथ ही 3 मार्च से मस्कट के लिए उड़ानें दोबारा चालू करने की घोषणा की है। हालांकि बहरीन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के लिए सेवाएं 3 मार्च की रात तक स्थगित रहेंगी।

इस बीच IndiGo ने जेद्दा से भारत के लिए 10 विशेष राहत उड़ानें चलाने का फैसला किया है, ताकि फंसे हुए यात्रियों को वापस लाया जा सके।

हजारों उड़ानें रद्द
एविएशन ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म Flightradar24 के मुताबिक, दुबई, दोहा और अबू धाबी समेत सात बड़े एयरपोर्ट पर 9,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। सिर्फ दो दिनों में भारत आने-जाने वाली 760 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुईं।
भारत के Ministry of Civil Aviation (India) ने बताया कि 2 मार्च को 357 उड़ानें रद्द की गईं। एयरसेवा पोर्टल, सोशल मीडिया और हेल्पलाइन के जरिए 559 यात्रियों की शिकायतों का समाधान किया गया। मंत्रालय ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
भारतीयों की सुरक्षा पर सरकार सतर्क
पश्चिम एशिया में करीब 10,000 भारतीय ईरान में, 40,000 से ज्यादा इजराइल में और लगभग 90 लाख लोग खाड़ी देशों में रहते हैं। ऐसे में भारत सरकार ने हालात की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की।
1 मार्च की रात हुई बैठक में प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman और सीडीएस जनरल चौहान मौजूद थे। बैठक में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, संभावित निकासी योजना और आपात सहायता पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने बहरीन के राजा और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस से फोन पर बात की। साथ ही उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति और इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से भी संपर्क किया। उन्होंने यूएई पर हुए हमलों की निंदा की और क्षेत्र में शांति की अपील की।
वीजा सेवाएं निलंबित, मंदिर बंद
मौजूदा हालात को देखते हुए भारत ने बहरीन में वीजा और पासपोर्ट सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। अबू धाबी स्थित BAPS Hindu Temple Abu Dhabi को 9 मार्च तक आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है।
भारतीय दूतावासों ने कुवैत, ऑस्ट्रिया, ओमान और लेबनान में एडवाइजरी जारी कर नागरिकों को सतर्क रहने को कहा है। कुवैत में भारतीय राजदूत परमिता त्रिपाठी ने वहां के भारतीय समुदाय के साथ ऑनलाइन बैठक कर जानकारी साझा की।
पाकिस्तान और पीओके में हिंसक प्रदर्शन
ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की मौत की खबर के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में भी विरोध प्रदर्शन हुए।
गिलगित-बाल्टिस्तान में प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र कार्यालय और United Nations Development Programme के दफ्तर में आग लगा दी। स्कर्दू में एसपी ऑफिस और कई सरकारी इमारतें जला दी गईं। झड़पों में सात लोगों की मौत और 12 से ज्यादा लोग घायल हुए। अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है।
कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर है।
भारत में भी एहतियात
जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू जैसे हालात बनाए गए हैं। श्रीनगर के लाल चौक पर बैरिकेडिंग की गई है और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। कुछ जगह इंटरनेट सेवाएं भी रोकी गईं, ताकि स्थिति न बिगड़े।
दिल्ली में भी दूतावासों और संवेदनशील इलाकों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
आगे क्या?
फिलहाल खाड़ी क्षेत्र में उड़ानें सीमित रूप से बहाल हो रही हैं, लेकिन हवाई क्षेत्र की उपलब्धता लगातार बदल रही है। एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रबंधन हाई अलर्ट पर हैं। आने वाले दिनों में समय-सारणी में और बदलाव संभव हैं।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरलाइन की वेबसाइट या आधिकारिक सूचना माध्यम से अपने फ्लाइट स्टेटस की जांच करते रहें।

